# गैस और बिजली की बढ़ती कीमतों पर ईसीबी सतर्क, पीटर काजिमिर ने दिए नीतिगत विकल्पों के खुले रहने के संकेत

> यूरोपीय सेंट्रल बैंक की गवर्निंग काउंसिल के सदस्य पीटर काजिमिर ने ऊर्जा लागत पर चिंता जताते हुए कहा है कि आगामी बैठक में सभी विकल्पों पर विचार किया जाएगा।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/gaisa-aura-bijali-ki-barhati-kimaton-para-ecb-satarka-peter-kazimir-ne-die-nitigata-vikalpon-ke-khule-rahane-ke-snketa-34068 · **Language:** Hindi
**Tags:** यूरोपीय सेंट्रल बैंक, पीटर काजिमिर, मौद्रिक नीति, विदेशी मुद्रा विनिमय, ऊर्जा मूल्य, मुद्रास्फीति, वित्त

यूरोपीय वित्तीय बाजारों में सोमवार के कारोबारी सत्र के दौरान ऊर्जा कीमतों को लेकर चिंताएं एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गईं। यूरोपीय सेंट्रल बैंक की गवर्निंग काउंसिल के सदस्य और नेशनल बैंक ऑफ स्लोवाकिया के गवर्नर पीटर काजिमिर ने गैस और बिजली की कीमतों में हो रही वृद्धि पर गंभीर सतर्कता व्यक्त की है। आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्रीय बैंक के सामने सभी नीतिगत विकल्प खुले रहेंगे और यदि अर्थव्यवस्था में आवश्यकता महसूस हुई तो सख्त या सुधारात्मक कदम उठाने में कोई संकोच नहीं किया जाएगा।

## ऊर्जा संकट और मौद्रिक नीति की भावी दिशा
यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान अपनी बात रखते हुए पीटर काजिमिर ने कहा कि वे गैस और बिजली की कीमतों को लेकर लगातार चिंतित हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि केंद्रीय बैंक की अगली बैठक में व्यापक चर्चा होगी और हालात के अनुसार जरूरी कदम उठाए जाएंगे। जर्मनी के फ्रैंकफर्ट शहर में स्थित यूरोपीय सेंट्रल बैंक पूरे यूरोजोन के लिए मौद्रिक नीति तय करने वाला शीर्ष संस्थान है। यूरोजोन क्षेत्र में मूल्य स्थिरता बनाए रखना और मुद्रास्फीति को करीब 2 प्रतिशत के आसपास सीमित रखना इस केंद्रीय बैंक की प्राथमिक जिम्मेदारी मानी जाती है।

मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए ईसीबी के पास मुख्य साधन ब्याज दरों को बढ़ाना अथवा घटाना होता है। सामान्य आर्थिक नियमों के तहत जब केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में इजाफा करता है तो यूरोजोन में पूंजी प्रवाह बढ़ने से यूरो को मजबूती मिलती है, जबकि दरों में कटौती से मुद्रा पर दबाव देखने को मिलता है। ईसीबी की गवर्निंग काउंसिल साल में आठ बार बैठक कर मौद्रिक नीति की समीक्षा करती है। इन महत्वपूर्ण निर्णयों में यूरोजोन के सभी सदस्य देशों के राष्ट्रीय केंद्रीय बैंकों के प्रमुखों के साथ छह स्थायी सदस्य भाग लेते हैं, जिनकी अध्यक्षता ईसीबी की अध्यक्ष क्रिस्टीन लेगार्ड करती हैं।

## क्वांटिटेटिव ईजिंग और क्वांटिटेटिव टाइटनिंग का गणित
अत्यधिक आर्थिक दबाव या असामान्य परिस्थितियों में यूरोपीय सेंट्रल बैंक पारंपरिक ब्याज दर कटौती से आगे बढ़कर क्वांटिटेटिव ईजिंग का सहारा लेता है। इस प्रक्रिया में केंद्रीय बैंक अतिरिक्त यूरो जारी करके वित्तीय संस्थानों और वाणिज्यिक बैंकों से सरकारी अथवा कॉर्पोरेट बॉन्ड खरीदता है। इसका मुख्य उद्देश्य बैंकिंग प्रणाली में तरलता बढ़ाना और उधार लेने की लागत को कम करना होता है, यद्यपि इस कदम से सामान्यतः यूरो की विनिमय दर कमजोर पड़ती है। ऐतिहासिक तौर पर ईसीबी ने वर्ष 2009 से 2011 के वैश्विक वित्तीय संकट, वर्ष 2015 में सुस्त महंगाई के दौर और हाल ही में वैश्विक महामारी के दौरान इस अंतिम विकल्प का उपयोग किया था।

