# घरेलू गैस सिलेंडर के नए कनेक्शन पर रोक के बीच 5 किलो, 10 किलो और पीएनजी के विकल्प बने सहारा

> मेट्रो शहरों में 14.2 किलोग्राम वाले रसोई गैस सिलेंडर के नए कनेक्शन बंद होने से उपभोक्ताओं के सामने 5 और 10 किलो के सिलेंडर तथा पीएनजी के विकल्प सामने आए हैं।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-10-09 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/gharelu-gaisa-silendara-ke-nae-kanekshana-para-roka-ke-bicha-5-kilo-10-kilo-aura-png-ke-vikalpa-bane-sahara-45142 · **Language:** Hindi
**Tags:** एलपीजी कनेक्शन, रसोई गैस, पीएनजी कनेक्शन, इंडेन छोटू, एचपी नव्या, भारतगैस लाइट, गैस सिलेंडर नियम

देश के कई प्रमुख महानगरों में चौदह दशमलव दो किलोग्राम वाले घरेलू रसोई गैस कनेक्शन के नए आवेदनों पर अस्थायी रोक के चलते उपभोक्ताओं को रसोई ईंधन के वैकल्पिक साधनों पर निर्भर होना पड़ रहा है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में मार्च 2026 के मध्य से 14.2 किलोग्राम वजन वाले सब्सिडी और गैर-सब्सिडी घरेलू सिलेंडरों के नए कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया थमी हुई है। इस व्यवस्था के बीच तेल विपणन कंपनियों ने उपभोक्ताओं के लिए छोटे आकार के सिलेंडर, त्वरित सेवा मंचों के जरिए आपूर्ति और पाइप के जरिए प्राकृतिक गैस यानी पीएनजी के नेटवर्क को प्रमुखता से आगे बढ़ाया है। नए घरेलू कनेक्शन पर लगी इस रोक के बीच पाँच किलोग्राम, दस किलोग्राम क्षमता वाले एलपीजी सिलेंडर और पाइप्ड नेचुरल गैस की उपलब्धता ही आम जनता के लिए सबसे बड़ा सहारा बन रही है।

## वैश्विक आपूर्ति संकट और तेल कंपनियों के कड़े नियम
पश्चिम एशिया में फरवरी के अंत में शुरू हुए सैन्य संघर्ष की वजह से अंतरराष्ट्रीय तेल और गैस परिवहन मार्ग गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं। वैश्विक ऊर्जा व्यापार का एक अत्यंत संवेदनशील समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य माना जाता है, जहाँ से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत हाइड्रोकार्बन ईंधन की आवाजाही होती है। इस समुद्री गलियारे पर उत्पन्न दबाव और आपूर्ति शृंखला में आई बाधाओं ने भारत की घरेलू ऊर्जा रणनीति को भी सीधे प्रभावित किया है। अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद देश के तेल रिफाइनरी संयंत्रों ने एलपीजी का उत्पादन काफी तेज किया है। रिफाइनरियों का दैनिक एलपीजी उत्पादन बढ़कर औसतन 44,000 टन प्रतिदिन तक पहुंच चुका है, जो पिछले अगस्त महीने के औसत दैनिक उत्पादन के मुकाबले लगभग 20 प्रतिशत अधिक है। उत्पादन में इस भारी बढ़ोतरी के बाद भी आपूर्ति को संतुलित रखने के लिए वितरण स्तर पर कड़े नीतिगत फैसले लिए गए हैं।

तेल विपणन कंपनियों ने स्थिति को संभालने के लिए कई नए नियम और पाबंदियां लागू की हैं। इनमें सबसे प्रमुख नियम 'एक परिवार, एक रसोई गैस' की नीति है, ताकि सिलेंडरों की कालाबाजारी या एक ही पते पर कई कनेक्शन रखने की प्रवृत्ति को पूरी तरह खत्म किया जा सके। इसके साथ ही, जिन घरों में पीएनजी का नेटवर्क मौजूद है या जो उपभोक्ता पहले से पीएनजी का उपयोग कर रहे हैं, उनके नए एलपीजी सिलेंडर लेने या एलपीजी कनेक्शन के लिए आवेदन करने पर रोक लगा दी गई है। कंपनियों ने गैस रीफिल बुकिंग के अंतराल, सब्सिडी हस्तांतरण, कनेक्शन सरेंडर करने, कनेक्शन ट्रांसफर करने और ई-केवाईसी कराने से जुड़े नियमों में भी कड़ा संशोधन किया है। इन तमाम दिशा-निर्देशों के बीच सबसे ज्यादा असर उन नए परिवारों या प्रवासियों पर पड़ा है, जो 14.2 किलोग्राम के नियमित घरेलू कनेक्शन की तलाश में थे, क्योंकि इसके नए आवंटन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

