फ्रांस के बजटीय संकट और बैंक ऑफ इंग्लैंड के कड़े रुख से पाउंड के मुकाबले यूरो में भारी गिरावट फ्रांस की अल्पमत सरकार के वित्तीय घाटे की चिंताओं और बैंक ऑफ इंग्लैंड की ओर से ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी के संकेतों के बीच यूरो ब्रिटिश पाउंड और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में यूरोपीय साझा मुद्रा यूरो भारी दबाव का सामना कर रही है, जहां फ्रांस में गहराते राजकोषीय संकट और ब्रिटेन के केंद्रीय बैंक की ओर से ब्याज दरें बढ़ाने की सख्त नीतिगत टिप्पणियों ने बाजार का रुख बदल दिया है। यूरोपीय व्यापार सत्र के शुरुआती दौर में यूरो और ब्रिटिश पाउंड के विनिमय अनुपात (EUR/GBP) में तेज कमजोरी दर्ज की गई और यह लुढ़ककर 0.8475 के स्तर के करीब आ गया। फ्रांस के सरकारी ऋण बाजार में फैली उथल-पुथल ने पूरे यूरोजोन में वित्तीय संक्रमण की आशंकाओं को हवा दे दी है, जिसके चलते निवेशकों ने साझा मुद्रा से दूरी बनानी शुरू कर दी है। इसके विपरीत, ब्रिटेन में मुद्रास्फीति पर काबू पाने के लिए दरों में और इजाफा किए जाने की चर्चाओं ने पाउंड स्टर्लिंग को मजबूत सहारा दिया है। फ्रांस का राजकोषीय असंतुलन और यूरोजोन पर मंडराता खतरा फ्रांस में उभरते बजटीय संकट और बॉन्ड बाजार में आई घबराहट ने विश्लेषकों को एक दशक से भी अधिक समय पहले के यूरोपीय संप्रभु ऋण संकट की याद दिला दी है। बाजार सहभागियों को आशंका है कि यदि फ्रांस सरकार की वित्तीय स्थिति और बिगड़ी तो संकट पूरे यूरोजोन में फैल सकता है, जिससे यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) को फ्रांसीसी सरकारी ऋण को संभालने के लिए सीधे तौर पर हस्तक्षेप करना पड़ सकता है। वित्तीय विश्लेषण फर्म स्पेक्ट्रा मार्केट्स में विदेशी मुद्रा व्यापार के प्रमुख ब्रेंट डोनेली ने उल्लेख किया कि फ्रांस में राजनीतिक गतिरोध, जिसके अप्रैल 2027 के चुनावों के करीब आकर गहराने का अंदेशा था, उम्मीद से काफी पहले ही सतह पर आ चुका है। डोनेली का आकलन है कि मौजूदा हालात से पार पाना आसान नहीं होगा क्योंकि निकट भविष्य में सत्ता परिवर्तन की प्रबल संभावनाओं के बीच फ्रांसीसी सरकार द्वारा पेश किए गए बजटीय वादों पर भरोसा करना बाजार के लिए बेहद कठिन है। वित्तीय संस्थान ब्राउन ब्रदर्स हैरीमन (BBH) के विश्लेषकों ने भी रेखांकित किया है कि फ्रांस की अल्पमत सरकार ने अगले वर्ष बजट घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 5.0% तक सीमित करने की रूपरेखा पेश की है, लेकिन बिना बड़े राजनीतिक समझौतों के इस प्रस्ताव का संसद से पारित होना बेहद संदेहास्पद है। संस्थान ने आगाह किया कि यदि समझौता हो भी जाता है, तब भी फ्रांस के वित्तीय निगरानी तंत्र ने 2027 के मसौदा बजट के आर्थिक अनुमानों को आवश्यकता से अधिक आशावादी करार दिया है, जिससे राजकोषीय सुधार की विश्वसनीयता पर गहरे सवाल उठ रहे हैं। बैंक ऑफ इंग्लैंड की तीखी टिप्पणी