# फ्रांस में गहराते राजनीतिक संकट और वित्तीय जोखिम से यूरो में गिरावट, 1.12 के स्तर पर बढ़ा दबाव

> फ्रांस में भड़की राजनीतिक उथल-पुथल, सड़कों पर हिंसा और बढ़ते ऋण जोखिम प्रीमियम के कारण यूरो पर बिकवाली का भारी दबाव देखा जा रहा है, जिससे वैश्विक मुद्रा बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-10-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/france-men-gaharate-rajanitika-snkata-aura-vittiya-jokhima-se-euro-men-giravata-1-12-ke-stara-para-barha-dabava-49305 · **Language:** Hindi
**Tags:** यूरो डॉलर, विदेशी मुद्रा, फ्रांस संकट, यूरोपीय सेंट्रल बैंक, फेडरल रिजर्व, मुद्रा बाजार, वित्त

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में साझा यूरोपीय मुद्रा यूरो पर बिकवाली का भारी दबाव देखने को मिल रहा है। सप्ताह की शुरुआत में एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान यूरो बनाम अमेरिकी डॉलर का भाव गिरकर 1.1215 के करीब आ गया, जबकि ताजा तकनीकी सत्र में यह 1.1200 के आसपास संघर्ष करता नजर आ रहा है। फ्रांस में तेजी से उभरे राजनीतिक संकट, वित्तीय अनिश्चितता और सार्वजनिक ऋण पर बढ़ते जोखिम प्रीमियम ने यूरोपीय परिसंपत्तियों के प्रति निवेशकों की धारणा को गंभीर झटका दिया है। इसके साथ ही अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत रुख को लेकर आए संकेतों ने डॉलर की गतिशीलता को संवेदनशील बनाए रखा है, जिससे वैश्विक स्तर पर विदेशी मुद्रा कारोबारियों की नजरें अब यूरोजोन के घटनाक्रमों पर टिक गई हैं।

## फ्रांस में भड़की हिंसा और बजट संकट का असर
यूरोपीय संघ की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था फ्रांस में उत्पन्न हालात इस समय साझा मुद्रा के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बने हुए हैं। अक्टूबर के शुरुआती दिनों में फ्रांसीसी सरकार के बॉन्ड यील्ड और जर्मन बॉन्ड के बीच का अंतर काफी बढ़ गया, जो बाजार में बढ़ते क्रेडिट रिस्क यानी ऋण जोखिम प्रीमियम को दर्शाता है। देश के विभिन्न प्रमुख शहरों में भड़के विरोध प्रदर्शनों ने हिंसक रूप अख्तियार कर लिया, जिसके चलते सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच भीषण झड़पें हुईं। सड़कों पर कई ऐतिहासिक इमारतों, प्रतिष्ठानों और वाहनों में आगजनी तथा दुकानों में लूटपाट की घटनाएं सामने आईं, जिन्हें बीते कई वर्षों में देश की सबसे खराब सार्वजनिक हिंसा माना जा रहा है।

इस गंभीर संकट पर प्रतिक्रिया देते हुए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि सप्ताहांत में हुई व्यापक हिंसा से पूरे देश में भारी आक्रोश और निराशा का माहौल है। उन्होंने सार्वजनिक शांति और व्यवस्था बहाल करने की सख्त अपील की है। हालांकि, राजनीतिक मोर्चे पर संसद में बहुमत के अभाव और बजट घाटे को पाटने की योजनाओं पर जारी गतिरोध ने निवेशकों के मन में यह आशंका गहरी कर दी है कि फ्रांस यूरोजोन के कड़े राजकोषीय नियमों का पालन करने में विफल रह सकता है। वित्तीय बाजार को डर है कि यदि देश में कर्ज का संकट और गहराया, तो इसका संक्रामक असर पूरे यूरोपीय संघ की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

## यूरोपीय सेंट्रल बैंक का ब्याज दर परिदृश्य
फ्रांस में जारी अशांति के बीच यूरोपीय सेंट्रल बैंक की मौद्रिक नीति को लेकर बाजार की उम्मीदें भी यूरो की चाल को दिशा दे रही हैं। वित्तीय संस्थान नॉर्डिया के विश्लेषकों का मानना है कि यूरोपीय सेंट्रल बैंक अपनी दरों में सख्ती का चक्र पूरी तरह समाप्त नहीं कर चुका है। नॉर्डिया का अनुमान है कि बैंक आने वाले समय में 25 आधार अंकों की दो और ब्याज दर बढ़ोतरी कर सकता है। इनमें से एक दर वृद्धि दिसंबर में और दूसरी मार्च 2027 तक संभावित मानी जा रही है, जिससे जमा दर यानी डिपॉजिट रेट बढ़कर 3 प्रतिशत तक पहुंच सकती है।

