# जर्मनी के मजबूत PPI आंकड़ों से यूरो में तेजी, अमरीकी ट्रेजरी ने बॉन्ड बायबैक दोगुना किया

> जर्मनी में जुलाई के दौरान उत्पादक मूल्य सूचकांक 1.1 प्रतिशत बढ़ा है, जिससे यूरो मजबूत हुआ है। वहीं अमरीकी ट्रेजरी द्वारा दीर्घकालिक ऋण बायबैक सीमा बढ़ाकर 4 अरब डॉलर किए जाने से बॉन्ड बाजार में सुधार देखा गया।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-08-20 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/germany-ke-majabuta-ppi-ankaron-se-eur-men-teji-us-treasury-ne-bonda-bayabaika-doguna-kiya-19170 · **Language:** Hindi
**Tags:** यूरो, अमेरिकी डॉलर, जर्मन PPI, बॉन्ड बायबैक, सोना, बिटकॉइन, विदेशी मुद्रा

वैश्विक मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर के रुख और नीतिगत बदलावों के बीच यूरोपीय साझा मुद्रा EUR अपनी मजबूती का रुख बनाए हुए है। जर्मन उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) में जुलाई के दौरान 1.1 प्रतिशत की अनपेक्षित बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे यूरोपीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के संकेत दिखे हैं। विश्लेषकों का मानना है कि पिछले 24 घंटों में निवेशकों ने अमेरिकी नीतिगत निर्णयों पर नकारात्मक प्रतिक्रिया दी है, जिसके चलते EUR के 1.1625/50 के दायरे से ऊपर निकलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इस तकनीकी उभार के कारण लघु अवधि में EUR का भाव 1.17 के ऊपरी स्तरों तक पहुंचने की संभावना काफी प्रबल हो गई है।

 

## जर्मन औद्योगिक आंकड़ों का समर्थन और EUR/USD के तकनीकी स्तर
 जर्मनी के औद्योगिक क्षेत्र से आए PPI के ताजा आंकड़ों ने यूरोपीय केंद्रीय बैंक के नीतिगत फैसलों के बीच मुद्रा को आधार प्रदान किया है। जुलाई महीने में 1.1 प्रतिशत की वृद्धि अनुमानों से अधिक रही है। इसके साथ ही मुद्रा बाजार में तकनीकी स्तरों पर भी बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। EUR की प्रति घंटा मूल्य गिरावट का 61.8 प्रतिशत रिट्रेसमेंट स्तर 1.1793 पर स्थित है, जिसे बाजार विशेषज्ञ एक महत्वपूर्ण बाधा के रूप में देख रहे हैं। यदि यह मुद्रा इस स्तर को सफलतापूर्वक पार कर लेती है, तो तेजी का यह दौर और लंबा खींच सकता है।

 दूसरी तरफ, इस तेजी के बीच बाजार में निचले स्तरों पर सुरक्षात्मक समर्थन भी मौजूद है। विश्लेषकों के अनुसार EUR के लिए 1.1600/25 का दायरा एक मजबूत सपोर्ट जोन के रूप में कार्य कर रहा है। यद्यपि कारोबारी सत्र के दौरान EUR/USD 1.1700 के ऊपरी स्तर से फिसलकर 1.1670 के आसपास मामूली गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा, लेकिन समग्र ट्रेंड अभी भी EUR के पक्ष में बना हुआ है। अमेरिकी डॉलर में आए मामूली सुधार के कारण यह तात्कालिक नरमी देखने को मिली है, लेकिन लंबी अवधि के गतिशीलता संकेत EUR के लिए तेजी का समर्थन कर रहे हैं।

 

## अमेरिकी ट्रेजरी का ऐतिहासिक बॉन्ड बायबैक निर्णय
 अमेरिकी बॉन्ड बाजार में पैदा हुए हालिया तनाव को कम करने के लिए अमरीकी ट्रेजरी विभाग ने एक आकस्मिक और बड़ा निर्णय लिया है। बुधवार को दोपहर 12:32 GMT पर अपने नियमित कैलेंडर समय सारणी से हटकर ट्रेजरी ने घोषणा की कि वह अपनी तरलता सहायता बायबैक नीलामी के आकार को दोगुना करने जा रही है। इस निर्णय के तहत 10 वर्ष से 20 वर्ष और 20 वर्ष से 30 वर्ष की परिपक्वता अवधि वाले दीर्घकालिक सरकारी ऋण पत्रों की बायबैक सीमा को प्रति ऑपरेशन 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर कर दिया गया है।

 यह नया नियम 9 सितंबर से प्रभावी होगा और 4 नवंबर तक लागू रहेगा। ट्रेजरी के इस अप्रत्याशित कदम से बॉन्ड बाजार में हाल में बढ़ी यील्ड को नियंत्रित करने में मदद मिली है। इसके प्रभाव से गुरुवार को अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड 4.672 प्रतिशत पर स्थिर हो गई, जो बुधवार को दर्ज की गई तेज गिरावट के बाद एक हल्का सुधार दर्शाती है। बाजार सहभागियों द्वारा अमरीकी मनी मार्केट के इस कदम पर बारीक नजर रखी जा रही है, क्योंकि इसका सीधा असर वैश्विक पूंजी प्रवाह पर पड़ रहा है।

 

