# GBP/USD में तेजी पर लगा ब्रेक: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच पाउंड सीमित दायरे में, 1.34 के स्तर पर कर रहा संघर्ष

> ब्रिटिश पाउंड ने अपनी हालिया तेजी खो दी है और अब यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एक सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। भू-राजनीतिक अनिश्चितता और आने वाले आर्थिक आंकड़ों के कारण बाजार सतर्क है, जबकि तकनीकी संकेतक लंबे समय तक इसी स्तर पर टिके रहने का इशारा कर रहे हैं।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-07-22 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/gbp-usd-men-teji-para-laga-breka-america-iran-tanava-ke-bicha-pound-simita-dayare-men-1-34-ke-stara-para-kara-raha-sngharsha-9652 · **Language:** Hindi
**Tags:** पाउंड डॉलर एक्सचेंज रेट, फॉरेक्स मार्केट, अमेरिकी डॉलर, ब्रिटिश पाउंड, सोना, एथेरियम, ग्लोबल मार्केट, finance

ब्रिटिश पाउंड के बाजार रुझान में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। हाल ही में यह मुद्रा अमेरिकी डॉलर के मुकाबले तेजी के दौर में थी, लेकिन अब यह एक सीमित दायरे में कारोबार करने को मजबूर है। इस महीने की शुरुआत में पाउंड में जो तेजी देखने को मिली थी, वह अब काफी हद तक थम गई है। इसके चलते बाजार के जानकारों को अपनी अल्पावधि की भविष्यवाणियों में बदलाव करना पड़ा है। इस समय पूरा वैश्विक वित्तीय बाजार भू-राजनीतिक तनाव और आने वाले प्रमुख आर्थिक आंकड़ों से प्रभावित है। इसी बीच निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर अमेरिकी डॉलर का रुख कर रहे हैं, जिससे ग्रीनबैक लगातार मजबूती बनाए हुए है।

 

## पाउंड की तेजी पर लगा ब्रेक

शुरुआत में बाजार विश्लेषकों का अनुमान था कि GBP/USD की जोड़ी 1.3450 और 1.3520 के एक तय दायरे के बीच कारोबार करेगी। हालांकि, इस मुद्रा ने सभी अनुमानों को गलत साबित करते हुए 1.3427 के स्तर तक गोता लगाया। इस गिरावट ने 1.3450 के उस स्तर को तोड़ दिया जिसे एक बेहद मजबूत सपोर्ट माना जा रहा था। इस अप्रत्याशित गिरावट के बावजूद, बाजार में कोई भारी बिकवाली का दबाव देखने को नहीं मिला है। इसके बजाय, कीमतों का मौजूदा उतार-चढ़ाव एक सीमित रेंज में कारोबार का संकेत दे रहा है। अगले 24 घंटों के चक्र के लिए, यह अनुमान लगाया जा रहा है कि पाउंड 1.3420 और 1.3475 के एक संकरे बैंड के बीच झूलता रहेगा, क्योंकि ट्रेडर्स को बाजार की स्पष्ट दिशा तय करने के लिए किसी बड़े ट्रिगर का इंतजार है।

अगर अगले एक से तीन हफ्तों के नजरिए से देखें, तो बाजार की धारणा में काफी बदलाव आया है। पिछले ही गुरुवार, यानी 16 जुलाई को बाजार का रुख पाउंड को लेकर काफी सकारात्मक था। उस वक्त स्पॉट प्राइस 1.3540 के स्तर पर था और ऐसा लग रहा था कि नई तेजी के साथ पाउंड अपने ऊपरी सफर पर निकल पड़ा है। उस समय 1.3590 के स्तर को अगली बड़ी बढ़त के लिए सबसे अहम माना जा रहा था। लेकिन 1.3450 के सपोर्ट स्तर के टूटने ने उस तेजी की सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। तेजी का वह मोमेंटम अब पूरी तरह से गायब हो चुका है, और ऐसा माना जा रहा है कि GBP/USD फिलहाल 1.3385 और 1.3495 के एक बड़े दायरे में सिमट कर रह गया है।

 

## लाइव तकनीकी आंकड़े दे रहे हैं सीमित कारोबार का संकेत

बाजार के मौजूदा लाइव आंकड़े भी इस सीमित दायरे के कारोबार की कहानी को सही साबित कर रहे हैं। फिलहाल GBP/USD की जोड़ी 1.34 के स्तर के आसपास ट्रेड कर रही है, जो कि 0.37 प्रतिशत की हल्की दैनिक गिरावट को दर्शाता है। अगर हम एक बड़े टाइमफ्रेम पर नजर डालें, तो यह मुद्रा अपने 52-हफ्तों के 1.30 से 1.38 के रेंज के ठीक बीच में खड़ी है। तकनीकी संकेतक भी बाजार में किसी स्पष्ट ट्रेंड की कमी की ओर इशारा कर रहे हैं। 14-दिनों का RSI इंडिकेटर बिल्कुल 50 के न्यूट्रल मार्क पर है, जबकि ADX सिर्फ 16 के स्तर पर है, जो बाजार के बेहद कमजोर ट्रेंड को दर्शाता है। इसके अलावा, MACD इंडिकेटर अपनी सिग्नल लाइन के मुकाबले 0.00 पर बिल्कुल सपाट पड़ा हुआ है।