विश्लेषकों के अनुसार, यूरोजोन के नीतिगत आंकड़े और वृहद आर्थिक परिस्थितियां दिसंबर में जारी होने वाले नए स्टाफ अनुमानों के साथ एक और बढ़ोतरी का आधार तैयार कर सकती हैं। यदि अर्थव्यवस्था में मूल्य दबाव व्यापक स्तर पर जारी रहता है, तो बैंक समय से पूर्व ही दिसंबर में दरें बढ़ाने का कदम उठा सकता है। इसके विपरीत, यदि मुख्य मुद्रास्फीति और मजदूरी वृद्धि नियंत्रित दायरे में रहती हैं, तो सेंट्रल बैंक को अपेक्षाकृत सतर्क और धीमी गति से आगे बढ़ने की छूट मिल सकती है। मध्यम अवधि में लंबी अवधि की यूरो यील्ड में सीमित बढ़त की गुंजाइश देखी जा रही है, लेकिन निकट अवधि में यदि महंगाई के आंकड़े उम्मीद से कम रहते हैं या आर्थिक सुस्ती की चिंताएं हावी होती हैं, तो बॉन्ड यील्ड में गिरावट आ सकती है, जिसका सीधा दबाव यूरो पर पड़ेगा।

## फेडरल रिजर्व के रुख और अमेरिकी डॉलर की स्थिति
अटलांटिक के दूसरी ओर, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नामित अधिकारियों के बयानों ने भी मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव को बढ़ाया है। फेड के वरिष्ठ नीति निर्माता केविन वॉर्श के हालिया संबोधन से संकेत मिलता है कि वे मौद्रिक नीति को और अधिक सख्त करने को लेकर किसी जल्दबाजी में नहीं हैं। वॉर्श ने अपने भाषण में उल्लेख किया कि वे वैश्विक वित्तीय संकट के दौर से अत्यधिक प्रभावित रहे हैं, जो वित्तीय स्थिरता और जोखिम प्रबंधन के प्रति उनके बुनियादी सतर्क रुख को दर्शाता है। इसके बावजूद, उन्होंने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक वृद्धि की पृष्ठभूमि और अनुकूल सरकारी नीतियों तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई में आए अभूतपूर्व निवेश के दौर की सराहना की।

केविन वॉर्श ने आगामी नीतिगत बैठकों को लेकर पहले से कोई पूर्वग्रह बनाने से साफ इनकार किया और स्पष्ट किया कि उत्पादन, रोजगार और उपभोक्ता महंगाई से जुड़े नए आंकड़े ही केंद्रीय बैंक के अंतिम फैसलों की दिशा तय करेंगे। डॉलर का यह डेटा-निर्भर रुख अमेरिकी मुद्रा की भारी बढ़त को सीमित कर रहा है, जिससे अन्य प्रमुख मुद्राओं के साथ उसके विनिमय दर में मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है।

## विदेशी मुद्रा बाजार में अन्य प्रमुख मुद्राओं की चाल
वैश्विक करेंसी बाजार में डॉलर के मिले-जुले रुख का असर केवल यूरो तक सीमित नहीं रहा। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर में मजबूती दर्ज की गई और यह चढ़कर 0.6950 के स्तर तक पहुंच गया। फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख न अपनाए जाने के चलते डॉलर पर पड़े दबाव ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को उछाल दर्ज करने का मौका दिया।

दूसरी तरफ, जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर में नई बिकवाली देखी गई, जिससे यह जोड़ी फिसलकर 158.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गई। वहीं अंतरराष्ट्रीय जिंस बाजार में सोने की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। पीली धातु 4,200 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के अहम स्तर के इर्द-गिर्द घटती-बढ़ती रही। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में मामूली सुधार और डॉलर की सीमित वापसी ने सोने में किसी एक दिशा की स्पष्ट चाल को रोके रखा।

## ईयूआर/यूएसडी का तकनीकी विश्लेषण और अहम स्तर
तकनीकी चार्ट पर ईयूआर/यूएसडी इस समय एक नाजुक दौर से गुजर रहा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, यह जोड़ी 1.1200 के स्तर पर स्थिर बनी हुई है, जो पिछले बंद स्तर के मुकाबले 0.11 प्रतिशत की मामूली बढ़त दिखाती है। पिछले 52 हफ्तों के दौरान इस मुद्रा जोड़ी का दायरा 1.1100 से 1.2000 के बीच रहा है। तकनीकी संकेतकों की बात करें तो 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई 35 के स्तर पर पहुंच गया है, जो बिकवाली के मजबूत दबाव और ओवरसोल्ड क्षेत्र के करीब होने की ओर इशारा करता है। वहीं मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस यानी एमएसीडी -0.01 पर बना हुआ है।