और पाउंड की मजबूती दूसरी ओर, ब्रिटिश पाउंड को बैंक ऑफ इंग्लैंड (BoE) के नीति निर्माताओं के कड़े बयानों से उल्लेखनीय समर्थन मिला है। केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति समिति की सख्त रुख वाली सदस्य कैथरीन मान ने जोर देकर कहा कि अर्थव्यवस्था में वित्तीय स्थितियां अभी भी पर्याप्त रूप से कड़ी नहीं हुई हैं, जिसके कारण मुद्रास्फीति के जोखिमों को नियंत्रित करने के लिए बैंक दर में बढ़ोतरी की तत्काल आवश्यकता है। उनका यह बयान सामान्य की तुलना में उल्लेखनीय रूप से अधिक कड़ा रहा है। बाजार इस समय ब्रिटेन के केंद्रीय बैंक द्वारा इस वर्ष के अंत तक लगभग 30 आधार अंकों (bps) की दर वृद्धि की संभावना मानकर चल रहा है, जबकि 2027 तक कुल मिलाकर लगभग 90 आधार अंकों की संचयी नीतिगत सख्ती का अनुमान लगाया जा रहा है। कैथरीन मान का स्पष्ट कहना है कि नीतिगत निर्णयों को बाजार के जोखिम प्रीमियम पर नहीं छोड़ा जा सकता, बल्कि वित्तीय स्थितियों में हालिया मजबूती के बावजूद केंद्रीय बैंक दर को प्रत्यक्ष रूप से बढ़ाना ही मुद्रास्फीति नियंत्रण का ठोस उपाय है। तकनीकी संकेतक: EUR/GBP और EUR/USD का परिदृश्य दैनिक मूल्य चार्ट पर नजर डालें तो EUR/GBP में जारी गिरावट ने इसे सभी प्रमुख मूविंग एवरेज और बोलिंगर बैंड संदर्भों से नीचे धकेल दिया है, जिससे निकट अवधि का तकनीकी परिदृश्य पूरी तरह मंदी की ओर झुका हुआ है। 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) और बोलिंगर बैंड की मध्य रेखा दोनों ही वर्तमान हाजिर भाव से काफी ऊपर बने हुए हैं, जो यह दर्शाता है कि व्यापक रुझान सीमित बना हुआ है। हालांकि 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) लगभग 26 के स्तर पर पहुंचकर ओवरसोल्ड दायरे में प्रवेश कर चुका है, जो यह संकेत देता है कि गिरावट की गति काफी खिंच चुकी है, लेकिन अभी तक इसमें किसी स्पष्ट तकनीकी सुधार के संकेत नहीं दिखे हैं। वैश्विक मुद्रा बाजार के लाइव आंकड़ों के अनुसार, EUR/USD मुद्रा जोड़ी 1.12 पर कारोबार कर रही है, जो पिछले बंद भाव 1.12 की तुलना में 0.67% की गिरावट दर्शाती है। इसका 52-सप्ताह का दायरा 1.12 से 1.20 के बीच रहा है और मौजूदा ट्रेडिंग वॉल्यूम 20-दिवसीय औसत का 1.00 गुना दर्ज किया गया है। तकनीकी मोर्चे पर, EUR/USD का RSI(14) गिरकर 14 के अत्यधिक ओवरसोल्ड स्तर पर है और MACD -0.01 पर है जो -0.01 के सिग्नल स्तर के साथ मंदी का रुख दिखा रहा है। प्रमुख एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज में EMA20 1.14, EMA50 1.15 और EMA200 1.16 पर है, जहां EMA50 का EMA200 से नीचे जाना दीर्घकालिक मंदी (डेथ क्रॉस) की पुष्टि करता है। बोलिंगर बैंड (20,2) की सीमा 1.12 से 1.17 के बीच है (मध्य रेखा 1.15) और भाव निचले बैंड से नीचे आ चुका है। ADX(14) 44 के मजबूत ट्रेंडिंग स्तर पर है, जबकि स्टोकेस्टिक में फास्ट लाइन 2 और सिग्नल लाइन 13 पर है। 