## छोटे सिलेंडरों की सीधी खरीद और बिना पते के सबूत की सुविधा
पेट्रोलियम मंत्रालय की तरफ से 14.2 किलोग्राम वाले मानक सिलेंडरों के नए कनेक्शन दोबारा शुरू करने को लेकर अभी कोई आधिकारिक समय-सीमा तय नहीं की गई है। ऐसी परिस्थिति में बाजार में पहले से मौजूद छोटे एलपीजी सिलेंडर उपभोक्ताओं की तात्कालिक जरूरतों को पूरा कर रहे हैं। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने पांच किलोग्राम वाले मिनी एलपीजी सिलेंडरों की आसान पहुंच सुनिश्चित की है। इंडियन ऑयल का 'इंडेन छोटू', भारत पेट्रोलियम का 'भारत गैस मिनी' और हिंदुस्तान पेट्रोलियम का 'एचपी गैस अप्पू' खुले बाजार में अधिकृत गैस एजेंसियों और चुनिंदा खुदरा केंद्रों पर उपलब्ध हैं। यह सुविधा विशेष रूप से प्रवासी श्रमिकों, अस्थायी कर्मचारियों, छात्रों और उन परिवारों के लिए तैयार की गई है, जिनके पास वर्तमान शहर में स्थायी निवास का कोई वैध प्रमाण पत्र नहीं होता है।

पांच किलोग्राम क्षमता वाले फ्री-ट्रेड एलपीजी यानी एफटीएल सिलेंडर खरीदने के लिए किसी भी तरह के लंबे कागजी सत्यापन या सुरक्षा जमा राशि की अनिवार्यता नहीं रखी गई है। ग्राहकों को इसके लिए न तो पते का सबूत देना पड़ता है और न ही आधार कार्ड, पैन कार्ड या मतदाता पहचान पत्र जैसे दस्तावेजों की प्रति जमा करानी होती है। यह सिलेंडर पूरी तरह खुले व्यापार की श्रेणी में आता है, जिसे कोई भी व्यक्ति सीधे काउंटर पर जाकर भुगतान कर खरीद सकता है। इसके अलावा, पांच किलोग्राम वाले एफटीएल सिलेंडर को साल भर में जितनी बार चाहें उतनी बार दोबारा भरवाया जा सकता है। रीफिलिंग की यह प्रक्रिया इतनी सरल और तेज है कि सामान्यतः काउंटर पर 10 मिनट से भी कम समय में भरा हुआ सिलेंडर ग्राहक को सौंप दिया जाता है।

## 10 किलो के हल्के सिलेंडर और क्विक कॉमर्स पर सीधी डिलीवरी
तेल विपणन कंपनियों ने शहरी आबादी की सुविधा के लिए दस किलोग्राम वजन वाले आधुनिक कंपोजिट और हल्के सिलेंडरों के वितरण को भी आक्रामक तरीके से आगे बढ़ाया है। इसके लिए त्वरित डिलीवरी देने वाले क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म स्विगी इंस्टामार्ट जैसी सेवाओं के साथ साझेदारी की गई है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने इस कड़ी में 'इंडेन एक्स्ट्रालाइट नाउ' पेश किया है, जो वजन में हल्का और आधुनिक फाइबर ग्लास कंपोजिट तकनीक से बना एफटीएल उत्पाद है। यह सिलेंडर घरेलू एलपीजी सब्सिडी के दायरे से पूरी तरह बाहर है। इंडेन एक्स्ट्रालाइट नाउ के नए सिलेंडर की शुरुआती खरीद कीमत 4,853 रुपये निर्धारित की गई है, जबकि इसे दोबारा भरवाने का रीफिल शुल्क 1,667 रुपये है।

इसी तरह हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने 'एचपी नव्या' नाम से 10 किलोग्राम का सिलेंडर बाजार में उतारा है, जिसे 100 से ज्यादा शहरों में उपलब्ध कराया गया है। इस आधुनिक सिलेंडर के नए कनेक्शन के लिए ग्राहक सीधे कंपनी के डिजिटल एप्लिकेशन एचपी पे के जरिए अपना अनुरोध दर्ज करा सकते हैं। आवेदन करते समय ही संबंधित शहर का वर्तमान बिक्री मूल्य स्क्रीन पर दिखाई दे जाता है। दूसरी तरफ, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने अपनी विशेष पेशकश के तौर पर 'भारतगैस लाइट ज़िप' को बाजार में उतारा है। यह सेवा उन उपभोक्ताओं के लिए बनाई गई है जो समय की बचत और आधुनिक उपभोक्ता सेवाओं को प्राथमिकता देते हैं। भारतगैस लाइट ज़िप एक सरलीकृत ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया के जरिए तत्काल नया कनेक्शन उपलब्ध कराता है और इसे कंपनी के एक्सप्रेस डिलीवरी नेटवर्क से जोड़ा गया है, जिससे ग्राहक को तेजी से सिलेंडर घर पहुंच जाता है।

