अमेरिकी डॉलर में नरमी, निवेशकों की नजरें आईएसएम और महंगाई आंकड़ों पर वैश्विक बाजारों में अमेरिकी डॉलर की बढ़त हल्की पड़ी है, जबकि निवेशकों का ध्यान आगामी अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और यूरोपीय मुद्रास्फीति की रिपोर्ट पर टिक गया है। वैश्विक मुद्रा बाजारों में अमेरिकी डॉलर की चाल में हालिया नरमी देखने को मिल रही है, क्योंकि शुक्रवार की मजबूत तेजी के बाद इसमें कुछ सुस्ती आई है। हालांकि पिछले कुछ दिनों के दौरान भू-राजनीतिक मोर्चे पर अनिश्चितता थोड़ी बढ़ी है, इसके बावजूद बाजार के प्रतिभागियों ने जैक्सन होल में फेडरल रिजर्व के चेयरमैन वॉर्श की तरफ से दिए गए सख्त बयानों को पहले ही पचा लिया है। इस बीच निवेशकों का मुख्य ध्यान अब आने वाले महत्वपूर्ण आंकड़ों और व्यापक आर्थिक संकेतकों की तरफ शिफ्ट हो गया है। पाउंड और येन में उतार-चढ़ाव ब्रिटिश पाउंड यानी GBP/USD ने अपने पिछले तीन दिनों के लगातार नुकसान को पीछे छोड़ते हुए सोमवार को शानदार वापसी की है और यह 1.3550 से 1.3560 के दायरे में फिर से पहुंच गया है। ब्रिटेन में इस हफ्ते कई बड़े आंकड़े आने वाले हैं, जिनमें नेशनवाइड हाउसिंग प्राइसेस, बीआरसी शॉप प्राइस इंफ्लेशन, एसएंडपी ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई के अंतिम आंकड़े, मॉर्गेज अप्रूवल और लेंडिंग तथा व्यक्तियों को दिए जाने वाले नेट लेंडिंग के आंकड़े शामिल हैं। दूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन यानी USD/JPY में भी नया दबाव देखा गया है, जो 160.00 के अहम स्तर को पार करने के बाद वापस 159.50 के क्षेत्र में लौट आया है। जापान की तरफ से भी एसएंडपी ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई के अंतिम आंकड़े, कैपिटल स्पेंडिंग और कंज्यूमर कॉन्फिडेंस के आंकड़े जारी होने की उम्मीद है। कमोडिटी बाजार का हाल कच्चे तेल के बाजार में डब्ल्यूटीआई यानी WTI की कीमतें मध्य पूर्व में लगातार बनी हलचल के कारण उछलकर छह दिनों के उच्चतम स्तर करीब 87.00 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई हैं। हालांकि तेल बाजार कुछ शांत नजर आ सकता है, लेकिन डीजल के मोर्चे पर स्थिति बिल्कुल अलग है। अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड यानी अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स और डब्ल्यूटीआई के बीच का प्रीमियम पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर निकल गया है और इसने intraday रिकॉर्ड बनाते हुए 102.00 डॉलर से थोड़ा ऊपर का स्तर छुआ है। इसके विपरीत, पीली धातु यानी सोने पर लगातार दबाव बना हुआ है और यह शुरुआती कारोबार में 4,400 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के अहम स्तर से नीचे फिसल गया था, हालांकि बाद में इसमें हल्की रिकवरी की कोशिश भी देखी गई। अमेरिकी डॉलर की कमजोर स्थिति, मध्य पूर्व की चिंताओं और ट्रेजरी यील्ड में मिले-जुले रुख के बावजूद सोना फिलहाल दबाव में ही नजर आ रहा है। क्रिप्टोकरंसी और अन्य प्रमुख मुद्राएं डिजिटल परिसंपत्तियों के बाजार में बिटकॉइन 78,000 डॉलर के ऊपर अपनी मजबूती बनाए हुए है और