फेडरल रिजर्व में नीतिगत मतभेद गहराने से दिसंबर में ब्याज दरें बढ़ने की आशंका, अमेरिकी ट्रेजरी के बॉन्ड बायबैक से बाजारों में हलचल फेडरल रिजर्व के भीतर ब्याज दरों को लेकर मतभेद गहरा गए हैं, जिससे दिसंबर की बैठक में दरें बढ़ाए जाने का जोखिम उत्पन्न हो गया है। इस बीच, अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा बॉन्ड बायबैक की सीमा दोगुनी करने के निर्णय से वैश्विक मुद्रा, स्वर्ण और क्रिप्टो बाजारों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। वैश्विक वित्तीय बाजारों में इस समय केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति और सरकारी तरलता उपायों को लेकर बड़ी हलचल देखी जा रही है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के भीतर ब्याज दरों की भावी दिशा को लेकर अधिकारियों के बीच स्पष्ट विभाजन बना हुआ है। जुलाई महीने की ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) बैठक के विवरण से संकेत मिलता है कि नीति निर्माताओं के बीच अलग-अलग स्तर का सख्त रुख बना हुआ है। इस बीच, अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा अपने बॉन्ड बायबैक कार्यक्रम की सीमा को अचानक बढ़ाने के कदम ने अमेरिकी डॉलर की चाल को प्रभावित किया है, जिसका सीधा असर विदेशी मुद्रा, बहुमूल्य धातुओं और डिजिटल परिसंपत्तियों के बाजारों पर पड़ रहा है। फेडरल रिजर्व में गुटबाजी और दिसंबर में दरें बढ़ने का जोखिम फेडरल रिजर्व की जुलाई बैठक के जारी मिनट्स से पता चलता है कि केंद्रीय बैंक के भीतर दो अलग-अलग समूह बने हुए हैं। सोसिएटे जेनेरेल के बाजार विश्लेषकों के अनुसार, FOMC में एक बड़ा गुट इस पक्ष में है कि वर्ष की दूसरी छमाही के दौरान जारी होने वाले कोर PCE मुद्रास्फीति आंकड़ों का इंतजार किया जाए। यह गुट तब तक ब्याज दरों को स्थिर रखने पर सहमत है जब तक कि महंगाई दर के आंकड़े उन्हें यह विश्वास न दिला दें कि मौद्रिक नीति को फिर से सख्त करने का समय आ गया है। जून की बैठक के विवरण में भी इसी प्रकार का विभाजित रवैया देखा गया था। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फेडरल रिजर्व इस साल के अधिकांश हिस्से में दरों को यथावत रख सकता है। हालांकि, दिसंबर में आयोजित होने वाली FOMC बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की पर्याप्त आशंका जताई जा रही है। सोसिएटे जेनेरेल का आकलन है कि दर वृद्धि को लेकर नीतिगत रुख में बदलाव पूरी तरह से अगस्त से अक्टूबर की अवधि के दौरान जारी होने वाली कोर PCE मुद्रास्फीति रिपोर्टों की गति और मजबूती पर निर्भर करेगा। यदि महंगाई दर उम्मीद से अधिक मजबूत बनी रहती है, तो साल के अंत में ब्याज दर वृद्धि का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। अमेरिकी ट्रेजरी ने बॉन्ड बायबैक की सीमा की दोगुनी मौद्रिक नीति की अनिश्चितता के बीच, अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने अपने तय कैलेंडर से अलग हटकर एक बड़ा वित्तीय निर्णय लिया है। बुधवार को दोपहर 12:32 GMT पर ट्रेजरी ने घोषणा की कि वह बाजार में तरलता सहायता प्रदान करने वाले अपने बायबैक संचालन के आकार को कम से कम दोगुना करेगा। यह वृद्धि 10-वर्ष से 20-वर्ष और 20-वर्ष से 30-वर्ष की परिपक्वता अवधि वाले सेक्टरों में लागू की जाएगी। इस नए फैसले के तहत प्रति संचालन अधिकतम बायबैक सीमा को 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर कर दिया गया है। यह विस्तारित बायबैक कार्यक्रम 9 सितंबर से प्रभावी होगा और 4 नवंबर तक जारी रहेगा। सरकारी बांडों की इस बड़े पैमाने पर पुनर्खरीद का मुख्य उद्देश्य द्वितीयक बाजार में तरलता को बढ़ावा देना है, जिसने वित्तीय परिसंपत्तियों में हालिया तेजी को बल दिया है। विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर की स्थिरता और प्रमुख मुद्राओं की स्थिति