जर्मनी के सियासी घमासान और मजबूत कारोबारी आंकड़ों के बीच 180 के पार थमी यूरो-येन की चाल यूरोपीय यूनियन के सबसे बड़े देश जर्मनी में सियासी उथल-पुथल ने शानदार पीएमआई आंकड़ों और ईसीबी की दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है, जिससे यूरो और येन की चाल 180 के स्तर के आसपास स्थिर बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में यूरो और जापानी येन के बीच का लेन-देन यानी ईयूआर/जेपीवाई क्रॉस इस समय किसी साफ दिशा में आगे बढ़ने के लिए जूझ रहा है। एक तरफ जहां यूरोप के निजी क्षेत्र से आए ताजा कारोबारी आंकड़े बेहद उत्साहजनक रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जर्मनी के भीतर गहराते राजनीतिक संकट ने साझा मुद्रा यूरो की बढ़त पर ब्रेक लगा दिया है। इसके साथ ही बैंक ऑफ जापान के नीतिगत रुख ने येन को कमजोर बनाए रखा है, जिससे इस जोड़ी को नीचे के स्तरों पर सहारा मिल रहा है। विभिन्न आर्थिक और राजनीतिक संकेतों के टकराव के चलते वैश्विक बाजार में कारोबारी किसी भी बड़े दांव से बचते दिखाई दे रहे हैं। यूरोपीय अर्थव्यवस्था में उछाल और ईसीबी पर ब्याज दर बढ़ाने का दबाव यूरो क्षेत्र से सामने आए एचसीओबी कंपोजिट पीएमआई के शुरुआती आंकड़ों ने विश्लेषकों के अनुमानों को पीछे छोड़ते हुए जोरदार उछाल दर्ज किया है। सितंबर के दौरान यह सूचकांक बढ़कर 53.1 पर पहुंच गया, जो अप्रैल 2023 के बाद का सबसे उच्चतम स्तर है। इस कारोबारी विस्तार में विनिर्माण और सेवा क्षेत्र दोनों ने मजबूत भूमिका निभाई है, हालांकि सितंबर के महीने में मुख्य बढ़त सेवा क्षेत्र की गतिविधियों के दम पर दर्ज की गई। सर्वेक्षण से जुड़े विस्तृत आंकड़ों से यह भी सामने आया है कि यूरोपीय कंपनियों को पिछले चार महीनों में पहली बार परिचालन लागत में इतनी तीव्र बढ़ोतरी का सामना करना पड़ा है। लगातार बढ़ती लागत और आर्थिक गतिविधियों में तेजी के कारण इस बात की संभावना काफी मजबूत हो गई है कि यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ईसीबी) आगामी अक्टूबर महीने में ही ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी करने का फैसला ले सकता है। आम तौर पर केंद्रीय बैंक की सख्त मौद्रिक नीति मुद्रा को मजबूती देती है, लेकिन इस बार सियासी समीकरणों ने गणित बिगाड़ दिया है। जर्मनी का राजनीतिक संकट और चांसलर पद पर मंडराता खतरा शानदार पीएमआई आंकड़ों के बावजूद यूरो को खरीदारों का समर्थन जुटाने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह यूरोप की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था जर्मनी में उपजी राजनीतिक अस्थिरता है। प्रांतीय चुनावों में जर्मनी के चांसलर फ्रीडरिक मर्ज की पार्टी क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन (सीडीयू) को करारी और अपमानजनक हार का सामना करना पड़ा है। चुनावी नतीजों के बाद स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि मर्ज की पार्टी संसद में बैठने के लिए जरूरी 5 प्रतिशत की न्यूनतम सीमा से भी नीचे खिसक गई है। इस राजनीतिक झटके के बाद मुल्क के गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं कि कार्यकाल के बीच में ही चांसलर बदला जा सकता है, जिसे राजनीतिक हलकों में चांसलर स्वैप कहा जा रहा है। यूरोप के सबसे बड़े आर्थिक इंजन में सत्ता के इस डांवाडोल होने की आशंका ने यूरो पर भारी दबाव बना रखा है और ईयूआर/जेपीवाई को आगे बढ़ने से रोक दिया है। बैंक ऑफ जापान की नीति और येन में गिरावट का रुख दूसरी तरफ जापानी मुद्रा येन का कमजोर प्रदर्शन लगातार जारी है। बैंक ऑफ जापान (बीओजे) ने पिछले हफ्ते