ब्रिटिश पाउंड में मजबूती: 100-दिन SMA के ऊपर GBP/USD 1.3600 का स्तर पार कर तेज बढ़त की ओर अमेरिकी श्रम और मुद्रास्फीति आंकड़ों में नरमी के कारण डॉलर पर दबाव देखा जा रहा है, जिससे GBP/USD की जोड़ी 1.3600 के महत्वपूर्ण स्तर के ऊपर बनी हुई है और 100-दिवसीय तकनीकी औसत से समर्थन प्राप्त कर रही है। अंतरराष्ट्रीय विदेशी मुद्रा बाजार के शुरुआती यूरोपीय सत्र में ब्रिटिश पाउंड बनाम अमेरिकी डॉलर (GBP/USD) की विनिमय दर 1.3610 के आसपास मजबूत स्थिति में कारोबार करती दिखी। मुद्रा जोड़े ने 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) के ऊपर अपनी सकारात्मक प्रवृत्ति बनाए रखी है, जिससे तकनीकी रूप से तेजी का रुझान स्पष्ट रूप से झलकता है। अमेरिका से आए कमजोर रोजगार आंकड़ों और घटती महंगाई दर के कारण केंद्रीय बैंक द्वारा सख्त मौद्रिक नीति जारी रखने की संभावना कम हुई है, जिसके चलते अमेरिकी डॉलर पर लगातार बिकवाली का दबाव बना हुआ है। अमेरिकी मौद्रिक नीति और फेडरल रिजर्व का रुख सीएमई फेडवॉच टूल के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना घटकर 32.7 प्रतिशत रह गई है, जो एक महीने पहले 47 प्रतिशत के स्तर पर थी। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में रोजगार के कमजोर आंकड़ों और उपभोक्ता कीमतों की कम वृद्धि दर ने निवेशकों की उस धारणा को बदल दिया है, जिसमें माना जा रहा था कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरें ऊंची रखेगा। फेडरल रिजर्व की जुलाई बैठक के आधिकारिक विवरण से जानकारी मिली थी कि कई नीति निर्माता दर वृद्धि के पक्ष में थे यदि महंगाई दर में अपेक्षित गिरावट नहीं आती। पिछली बैठक में फेड ने फेडरल फंड्स रेट को 3.5 प्रतिशत से 3.75 प्रतिशत के दायरे में बनाए रखने का फैसला किया था, जिसमें कुछ असंतुष्ट सदस्यों ने मुद्रास्फीति को लक्ष्य तक वापस लाने के लिए त्वरित कार्रवाई करने का तर्क दिया था। ब्रिटेन की आर्थिक स्थिति और बैंक ऑफ इंग्लैंड यूनाइटेड किंगडम के हालिया उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़े बिना किसी नकारात्मक आश्चर्य के सामने आए हैं, जिससे बैंक ऑफ इंग्लैंड को राहत मिलने के आसार हैं। इसके अतिरिक्त, श्रम बाजार के आंकड़ों ने भी यह संकेत दिया है कि निजी क्षेत्र की कुल मजदूरी वृद्धि में नरमी दर्ज की गई है। वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि निजी क्षेत्र की बोनस रहित वेतन वृद्धि 2.9 प्रतिशत से घटकर 2.8 प्रतिशत पर आ गई है, जबकि PAYE रोजगार में 13,000 नौकरियों की कमी देखी गई है। श्रम मांग में आई इस कमी और वेतन दबावों में मंदी के कारण यूके के श्रम बाजार से उत्पन्न होने वाले मुद्रास्फीति जोखिम कम होते दिख रहे हैं। इससे बैंक ऑफ इंग्लैंड को अपनी ब्याज दर नीतियों को संतुलित रखने का अवसर मिलेगा, भले ही वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं का प्रभाव बना रहे। तकनीकी विश्लेषण: समर्थन और प्रतिरोध के मुख्य स्तर दैनिक चार्ट पर GBP/USD का दृष्टिकोण तकनीकी रूप से काफी मजबूत बना हुआ है। यह मुद्रा जोड़ी 20-अवधि के बोलिंगर मध्य बैंड और 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) दोनों के ऊपर लगातार टिकी हुई है। वर्तमान में स्पॉट मूल्य बोलिंगर बैंड के ऊपरी हिस्से में दबाव बना रहा है, जहां 1.3645 का स्तर तत्काल ऊपरी बाधा का काम कर रहा है। सापेक्ष शक्ति सूचकांक (RSI) 68.7 के स्तर पर पहुंच चुका है, जो ओवरबॉट क्षेत्र के करीब है। यह इस बात का संकेत है कि तेजी की गति अत्यधिक मजबूत है लेकिन कुछ हद तक खिंची हुई भी प्रतीत हो रही है। यदि नीचे की ओर गिरावट आती है, तो 18 अगस्त का निचला स्तर 1.3519 प्राथमिक समर्थन रेखा होगा। इसके