# जर्मनी के मजबूत कारोबारी आंकड़ों के बावजूद यूरो सुस्त, अमेरिकी डॉलर की मजबूती से 1.1420 पर फिसली यूरोपीय मुद्रा

> जर्मनी में सेवा क्षेत्र की तेज रफ्तार से सितंबर का कंपोजिट पीएमआई बढ़कर 53.8 पर पहुंच गया, लेकिन अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंकाओं के कारण यूरो डॉलर के मुकाबले 1.1420 के करीब कमजोर बना रहा।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-23 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/germany-ke-majabuta-karobari-ankaron-ke-bavajuda-euro-susta-us-dollar-ki-majabuti-se-1-1420-para-phisali-yuropiya-mudra-37018 · **Language:** Hindi
**Tags:** यूरो, अमेरिकी डॉलर, विदेशी मुद्रा, फेडरल रिजर्व, जर्मनी पीएमआई, मुद्रा बाजार, वित्त

यूरोपीय मुद्रा में जर्मनी के शुरुआती कारोबारी आंकड़ों के सामने आने के बाद भी कोई खास तेजी देखने को नहीं मिली है। सितंबर महीने के लिए जारी किए गए प्राथमिक एचसीओबी परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स यानी पीएमआई आंकड़ों के अनुसार जर्मनी की समग्र कारोबारी गतिविधियों में उल्लेखनीय विस्तार दर्ज किया गया। इसके बावजूद प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले यूरो काफी हद तक शांत और स्थिर बना रहा। मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की व्यापक मजबूती ने यूरो की किसी भी संभावित बढ़त पर पूरी तरह से दबाव बना दिया है।

## जर्मनी के समग्र कारोबारी आंकड़ों में उछाल
जर्मनी के ताजा आर्थिक सर्वेक्षण में सेवा क्षेत्र की मजबूत भागीदारी ने पूरी कारोबारी गतिविधि को गति दी है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक जर्मनी का एचसीओबी कंपोजिट पीएमआई सितंबर में बढ़कर 53.8 के स्तर पर पहुंच गया, जो कि अगस्त के महीने में 51.8 दर्ज किया गया था। सेवा क्षेत्र में आई इस तेजी ने कुल उत्पादन को गति दी है और कारोबारी धारणा को सहारा दिया है। हालांकि विनिर्माण और अन्य क्षेत्रों के मिले-जुले रुझानों की वजह से समग्र बाजार धारणा में अत्यधिक उत्साह नहीं दिखा।

अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र का यह विस्तार आर्थिक गतिशीलता को दर्शाता है, लेकिन यूरोपीय केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच विदेशी मुद्रा कारोबारी सतर्कता बरत रहे हैं। आंकड़ों के आने के बाद यूरोपीय व्यापारिक सत्र में शुरुआती प्रतिक्रिया काफी सीमित रही।

## अमेरिकी डॉलर का दबाव और यूरो में गिरावट
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले यूरो 0.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1.1420 के करीब कारोबार करता नजर आया। इस प्रमुख मुद्रा जोड़ी पर लगातार बिकवाली का दबाव बना हुआ है क्योंकि डॉलर वैश्विक स्तर पर काफी मजबूत स्थिति में खड़ा है। वित्तीय बाजार में यह व्यापक उम्मीद बनी हुई है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व चालू वर्ष के बचे हुए महीनों में ब्याज दरों में कम से कम एक बार और बढ़ोतरी कर सकता है। फेडरल रिजर्व के नीति निर्माता लगातार यह चेतावनी दे रहे हैं कि ऊर्जा झटकों और मजबूत मांग के बीच महंगाई का जोखिम बना हुआ है, जिससे नीतिगत दरों को सख्त बनाए रखना जरूरी है।

छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी मुद्रा के मूल्य को मापने वाला अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 0.23 प्रतिशत चढ़कर 100.77 के करीब पहुंच गया। डॉलर इंडेक्स का यह स्तर पिछले सात हफ्तों से अधिक समय में देखा गया सबसे ऊंचा स्तर है। मुद्राओं के आपसी उतार-चढ़ाव को दर्शाने वाले हीटमैप में अमेरिकी डॉलर न्यूजीलैंड डॉलर के मुकाबले सबसे ज्यादा मजबूत स्थिति में दिखाई दिया।