0.01 के ATR(14) के साथ 20-दिवसीय सपोर्ट 1.12 और रेजिस्टेंस 1.17 पर आंका गया है। आगामी सत्रों के लिए पिवट स्तर 1.12, रेजिस्टेंस स्तर R1 1.12 व R2 1.13 तथा सपोर्ट स्तर S1 1.11 व S2 1.11 पर स्थित हैं। इससे पहले बुधवार को EUR/USD लुढ़ककर 1.1312 पर पहुंचा था, जो मई 2025 के बाद का न्यूनतम स्तर था और जनवरी के 1.2082 के उच्चतम स्तर से काफी नीचे था, जो अमेरिकी डॉलर की मजबूती, भू-राजनीतिक अनिश्‍चितता और यूरोप में ऊर्जा लागत की चिंताओं को दर्शाता है। पाउंड स्टर्लिंग की बुनियादी संरचना और विनिमय के चालक पाउंड स्टर्लिंग (GBP) 886 ईस्वी से अस्तित्व में होने के कारण विश्व की सबसे पुरानी मुद्रा मानी जाती है और यह यूनाइटेड किंगडम की आधिकारिक मुद्रा है। वर्ष 2022 के आंकड़ों के अनुसार, यह वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में चौथी सबसे अधिक कारोबार वाली मुद्रा है, जो सभी वैश्विक लेनदेन के 12% हिस्से का प्रतिनिधित्व करती है और इसका दैनिक कारोबार औसतन 630 अरब डॉलर का है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा व्यापार में इसके मुख्य जोड़े GBP/USD (जिसे ट्रेडर्स 'केबल' कहते हैं और जो 11% फॉरेक्स वॉल्यूम कवर करता है), GBP/JPY (जिसे 'ड्रैगन' कहा जाता है, 3% हिस्सा) और EUR/GBP (2% हिस्सा) शामिल हैं। इस मुद्रा को बैंक ऑफ इंग्लैंड जारी करता है। पाउंड स्टर्लिंग के मूल्य को तय करने वाला सबसे अहम कारक बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति है। केंद्रीय बैंक अपने फैसलों को करीब 2% की स्थिर मुद्रास्फीति के प्राथमिक लक्ष्य पर केंद्रित रखता है, जिसे हासिल करने का मुख्य हथियार ब्याज दरों में बदलाव है। जब महंगाई दर बहुत अधिक हो जाती है, तो BoE ब्याज दरों में वृद्धि करके ऋण लेना महंगा कर देता है, जिससे मांग घटती है। यह कदम आमतौर पर पाउंड के लिए सकारात्मक होता है क्योंकि ऊंची ब्याज दरें विदेशी निवेशकों को ब्रिटेन में पूंजी लगाने के लिए आकर्षित करती हैं। इसके विपरीत, जब मुद्रास्फीति अत्यधिक नीचे गिर जाती है तो यह आर्थिक सुस्ती का परिचायक होता है, और तब BoE व्यवसायों को विस्तार के लिए सस्ता ऋण उपलब्ध कराने हेतु दरों में कटौती करता है। इसके अतिरिक्त, GDP के आंकड़े, विनिर्माण एवं सेवा PMI तथा रोजगार आंकड़े मुद्रा के स्वास्थ्य को दर्शाते हैं। व्यापार संतुलन (ट्रेड बैलेंस) भी पाउंड पर गहरा प्रभाव डालता है; जब किसी देश के निर्यात की मांग अधिक होती है तो शुद्ध सकारात्मक व्यापार संतुलन उस मुद्रा की मांग को बढ़ाता है, जबकि नकारात्मक संतुलन कमजोरी लाता है। वैश्विक बाजारों में अन्य प्रमुख मुद्राओं और सोने का हाल व्यापक विदेशी मुद्रा बाजार में अन्य मुद्राओं में भी हलचल तेज रही है। एशियाई कारोबारी सत्र के उत्तरार्ध में AUD/USD पर नए सिरे से बिकवाली देखी गई और यह 0.6900 के स्तर की ओर फिसला। मध्य पूर्व और रूस-यूक्रेन के बीच जारी भू-राजनीतिक तनावों के बीच अमेरिकी डॉलर में आई तेजी ने इस जोड़ी पर दबाव बनाया, जहां अब निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और ऑस्ट्रेलियाई रिजर्व बैंक (RBA) के नीतिगत रुख पर टिकी है। वहीं USD/JPY ने एशियाई सत्र में अपनी पूर्व गिरावट की भरपाई करते हुए 158.00 का स्तर फिर से हासिल कर लिया और यह पिछले एक सप्ताह के कारोबारी दायरे में ही बना रहा। