आगामी सप्ताह पर नजर: अमेरिकी महंगाई के आंकड़े और यूरोपीय केंद्रीय बैंक के फैसले तय करेंगे बाजार की चाल वैश्विक मुद्रा बाजारों में अमेरिकी डॉलर के उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक तनाव के बीच अब निवेशकों की निगाहें यूरोपीय केंद्रीय बैंक के नीतिगत फैसलों और अमेरिकी आंकड़ों पर टिकी हैं। अमेरिकी डॉलर के लिए पिछला सप्ताह बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा, जिसमें मुद्रा ने शुरुआती तीन हफ्तों के ऊपरी स्तरों से गोता लगाते हुए बहु-दिवसीय निचले स्तरों को छुआ और अंततः नुकसान के साथ बंद हुई। इस भारी फेरबदल के लिए बांड बाजार, जापान के वित्त मंत्रालय और बैंक ऑफ जापान की जोड़ी, लगातार बने भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों को जिम्मेदार माना जा रहा है। अब बाजार का पूरा ध्यान आगामी आर्थिक घटनाओं और केंद्रीय बैंकों के रुख पर केंद्रित हो गया है, जो आने वाले दिनों में रुख तय करेंगे। प्रमुख केंद्रीय बैंकों के भाषण और बैठकें आगामी calendario पर कई अहम कार्यक्रम तय किए गए हैं, जो वैश्विक वित्तीय बाजारों की दिशा तय करेंगे। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के हंटर और हाउसर आगामी 8 सितंबर को अपने विचार साझा करेंगे। इसके बाद यूरोपीय केंद्रीय बैंक की प्रमुख क्रिस्टीन लेगार्ड 12 सितंबर को सार्वजनिक रूप से संबोधित करेंगी। इन भाषणों से पहले यूरोपीय केंद्रीय बैंक 10 सितंबर को ब्याज दरों पर अपना फैसला सुनाएगा, जहां मौजूदा दर 2.25 प्रतिशत रहने और इसके 2.50 प्रतिशत तक बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। विदेशी मुद्रा बाजारों में प्रमुख जोड़ियों की हलचल जापानी येन को बैंक ऑफ जापान की ओर से ब्याज दर में बढ़ोतरी की उम्मीदों और कथित सरकारी हस्तक्षेप का लगातार समर्थन मिल रहा है, जिसके चलते अमेरिकी डॉलर के मुकाबले येन में मजबूती देखी जा रही है। इसी बीच अमेरिकी डॉलर कमजोर बॉंड यील्ड के बीच अपने हालिया नुकसान को समेटने की कोशिश कर रहा है, जिससे निवेशकों को अमेरिकी नॉनफार्म पेरोल रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार है। दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7200 के स्तर से ऊपर मजबूती से टिका हुआ है और मई के मध्य के बाद से अपने उच्चतम स्तर के करीब कारोबार कर रहा है। सोने और कमोडिटी बाजार का हाल पीली धातु यानी सोने में शुक्रवार को भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे पिछले दो दिनों से जारी रिकवरी पर विराम लग गया। अमेरिकी नॉनफार्म पेरोल रिपोर्ट के मजबूत आंकड़ों ने बाजार को चौंका दिया, जिसके कारण सोने की कीमतों में यह फिसलन आई। इससे पहले सोने ने गुरुवार को तेजी दिखाते हुए 4,500 डॉलर के आंकड़े को पार कर लिया था और करीब दो प्रतिशत की बढ़त हासिल की थी, लेकिन बाद में इस बढ़त का एक बड़ा हिस्सा गायब हो गया। डीजल के दामों में रिकॉर्ड उछाल तेल बाजार भले ही कुछ महीनों पहले की तुलना में शांत नजर आ रहा हो, लेकिन डीजल का बाजार एक बिल्कुल अलग कहानी कह रहा है। अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड, यानी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट के मुकाबले अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूल का प्रीमियम, हाल ही में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है। इस उछाल के चलते इसने 102.00 डॉलर का अपना इंट्राडे रिकॉर्ड स्तर भी छू लिया है, जो ऊर्जा क्षेत्र में जारी अनिश्चितता को दर्शाता है। इसका आप पर असर वैश्विक वित्तीय बाजारों और मुद्रा उतार-चढ़ाव का सीधा असर आयात लागत, मुद्रास्फीति और देश भर के निवेशकों के पोर्टफोलियो पर पड़ता है। • भारत में: विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की कमजोरी और कच्चे तेल या डीजल के दामों में रिकॉर्ड तेजी का असर भारत के आयात बिल और घरेलू ईंधन की कीमतों पर पड़ सकता है। • बाजार निवेशकों के लिए: वैश्विक केंद्रीय बैंकों के आगामी फैसलों और ब्याज दरों के बदलाव से शेयर बाजार, सोने और बॉंड यील्ड में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है, जिससे निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। सवाल-जवाब 1. यूरोपीय केंद्रीय बैंक ब्याज दरों पर अपना फैसला कब सुनाएगा? यूरोपीय केंद्रीय बैंक 10 सितंबर को ब्याज दरों पर अपना फैसला सुनाएगा। 2. सोने की कीमतों में अचानक गिरावट क्यों आई? अमेरिकी नॉनफार्म पेरोल रिपोर्ट के उम्मीद से काफी मजबूत आने के कारण सोने की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। 3. अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड किस स्तर पर पहुंच गया है? अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया और 102.00 डॉलर का इंट्राडे रिकॉर्ड बनाया। 4. आरबीए के कौन से अधिकारी भाषण देने वाले हैं? रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के हंटर और हाउसर 8 सितंबर को भाषण देंगे। 5. क्रिस्टीन लेगार्ड का संबोधन कब निर्धारित है? ईसीबी की प्रमुख क्रिस्टीन लेगार्ड 12 सितंबर को भाषण देंगी। https://trendkia.com/market/forecasting-the-upcoming-week-what-if-the-ecb-and-us-cpi-drive-markets-next-27871 TrendKia — Har trend, sabse pehle.