फ्रांस के राजनीतिक संकट और जापान की नीतियों के बीच यूरो-येन में सीमित उतार-चढ़ाव यूरो और जापानी येन की विनिमय दर सोमवार को 177.35 के करीब सीमित दायरे में रही, जहाँ फ्रांस के बढ़ते कर्ज और जापान के ढीले राजकोषीय रुख ने मुद्रा चाल को बांधे रखा। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में सोमवार को यूरो और जापानी येन के बीच का विनिमय अनुपात काफी सीमित दायरे में कारोबार करता दिखा, जहाँ यूरो/येन की दर 177.35 के आसपास दर्ज की गई और इसमें 0.04% की मामूली दैनिक बढ़त देखी गई। यूरोपीय मुद्रा और जापानी मुद्रा दोनों ही अपने-अपने घरेलू आर्थिक दबावों और राजनीतिक अनिश्चितताओं से घिरी हुई हैं, जिससे दोनों मुद्राओं के बीच संतुलन बना हुआ है और कोई भी पक्ष बड़ा ब्रेकआउट हासिल करने में असमर्थ रहा है। यूरोपीय मुद्रा पर सबसे बड़ा दबाव फ्रांस की वित्तीय स्थिति से आ रहा है। फ्रांस में बढ़ते सार्वजनिक कर्ज और राजनीतिक अस्थिरता ने निवेशकों के बीच गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। लगातार राजनीतिक बिखराव के कारण वहां की सरकार के लिए सार्वजनिक वित्त को स्थिर करना एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। बाजार सहभागियों को डर है कि फ्रांस की यह राजकोषीय उथल-पुथल व्यापक यूरोपीय परिसंपत्तियों के प्रति निवेशकों की सतर्कता को बढ़ा सकती है, जिससे साझी मुद्रा पर दबाव लगातार बना रह सकता है। पूर्वी यूरोप में युद्ध विराम समझौते और ऊर्जा ढांचे पर नजर भू-राजनीतिक मोर्चे पर विदेशी मुद्रा कारोबारी रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध से जुड़े घटनाक्रमों पर भी बारीकी से नजर रखे हुए हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने सोमवार को कहा कि उनका देश युद्ध विराम की गारंटी पर हस्ताक्षर करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिका से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि मॉस्को ऊर्जा बुनियादी ढांचे को कवर करने वाले समझौते का पूरी तरह से पालन करे। यूक्रेनी राष्ट्रपति का यह रुख अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस घोषणा के बाद सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि रूस और यूक्रेन दोनों ऊर्जा सुविधाओं पर हमलों को रोकने के लिए सहमत हो गए हैं। पूर्वी यूरोप में सैन्य टकराव में किसी भी तरह की संभावित कमी से यूरोपीय निवेशकों की धारणा में सुधार हो सकता है, हालांकि इस समझौते के प्रभावी क्रियान्वयन और जमीन पर इसके अमल को लेकर बाजार में अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक सख्ती और बाजार हस्तक्षेप का जोखिम दूसरी तरफ, जापानी येन अपनी घरेलू सरकार की विस्तारवादी राजकोषीय नीतियों के कारण लगातार दबाव में बना हुआ है। हालांकि, बैंक ऑफ जापान द्वारा आने वाले समय में ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की उम्मीदें जापानी मुद्रा को सहारा देने का काम कर रही हैं। बैंक ऑफ जापान के गवर्नर काज़ुओ उएदा ने हाल ही में जोर देकर कहा था कि केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति अब केवल 2% मुद्रास्फीति लक्ष्य हासिल करने पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय मुद्रास्फीति के जोखिमों से निपटने के लिए अधिक सक्रिय और पूर्व-सक्रिय दृष्टिकोण की ओर बढ़ रही है। इसके साथ ही निवेशकों की नजर जापानी अधिकारियों के संभावित विदेशी मुद्रा हस्तक्षेप पर भी टिकी हुई है। यदि जापानी येन में अत्यधिक गिरावट आती है, तो सरकारी हस्तक्षेप की आशंका येन पर बिकवाली के दबाव को रोक सकती है। यह संभावित हस्तक्षेप यूरो/येन की विनिमय दर की ऊपरी बढ़त को सीमित कर रहा है, जिससे दोनों मुद्राओं की चाल एक बंधे हुए दायरे में फंसी हुई है। सोमवार के मुद्रा प्रदर्शन पर नजर डालें तो स्विस फ्रैंक के मुकाबले यूरो सबसे मजबूत स्थिति में रहा। अन्य प्रमुख मुद्राओं में हलचल और डॉलर का रुख वैश्विक मुद्रा बाजारों में अन्य जोड़ों में भी मिला-जुला रुख देखने को मिला। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी सोमवार को एक मामूली गिरावट वाले अंतर को भरने में सफल रही, लेकिन एशियाई कारोबारी सत्र में छुट्टी के कारण कम लिक्विडिटी के बीच यह 0.7000 के नीचे बनी रही। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बहु-वर्षीय उच्च स्तर से गिरावट के बावजूद डॉलर ने वापसी की कोशिश की, जिससे इस जोड़ी की बढ़त सीमित रही। इसके अतिरिक्त, नवंबर में रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी की घटती संभावनाओं ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर दबाव बनाए रखा। अमेरिकी डॉलर और जापानी येन की जोड़ी ने भी नए सप्ताह में अपनी सीमित दायरे की चाल को आगे बढ़ाया और 158.00 के ऊपर कारोबार किया। इसमें तेजी की उम्मीद रखने वाले कारोबारी जापानी अधिकारियों द्वारा येन को सहारा देने के लिए कदम उठाने की आशंकाओं के प्रति सतर्क बने हुए हैं। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी ने डॉलर की तेजी पर अंकुश लगाया, जबकि जापान और अमेरिका में सार्वजनिक अवकाश के कारण बाजार में लिक्विडिटी पतली रही। हालांकि, भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं सुरक्षित निवेश माने जाने वाले अमेरिकी डॉलर में भारी गिरावट को रोकने का काम कर रही हैं। सोना, रुपया और डिजिटल परिसंपत्तियों का हाल कमोडिटी और अन्य परिसंपत्ति बाजारों में भी डॉलर की चाल का असर दिखा। सोने की कीमतों में एक सप्ताह के उच्च स्तर से शुरू हुई इंट्राडे गिरावट आगे बढ़ी और शुरुआती यूरोपीय कारोबारी सत्र में यह $4,170 के ताजा दैनिक निचले स्तर पर पहुंच गया। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक मौद्रिक रुख के कारण अमेरिकी डॉलर में आई ताजा खरीदारी ने बिना ब्याज देने वाले सोने पर दबाव डाला। भारतीय रुपये ने सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले उल्लेखनीय बढ़त के साथ शुरुआत की और 95.80 के करीब अपनी रिकवरी बनाए रखी। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा अमेरिकी डॉलर की मांग को रोकने के लिए उठाए गए नए कदमों ने रुपये को राहत प्रदान की, जिससे यह जोड़ी सीमित दायरे में रही। वहीं डिजिटल परिसंपत्तियों में, पाई नेटवर्क सोमवार को लाल निशान में कारोबार करता दिखा और बढ़ते बिकवाली दबाव के बीच $0.0800 के ऊपर रहा। सोशल मीडिया पर चर्चा बढ़ने के बावजूद पाई टोकन की सट्टेबाजी मांग घट रही है और इसका ओपन इंटरेस्ट $9 मिलियन से नीचे आ गया है, जिससे निवेशकों में घबराहट का माहौल बना हुआ है और इसके $0.0800 के समर्थन स्तर से नीचे टूटने का तकनीकी जोखिम बना हुआ है। इसका आप पर असर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में यूरो और जापानी येन के सीमित दायरे में रहने तथा डॉलर की मजबूती का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय यात्रा, विदेशी निवेश और आयात-निर्यात लागत पर पड़ता है। • भारतीय यात्रियों पर असर: यूरोप या जापान की यात्रा की योजना बना रहे लोगों के लिए विनिमय दर में स्थिरता