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की मंद पड़ती उम्मीदों के बावजूद भू-राजनीतिक अनिश्चितता डॉलर को मजबूती दे रही है। हालांकि बैंक ऑफ जापान (BoJ) की सख्त नीतिगत उम्मीदें और जापानी येन के समर्थन में संभावित बाजार हस्तक्षेप की आशंकाएं डॉलर-येन की बढ़त को सीमित कर सकती हैं। कमोडिटी बाजार में, सोना एशियाई सत्र में मामूली बढ़त को बरकरार रखने के लिए जूझता नजर आया और मिश्रित संकेतों के बीच 4,150 डॉलर प्रति औंस के ठीक नीचे लगभग सपाट स्तर पर कारोबार करता रहा। पिछले शुक्रवार के कमजोर अमेरिकी रोजगार आंकड़ों को नजरअंदाज करते हुए अमेरिकी डॉलर ने अप्रैल 2025 के बाद का नया उच्चतम स्तर छुआ, जिसने सोने की तेजी पर ब्रेक लगाया। हालांकि फेडरल रिजर्व द्वारा अक्टूबर में दर वृद्धि की घटती संभावनाओं ने सोने की गिरावट को सीमित रखने में मदद की है। इसका आप पर असर यूरो में आई इस कमजोरी और वैश्विक मुद्रा बाजार के उतार-चढ़ाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, विदेशी यात्रा और निवेश पर पड़ सकता है। • विदेश यात्रा और शिक्षा: यूरोप और ब्रिटेन जाने वाले छात्रों तथा यात्रियों के खर्चों पर इसका सीधा असर पड़ेगा। यूरोप में यात्रा और पढ़ाई यूरो के कमजोर होने से भारतीय यात्रियों के लिए अपेक्षाकृत सस्ती हो सकती है, जबकि ब्रिटेन में पाउंड की मजबूती के कारण ट्यूशन फीस और रहने का खर्च बढ़ सकता है। • आयात और निर्यात लागत: यूरोप और ब्रिटेन के साथ व्यापार करने वाले भारतीय कारोबारियों के मुनाफे पर असर पड़ेगा। यूरोपीय संघ से आयात सस्ता होने की संभावना है, जबकि ब्रिटेन को सामान निर्यात करने वाली कंपनियों को मजबूत पाउंड के चलते बेहतर प्रतिफल मिल सकता है। • विदेशी मुद्रा ट्रेडिंग: खुदरा मुद्रा व्यापारियों को विनिमय दरों में तेज अस्थिरता के लिए तैयार रहना चाहिए। EUR/GBP और EUR/USD में अत्यधिक ओवरसोल्ड स्तरों के चलते सख्त स्टॉप लॉस के साथ जोखिम प्रबंधन करना आवश्यक हो गया है। • वैश्विक निवेश और बॉन्ड यील्ड: यूरोजोन में ऋण संकट की आशंकाओं से अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ सकती है। निवेशक जोखिम भरी संपत्तियों से पूंजी निकालकर डॉलर और सरकारी बॉन्ड जैसी संपत्तियों में स्थानांतरित कर सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ यूरोपीय मुद्रा में यह तेज गिरावट फ्रांस के बिगड़ते बजट संतुलन और बैंक ऑफ इंग्लैंड की सख्त मौद्रिक नीति के विरोधाभास के कारण उत्पन्न हुई है। • फ्रांस में बजटीय