एक अहम फैसले के तहत अपनी अल्पकालिक ब्याज दर के लक्ष्य को 7-2 के बहुमत से 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया। यह दर बढ़ोतरी जापान में 31 साल के उच्चतम स्तर पर है और नीति सामान्यीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, जो बाजार की हफ्तों पुरानी उम्मीदों के पूरी तरह अनुकूल रही। हालांकि ब्याज दर में बढ़ोतरी के बावजूद बैंक ऑफ जापान का समग्र रुख काफी नरम बना रहा, जिसके कारण येन में बिकवाली का माहौल बना हुआ है। येन की इस कमजोरी ने ईयूआर/जेपीवाई की गिरावट को थामने में मदद की है और इसे पिछले सोमवार को दर्ज किए गए 177.80 के स्तर यानी साल के सबसे निचले स्तर से उबरने के बाद 180.00 के पार बनाए रखा है। फिर भी, बाजार में इस बात का डर बना हुआ है कि जापानी अधिकारी गिरते येन को संभालने के लिए सीधे तौर पर मुद्रा हस्तक्षेप कर सकते हैं। हस्तक्षेप के इसी जोखिम की वजह से कारोबारी येन पर बहुत आक्रामक बिकवाली करने से कतरा रहे हैं। एशियाई सत्र में डॉलर का दबदबा और वैश्विक मुद्राओं की स्थिति बुधवार के कारोबारी सत्र में सिर्फ यूरो और येन ही नहीं, बल्कि कई अन्य प्रमुख मुद्रा जोड़ियों और संपत्तियों पर भी उथल-पुथल देखी जा रही है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर नए सिरे से बिकवाली का दबाव बना है और एयूडी/यूएसडी एशियाई सत्र के दौरान 0.7100 के स्तर का परीक्षण कर रहा है। ऑस्ट्रेलिया के शुरुआती पीएमआई आंकड़ों ने संकेत दिया है कि विनिर्माण क्षेत्र संकुचन में फिसल गया है, जबकि सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर लगातार दूसरे महीने सुस्त रही है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख के चलते अमेरिकी डॉलर मजबूत बना हुआ है, जिससे ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा पर दबाव और गहरा गया है। अमेरिकी डॉलर और जापानी येन की जोड़ी यानी यूएसडी/जेपीवाई बुधवार को एशियाई सत्र में 157.00 के मध्य स्तर पर मंडरा रही है, जो पिछले शुक्रवार को छुए गए दो सप्ताह के उच्चतम स्तर के करीब है। बैंक ऑफ जापान के नरम रुख ने जापानी मुद्रा को कमजोर रखा है, जबकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की सख्त ब्याज दर नीति डॉलर को लगातार ताकत दे रही है। बाजार अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों के बीच अप्रत्यक्ष वार्ताओं के संपन्न होने पर बहुत ज्यादा ध्यान नहीं दे रहा है। सोने में फिसलन और वॉशिंगटन में ट्रंप-शी शिखर सम्मेलन पर नजर मुद्रा बाजारों के साथ-साथ कीमती धातुओं में भी हलचल है। यूरोपीय सत्र के पहले पहर में सोने की कीमतों में लगातार गिरावट देखी गई, जिससे पिछले दिन 4,300 डॉलर से नीचे के स्तर से दर्ज की गई रिकवरी का एक हिस्सा वापस छिन गया। अमेरिकी डॉलर में जारी लगातार खरीदारी और फेडरल रिजर्व के सख्त रुख ने गैर-उपज वाले सोने से निवेशकों का रुख मोड़ दिया है। इस बीच पूरी दुनिया की नजरें वॉशिंगटन में होने वाली एक महाबैठक पर टिकी हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग गुरुवार को वॉशिंगटन में एक उच्चस्तरीय शिखर बैठक करने जा रहे हैं। दोनों महाशक्तियों के बीच कई महीनों से व्यापारिक तनावों में आई कमी के बाद, यह बैठक तय करेगी कि दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं अपने संघर्ष विराम को आगे बढ़ाएंगी या फिर एक नए व्यापारिक अनिश्चितता के दौर में प्रवेश करेंगी। इसका आप पर असर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में यूरो और येन के उतार-चढ़ाव का सीधा असर आयात-निर्यात लागत, अंतरराष्ट्रीय यात्रा और