बजट प्रबंधन को आसान बनाती है। हालांकि डॉलर के मुकाबले रुपये पर दबाव विदेशी खर्चों को कुछ हद तक महंगा बनाए रख सकता है। • आयातकों और निर्यातकों के लिए: यूरोपीय और जापानी बाजारों के साथ व्यापार करने वाले कारोबारियों को मुद्राओं के सीमित दायरे में रहने से अस्थिरता से राहत मिलती है। वे आगामी नीतिगत फैसलों से पहले मौजूदा दरों पर अपने फॉरवर्ड अनुबंध सुरक्षित कर सकते हैं। • सोना और निवेश पोर्टफोलियो: सोने की कीमतों में $4,170 तक की नरमी घरेलू बाजार में आभूषण और सोने के खरीदारों के लिए नई खरीदारी का अवसर देती है। डॉलर की मजबूती आगे भी धातु की कीमतों पर अल्पकालिक दबाव बनाए रख सकती है। • वैश्विक आर्थिक स्थिरता: ऊर्जा ढांचे पर हमलों को रोकने के समझौतों से आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान कम होने की उम्मीद है। इससे वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और गैस की कीमतों में अप्रत्याशित उछाल का जोखिम घटता है। ऐसा क्यों हुआ यूरो और येन की विनिमय दर में स्थिरता दोनों पक्षों पर विपरीत दिशा में काम कर रहे कई आर्थिक और राजनीतिक कारकों का परिणाम है। दोनों क्षेत्रों की कमजोरियों ने किसी एक मुद्रा को दूसरे पर हावी नहीं होने दिया। • फ्रांस की राजकोषीय समस्याएं: फ्रांस में बढ़ता सार्वजनिक कर्ज और राजनीतिक बिखराव यूरो पर दबाव बना रहा है। निवेशकों को चिंता है कि राजनीतिक मतभेदों के चलते फ्रांस अपने बजट घाटे को नियंत्रित करने में विफल रह सकता है। • जापान की दोहरी नीतियां: जापान की सरकार जहां विस्तारवादी राजकोषीय नीति अपना रही है, वहीं बैंक ऑफ जापान ब्याज दरों में बढ़ोतरी की तैयारी कर रहा है। इसके साथ ही मुद्रा बाजार में सरकारी हस्तक्षेप का डर येन में बड़ी गिरावट को रोक रहा है। • भू-राजनीतिक समझौतों की अनिश्चितता: रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के समझौते से कुछ राहत मिली है, लेकिन इसके पूर्ण क्रियान्वयन पर संदेह बने रहने से बाजार में पूर्ण विश्वास नहीं लौट पाया है। सवाल-जवाब 1. सोमवार को यूरो/येन की विनिमय दर क्या रही? सोमवार को यूरो/येन की दर 177.35 के आसपास रही, जिसमें 0.04% की मामूली दैनिक बढ़त देखी गई। 2. यूरो पर दबाव के मुख्य कारण क्या हैं? फ्रांस के बढ़ते सार्वजनिक कर्ज और राजनीतिक अस्थिरता के कारण निवेशक यूरोपीय परिसंपत्तियों को लेकर सतर्क हैं, जिससे यूरो दबाव में है। 3. बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति को लेकर क्या रुख है? गवर्नर काज़ुओ उएदा के अनुसार बैंक ऑफ जापान मुद्रास्फीति जोखिमों से निपटने के लिए पूर्व-सक्रिय दृष्टिकोण अपनाते हुए ब्याज दरों में बढ़ोतरी की ओर बढ़ रहा है। 4. ऊर्जा ढांचे को लेकर क्या समझौता हुआ है? डोनाल्ड ट्रंप की घोषणा के अनुसार रूस और यूक्रेन ऊर्जा सुविधाओं पर हमले रोकने पर सहमत हुए हैं, और ज़ेलेंस्की ने अमेरिका से इसका पालन सुनिश्चित करने को कहा है। 5. सोने की कीमत में क्या बदलाव आया? सोना अपने एक सप्ताह के उच्च स्तर से फिसलकर शुरुआती यूरोपीय सत्र में लगभग $4,170 के दैनिक निचले स्तर पर पहुंच गया। 6. भारतीय रुपये की स्थिति सोमवार को कैसी रही? भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले बढ़त के साथ खुला और भारतीय रिजर्व बैंक के कदमों के सहारे 95.80 के करीब अपनी रिकवरी बनाए रखी। https://trendkia.com/market/france-ke-rajanitika-snkata-aura-japan-ki-nitiyon-ke-bicha-euro-yen-men-simita-utara-charhava-46902 TrendKia — Har trend, sabse pehle.