तकनीकी चार्ट को और गहराई से देखें, तो मूविंग एवरेज एक मिला-जुला लेकिन लंबी अवधि में हल्का मंदी का संकेत दे रहे हैं। 20-दिन, 50-दिन और 200-दिन के EMA सभी 1.34 के स्तर के आसपास जमा हो गए हैं। खास बात यह है कि कीमतें अभी भी एक बड़े लंबी अवधि के डाउनट्रेंड में फंसी हुई हैं, जिसकी पुष्टि 'डेथ क्रॉस' से होती है जहां 50-दिन का EMA 200-दिन के EMA से नीचे बना हुआ है। स्टोकास्टिक ऑसिलेटर की फास्ट लाइन 26 पर और सिग्नल लाइन 51 पर है। वहीं, ATR द्वारा मापी जाने वाली दैनिक अस्थिरता भी महज 0.01 तक सीमित है। ये सभी तकनीकी आंकड़े इसी बात की पुष्टि करते हैं कि 20-दिनों के 1.32 सपोर्ट और 1.35 रेजिस्टेंस के बीच कीमतें अभी और समय तक ऐसे ही झूलती रहेंगी।

 

## भू-राजनीति और मैक्रो डेटा से डॉलर को मिल रही ताकत

व्यापक मैक्रोइकॉनॉमिक माहौल भी पाउंड की बढ़त को रोकने में एक बड़ी भूमिका निभा रहा है। वित्तीय बाजार अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष और उससे जुड़े घटनाक्रमों पर बहुत बारीकी से नजर रखे हुए हैं। वीकेंड पर हुई हिंसक झड़पों के बाद, घबराए हुए निवेशकों ने सुरक्षित पनाहगाह के तौर पर अमेरिकी डॉलर का रुख किया है। इससे ग्रीनबैक को दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अपनी पकड़ मजबूत रखने में मदद मिली है। वैश्विक बाजारों में रिस्क लेने से बचने का यह माहौल ब्रिटिश पाउंड जैसी जोखिम भरी मुद्राओं के लिए सीधा नुकसान का सौदा साबित हो रहा है।

आगे की बात करें, तो बाजार के जानकारों की निगाहें अब मंगलवार को आने वाले यूनाइटेड किंगडम के रोजगार आंकड़ों पर टिकी हैं। घरेलू डेटा का यह अहम हिस्सा ब्रिटिश लेबर मार्केट की सेहत का हाल बताएगा। साथ ही, इससे बैंक ऑफ इंग्लैंड की भविष्य की नीतिगत चालों का भी अंदाजा लगेगा। रोजगार के ये आंकड़े ही वह अगला बड़ा ट्रिगर साबित हो सकते हैं जो पाउंड को उसकी मौजूदा तकनीकी सुस्ती से बाहर निकालकर इस महीने के अंत तक उसकी दिशा तय करेंगे।

 

## यूरो का संघर्ष और सोने में खींचतान

इंग्लिश चैनल के पार, यूरोपीय मुद्रा भी अपनी अलग चुनौतियों से जूझ रही है। EUR/USD की जोड़ी लगातार तीसरे दिन दबाव में कारोबार कर रही है और धीरे-धीरे 1.1400 के बेहद अहम और संकटपूर्ण जोन की तरफ खिसक रही है। इस गिरावट के पीछे की मुख्य वजह मिडिल ईस्ट के संकट को लेकर बनी हुई अनिश्चितता और अमेरिकी डॉलर की लगातार बढ़ती ताकत है। यूरोपीय बाजार अब इस हफ्ते के अंत में आने वाले यूरोपियन सेंट्रल बैंक के बहुप्रतीक्षित ब्याज दर के फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। यही फैसला तय करेगा कि यूरो 1.1400 के अपने अहम स्तर को बचा पाएगा या फिर और ज्यादा बिकवाली का शिकार होगा।

कमोडिटी बाजार की बात करें, तो सोना कई विरोधी ताकतों के जटिल जाल में उलझा हुआ है। कीमती धातु पर फिलहाल हल्की गिरावट का दबाव तो है, लेकिन हफ्ते की शुरुआत में यह 4,000 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के अहम और मनोवैज्ञानिक स्तर के ठीक ऊपर अपनी जगह बनाए रखने में कामयाब रहा है। मिडिल ईस्ट में बढ़ती सैन्य कार्रवाई और बिगड़ते सुरक्षा हालात सोने को अंदरूनी मजबूती दे रहे हैं, क्योंकि घबराए हुए निवेशक अपनी पूंजी सुरक्षित रखने के लिए पारंपरिक संपत्तियों की ओर भाग रहे हैं। लेकिन, इस भू-राजनीतिक तेजी को अमेरिका में ऊंची ब्याज दरों की बढ़ती संभावनाओं से सीधी टक्कर मिल रही है। ऊंचे रिटर्न की उम्मीद अमेरिकी डॉलर को मजबूत कर रही है, जिससे सोने जैसी गैर-रिटर्न वाली संपत्तियां संस्थागत निवेशकों के लिए कम आकर्षक हो गई हैं। यही वजह है कि सोने की कीमतों के उतार-चढ़ाव पर मैक्रोइकॉनॉमिक नजरिए से पैनी नजर रखी जा रही है।