अमेरिकी ट्रेजरी के कदम के बाद अमेरिकी डॉलर की बिकवाली पर अस्थायी रोक लगी है। इसके चलते विदेशी मुद्रा बाजार में मिश्रित रुझान देखा जा रहा है। GBP/USD जोड़ी गुरुवार को यूरोपीय सत्र के दौरान 1.3600 के स्तर के आसपास कारोबार करती रही। पाउंड ने 11 मई के बाद के अपने उच्चतम स्तर से आई हालिया गिरावट के बाद बढ़त को रोके रखा है। निवेशक अब आगामी अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और मिडिल ईस्ट की भू-राजनीतिक खबरों पर नजर बनाए हुए हैं। दूसरी ओर, EUR/USD जोड़ी मई के अंत के बाद से अपने उच्चतम स्तर को छूने के बाद 1.1700 के स्तर से ठीक नीचे तेजी के बाद के मजबूती के दौर (कंसॉलिडेशन) में प्रवेश कर चुकी है। डॉलर में आई स्थिरता के कारण यूरो में नए सौदे दांव पर लगाने से पहले व्यापारी 1.1700 के पार स्पष्ट ब्रेकआउट की प्रतीक्षा कर रहे हैं। बाजार सहभागियों की नजर अब अमेरिका के साप्ताहिक बेरोजगारी दावों (Jobless Claims) के आंकड़ों और ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक जोखिमों पर टिकी है। सोने में लाभवसूली और क्रिप्टोकरेंसी बाजार का सुधार कीमती धातुओं के बाजार में सोने की कीमतों में मामूली intraday गिरावट दर्ज की गई। एशियाई सत्र के दौरान सोना 4,500 डॉलर प्रति औंस के स्तर से थोड़ा नीचे आ गया। हालांकि, यह अभी भी जून की शुरुआत के बाद के अपने उच्चतम स्तर के काफी करीब बना हुआ है। FOMC के सख्त रवैये और डॉलर सूचकांक में 3 महीने के निचले स्तर से आए सुधार के कारण निवेशकों ने कुछ मुनाफा वसूला है। इसके बावजूद, अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल (yields) में आई कमी ने सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट को रोके रखा है। डिजिटल परिसंपत्तियों के क्षेत्र में, ट्रेजरी बायबैक की खबर से सकारात्मक समर्थन मिला है। शीर्ष ऑल्टकॉइन्स में रिपल (XRP), सोलाना (SOL) और कार्डानो (ADA) गुरुवार को मजबूत बने रहे। पिछले दिन 10% की बड़ी छलांग लगाने के बाद रिपल लगभग 1.0951 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है। तकनीकी विश्लेषण संकेत देता है कि XRP और SOL में आगे और बढ़त संभव है, जबकि ADA के हालिया लाभ को गंवाने का जोखिम बना हुआ है। इसका आप पर असर भारत में: अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने की संभावना से भारतीय शेयर बाजार पर दबाव आ सकता है और विदेशी निवेशकों की बिकवाली बढ़ सकती है। वैश्विक निवेशकों के लिए: अमेरिकी ट्रेजरी के बॉन्ड बायबैक और संभावित दर वृद्धि से डॉलर, सोने और क्रिप्टोकरेंसी के मूल्यों में अल्पकालिक अनिश्चितता और उतार-चढ़ाव बना रहेगा। सवाल-जवाब 1. क्या फेडरल रिजर्व दिसंबर में ब्याज दरें बढ़ा सकता है? हां, जुलाई FOMC मिनट्स के अनुसार अधिकारियों में मतभेद हैं और यदि अगस्त से अक्टूबर की कोर PCE मुद्रास्फीति दर मजबूत रहती है, तो दिसंबर में दरें बढ़ने का जोखिम है। 2. अमेरिकी ट्रेजरी ने बॉन्ड बायबैक कार्यक्रम में क्या बदलाव किया है? ट्रेजरी ने 10 से 30 साल की अवधि वाले बॉन्ड के लिए बायबैक सीमा 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर कर दी है, जो 9 सितंबर से 4 नवंबर तक लागू रहेगा। 3. सोने और क्रिप्टोकरेंसी की कीमतों पर इसका क्या असर पड़ा है? सोना 4,500 डॉलर से थोड़ा नीचे आया है लेकिन ऊंचे स्तर पर बना हुआ है, जबकि बायबैक की खबर से रिपल (XRP) 10% बढ़कर 1.0951 डॉलर पर पहुंच गया। 4. EUR/USD और GBP/USD की वर्तमान स्थिति क्या है? GBP/USD 1.3600 के आसपास कारोबार कर रहा है जबकि EUR/USD 1.1700 के स्तर के ठीक नीचे मजबूती दर्ज कर रहा है। https://trendkia.com/market/federal-reserve-men-nitigata-matabheda-gaharane-se-disnbara-men-byaja-daren-barhane-ki-ashnka-ameriki-treasury-ke-bonda-bayabaika--18904 TrendKia — Har trend, sabse pehle.