## यूरो के तकनीकी स्तर और बाजार संकेतक
यूरो और अमेरिकी डॉलर की इस जोड़ी के तकनीकी परिदृश्य पर नजर डालें तो ऊपर की ओर शुरुआती रुकावट 1.1532 के स्तर पर स्थित 20-पीरियड ईएमए पर बनी हुई है। यह मूविंग एवरेज किसी भी सुधारात्मक उछाल के रास्ते में पहली बड़ी बाधा है और रिकवरी के प्रयासों को सीमित कर रहा है। जब तक कीमत इस मूविंग एवरेज के नीचे कारोबार कर रही है, तब तक हर उछाल को एक व्यापक मंदी के दौर के भीतर सुधारात्मक उछाल के रूप में ही देखा जाएगा। दबाव को कम करने और किसी स्थायी सुधार का रास्ता खोलने के लिए इस ईएमए से ऊपर टिकाऊ बढ़त की आवश्यकता होगी।

लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार यूरो और डॉलर की यह जोड़ी 1.14 के स्तर पर चल रही है, जो पिछले 1.15 के बंद स्तर से 0.41 प्रतिशत नीचे है। इसका 52 हफ्तों का दायरा 1.13 से 1.20 के बीच रहा है। तकनीकी संकेतकों में 14-पीरियड आरएसआई 29 के स्तर पर ओवरसोल्ड क्षेत्र में है। एमएसीडी मंदी के संकेत दे रहा है और 20-पीरियड ईएमए 1.15, 50-पीरियड ईएमए 1.15 तथा 200-पीरियड ईएमए 1.16 पर बना हुआ है, जहां डेथ क्रॉस की स्थिति दीर्घकालिक गिरावट का रुख दर्शा रही है। 20-दिन का सपोर्ट 1.14 के आसपास और रेजिस्टेंस 1.17 के निकट मौजूद है, जबकि पिवट स्तर 1.14 पर है।

## ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और येन पर फेड का असर
एशियाई व्यापारिक सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर भी नए सिरे से बिकवाली के दबाव में आ गया और 0.7100 के स्तर का परीक्षण करता दिखा। ऑस्ट्रेलिया के प्राथमिक पीएमआई आंकड़ों से पता चला कि विनिर्माण क्षेत्र संकुचन के दायरे में फिसल गया है, जबकि सेवा क्षेत्र में लगातार दूसरे महीने धीमी गति से विस्तार हुआ है। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी डॉलर की तेजी ने इस जोड़ी के लिए रुकावट का काम किया है। बाजार सहभागी वाशिंगटन में होने वाली डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग की अहम शिखर बैठक की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जबकि अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष वार्ताओं की समाप्ति को बाजार ने नजरअंदाज कर दिया।

उधर जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर बुधवार को एशियाई सत्र में 157.00 के मध्य स्तर पर मंडराता रहा, जो शुक्रवार को छुए गए दो सप्ताह के उच्चतम स्तर के करीब है। बैंक ऑफ जापान द्वारा अपनी अल्पकालिक ब्याज दर के लक्ष्य को 7-2 के बहुमत से 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत करने के बावजूद येन पर दबाव बना हुआ है, क्योंकि इस कदम को नीति सामान्यीकरण के तहत पहले से ही अपेक्षित माना जा रहा था। हालांकि जापानी अधिकारियों द्वारा बाजार हस्तक्षेप की आशंका ने डॉलर की अतिरिक्त बढ़त को सीमित किया है।

## सोने में नरमी और क्रिप्टोकरेंसी बाजार में तेजी
कमोडिटी बाजार में सोना पिछले दिन के निचले स्तरों से सुधरने के बाद एशियाई सत्र में नए सिरे से बिकवाली का शिकार हुआ। सोना 4,300 डॉलर से नीचे के स्तर से सुधरा था, लेकिन अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख के बीच डॉलर के 30 जुलाई के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंचने से बिना ब्याज वाले बुलियन पर दबाव बढ़ गया।

दूसरी ओर डिजिटल परिसंपत्तियों में कार्डानो में मजबूती देखी गई। इस सप्ताह 14 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज करने के बाद एडीए 0.262 डॉलर के ऊपर कारोबार कर रहा है। ओपन इंटरेस्ट में वृद्धि, सकारात्मक फंडिंग दरों और बड़ी मात्रा में खरीदारी के संकेतों से इसके तकनीकी परिदृश्य को मजबूती मिल रही है।

## अमेरिका-चीन शिखर बैठक पर टिकी नजरें
वैश्विक वित्तीय बाजारों की नजरें अब पूरी तरह से वाशिंगटन में गुरुवार को होने वाली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की शिखर बैठक पर टिकी हुई हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार तनाव में कुछ महीनों की नरमी के बाद, यह बैठक तय करेगी कि दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं अपने कारोबारी युद्धविराम को आगे बढ़ाएंगी या फिर बाजार अनिश्चितता के एक नए दौर में प्रवेश करेंगे।