इसके विपरीत स्थिति में जब आर्थिक सुधार गति पकड़ लेता है और मुद्रास्फीति अनियंत्रित होने लगती है, तब क्वांटिटेटिव टाइटनिंग लागू की जाती है। इस प्रक्रिया में ईसीबी नए बॉन्ड की खरीद पूरी तरह बंद कर देता है और परिपक्व होने वाले बॉन्ड से मिलने वाले मूलधन का भी दोबारा निवेश नहीं करता। बाजार से नकदी खींचने की यह नीति आमतौर पर मुद्रा के लिए सकारात्मक मानी जाती है और यूरो को मजबूती प्रदान करती है।

## लाइव फॉरेक्स बाजार और EUR/USD की तकनीकी स्थिति
मौजूदा वैश्विक व्यापारिक परिदृश्य में EUR/USD मुद्रा जोड़ी 1.15 के स्तर पर कारोबार कर रही है, जो पिछले बंद भाव 1.15 की तुलना में 0.11 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्शाती है। बीते 52 हफ्तों के दौरान इस जोड़ी का दायरा 1.13 से 1.20 के बीच दर्ज किया गया है, जबकि ट्रेडिंग वॉल्यूम 20 दिनों के औसत के 1.00 गुना के स्तर पर बना हुआ है। तकनीकी संकेतकों की बात करें तो 14-दिवसीय आरएसआई 37 के आसपास दर्ज है, जबकि एमएसीडी -0.00 पर रहकर मंदी का रुझान दिखा रहा है।

दीर्घकालिक मूविंग एवरेज के संदर्भ में 20-दिवसीय ईएमए 1.16, 50-दिवसीय ईएमए 1.16 और 200-दिवसीय ईएमए 1.16 के स्तर पर स्थित हैं। इसी तरह 50-दिवसीय एसएमए 1.15 और 200-दिवसीय एसएमए 1.16 पर टिके हैं। 50-दिवसीय ईएमए के 200-दिवसीय ईएमए से नीचे रहने के कारण चार्ट पर डेथ क्रॉस बना हुआ है, जो डाउनट्रेंड की पुष्टि करता है। 20-दिवसीय बोलिंजर बैंड 1.15 से 1.17 के दायरे में है, 14-दिवसीय एडीएक्स 26 पर ट्रेंडिंग है, और स्टोकेस्टिक इंडिकेटर की फास्ट लाइन 17 तथा सिग्नल लाइन 11 पर है। तकनीकी स्तरों के लिहाज से दैनिक अस्थिरता एटीआर 0.01 पर है, जबकि 20-दिवसीय आधार पर अहम सपोर्ट 1.15 और रेजिस्टेंस 1.17 पर केंद्रित है। पिवट स्तर 1.15, पहले दो रेजिस्टेंस 1.15 और 1.15, तथा सपोर्ट एस1 1.15 व एस2 1.14 के आसपास देखे जा रहे हैं।

## वैश्विक मुद्राओं और अन्य संपत्तियों में हलचल
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा विनिमय बाजार के अन्य मोर्चों पर एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी 0.7140 के आसपास लगभग डेढ़ सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गई। हालांकि बाद में बिकवाली का दबाव धीमा पड़ा और स्पॉट भाव 0.7100 के मध्य स्तर के ठीक ऊपर ट्रेड करते दिखे, जो दिन के दौरान करीब 0.25 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाते हैं। दूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर और जापानी येन की जोड़ी में सप्ताह के प्रारंभ में कुछ लिवाली दर्ज की गई और एशियाई सत्र में भाव 154.00 के करीब पहुंचे, जिससे पिछले शुक्रवार की गिरावट की आंशिक भरपाई हुई। इसके बावजूद पिछले मंगलवार को देखे गए लगभग सात महीने के निचले स्तर के पास यह जोड़ी एक सीमित दायरे में फंसी नजर आ रही है, क्योंकि कारोबारी आगामी केंद्रीय बैंक निर्णयों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

डिजिटल परिसंपत्ति वर्ग में पाई नेटवर्क की कीमत में सुधार का सिलसिला सोमवार को भी जारी रहा और यह लगातार दो हफ्तों की बढ़त के बाद 0.097 डॉलर से ऊपर कारोबार करती दिखी। पारिस्थितिकी तंत्र के निरंतर विस्तार और डेवलपर उपकरणों में सुधार से इसे समर्थन मिल रहा है, हालांकि चार्ट पर एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज का ऊपरी स्तर अभी भी बढ़त को सीमित कर रहा है। उधर उत्तरी अमेरिका में सांख्यिकी कनाडा द्वारा जारी किए जाने वाले अगस्त उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़ों पर निवेशकों की निगाहें टिकी हैं। बैंक ऑफ कनाडा द्वारा 2 सितंबर की बैठक में ब्याज दर को अनुमान के मुताबिक 2.25 प्रतिशत पर स्थिर रखने के बाद, यह मुद्रास्फीति रिपोर्ट बाजार को मूल्य दबावों की सटीक तस्वीर पेश करेगी।

