जर्मन चुनाव में मैर्ज़ की शिकस्त से यूरो पस्त, पाउंड के मुकाबले सीमित दायरे में कारोबार जर्मनी के प्रांतीय चुनावों में चांसलर मैर्ज़ की पार्टी की ऐतिहासिक हार के बाद राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ गई है, जिससे ब्रिटिश पाउंड के मुकाबले यूरो में सुस्ती देखी जा रही है। वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में सप्ताह की शुरुआत शांत रुख के साथ हुई है, जहाँ ब्रिटिश पाउंड के मुकाबले यूरो अपने पुराने घाटे को समेटते हुए 0.8570 के स्तर के ठीक ऊपर सपाट कारोबार करता नजर आया। यूरोपीय सत्र की शुरुआत में कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी से जो राहत मिल सकती थी, उस पर जर्मनी के प्रांतीय चुनावों से पैदा हुई राजनीतिक उथल-पुथल ने पूरी तरह पानी फेर दिया है। उधर जापानी वित्तीय बाजारों में बैंक अवकाश होने के कारण एशियाई कारोबारी घंटों के दौरान ट्रेडिंग वॉल्यूम अपेक्षाकृत सुस्त बना रहा, जिससे प्रमुख करेंसी जोड़ों में सीमित दायरे की हलचल दर्ज की गई। जर्मन प्रांतीय चुनाव में मैर्ज़ की ऐतिहासिक शिकस्त और राजनीतिक संकट जर्मनी के चांसलर मैर्ज़ ने रविवार को स्वीकार किया कि राज्य चुनावों के परिणाम एक आपदा साबित हुए हैं। उनकी केंद्र-दक्षिणपंथी सीडीयू पार्टी को साल 1949 के बाद की अपनी सबसे करारी चुनावी हार का सामना करना पड़ा है। इस चुनाव में धुर दक्षिणपंथी अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी यानी एएफडी ने भारी बढ़त दर्ज करते हुए ऐतिहासिक जीत हासिल की है। हालांकि चांसलर मैर्ज़ ने स्पष्ट किया है कि वे पद पर बने रहेंगे और जारी आर्थिक सुधारों को पूरा करेंगे, लेकिन यूरोसंशयवादी और क्रेमलिन समर्थक मानी जाने वाली एएफडी के मजबूत उभार ने वित्तीय निवेशकों और नीति निर्धारकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। सबसे बड़ी यूरोपीय अर्थव्यवस्था में सियासी अनिश्चितता गहराने से साझा मुद्रा यूरो पर लगातार दबाव बना हुआ है। विदेशी मुद्रा विनिमय तालिका और यूरो का तकनीकी ढांचा सोमवार के कारोबारी सत्र में ईयूआर/जीबीपी जोड़ी में रिकवरी के प्रयासों को 0.8580 के आसपास कड़ा प्रतिरोध झेलना पड़ रहा है। इस करेंसी जोड़ी के लिए सबसे महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस स्तर 0.8600 का क्षेत्र बना हुआ है, जिसने 3 सितंबर और 17 सितंबर को भी तेजी के प्रयासों को रोक दिया था। निचले स्तरों की बात करें तो तुरंत समर्थन 0.8572 पर मौजूद है। यदि गिरावट बढ़ती है, तो हालिया कारोबारी दायरे का निचला सिरा पिछले हफ्ते के निचले स्तर 0.8555 और अगस्त के अंत में दर्ज 0.8546 के न्यूनतम स्तर के बीच स्थित है। प्रमुख विदेशी मुद्राओं के मुकाबले आज यूरो के उतार-चढ़ाव की स्थिति देखें तो यह कैनेडियन डॉलर के मुकाबले सबसे मजबूत प्रदर्शन करता नजर आया है। एशियाई सत्र में डॉलर, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और चीन का रुख एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान एयूडी/यूएसडी जोड़ी 0.7100 के स्तर से ऊपर स्थिर बनी रही। इस दौरान अमेरिकी डॉलर ने जुलाई के अंत के बाद से अपने उच्चतम स्तर से शुरू हुई मामूली गिरावट को थाम लिया, जिसे लगातार जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं से सहारा मिला। उधर पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना यानी पीबीओसी द्वारा अपनी लोन प्राइम