जर्मन अर्थव्यवस्था में 0.35 प्रतिशत की अप्रत्याशित बढ़त, लेकिन कमरज़बैंक का अनुमान सुधार रहेगा सीमित जर्मनी की जीडीपी में लगातार तीन तिमाहियों से 0.35 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, लेकिन निजी निवेश में गिरावट और मध्य पूर्व के ऊर्जा संकट के कारण दीर्घकालिक रिकवरी सीमित रहने के आसार हैं। जर्मनी की अर्थव्यवस्था ने हाल की तिमाहियों में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन करते हुए आर्थिक विश्लेषकों को चौंकाया है। लगातार पिछली तीन तिमाहियों के दौरान जर्मन सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में प्रति तिमाही लगभग 0.35 प्रतिशत की दर से विस्तार दर्ज किया गया है। इस सकारात्मक वृद्धि का मुख्य श्रेय यूरोपीय संघ (EU) के सहयोगी देशों को होने वाले मजबूत निर्यात और विदेशी मांग में आई तेजी को जाता है। हालांकि, व्यावसायिक गतिविधियों में सुधार के संकेतों के बावजूद घरेलू स्तर पर निजी निवेश में कमी और संरचनात्मक अड़चनों के चलते यह आर्थिक सुधार बहुत तेज गति पकड़ने के बजाय सीमित रहने की ही संभावना है। यूरोपीय निर्यात से मिला सहारा, सरकारी निवेश में अब भी सुस्ती जर्मन आर्थिक चक्र में आए इस सकारात्मक मोड़ को मुख्य रूप से बाहरी मांग से समर्थन मिला है। यूरोपीय संघ के साझेदार देशों द्वारा जर्मन उत्पादों की खरीदारी बढ़ने से आर्थिक गतिविधियों में निरंतरता बनी रही। इसके विपरीत, विशेष फंड्स के प्रावधानों के बावजूद सरकारी निवेश में अभी तक कोई टिकाऊ या महत्वपूर्ण बढ़ोतरी नहीं देखी गई है। आंकड़ों में किए गए संशोधनों के तहत दूसरी तिमाही के प्रदर्शन को पूर्व अनुमानों से बेहतर पाया गया है, जबकि तीसरी तिमाही के आंकड़े भी पहले की तुलना में कम कमजोर रहने की उम्मीद जताई जा रही है। इन सुधरे हुए आंकड़ों के आधार पर चालू वर्ष के लिए जर्मनी की 1 प्रतिशत की समग्र वृद्धि दर के पूर्वानुमान में कुछ सकारात्मक जोखिम या बढ़त की संभावना दिखाई देती है। कमरज़बैंक के वरिष्ठ अर्थशास्त्री डॉ. राल्फ सोल्वीन और उनके सहयोगियों के अनुसार, अर्ली बर्ड इंडिकेटर और हालिया व्यावसायिक रुझान दर्शाते हैं कि आर्थिक स्थितियां फिलहाल औसत स्तर से ऊपर बनी हुई हैं, जिससे चालू वर्ष की बची हुई तिमाहियों और अगले वर्ष भी सुधार की प्रक्रिया जारी रहने की उम्मीद जगी है। निजी निवेश में गिरावट और मध्य पूर्व का ऊर्जा संकट आर्थिक संकेतकों में सुधार के बावजूद अभी तक किसी आत्मनिर्भर या स्वतःस्फूर्त रिकवरी के ठोस लक्षण नजर नहीं आ रहे हैं। किसी भी अर्थव्यवस्था में टिकाऊ आर्थिक विस्तार के लिए निजी क्षेत्र के पूंजीगत निवेश का बढ़ना अनिवार्य माना जाता है, लेकिन जर्मनी में दूसरी तिमाही के दौरान निजी निवेश में एक बार फिर गिरावट दर्ज की गई है। इस वजह से आने वाली तिमाहियों में आर्थिक विकास की गति अचानक तेज होने के बजाय सामान्य या सीमित ही बनी रहेगी। इसके अतिरिक्त, अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर मध्य पूर्व में जारी सैन्य और राजनीतिक संघर्ष के कारण ऊर्जा कीमतों में अनिश्चितता का खतरा मंडरा रहा है। यदि मध्य पूर्व में तनाव बढ़ता है और कच्चे तेल व ईंधन की लागत में उछाल आता है, तो इससे जर्मन उद्योग जगत पर लागत का दबाव बढ़ेगा और आर्थिक सुधार की यह गति प्रभावित हो सकती है। फेडरल रिजर्व के रुख से मुद्रा बाजार में उथल-पुथल वैश्विक वित्तीय बाजारों में भी जर्मनी के सुस्त आर्थिक परिदृश्य और अमेरिका की मौद्रिक नीति का असर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉरश द्वारा जैक्सन होल सिम्पोजियम में दिए गए सख्त भाषण के बाद अमेरिकी डॉलर में आई मजबूती से विदेशी मुद्रा बाजार प्रभावित हुआ है। 