## इसका आप पर असर
अमेरिकी डॉलर की लगातार मजबूती और यूरो की सुस्ती वैश्विक मुद्रा विनिमय दरों और आयात-निर्यात लागत को सीधे तौर पर प्रभावित करती है।

- **भारत में:** अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी डॉलर मजबूत होने से भारतीय रुपये पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे विदेशों से कच्चा तेल और इलेक्ट्रॉनिक्स मंगाना महंगा हो सकता है। आयात महंगा होने की स्थिति में घरेलू बाजार में आवश्यक वस्तुओं और ईंधन की कीमतों में इजाफा देखने को मिल सकता है।
- **यूरोप यात्रा और पढ़ाई:** डॉलर के मुकाबले यूरो के कमजोर रहने से भारतीय छात्रों और यात्रियों के लिए यूरोपीय देशों में खर्च अपेक्षाकृत स्थिर या थोड़ा सस्ता रह सकता है। हालांकि डॉलर आधारित खर्चों और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के किरायों पर अमेरिकी मुद्रा की मजबूती का सीधा असर पड़ेगा।
- **विदेशी मुद्रा ट्रेडर:** यूरो और डॉलर की जोड़ी में 1.1532 के स्तर पर मजबूत रेजिस्टेंस बना हुआ है, जबकि तकनीकी संकेतक ओवरसोल्ड क्षेत्र की ओर इशारा कर रहे हैं। ट्रेडर्स को अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत बयानों और ब्याज दर वृद्धि के संकेतों पर पैनी नजर रखकर स्टॉप-लॉस निर्धारित करना चाहिए।
- **वैश्विक व्यापार:** चीन और अमेरिका के बीच होने वाली शिखर बैठक के नतीजे वैश्विक व्यापार प्रवाह और आपूर्ति श्रृंखला को सीधे प्रभावित करेंगे। यदि दोनों देशों के बीच व्यापारिक सहमति बनती है तो वैश्विक जोखिम धारणा में सुधार हो सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
जर्मनी के बेहतर पीएमआई आंकड़ों के बावजूद यूरो की सुस्ती और डॉलर की बढ़त अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक सख्ती और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण देखने को मिली है।

- **फेडरल रिजर्व का सख्त रुख:** अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अधिकारियों ने ऊर्जा झटकों और लगातार मांग के कारण मुद्रास्फीति के दबाव को रेखांकित किया है, जिससे इस वर्ष एक और ब्याज दर वृद्धि की संभावनाएं मजबूत बनी हुई हैं। इस उम्मीद ने अमेरिकी डॉलर इंडेक्स को सात हफ्तों से अधिक के उच्च स्तर 100.77 पर पहुंचा दिया।
- **जर्मनी में असमान सुधार:** हालांकि जर्मनी का कंपोजिट पीएमआई बढ़कर 53.8 हो गया, लेकिन इस विस्तार का मुख्य आधार केवल सेवा क्षेत्र था। विनिर्माण गतिविधियों में अपेक्षित तेजी न होने से यूरो को स्थायी सहारा नहीं मिल सका।
- **भू-राजनीतिक घटनाक्रम:** वाशिंगटन में होने वाली अमेरिकी और चीनी नेताओं की बैठक से पहले निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं और सुरक्षित परिसंपत्ति के रूप में अमेरिकी डॉलर को प्राथमिकता दे रहे हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. जर्मनी का कंपोजिट पीएमआई सितंबर में कितना रहा?
जर्मनी का एचसीओबी कंपोजिट पीएमआई सितंबर में बढ़कर 53.8 दर्ज किया गया, जो अगस्त में 51.8 के स्तर पर था।

### 2. यूरो-डॉलर जोड़ी में गिरावट क्यों देखने को मिली?
अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी की आशंकाओं और अमेरिकी डॉलर इंडेक्स के 100.77 पर पहुंचने के कारण यूरो 1.1420 के करीब फिसल गया।

### 3. यूरो के लिए तात्कालिक तकनीकी रेजिस्टेंस स्तर क्या है?
तकनीकी विश्लेषण के अनुसार 1.1532 पर स्थित 20-पीरियड ईएमए यूरो के लिए पहला प्रमुख रुकावट स्तर बना हुआ है।

### 4. बैंक ऑफ जापान ने अपनी ब्याज दरों में क्या बदलाव किया?
बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर का लक्ष्य 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया।

### 5. वाशिंगटन में कौन सी अहम बैठक होने जा रही है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच व्यापारिक संबंधों को लेकर वाशिंगटन में एक महत्वपूर्ण शिखर बैठक निर्धारित है।

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