जीडीपी आंकड़ों और अमेरिकी आर्थिक संकेतकों से पहले 0.7160 के पास मजबूती से टिका ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.7160 से 0.7164 के दायरे में कारोबार कर रहा है। ऑस्ट्रेलिया के आगामी जीडीपी आंकड़ों और अमेरिका के प्रमुख आर्थिक संकेतकों से पहले बाजार सहभागी सतर्क बने हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय विदेशी मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD) अमेरिकी डॉलर (USD) के मुकाबले 0.7160 से 0.7164 के स्तर के आसपास मामूली दबाव के साथ कारोबार करता देखा गया। यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान मुद्रा जोड़े में यह सीमित गिरावट ऐसे समय में दर्ज की गई है जब अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में उछाल और मध्य पूर्व में तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि से अमेरिकी डॉलर को बल मिला है। इसके बावजूद, तकनीकी संकेतकों और अल्पकालिक मूविंग एवरेज से मिल रहे मजबूत समर्थन के कारण ऑस्ट्रेलियाई डॉलर व्यापक तेजी के रुझान को बनाए रखने में सक्षम नजर आ रहा है। ऑस्ट्रेलियाई जीडीपी आंकड़े और केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति बाजार प्रतिभागियों का ध्यान अब ऑस्ट्रेलिया के दूसरी तिमाही (Q2) के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के आंकड़ों पर केंद्रित है, जिन्हें ऑस्ट्रेलियाई सांख्यिकी ब्यूरो (ABS) द्वारा जारी किया जाना तय है। यह राष्ट्रीय आर्थिक संकेतक हर तिमाही की समाप्ति के लगभग 65 दिनों बाद प्रकाशित किया जाता है और देश के समग्र आर्थिक स्वास्थ्य की स्पष्ट तस्वीर पेश करता है। मजबूत श्रम बाजार, बढ़ती मजदूरी और निजी पूंजीगत व्यय के आंकड़े अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जो अंततः रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) के ब्याज दरों पर निर्णय को प्रभावित करते हैं। आईएनजी की एशिया-पैसिफिक रिसर्च टीम के विश्लेषकों का अनुमान है कि दूसरी तिमाही में ऑस्ट्रेलिया की वार्षिक जीडीपी वृद्धि दर धीमी होकर 1.8% रह सकती है। विश्लेषकों का मानना है कि आवास क्षेत्र में जारी सुस्ती, गिरती मकानों की कीमतें और आवासीय निवेश में आई कमी इस मंदी के मुख्य कारण हैं। हालांकि, जुलाई महीने में उम्मीद से अधिक आए मुद्रास्फीति आंकड़ों के बाद वित्तीय बाजारों में इस बात की संभावनाएं बढ़ गई हैं कि रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया इस वर्ष नीतिगत दरों में एक और वृद्धि कर सकता है। इसके विपरीत, आईएनजी का शोध समूह फिलहाल यह मानकर चल रहा है कि केंद्रीय बैंक निकट भविष्य में अपनी दरों को यथावत रख सकता है। अमेरिकी आर्थिक आंकड़े, ट्रेजरी यील्ड और डॉलर इंडेक्स की स्थिति दूसरी तरफ, अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़े कई बड़े आंकड़े जारी होने वाले हैं। वैश्विक निवेशक अमेरिका के आईएसएम मैनुफैक्चरिंग पीएमआई और जेओएलटीएस (JOLTS) जॉब ओपनिंग्स के आंकड़ों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इन आंकड़ों से अमेरिकी श्रम बाजार और विनिर्माण क्षेत्र की वास्तविक स्थिति का पता चलेगा, जो फेडरल रिजर्व की भविष्य की मौद्रिक नीति को दिशा दे सकते हैं। इन्हीं उम्मीदों के बीच, अमेरिकी डॉलर सूचकांक (DXY), जो छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं की तुलना में ग्रीनबैक के मूल्य को मापता है, थोड़ा बढ़कर 99.50 के आसपास पहुंच गया। इसके साथ ही, अमेरिका की 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 19 महीने के नए उच्च स्तर 4.78% को छू गई, जो कि 4.81% के बहु-वर्षीय शिखर के बेहद करीब है। अमेरिका में बॉन्ड यील्ड का बढ़ना और फेडरल रिजर्व अधिकारियों के सख्त रुख के संकेत डॉलर की मजबूती को लगातार बढ़ावा दे रहे हैं। तकनीकी विश्लेषण और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के प्रमुख स्तर तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो AUD/USD जोड़ी के लिए तात्कालिक सपोर्ट 20-दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) पर 0.7118 (और हालिया आंकड़ों में 0.7114) के आसपास बना हुआ है। किसी भी संभावित बिकवाली या गिरावट की स्थिति में यह स्तर पहली रक्षा पंक्ति के रूप में कार्य करता है। जब तक यह सपोर्ट स्तर बरकरार रहता है, तब तक तेजी का ढांचा कायम रहने की संभावना है। ऊपर की ओर, यदि जोड़ी अपनी बढ़त का विस्तार करती है, तो इसका अगला प्रमुख लक्ष्य 0.7278 का चार साल का उच्चतम स्तर होगा। अन्य तकनीकी संकेतकों की बात करें तो 14-अवधि का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 62 के स्तर पर है, जो अत्यधिक खरीदारी के बिना मजबूत सकारात्मक गति को दर्शाता है। मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) भी सकारात्मक बना हुआ है। इसके अलावा, 50-दिवसीय