27 अगस्त से 29 अगस्त तक आयोजित इस सिम्पोजियम की थीम 'वित्तीय नवाचार: भुगतान और नीति के निहितार्थ' रखी गई थी, जहां नीतिगत दरों और मुद्रास्फीति पर दिए गए बयानों ने निवेशकों को सतर्क कर दिया। इसके अलावा, अमेरिका के गैर-कृषि पेरोल (NFP) के वार्षिक संशोधन में -79K (79,000 की कमी) दर्ज की गई। इस घटनाक्रम के परिणामस्वरूप GBP/USD जोड़ी में साप्ताहिक गिरावट जारी रही और यह शुक्रवार को 1.3500 के मध्य स्तर पर आ गई। इसी तरह, EUR/USD में बिकवाली का दबाव तेज हो गया, जिससे यूरो फिसलकर 1.1600 के निचले स्तर के करीब पहुंच गया। अमेरिकी डॉलर की विनिमय दर में सुधार ने प्रमुख वैश्विक मुद्राओं पर दबाव बढ़ा दिया है। कीमती धातुओं और क्रिप्टो एसेट्स पर बना दबाव कमोडिटी और डिजिटल एसेट्स के बाजारों में भी जैक्सन होल के बयानों और अमेरिकी रोजगार आंकड़ों के संशोधनों का मिलाजुला प्रभाव देखा गया। सोना प्रति ट्रॉय औंस $4,600 के महत्वपूर्ण स्तर के आसपास अनिश्चित स्थिति में कारोबार करता नजर आया। निवेशक फेडरल रिजर्व के भावी कदमों और आर्थिक आंकड़ों को लेकर सतर्क रुख अपना रहे हैं। डिजिटल परिसंपत्तियों के बाजार में बिटकॉइन एक बार फिर $80,000 के स्तर से नीचे आ गया। बिटकॉइन ने हाल के दिनों में $81,000 से $82,000 के बीच मौजूद कड़े रेजिस्टेंस स्तर को तोड़ने की दो बार कोशिश की, लेकिन असफल रहने के बाद इसमें गिरावट देखी गई। इसी रुख का अनुसरण करते हुए इथेरियम फिसलकर $2,500 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि रिपल (XRP) टूटकर $1.40 के सपोर्ट लेवल की ओर खिसकता दिखाई दिया। डीजल क्रैक स्प्रेड ने बनाया नया ऐतिहासिक रिकॉर्ड ऊर्जा बाजार में सतह पर भले ही शांति दिखाई दे रही हो, लेकिन रिफाइंड ईंधन का क्षेत्र अलग ही संकेत दे रहा है। अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड (WTI कच्चे तेल के मुकाबले अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स का प्रीमियम) इतिहास में पहली बार $100 प्रति बैरल के पार निकल गया। कारोबार के दौरान इसने $102.00 प्रति बैरल से अधिक का सर्वकालिक उच्च स्तर छुआ, जो रिफाइनिंग क्षमता पर दबाव और वैश्विक स्तर पर मध्यवर्ती ईंधनों की तंग आपूर्ति स्थिति को उजागर करता है। इसका आप पर असर जर्मनी के आर्थिक सुधार और अमेरिकी डॉलर की मजबूती का सीधा प्रभाव वैश्विक व्यापार और वित्तीय बाजारों पर पड़ेगा। • भारत में: वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर: जर्मनी में निर्यात आधारित रिकवरी और ऊर्जा अनिश्चितता से भारत के आईटी और इंजीनियरिंग निर्यात पर मिलाजुला असर पड़ सकता है। मुद्रा और आयात लागत: अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने और कच्चे तेल व डीजल मार्जिन में उछाल से भारत के लिए आयातित ईंधन महंगा हो सकता है। • यूरोप और वैश्विक बाजार में: निवेश और विकास दर: जर्मनी में निजी निवेश में गिरावट यह दर्शाती है कि यूरोपीय बाजार में कंपनियां नए पूंजीगत खर्च से बच रही हैं। डिजिटल और कीमती धातुएं: बिटकॉइन के $80,000 से नीचे आने और सोने में उतार-चढ़ाव से निवेशकों को अल्पावधि में सतर्क रणनीति अपनानी होगी। सवाल-जवाब 1. जर्मनी की जीडीपी में हाल ही में कितनी वृद्धि दर्ज की गई है? जर्मनी की जीडीपी में लगातार पिछली तीन तिमाहियों के दौरान प्रति तिमाही लगभग 0.35 प्रतिशत की दर से वृद्धि हुई है। 2. जर्मनी की चालू वर्ष की विकास दर का अनुमान क्या है? चालू वर्ष के लिए जर्मनी की विकास दर 1 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जिसमें हालिया आंकड़ों के आधार पर कुछ बढ़त की संभावना जताई गई है। 3. जैक्सन होल सिम्पोजियम में किसने भाषण दिया? फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉरश ने 27 से 29 अगस्त तक आयोजित जैक्सन होल सिम्पोजियम में अपना भाषण दिया। 4. क्रिप्टो बाजार में बिटकॉइन का मौजूदा स्तर क्या है? बिटकॉइन $81,000 से $82,000 के रेजिस्टेंस को तोड़ने में नाकाम रहने के बाद फिसलकर $80,000 से नीचे आ गया है। 5. अमेजन और अमेरिकी डीजल बाजार में क्या नया रिकॉर्ड बना? अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड WTI कच्चे तेल के मुकाबले इतिहास में पहली बार $100 प्रति बैरल से ऊपर निकलकर $102.00 के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया। https://trendkia.com/market/germany-gdp-surprises-with-0-35-percent-quarterly-expansion-but-commerzbank-warns-recovery-growth-will-stay-moderate-23801 TrendKia — Har trend, sabse pehle.