वैश्विक कमोडिटी कीमतों पर पड़ता है। • भारत में: विदेशी मुद्रा बाजारों में डॉलर की मजबूती और यूरो-येन की अस्थिरता से घरेलू आयातकों के बिल प्रभावित हो सकते हैं। यूरोप या जापान से मशीनरी और कलपुर्जे मंगाने वाले भारतीय कारोबारियों को अपनी हेजिंग रणनीति पर ध्यान देना होगा। • वैश्विक यात्रियों और छात्रों पर: यूरो 180 येन के स्तर के ऊपर टिके रहने से जापान यात्रा करने वाले यूरोपीय पर्यटकों और छात्रों को राहत मिलेगी। हालांकि यूरोपीय देशों में पढ़ाई या काम कर रहे भारतीयों के लिए राजनीतिक अनिश्चितता के कारण मुद्रा के उतार-चढ़ाव पर नजर रखना जरूरी है। • फॉरेक्स ट्रेडर्स के लिए: ईयूआर/जेपीवाई का 180.00 के करीब अटकना और जापानी सरकार के हस्तक्षेप का डर दोनों तरफ के बड़े दांवों को सीमित कर रहा है। ट्रेडर्स को जर्मन राजनीति और वॉशिंगटन में होने वाली महाशक्तियों की बैठक से पहले सतर्क रहने की जरूरत है। • निवेशकों के लिए: सोने के 4,300 डॉलर के स्तर से नीचे दबाव में आने से सुरक्षित निवेश के प्रवाह में बदलाव दिख रहा है। डॉलर की मजबूती के दौर में पोर्टफोलियो में विविधता बनाए रखना फायदेमंद साबित हो सकता है। ऐसा क्यों हुआ यूरो और येन की चाल में यह गतिरोध यूरोपीय अर्थव्यवस्था के मजबूत आंकड़ों और जर्मनी के गहरे राजनीतिक संकट के एक-दूसरे को बेअसर करने की वजह से आया है। • मजबूत पीएमआई और ईसीबी दरें: सितंबर में यूरो क्षेत्र का कंपोजिट पीएमआई उछलकर 53.1 पर पहुंच गया और कंपनियों की परिचालन लागत चार महीनों के उच्च स्तर पर रही। इन आर्थिक परिस्थितियों ने ईसीबी द्वारा अक्टूबर में दरें बढ़ाने की उम्मीदों को बल दिया। • जर्मनी में चुनावी हार और सत्ता संकट: चांसलर फ्रीडरिक मर्ज की पार्टी सीडीयू के प्रांतीय चुनावों में 5 प्रतिशत सीमा से नीचे फिसलने से सरकार में बदलाव की अटकलें शुरू हो गईं। यूरोप के सबसे बड़े देश में इस सियासी अस्थिरता ने यूरो में किसी भी बड़ी तेजी को रोक दिया। • बैंक ऑफ जापान का नरम रुख: बीओजे ने ब्याज दर को 31 साल के उच्च स्तर 1.25 प्रतिशत पर पहुंचाया, लेकिन आगे के लिए नरम रुख बनाए रखा। इस रुख ने येन पर दबाव बनाए रखकर क्रॉस को 177.80 के निचले स्तर से उबरने के बाद 180.00 के पार सहारा दिया। सवाल-जवाब 1. यूरो और येन का विनिमय अनुपात किस स्तर पर स्थिर बना हुआ है? यूरो और जापानी येन की विनिमय दर इस समय 180.00 के स्तर से ऊपर सीमित दायरे में कारोबार कर रही है। 2. सितंबर महीने में यूरो क्षेत्र का कंपोजिट पीएमआई कितना दर्ज किया गया? प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार सितंबर में यूरो क्षेत्र का कंपोजिट पीएमआई उछलकर 53.1 पर पहुंच गया, जो अप्रैल 2023 के बाद का उच्चतम स्तर है। 3. जर्मनी में चांसलर फ्रीडरिक मर्ज की सरकार पर क्या संकट आया है? प्रांतीय चुनावों में हार के बाद मर्ज की पार्टी सीडीयू 5 प्रतिशत की संसदीय सीमा से नीचे गिर गई है, जिससे चांसलर बदलने की अटकलें तेज हो गई हैं। 4. बैंक ऑफ जापान ने हाल ही में ब्याज दर को कितना बढ़ाया है? बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 31 साल के उच्च स्तर 1.25 प्रतिशत पर कर दिया है। 5. वॉशिंगटन में गुरुवार को किन दो नेताओं के बीच बैठक होने वाली है? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग गुरुवार को वॉशिंगटन में द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन में मुलाकात करेंगे। https://trendkia.com/market/germany-ke-siyasi-ghamasana-aura-majabuta-karobari-ankaron-ke-bicha-180-ke-para-thami-euro-yen-ki-chala-37088 TrendKia — Har trend, sabse pehle.