## इसका आप पर असर
यूरोपीय सेंट्रल बैंक के नीतिगत रुख और ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव से वैश्विक वित्तीय बाजारों और मुद्रा विनिमय दरों पर सीधा असर पड़ेगा।

- **मुद्रा विनिमय दर:** यूरोजोन में ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता से यूरो और अमेरिकी डॉलर की विनिमय दरों में अस्थिरता बनी रह सकती है। जो लोग विदेश यात्रा, शिक्षा या आयात-निर्यात से जुड़े हैं, उन्हें विनिमय दरों की निगरानी करनी होगी।
- **ऊर्जा और आयात लागत:** गैस और बिजली की बढ़ती लागत वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आयात के बिल को प्रभावित कर सकती है। ऊर्जा के महंगे होने से कई उपभोक्ता वस्तुओं और परिवहन के किराए में वृद्धि का दबाव बढ़ सकता है।
- **केंद्रीय बैंकों का रुख:** वैश्विक केंद्रीय बैंकों द्वारा दरों को लेकर सतर्कता बरतने से अंतरराष्ट्रीय ऋण बाजार प्रभावित होंगे। निवेशकों को आने वाले दिनों में सावधि जमा और ऋण संबंधी ब्याज दरों में बड़े बदलावों के लिए तैयार रहना चाहिए।
- **बाजार में निवेश रणनीति:** तकनीकी संकेतकों के अनुसार यूरो में सीमित दायरे में कारोबार हो रहा है। विदेशी मुद्रा और कमोडिटी के ट्रेडर्स को मौजूदा सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तरों को ध्यान में रखकर ही नई पोजीशन बनानी चाहिए।

## ऐसा क्यों हुआ
यूरोपीय सेंट्रल बैंक के अधिकारियों की यह चिंता यूरोजोन में ऊर्जा लागत में अचानक आई तेजी और मुद्रास्फीति के दोबारा अनियंत्रित होने के जोखिम के कारण पैदा हुई है।

- **ऊर्जा मूल्यों का दबाव:** बिजली और प्राकृतिक गैस की कीमतों में बढ़ोतरी सीधे तौर पर आम उपभोक्ताओं और उद्योगों की लागत को बढ़ा देती है। इससे 2 प्रतिशत के मुद्रास्फीति लक्ष्य को हासिल करने में नई चुनौतियां खड़ी हो जाती हैं।
- **आगामी नीतिगत समीक्षा:** केंद्रीय बैंक साल में आठ बार आर्थिक स्थितियों की समीक्षा करता है ताकि दरों पर फैसला लिया जा सके। मौजूदा परिस्थितियों में किसी एक विकल्प पर बंधने के बजाय नीति निर्माताओं ने सभी विकल्प खुले रखने का रुख अपनाया है।
- **वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता:** दुनिया भर के प्रमुख केंद्रीय बैंक इस समय महंगाई को नियंत्रित करने और आर्थिक विकास को बनाए रखने के बीच संतुलन साधने का प्रयास कर रहे हैं। इसी कारण से अधिकारी बाजार को अग्रिम तौर पर हर स्थिति के लिए तैयार रहने का संदेश दे रहे हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. पीटर काजिमिर ने मुख्य रूप से किस बात पर चिंता जताई है?
पीटर काजिमिर ने गैस और बिजली की बढ़ती कीमतों को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है।

### 2. यूरोपीय सेंट्रल बैंक का मुख्यालय कहां स्थित है और इसका मुख्य लक्ष्य क्या है?
ईसीबी का मुख्यालय फ्रैंकफर्ट, जर्मनी में है और इसका मुख्य लक्ष्य मुद्रास्फीति को करीब 2 प्रतिशत पर रखकर मूल्य स्थिरता बनाए रखना है।

### 3. ईसीबी मौद्रिक नीति की समीक्षा साल में कितनी बार करता है?
ईसीबी की गवर्निंग काउंसिल साल में आठ बार बैठक करके मौद्रिक नीति संबंधी निर्णय लेती है।

### 4. क्वांटिटेटिव ईजिंग का यूरो की विनिमय दर पर क्या प्रभाव पड़ता है?
क्वांटिटेटिव ईजिंग के तहत केंद्रीय बैंक बॉन्ड खरीदकर नकदी बढ़ाता है, जिससे सामान्यतः यूरो की विनिमय दर कमजोर होती है।

### 5. बैंक ऑफ कनाडा ने अपनी पिछली बैठक में ब्याज दरों पर क्या निर्णय लिया था?
बैंक ऑफ कनाडा ने 2 सितंबर की बैठक में अपनी प्रमुख ब्याज दर को 2.25 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा था।

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