मूविंग एवरेज के मोर्चे पर यूरो दीर्घकालिक मंदी के दौर में नजर आ रहा है। 20-दिवसीय ईएमए 1.1300, 50-दिवसीय ईएमए 1.1400 और 200-दिवसीय ईएमए 1.1600 पर स्थित हैं। चार्ट पर 50-दिवसीय ईएमए का 200-दिवसीय ईएमए से नीचे फिसलना एक डेथ क्रॉस दर्शाता है, जो मध्यम से लंबी अवधि में मंदड़ियों की पकड़ को मजबूत करता है। 50-दिवसीय एसएमए 1.1500 और 200-दिवसीय एसएमए 1.1600 पर अवरोध का काम कर रहे हैं। बोलिंजर बैंड के विश्लेषण से पता चलता है कि इसका दायरा 1.1100 से 1.1500 के बीच है, जिसका मध्य बैंड 1.1300 पर स्थित है। ऊपरी स्तरों पर 1.1270 और 1.1440 के स्तर मजबूत प्रतिरोध क्षेत्र बने हुए हैं, जबकि नीचे की ओर 1.1100 का निचला बैंड एक महत्वपूर्ण समर्थन स्तर है। यदि यह जोड़ी 1.1100 के स्तर को तोड़ती है, तो इसमें और गहरी गिरावट की आशंका बन सकती है। एडीएक्स इंडिकेटर 51 के स्तर पर है, जो मौजूदा ट्रेंड की मजबूत ताकत को रेखांकित करता है।

## यूरोजोन अर्थव्यवस्था और यूरो की वैश्विक भूमिका
यूरो यूरोपीय संघ के उन 20 सदस्य देशों की आधिकारिक मुद्रा है जो यूरोजोन का हिस्सा हैं। वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर के बाद यह दुनिया की दूसरी सबसे अधिक कारोबार की जाने वाली मुद्रा है। वैश्विक मुद्रा लेन-देन में यूरो की हिस्सेदारी लगभग 31 प्रतिशत दर्ज की गई है, जिसका औसत दैनिक कारोबार 2.2 ट्रिलियन डॉलर से अधिक रहता है। पूरी दुनिया के फॉरेक्स बाजार में ईयूआर/यूएसडी सबसे लोकप्रिय जोड़ी है, जो कुल कारोबार का करीब 30 प्रतिशत हिस्सा रखती है। इसके बाद ईयूआर/जेपीवाई की हिस्सेदारी 4 प्रतिशत, ईयूआर/जीबीपी की 3 प्रतिशत और ईयूआर/एयूडी की 2 प्रतिशत है।

जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में स्थित यूरोपीय सेंट्रल बैंक यूरोजोन के केंद्रीय बैंक के रूप में कार्य करता है और मौद्रिक नीति का निर्धारण करता है। क्रिस्टीन लेगार्ड की अध्यक्षता वाला यह बैंक कीमतों में स्थिरता बनाए रखने के प्राथमिक उद्देश्य से काम करता है। यूरोजोन में महंगाई को मापने वाला पैमाना हार्मोनाइज्ड इंडेक्स ऑफ कंज्यूमर प्राइसेज यानी एचआईसीपी कहलाता है। इसके अतिरिक्त, जर्मनी, फ्रांस, इटली और स्पेन की आर्थिक गतिविधियां यूरो के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि ये चारों देश मिलकर यूरोजोन की कुल अर्थव्यवस्था का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा बनाते हैं। इन देशों के विनिर्माण, सेवा पीएमआई, सकल घरेलू उत्पाद और व्यापार संतुलन के आंकड़े यूरो के दीर्घकालिक मूल्य को तय करने में सबसे अहम भूमिका निभाते हैं।

## इसका आप पर असर
यूरोपीय मुद्रा में जारी कमजोरी और अंतरराष्ट्रीय बॉन्ड बाजारों में अस्थिरता का सीधा असर वैश्विक वित्तीय परिसंपत्तियों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ता है।