 

## क्रिप्टो बाजार की अनिश्चितता के बीच एथेरियम सबसे आगे

डिजिटल एसेट सेक्टर भी फिलहाल मजबूती और कमजोरी के एक जटिल दौर से गुजर रहा है। पिछले एक हफ्ते में, एथेरियम ने अपनी साथी क्रिप्टोकरेंसी के मुकाबले शानदार मजबूती दिखाई है। पिछले हफ्ते से लेकर बुधवार के बीच, मार्केट कैप के लिहाज से दुनिया की इस दूसरी सबसे बड़ी डिजिटल संपत्ति ने दोहरे अंकों में भारी मुनाफा दर्ज किया है। इस खास समय के दौरान, एथेरियम ने बिटकॉइन, XRP और सोलाना जैसी अन्य प्रमुख और बुनियादी क्रिप्टोकरेंसी को प्रदर्शन के मामले में पीछे छोड़ दिया।

हालांकि, तेजी का यह दौर अचानक तब रुक गया जब गुरुवार को पूरे क्रिप्टोकरेंसी बाजार में एक साथ गिरावट का दौर शुरू हो गया। कीमतों के चार्ट पर एथेरियम के हालिया शानदार प्रदर्शन के बावजूद, अगर गहराई से देखा जाए तो इसकी बुनियाद काफी कमजोर नजर आती है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि प्रमुख ऑन-चेन आंकड़े यह साफ संकेत दे रहे हैं कि इस एसेट में आई हालिया तेजी अंदर से बेहद नाजुक है। यह कमजोरी इसके ऊपर जाने की रफ्तार और लंबी अवधि में टिके रहने की क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े करती है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक वित्तीय माहौल अनिश्चितता और जोखिम से बचने की मानसिकता में घिरा हुआ है।

## इसका आप पर असर
- **ट्रेडर्स के लिए:** GBP/USD के 1.34 के आसपास सीमित रहने की उम्मीद है, इसलिए बड़े ब्रेकआउट से पहले स्टॉप-लॉस का कड़ाई से पालन करें।
- **कमोडिटी निवेशकों के लिए:** मध्य पूर्व के तनाव के कारण सोना 4,000 डॉलर के ऊपर सुरक्षित विकल्प बना हुआ है, लेकिन ऊंची ब्याज दरें इसमें अस्थिरता ला सकती हैं।
- **क्रिप्टो निवेशकों के लिए:** बिटकॉइन और सोलाना के मुकाबले एथेरियम ने भले ही अच्छा प्रदर्शन किया हो, लेकिन बाजार का मौजूदा ट्रेंड काफी कमजोर है, इसलिए निवेश में सावधानी बरतें।

## सवाल-जवाब

### 1. GBP/USD की मौजूदा कीमत और ट्रेडिंग दायरा क्या है?
GBP/USD फिलहाल 1.34 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है। इसके 1.3420 और 1.3475 के एक सीमित संकरे बैंड के बीच झूलते रहने की उम्मीद है।

### 2. पाउंड में अचानक गिरावट की मुख्य वजह क्या है?
अमेरिका-ईरान संघर्ष से जुड़ी भू-राजनीतिक चिंताओं के कारण निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के लिए अमेरिकी डॉलर का रुख किया है, जिससे पाउंड पर दबाव पड़ा है।

### 3. EUR/USD की जोड़ी लगातार क्यों गिर रही है?
मध्य पूर्व संकट की अनिश्चितता और डॉलर की बढ़ती ताकत के कारण यूरो लगातार तीसरे दिन दबाव में है और 1.1400 के करीब पहुंच गया है।

### 4. क्या मौजूदा हालात में सोना खरीदना सुरक्षित है?
सोना 4,000 डॉलर के ऊपर बना हुआ है, जिसे सैन्य तनाव से सपोर्ट मिल रहा है। हालांकि, अमेरिका में ऊंची ब्याज दरों की संभावना इस पर दबाव बना सकती है।

### 5. क्रिप्टो बाजार में एथेरियम का प्रदर्शन कैसा रहा है?
एथेरियम ने हाल ही में बिटकॉइन और सोलाना को पछाड़ते हुए दोहरे अंकों का मुनाफा दिया था, लेकिन व्यापक बाजार की गिरावट के बाद इसकी यह तेजी कमजोर दिख रही है।

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