GE Shipping: सस्ते वैल्यूएशन और मोटे डिविडेंड वाला वो शिपिंग शेयर, जिसने 5 साल में दौलत ढाई गुना की और अब FPI भी टूट पड़े द ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग कंपनी का शेयर पांच साल में 250% से ज्यादा चढ़ा है, फिर भी 7x से कम PE पर मिल रहा है और कंपनी लगातार डिविडेंड बांट रही है — यही वजह है कि बिकवाली के माहौल में भी विदेशी निवेशक इसमें खरीदारी कर रहे हैं। बाजार में पैसा लगाने वाले सूझबूझ भरे निवेशक हमेशा ऐसी कंपनी की तलाश में रहते हैं जिसका बहीखाता दमदार हो, भाव जेब पर भारी न पड़े और रिटर्न देने का इतिहास भरोसेमंद हो। इन तीनों कसौटियों पर खरा उतरने वाला एक नाम इन दिनों चर्चा में है — द ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग कंपनी लिमिटेड, जिसे बाजार GE Shipping के नाम से जानता है। बीते पांच साल में इस शेयर ने निवेशकों की रकम 250% से ज्यादा बढ़ा दी है, यानी ढाई गुना से भी ऊपर। हाल के एक कारोबारी सत्र में ही यह मल्टीबैगर 3.5% उछल गया था। क्या करती है यह कंपनी GE Shipping भारत के प्राइवेट सेक्टर की सबसे बड़ी शिपिंग कंपनी है। इसका कारोबार मुख्य रूप से दो हिस्सों में बंटा है — टैंकर और ड्राई बल्क कैरियर। फिलहाल कंपनी के बेड़े में कुल 40 आधुनिक जहाज हैं, जिनमें 26 टैंकर और 14 ड्राई बल्क कैरियर शामिल हैं। इतना ही नहीं, अपनी सहायक कंपनी Greatship India Private Limited (GIL) के जरिए यह समंदर के भीतर के ऊंचे-मुनाफे वाले कारोबार में भी मजबूती से जमी हुई है — ऑफशोर एनर्जी एक्सप्लोरेशन, लॉजिस्टिक्स सपोर्ट, ऑफशोर कंस्ट्रक्शन और समुद्र में तेल की ड्रिलिंग जैसी ऑफशोर ऑयलफील्ड सेवाएं इसी इकाई के तहत आती हैं। भाव अब भी सस्ता दिलचस्प बात यह है कि इतनी तगड़ी तेजी के बावजूद यह शेयर महंगा नहीं हुआ है। पांच साल की रैली के बाद भी यह महज 6.87x के PE मल्टीपल पर मिल रहा है, जो इसके अपने पिछले पांच साल के ऐतिहासिक औसत से भी नीचे है। तुलना करें तो पूरी शिपिंग इंडस्ट्री का औसत PE करीब 11.5x बैठता है, जबकि यह शेयर 7x से भी कम के स्तर पर ट्रेड कर रहा है — यानी सेक्टर के मुकाबले काफी सस्ता। हर तिमाही नकद इनाम यह कंपनी सिर्फ भाव बढ़ने से कमाई नहीं कराती, बल्कि अपने शेयरधारकों को बार-बार नकद रिटर्न देने के लिए भी पहचानी जाती है। साल 2001 से लेकर अब तक कंपनी 59 बार डिविडेंड बांट चुकी है। हाल में इसने ₹11.70 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है, और यह लगातार 17वीं तिमाही है जब निवेशकों को डिविडेंड मिल रहा है। शेयर का डिविडेंड यील्ड इस समय 2.48% है, जो कंपनी की मजबूत कैश-फ्लो स्थिति की गवाही देता है। बिकवाली के बीच विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी एक ओर भारतीय बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI/FII) धड़ाधड़ बिकवाली कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इस शेयर को खरीदने में उनके बीच होड़ दिख रही है। दिसंबर 2025 तिमाही में कंपनी में FII की हिस्सेदारी 25.70% थी, जो मार्च 2026 तिमाही तक बढ़कर 28.44% पर पहुंच गई। यह जून 2023 के बाद इस शेयर में विदेशी संस्थागत निवेशकों की सबसे बड़ी होल्डिंग है। कमाई में रिकॉर्ड वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में GE Shipping ने अपने पुराने सारे रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए। FY26 की चौथी तिमाही में कंपनी ने ₹855 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट कमाया, जबकि पूरे वित्त वर्ष 2026 में उसका कुल शुद्ध मुनाफा ₹2,356 करोड़ रहा। साथ ही कंपनी लगातार अपना कर्ज भी घटाती जा रही है। इसका आप पर असर निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है: • अगर आप शेयरों में पैसा लगाते हैं, तो GE Shipping ऐसा उदाहरण है जहां 250% से ज्यादा चढ़ने के बाद भी PE 7x से नीचे है और 2.48% डिविडेंड यील्ड मिल रही है — यानी ग्रोथ के साथ नियमित नकद रिटर्न। • विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी 25.70% से बढ़कर 28.44% होना संकेत है कि बड़े संस्थागत खिलाड़ी इस शेयर पर भरोसा जता रहे हैं, पर निवेश से पहले अपने जोखिम और सलाहकार की राय जरूर जांचें। https://trendkia.com/market/ge-shipping-saste-vailyueshana-aura-mote-dividenda-vala-vo-shipinga-sheyara-jisa-906 TrendKia — Har trend, sabse pehle.