बाद 1.3465 के पास बोलिंगर मध्य बैंड और 1.3425 पर स्थित 100-दिवसीय SMA एक मजबूत मांग क्षेत्र का निर्माण करते हैं, जबकि गहरा समर्थन 1.3290 पर निचले बोलिंगर बैंड के पास स्थित है। ऊपरी स्तरों की बात करें तो 1.3645 के स्तर को पार करने के बाद यह जोड़ी आसानी से 1.3700 के मनोवैज्ञानिक स्तर की ओर बढ़ सकती है। इसके बाद अगला प्रमुख लक्ष्य 27 जनवरी को दर्ज किया गया 1.3869 का उच्च स्तर होगा। पाउंड स्टर्लिंग का ऐतिहासिक महत्व और वैश्विक बाजार में स्थिति ब्रिटिश पाउंड स्टर्लिंग दुनिया की सबसे पुरानी चालू मुद्रा है, जिसका इतिहास वर्ष 886 ईस्वी से चला आ रहा है। यह यूनाइटेड किंगडम की आधिकारिक मुद्रा है और वैश्विक विदेशी मुद्रा व्यापार में 12 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ चौथी सबसे अधिक कारोबार की जाने वाली मुद्रा है। 2022 के आंकड़ों के मुताबिक, इसका दैनिक औसत विनिमय कारोबार 630 अरब डॉलर का है। विदेशी मुद्रा बाजार में पाउंड स्टर्लिंग की सबसे प्रमुख जोड़ियों में GBP/USD शामिल है, जिसे 'केबल' कहा जाता है और यह कुल एफएक्स व्यापार का 11 प्रतिशत हिस्सा बनाती है। इसके अलावा GBP/JPY ('ड्रैगन' के नाम से प्रसिद्ध, 3 प्रतिशत) और EUR/GBP (2 प्रतिशत) भी महत्वपूर्ण जोड़ियां हैं। पाउंड का निर्गमन बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा किया जाता है। आर्थिक संकेतक और मुद्रा का मूल्य निर्धारण पाउंड स्टर्लिंग के मूल्य को प्रभावित करने वाला सबसे महत्वपूर्ण कारक बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति है। केंद्रीय बैंक का मुख्य उद्देश्य 2 प्रतिशत के आसपास मुद्रास्फीति दर के साथ मूल्य स्थिरता बनाए रखना है। जब महंगाई दर अत्यधिक बढ़ जाती है, तो बैंक ऑफ इंग्लैंड ब्याज दरों में वृद्धि करके ऋण को महंगा बनाता है, जिससे ब्रिटेन में विदेशी निवेश बढ़ता है और पाउंड मजबूत होता है। इसके विपरीत, जब आर्थिक वृद्धि धीमी होती है, तो दरों में कटौती की जाती है। इसके अलावा, सकल घरेलू उत्पाद (GDP), विनिर्माण एवं सेवा PMI और व्यापार संतुलन (Trade Balance) जैसे आंकड़े भी पाउंड की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। जब यूके के निर्यात की वैश्विक मांग बढ़ती है, तो सकारात्मक व्यापार संतुलन मुद्रा को अतिरिक्त मजबूती प्रदान करता है। इसका आप पर असर भारत में निवेशकों के लिए: मजबूत ब्रिटिश पाउंड और डॉलर पर दबाव से वैश्विक फॉरेक्स मार्केट में रुपये की विनिमय दर और आयात-निर्यात लागत प्रभावित हो सकती है। अंतरराष्ट्रीय यात्रियों और छात्रों के लिए: पाउंड के मजबूत होने से यूके में पढ़ाई या यात्रा करने वाले भारतीय नागरिकों का खर्च बढ़ सकता है। सवाल-जवाब 1. GBP/USD में तेजी की मुख्य वजह क्या है? अमेरिका में कमजोर रोजगार आंकड़ों और घटती महंगाई दर के कारण फेडरल रिजर्व द्वारा दर वृद्धि की संभावना घटी है, जिससे डॉलर कमजोर हुआ और पाउंड 1.3600 के पार पहुंच गया। 2. तकनीकी रूप से GBP/USD का अगला प्रतिरोध स्तर क्या है? GBP/USD के लिए तत्काल ऊपरी प्रतिरोध 1.3645 पर स्थित है। इसे पार करने पर अगला लक्ष्य 1.3700 और 1.3869 हो सकता है। 3. पाउंड स्टर्लिंग का प्राथमिक समर्थन स्तर कहां है? प्राथमिक समर्थन 18 अगस्त के निचले स्तर 1.3519 पर है, जिसके बाद 1.3465 और 1.3425 पर मजबूत तकनीकी समर्थन मौजूद है। 4. फॉरेक्स बाजार में 'केबल' किसे कहा जाता है? विदेशी मुद्रा बाजार में ब्रिटिश पाउंड और अमेरिकी डॉलर की विनिमय जोड़ी (GBP/USD) को पारंपरिक रूप से 'केबल' कहा जाता है। https://trendkia.com/market/gbp-usd-price-forecast-strengthens-above-1-3600-as-bullish-trend-holds-above-100-day-sma-18768 TrendKia — Har trend, sabse pehle.