अनिश्‍चितता: फ्रांस की अल्पमत सरकार द्वारा घाटे को 5.0% तक सीमित करने की योजना पर संसद की सहमति न बन पाना मुख्य तात्कालिक कारण है। वित्तीय निगरानी संस्था द्वारा आर्थिक अनुमानों को बहुत आशावादी बताए जाने से सरकारी बॉन्ड में बिकवाली बढ़ गई। • राजनीतिक गतिरोध और चुनाव पूर्व तनाव: वर्ष 2027 के चुनावों से पहले ही फ्रांस में राजनीतिक अस्थिरता गहराने से सरकार की वित्तीय विश्वसनीयता प्रभावित हुई है। बाजार को यह अंदेशा है कि बिना कड़े वित्तीय अनुशासन के फ्रांस का कर्ज संकट पूरे यूरोजोन में फैल सकता है। • बैंक ऑफ इंग्लैंड का आक्रामक रुख: बैंक ऑफ इंग्लैंड की नीति निर्माता कैथरीन मान द्वारा मुद्रास्फीति रोकने हेतु ब्याज दर बढ़ाने की पुरजोर वकालत ने पाउंड को मजबूत किया है। यूके में इस वर्ष 30 आधार अंकों और 2027 तक 90 आधार अंकों की नीतिगत सख्ती की उम्मीद ने दोनों मुद्राओं के बीच ब्याज अंतर को बढ़ा दिया है। • अमेरिकी डॉलर की व्यापक मजबूती: वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों और ठोस आर्थिक रुझानों के बीच अमेरिकी डॉलर का अप्रैल 2025 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंचना भी यूरो पर चौतरफा दबाव का बड़ा कारण बना है। सवाल-जवाब 1. EUR/GBP विनिमय दर में गिरावट का मुख्य कारण क्या है? फ्रांस की अल्पमत सरकार के बजटीय घाटे को लेकर गहराते संकट और बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना के कारण EUR/GBP में गिरावट आई है। 2. फ्रांस के बजटीय घाटे का लक्ष्य क्या निर्धारित किया गया है? फ्रांस की सरकार ने अगले वर्ष बजट घाटे को जीडीपी के 5.0% तक कम करने की योजना पेश की है, हालांकि इसके संसद से पारित होने पर संदेह है। 3. बैंक ऑफ इंग्लैंड की ओर से ब्याज दरों को लेकर क्या अनुमान है? बाजार इस वर्ष के अंत तक यूके केंद्रीय बैंक द्वारा लगभग 30 आधार अंकों और 2027 तक लगभग 90 आधार अंकों की संचयी बढ़ोतरी का अनुमान लगा रहा है। 4. वैश्विक विदेशी मुद्रा कारोबार में पाउंड स्टर्लिंग की क्या हिस्सेदारी है? वर्ष 2022 के आंकड़ों के अनुसार पाउंड स्टर्लिंग दुनिया की चौथी सबसे अधिक कारोबार वाली मुद्रा है, जिसकी कुल लेनदेन में 12% हिस्सेदारी और दैनिक औसत 630 अरब डॉलर है। 5. EUR/USD मुद्रा जोड़ी का वर्तमान तकनीकी स्तर क्या है? EUR/USD 1.12 के स्तर पर कारोबार कर रही है, जहां 14-दिवसीय आरएसआई 14 के अत्यधिक ओवरसोल्ड स्तर पर है और 20-दिवसीय सपोर्ट 1.12 पर स्थित है। 6. सोने की कीमतों पर अमेरिकी डॉलर की मजबूती का क्या असर देखा गया? डॉलर के अप्रैल 2025 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के कारण सोना 4,150 डॉलर प्रति औंस के नीचे लगभग सपाट कारोबार करता दिखाई दिया। https://trendkia.com/market/france-ke-bajatiya-snkata-aura-bank-of-england-ke-kare-rukha-se-pound-ke-mukabale-euro-men-bhari-giravata-43126 TrendKia — Har trend, sabse pehle.