## ब्रिटिश पाउंड का प्रदर्शन और अमेरिकी डॉलर की स्थिति
 यूरोपीय मुद्राओं में ब्रिटिश पाउंड (GBP/USD) भी गुरुवार के कारोबारी सत्र में अपनी बढ़त बनाए रखने में सफल रहा। हालांकि कारोबार के दौरान पाउंड ने ऊपरी स्तरों से कुछ मुनाफावसूली देखी और यह 1.3630 के स्तर की ओर थोड़ा पीछे हटा, लेकिन कुल मिलाकर इसका रुख सकारात्मक बना रहा। ग्रीनबैक के नाम से जाने जाने वाले अमेरिकी डॉलर ने बुधवार की भारी गिरावट के बाद गुरुवार को कुछ हद तक वापसी की कोशिश की।

 अमरीकी डॉलर की इस रिकवरी के बावजूद पाउंड में आई मजबूती यह दर्शाती है कि विदेशी मुद्रा बाजार में निवेशकों का ध्यान केवल अमेरिकी डॉलर के उतार-चढ़ाव तक सीमित नहीं है। ब्रिटेन और अमेरिका के बीच ब्याज दरों के अंतर तथा दोनों देशों की व्यापक आर्थिक स्थितियों के चलते पाउंड का दायरा बना हुआ है। डॉलर सूचकांक में आई रिकवरी के कारण GBP/USD की ऊपरी चाल पर आंशिक रोक जरूर लगी, लेकिन बिकवाली का कोई बड़ा दबाव नहीं देखा गया।

 

## कीमती धातुओं में गिरावट: सोना 4,500 डॉलर से नीचे फिसला
 सुरक्षित निवेश के रूप में देखी जाने वाली कीमती धातुओं में गुरुवार को सुस्ती का माहौल रहा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के हाजिर भाव में तकनीकी सुधार देखा गया और यह प्रति ट्रॉय औंस 4,500 डॉलर के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गया। सोने की कीमतों में आई यह गिरावट मुख्य रूप से अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई तेजी और अमेरिकी डॉलर के निचले स्तरों से उबरने के कारण हुई है।

 जब अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड पर रिटर्न बढ़ता है, तो बिना ब्याज वाली धातु जैसे सोने को रखने की अवसर लागत बढ़ जाती है। इसके परिणामस्वरूप निवेशकों ने सोने में मुनाफावसूली करना उचित समझा। बाजार जानकारों का कहना है कि जब तक अमेरिकी ब्याज दरों का दृष्टिकोण और डॉलर का रुख पूरी तरह साफ नहीं होता, तब तक सोने की कीमतों में 4,500 डॉलर के आसपास उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहने की संभावना है।

 

## डिजिटल एसेट्स में तेजी: बिटकॉइन 70,000 डॉलर के पार निकला
 पारंपरिक वित्तीय बाजारों में चल रही उथल-पुथल के विपरीत क्रिप्टोकरेंसी बाजार में गुरुवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। डिजिटल संपत्तियों के इस तेजी के दौर की अगुवाई शीर्ष क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन (BTC) ने की, जिसने 70,000 डॉलर के ऐतिहासिक स्तर को पार कर लिया। बिटकॉइन में आए इस उछाल ने समग्र क्रिप्टो बाजार में निवेशकों के जोखिम उठाने की क्षमता को बढ़ा दिया है।

 बिटकॉइन के अलावा दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी एथेरियम (ETH) भी तेजी के मूड में बनी रही और इसका कारोबार 2,200 डॉलर के स्तर से ऊपर टिका रहा। वहीं रिपल (XRP) ने भी निचले स्तरों से शानदार रिकवरी दर्ज की और 1.15 डॉलर के ऊपर अपनी पकड़ मजबूत कर ली। क्रिप्टो बाजार में बुल्स यानी तेजड़ियों के हावी होने से डिजिटल संपत्तियों में तरलता और निवेश दोनों बढ़ते हुए दिख रहे हैं।

## इसका आप पर असर
**निवेशकों और बाजार सहभागियों के लिए असर:**

- **मुद्रा व डिजिटल एसेट्स:** यूरो और पाउंड में मजबूती तथा बिटकॉइन के 70,000 डॉलर पार करने से वैश्विक बाजारों में जोखिम लेने की क्षमता सुधरी है।
- **सुरक्षित निवेश:** अमरीकी बॉन्ड यील्ड में स्थिरता से सोने का भाव 4,500 डॉलर से नीचे फिसला है, जिससे कीमती धातुओं में अल्पकालिक उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।

## सवाल-जवाब

### 1. जर्मन PPI आंकड़ों का यूरो पर क्या असर पड़ा?
जुलाई में जर्मन उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) में 1.1% की मजबूत बढ़ोतरी से यूरो को समर्थन मिला, जिससे EUR/USD 1.1625/50 के दायरे को पार कर गया।

### 2. अमेरिकी ट्रेजरी ने बॉन्ड बायबैक के संबंध में क्या घोषणा की है?
अमरीकी ट्रेजरी ने 10 से 30 वर्ष की परिपक्वता वाले बॉन्ड के बायबैक का आकार प्रति ऑपरेशन 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर करने का निर्णय लिया है।

### 3. गुरुवार को सोने और बिटकॉइन की कीमतों में क्या बदलाव रहा?
गुरुवार को सोना 4,500 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस से नीचे फिसल गया, जबकि बिटकॉइन 70,000 डॉलर के स्तर को पार कर गया।

### 4. EUR/USD के लिए प्रमुख तकनीकी स्तर कौन से हैं?
EUR/USD के लिए 1.1793 पर 61.8% रिट्रेसमेंट स्तर एक मुख्य बाधा है, जबकि 1.1600/25 का दायरा मजबूत सहायता स्तर के रूप में कार्य कर रहा है।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._