दरों में कोई बदलाव न करने और यथास्थिति बनाए रखने के फैसले ने भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर कुछ दबाव बनाया। हालांकि ट्रंप और शी के बीच होने वाले आगामी शिखर सम्मेलन से पहले रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया यानी आरबीए द्वारा ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी किए जाने के बढ़ते दांव ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को मजबूती प्रदान कर रहे हैं। बैंक ऑफ जापान की सख्ती, दर वृद्धि और येन का मिजाज दूसरी ओर यूएसडी/जेपीवाई एशियाई सत्र में 157.00 के स्तर से नीचे फिसलती दिखाई दी। शुक्रवार को बैंक ऑफ जापान यानी बीओजे द्वारा किए गए रेट चेक के बाद संभावित हस्तक्षेप के जोखिमों के बीच जापानी येन में आई मामूली मजबूती ने इस जोड़ी पर दबाव बनाया। जापान में सार्वजनिक अवकाश के दिन भी व्यापारी सतर्क नजर आए, खासकर तब जब रूस और यूक्रेन के बीच और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है। बीओजे ने हाल ही में अपने शॉर्ट-टर्म ब्याज दर लक्ष्य को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया है। यह कदम 7 के मुकाबले 2 मतों के बहुमत से पास हुआ, जिसने मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है और यह बाजार की हफ्तों पुरानी उम्मीदों के पूरी तरह अनुकूल रहा। इन सब कारणों से अमेरिकी डॉलर की गिरावट थम गई, जिससे करेंसी जोड़ी के नीचे गिरने की रफ्तार सीमित रही। सोने की चाल, रियल एस्टेट डेटा और सोलाना की छलांग कमोडिटी बाजार में सोने की शुरुआत कमजोर रही, जब शुक्रवार को यह 4,400 डॉलर के स्तर के करीब टिकने में नाकाम रहा था। वर्तमान में यह कीमती धातु 4,350 डॉलर के स्तर के पास कारोबार कर रही है, जहाँ निवेशक मध्य पूर्व के संकट और मुद्रास्फीति पर पड़ने वाले इसके असर को लेकर होने वाले घटनाक्रमों का इंतजार कर रहे हैं। इन परिस्थितियों का सीधा असर ब्याज दरों की भविष्य की उम्मीदों पर पड़ेगा, जो गैर-उपज वाले सर्राफा की दिशा तय करेंगी। इस बीच अमेरिकी घरेलू आंकड़ों के मोर्चे पर यह हफ्ता हल्का रहने वाला है, जहाँ गुरुवार को आने वाली नई होम सेल्स रिपोर्ट पर सभी की निगाहें टिकी हैं। ऐसी संभावना है कि जुलाई की तेज गिरावट के बाद अगस्त में बिक्री 2.6 प्रतिशत सुधरकर 623 हजार की रफ्तार पर पहुंच जाएगी। ऊंची मॉर्गेज दरें हालांकि सामर्थ्य और मांग पर असर डाल रही हैं, लेकिन बिल्डरों के प्रोत्साहन जारी रहे और महीने के दौरान स्थितियां अधिक नहीं बिगड़ीं। डिजिटल संपत्तियों में सोलाना यानी एसओएल पिछले हफ्ते लगभग 12 प्रतिशत उछलने के बाद 111.70 डॉलर से ऊपर कारोबार करता दिखा। सोलाना के टोकनाइज्ड इक्विटी इकोसिस्टम के नए मुकाम पर पहुंचने और मजबूत संस्थागत मांग से इसमें तेजी के संकेत बरकरार हैं। इसका आप पर असर इस रिपोर्ट का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय यात्रा, विदेशी मुद्रा निवेश और आयात-निर्यात से जुड़े लोगों पर पड़ेगा। • मुद्रा विनिमय दर: यदि आप यूरोप या ब्रिटेन की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो यूरो के सीमित दायरे में रहने से करेंसी एक्सचेंज दरों में अचानक कोई बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं होगा। आप 0.8570 से 0.8600 के दायरे पर नजर रखकर अनुकूल दरों पर मुद्रा खरीद सकते हैं। • सोना खरीदार: सोने के 4,400 डॉलर के स्तर से फिसलकर 4,350 डॉलर