EMA (0.7068) का 200-दिवसीय EMA (0.6920) से ऊपर होना दीर्घकालिक अपट्रेंड (गोल्डन क्रॉस) की पुष्टि करता है। अल्पकालिक कारोबारियों के लिए दैनिक पिवट प्वाइंट 0.7168 के पास है, जिसमें R1 रेजिस्टेंस 0.7175 और S1 सपोर्ट 0.7153 पर स्थित है। वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार और कमोडिटी रुझान व्यापक मुद्रा बाजार में केवल ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ही नहीं, बल्कि अन्य प्रमुख जोड़ियां भी अमेरिकी डॉलर की मजबूती का सामना कर रही हैं। यूरोपीय सत्र में GBP/USD जोड़ी 1.3550 के स्तर से नीचे मामूली गिरावट के साथ कारोबार करती दिखी। इसी तरह, EUR/USD जोड़ी भी रातों-रात की बढ़त को भुनाने में नाकाम रही और 1.1600 के करीब संघर्ष करती नजर आई। यूरोपीय मुद्रा के व्यापारी अब यूरोजोन के सामंजस्यपूर्ण उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (HICP) के प्रारंभिक आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। कीमती धातुओं के बाजार में, सोना $4,430 प्रति औंस के दायरे में मामूली intraday नुकसान के साथ कारोबार कर रहा है। फेडरल रिजर्व के पूर्व गवर्नर केविन वॉश के बयानों ने बाजार में ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखने की उम्मीदों को बढ़ावा दिया है, जिससे बिना ब्याज वाली पीली धातु पर दबाव बना हुआ है। ऊर्जा बाजार में, मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष के कारण कच्चा तेल पुनः $90 प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है। अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड (WTI कच्चे तेल पर डीजल वायदा का प्रीमियम) हाल ही में पहली बार $100 प्रति बैरल को पार कर रिकॉर्ड $102.00 तक पहुंच गया, जो वैश्विक ऊर्जा बाजार में बनी अनिश्चितता को रेखांकित करता है। क्रिप्टोकरेंसी बाजार में लगातार बनी कमजोरी पारंपरिक वित्तीय बाजारों के साथ-साथ डिजिटल एसेट बाजार में भी सुस्ती का माहौल है। पिछले सप्ताह में दोहरे अंकों की भारी गिरावट दर्ज करने के बाद एक्सआरपी (XRP), कार्डानो (ADA) और डॉजकॉइन (DOGE) जैसे प्रमुख क्रिप्टो टोकन में कमजोरी बनी हुई है। ये संपत्तियां वर्तमान में अपने महत्वपूर्ण एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज पर तत्काल सपोर्ट का परीक्षण कर रही हैं। तकनीकी परिदृश्य यह चेतावनी देता है कि यदि तेजी का रुझान और कमजोर होता है, तो इन क्रिप्टोकरेंसी की कीमतों में और गिरावट देखने को मिल सकती है। इसका आप पर असर यह खबर निवेशकों और मुद्रा व्यापारियों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है: अंतरराष्ट्रीय फॉरेक्स बाजार में होने वाले ये बदलाव वैश्विक अर्थव्यवस्था, जिंस दरों और विनिमय दरों को सीधे प्रभावित करते हैं। • भारत में: अमेरिकी डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी से भारतीय रुपये पर दबाव बढ़ सकता है। इसके अलावा, वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें $90 प्रति बैरल के पास पहुंचने से भारत का आयात बिल और घरेलू ईंधन मुद्रास्फीति प्रभावित हो सकती है। • वैश्विक निवेशकों के लिए: मुद्रा बाजार में 0.7118 के 20-दिन EMA पर मजबूत सपोर्ट देखा जा रहा है। व्यापारी आगामी आर्थिक आंकड़ों के जारी होने तक सतर्क रुख अपना सकते हैं। • आयात-निर्यात कारोबारियों के लिए: वैश्विक विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव से निर्यातकों और आयातकों के लाभ मार्जिन पर सीधा असर पड़ सकता है। • कमोडिटी मार्केट के लिए: सोने की कीमतें $4,430 के स्तर पर दबाव में हैं, जबकि डीजल क्रैक स्प्रेड $102 तक पहुंचने से वैश्विक परिवहन लागत बढ़ सकती है। सवाल-जवाब 1. AUD/USD जोड़ी वर्तमान में किस स्तर पर कारोबार कर रही है? AUD/USD जोड़ी 0.7160 से 0.7164 के दायरे के आसपास कारोबार कर रही है। 2. ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के लिए तात्कालिक सपोर्ट स्तर क्या है? तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, 20-दिन का EMA 0.7118 (और हालिया आंकड़ों में 0.7114) के आसपास पहला प्रमुख सपोर्ट स्तर है। 3. ऑस्ट्रेलिया की जीडीपी वृद्धि दर का क्या अनुमान लगाया गया है? आईएनजी के विश्लेषकों का अनुमान है कि दूसरी तिमाही (Q2) में ऑस्ट्रेलिया की वार्षिक जीडीपी वृद्धि दर धीमी होकर 1.8% रहेगी। 4. अमेरिकी डॉलर सूचकांक (DXY) और 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड का क्या स्तर है? अमेरिकी डॉलर सूचकांक 99.50 के पास कारोबार कर रहा है, जबकि 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 19 महीने के उच्च स्तर 4.78% पर पहुंच गई है। https://trendkia.com/market/gdp-ankaron-aura-ameriki-arthika-snketakon-se-pahale-0-7160-ke-pasa-majabuti-se-tika-australian-dollar-25646 TrendKia — Har trend, sabse pehle.