- **मुद्रा निवेशकों पर प्रभाव:** विदेशी मुद्रा बाजार में कारोबार करने वाले ट्रेडर्स को ईयूआर/यूएसडी में 1.1100 के अहम समर्थन स्तर पर नजर रखनी चाहिए। मौजूदा तकनीकी ढांचे में गिरावट का रुझान गहराने पर स्टॉप-लॉस सीमाओं का सख्ती से पालन करना आवश्यक है।
- **आयात-निर्यात कारोबार:** यूरोप के साथ कारोबार करने वाले भारतीय निर्यातकों को यूरो की कमजोरी के कारण बिलिंग और भुगतान में अतिरिक्त विनिमय जोखिम का सामना करना पड़ सकता है। हेजिंग रणनीतियों के बिना काम करने वाली कंपनियों के लाभ मार्जिन पर इसका प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
- **यूरोप यात्रा और पढ़ाई:** भारतीय छात्र और पर्यटक जो यूरोजोन के देशों की यात्रा की योजना बना रहे हैं, उन्हें यूरो के कमजोर होने से खर्च में कुछ राहत मिल सकती है। डॉलर के मुकाबले यूरो की नरमी स्थानीय यूरो खरीद लागत को अपेक्षाकृत स्थिर रख सकती है।
- **वैश्विक इक्विटी बाजार:** यूरोजोन में बॉन्ड यील्ड का बढ़ना और राजनीतिक अनिश्चितता विदेशी संस्थागत निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को घटा सकती है। इससे उभरते बाजारों से पूंजी निकासी का दबाव बढ़ सकता है, जिसका असर भारतीय शेयर बाजार के सेंटीमेंट पर भी पड़ सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
फ्रांस में जारी गंभीर राजनीतिक गतिरोध और वित्तीय घाटे को लेकर बढ़ी चिंताओं के कारण यूरोपीय बॉन्ड और साझा मुद्रा पर बिकवाली का भारी दबाव बना है।

- **सड़कों पर व्यापक हिंसा:** प्रमुख फ्रांसीसी शहरों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़पों के कारण सार्वजनिक शांति भंग हुई है। ऐतिहासिक इमारतों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को पहुंचे नुकसान ने देश में प्रशासनिक स्थिरता को लेकर निवेशकों का भरोसा हिला दिया है।
- **ऋण जोखिम प्रीमियम में उछाल:** अक्टूबर की शुरुआत में फ्रांसीसी सरकारी ऋण पर जोखिम प्रीमियम तेजी से बढ़ गया। संसद में बजट पास कराने को लेकर जारी राजनीतिक रस्साकशी ने निवेशकों में यह आशंका पैदा कर दी है कि देश का राजकोषीय घाटा अनियंत्रित हो सकता है।
- **फेडरल रिजर्व की अनिश्चितता:** अमेरिकी केंद्रीय बैंक के अधिकारियों द्वारा आगे की ब्याज दरों को लेकर कोई पूर्व-निर्धारित प्रतिबद्धता न जताने से डॉलर को मजबूती मिली है। डेटा-निर्भर दृष्टिकोण के कारण डॉलर के मुकाबले यूरो पर लगातार दबाव बना हुआ है।
- **यूरोजोन में आर्थिक सुस्ती:** जर्मनी और फ्रांस जैसी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में विनिर्माण और सेवाओं के मिले-जुले आंकड़ों ने भी एकल मुद्रा की वापसी को सीमित कर रखा है। कोर महंगाई में नरमी आने की स्थिति में केंद्रीय बैंक के कड़े कदमों की संभावना भी सीमित हो सकती है।

## सवाल-जवाब

### 1. ईयूआर/यूएसडी में ताजा गिरावट का मुख्य कारण क्या है?
फ्रांस में भड़की हिंसक अशांति, राजनीतिक संकट और सरकारी बॉन्ड पर बढ़े ऋण जोखिम प्रीमियम के कारण यूरो पर बिकवाली का दबाव बना है।

### 2. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस स्थिति पर क्या कहा?
राष्ट्रपति मैक्रों ने सप्ताहांत में हुई व्यापक हिंसा पर देश में आक्रोश और शर्म का भाव होने की बात कही और कानून-व्यवस्था बहाल करने की अपील की।

### 3. यूरोपीय सेंट्रल बैंक की ब्याज दरों को लेकर क्या अनुमान है?
नॉर्डिया के विश्लेषक ईसीबी द्वारा दो और 25 आधार अंकों की दर वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं, जिससे जमा दर 3 प्रतिशत तक पहुंच सकती है।

### 4. ईयूआर/यूएसडी के लिए कौन से तकनीकी स्तर महत्वपूर्ण हैं?
नीचे की तरफ 1.1100 का स्तर मजबूत सपोर्ट है, जबकि ऊपर की ओर 1.1270 और 1.1440 के स्तर प्रमुख अवरोध बने हुए हैं।

### 5. वैश्विक विदेशी मुद्रा कारोबार में यूरो की हिस्सेदारी कितनी है?
यूरो दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी मुद्रा है, जिसकी 2022 में वैश्विक मुद्रा लेन-देन में 31 प्रतिशत और दैनिक कारोबार में 2.2 ट्रिलियन डॉलर से अधिक की हिस्सेदारी थी।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._