निवेशक इसे फिर से 80,000 डॉलर की तरफ ले जाने की तैयारी में जुटे हैं। इसके अलावा एथेरियम भी अपने तकनीकी सेटअप को मजबूत रखते हुए 2,400 डॉलर से ऊपर टिका हुआ है, जबकि रिपल 1.37 डॉलर के पास रिकवरी के शुरुआती संकेत दिखा रहा है। विदेशी मुद्रा बाजार में EUR/USD की जोड़ी भी सोमवार को मजबूत रुख दिखाते हुए 1.1600 के महत्वपूर्ण हर्डल को पार कर गई है। डॉलर पर बढ़ते बिकवाली दबाव के बीच निवेशकों द्वारा सितंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं का आकलन करने के कारण इस जोड़ी में यह उछाल देखने को मिला है। इसका आप पर असर मुद्रा और कमोडिटी बाजारों में चल रहे उतार-चढ़ाव का सीधा असर आयातित सामानों की लागत, वैश्विक निवेश पोर्टफोलियो और विदेशी यात्रा या पढ़ाई के खर्च पर पड़ता है। • भारत में: विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर की कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर घरेलू स्तर पर ईंधन के दाम और आयात बिल पर पड़ सकता है। • निवेशकों के लिए: सोने, तेल और प्रमुख मुद्राओं के मूल्यों में बदलाव से कमोडिटी और फॉरेक्स ट्रेडर्स को अपनी निवेश रणनीतियों में बदलाव करना पड़ सकता है। • कच्चा तेल खरीदार: डब्ल्यूटीआई क्रूड और डीजल क्रैक स्प्रेड में रिकॉर्ड तेजी के कारण परिवहन और लॉजिस्टिक्स की लागत आने वाले दिनों में प्रभावित हो सकती है। • क्रिप्टो निवेशक: बिटकॉइन और एथेरियम में स्थिरता तथा तेजी के संकेतों से डिजिटल परिसंपत्ति बाजार में निवेशकों का सेंटिमेंट सकारात्मक बना हुआ है। • वैश्विक बाजार: अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों और महंगाई के आंकड़ों पर नजर रखने वाले वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रह सकता है। सवाल-जवाब 1. सोने की कीमतों में हालिया उतार-चढ़ाव का क्या कारण है? सोना दबाव में है और 4,400 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के नीचे फिसलने के बाद हल्की रिकवरी की कोशिश कर रहा है, हालांकि ट्रेजरी यील्ड में तेजी इसे रोक रही है। 2. डेटा के मोर्चे पर किन प्रमुख आंकड़ों पर निवेशकों की नजर है? निवेशकों का ध्यान अमेरिकी आईएसएम, जॉब्स और यूरोप में आने वाले महंगाई के आंकड़ों पर केंद्रित है। 3. कच्चे तेल और डीजल बाजार में क्या स्थिति है? मध्य पूर्व के तनाव के कारण डब्ल्यूटीआई क्रूड 87 डॉलर प्रति बैरल के पास पहुंच गया है, जबकि अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड पहली बार 100 डॉलर से ऊपर निकल गया है। 4. बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टोकरेंसी का हाल कैसा है? बिटकॉइन 78,000 डॉलर के ऊपर मजबूत बना हुआ है, एथेरियम 2,400 डॉलर से ऊपर टिका है और रिपल 1.37 डॉलर के पास रिकवरी के संकेत दे रहा है। 5. जीबीपी/डॉलर और यूरो/डॉलर जोड़ी में क्या बदलाव आया है? जीबीपी/डॉलर सुधरकर 1.3550 के दायरे में आ गया है, जबकि यूरो/डॉलर की जोड़ी डॉलर में कमजोरी के चलते 1.1600 के स्तर को पार कर गई है। https://trendkia.com/market/forex-today-attention-shifts-to-us-ism-jolts-and-inflation-in-europe-25367 TrendKia — Har trend, sabse pehle.