पर आने से घरेलू बाजारों में भी सोने की कीमतों में फौरी नरमी आ सकती है। आभूषण खरीदने की योजना बना रहे उपभोक्ता इस ठहराव का लाभ उठा सकते हैं। • क्रिप्टो निवेशक: सोलाना में 12 प्रतिशत की तेजी और संस्थागत मांग में बढ़ोतरी से ऑल्टकॉइन बाजार में तेजी का रुख मजबूत हुआ है। निवेशक 111.70 डॉलर के स्तर को समर्थन मानकर अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा कर सकते हैं। • वैश्विक व्यापार: कच्चे तेल की घटती कीमतों और स्थिर विनिमय दरों से आयातकों की लागत पर दबाव कम हो सकता है। यह स्थिति मुद्रास्फीति को नियंत्रित रखने में सहायक साबित होगी। ऐसा क्यों हुआ जर्मनी के प्रांतीय चुनाव परिणामों में सत्ताधारी गठबंधन की हार और केंद्रीय बैंकों के नीतिगत फैसलों ने वैश्विक मुद्रा बाजार में यूरो और अन्य परिसंपत्तियों की चाल तय की है। • जर्मनी में राजनीतिक झटका: चांसलर मैर्ज़ की सीडीयू पार्टी को 1949 के बाद सबसे बड़ी चुनावी हार मिली, जबकि धुर दक्षिणपंथी एएफडी ने भारी बढ़त हासिल की। इस सियासी बदलाव ने आर्थिक सुधारों के भविष्य और यूरोपीय संघ की स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। • कच्चे तेल और ऊर्जा की कीमतें: कच्चे तेल के दामों में गिरावट से यूरोपीय अर्थव्यवस्था को जो राहत मिल सकती थी, वह राजनीतिक अनिश्चितता के चलते बेअसर हो गई। निवेशक अब बुनियादी आर्थिक सुधारों के बजाय सियासी जोखिमों पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। • बैंक ऑफ जापान का सख्त कदम: बीओजे द्वारा ब्याज दरों को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% करने और रेट चेक करने से जापानी येन मजबूत हुआ। इसने डॉलर के मुकाबले येन की गिरावट को रोक दिया। • भू-राजनीतिक तनाव का साया: रूस-यूक्रेन संघर्ष और मध्य पूर्व में तनाव के चलते सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग बनी रही, जिससे अमेरिकी डॉलर की गिरावट सीमित रही। सवाल-जवाब 1. जर्मन चुनाव परिणामों पर चांसलर मैर्ज़ की क्या प्रतिक्रिया रही? चांसलर मैर्ज़ ने चुनावी नतीजों को एक आपदा करार दिया, लेकिन उन्होंने आर्थिक सुधारों को पूरा करने के लिए पद पर बने रहने की घोषणा की। 2. ईयूआर/जीबीपी जोड़ी के लिए कौन से प्रमुख तकनीकी स्तर महत्वपूर्ण हैं? इस जोड़ी के लिए तत्काल समर्थन 0.8572 और मजबूत रेजिस्टेंस 0.8600 के स्तर पर बना हुआ है, जबकि निचला दायरा 0.8555 से 0.8546 के बीच है। 3. बैंक ऑफ जापान ने अपनी ब्याज दरों में क्या बदलाव किया है? बैंक ऑफ जापान ने अपनी अल्पकालिक ब्याज दर को 7-2 के बहुमत से 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया है। 4. सोने की कीमतों में हालिया रुझान क्या रहा है? सोना 4,400 डॉलर के स्तर से फिसलकर 4,350 डॉलर के आसपास आ गया है, जहाँ निवेशक मध्य पूर्व घटनाक्रमों पर नजर बनाए हुए हैं। 5. सोलाना क्रिप्टोकरेंसी की ताजा स्थिति क्या है? सोलाना पिछले हफ्ते 12 प्रतिशत की तेजी दर्ज करने के बाद 111.70 डॉलर से ऊपर मजबूती के साथ कारोबार कर रहा है। 6. अमेरिकी आवास बाजार से इस हफ्ते क्या आंकड़े आने की उम्मीद है? गुरुवार को आने वाली रिपोर्ट में अगस्त की नई होम सेल्स 2.6 प्रतिशत बढ़कर 623 हजार रहने की उम्मीद जताई गई है। https://trendkia.com/market/german-chunava-men-merz-ki-shikasta-se-euro-pasta-pound-ke-mukabale-simita-dayare-men-karobara-35590 TrendKia — Har trend, sabse pehle.