## पीएनजी कनेक्शन के नियम और एलपीजी सिलेंडर सरेंडर की अनिवार्यता
घरेलू पाइपलाइन प्राकृतिक गैस यानी पीएनजी के नेटवर्क का विस्तार भी नगर गैस वितरण कंपनियों और तेल विपणन कंपनियों द्वारा युद्धस्तर पर किया जा रहा है। यदि किसी आवासीय इलाके या हाउसिंग सोसायटी में पाइपलाइन का ढांचा मौजूद है, तो उपभोक्ता सीधे इंडियन ऑयल, एचपीसीएल या बीपीसीएल की आधिकारिक वेबसाइटों पर जाकर नए पीएनजी कनेक्शन के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं या नजदीकी गैस एजेंसी पर संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए नियमानुसार कनेक्शन शुल्क जमा करना होता है और एलपीजी कनेक्शन के सरेंडर दस्तावेज प्रस्तुत करने होते हैं। पीएनजी के आवेदन के लिए एलपीजी के ट्रांसफर व सब्सक्रिप्शन वाउचर, उपभोक्ता विवरण, सुरक्षा जमा रसीद, वर्तमान पते का प्रमाण, आधार कार्ड, पासपोर्ट, बिजली का बिल, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड और वोटर आईडी जैसे पहचान पत्र अनिवार्य होते हैं।

सरकारी नियमों के अनुसार, जब कोई उपभोक्ता अपने घर में पीएनजी कनेक्शन चालू करवा लेता है, तो उसे 30 दिनों के भीतर अपना पुराना 14.2 किलोग्राम का एलपीजी कनेक्शन अनिवार्य रूप से बंद करना पड़ता है। हालांकि नियमों में एक विशेष प्रावधान यह भी है कि यदि कोई व्यक्ति एक पीएनजी-युक्त क्षेत्र से दूसरे पीएनजी क्षेत्र में रहने जाता है, तो वह एलपीजी ट्रांसफर वाउचर का इस्तेमाल नहीं कर सकता। एलपीजी ट्रांसफर वाउचर का इस्तेमाल कर दोबारा पारंपरिक सिलेंडर कनेक्शन केवल तभी बहाल किया जा सकता है, जब कोई उपभोक्ता किसी ऐसे नए इलाके या शहर में शिफ्ट होता है जहाँ पाइपलाइन गैस यानी पीएनजी का बुनियादी ढांचा मौजूद ही नहीं है। इसके अलावा, गैस की अनुपलब्धता या तात्कालिक समाधान के रूप में कई घरों में इंडक्शन चूल्हे और केरोसिन स्टोव का उपयोग भी विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।

## इसका आप पर असर
महानगरों में नए 14.2 किलोग्राम एलपीजी कनेक्शन पर रोक लगने से नए किराएदारों, छात्रों और हाल ही में शिफ्ट हुए परिवारों को तात्कालिक रूप से छोटे या पाइप वाले गैस विकल्पों का रुख करना होगा।

- **भारत में:** देश भर के उपभोक्ताओं के लिए 'एक परिवार, एक रसोई गैस' नियम के तहत नियमों को कड़ा कर दिया गया है। जिन घरों में पहले से पीएनजी है वे नए एलपीजी कनेक्शन नहीं ले सकते और ई-केवाईसी अनिवार्य की गई है।
- **मेट्रो शहरों में:** दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु और चेन्नई में नए 14.2 किलो के घरेलू कनेक्शन बंद हैं। नए परिवारों को 5 किलो या 10 किलो के एफटीएल सिलेंडर या फिर पीएनजी का आवेदन करना होगा।
- **बिना पते के प्रमाण वाले लोग:** प्रवासी मजदूरों और छात्रों के लिए 5 किलो का एफटीएल सिलेंडर तुरंत बिना आधार, पैन या पते के प्रमाण के उपलब्ध है। इसे किसी भी गैस वितरक से 10 मिनट से भी कम समय में खरीदा और रीफिल कराया जा सकता है।
- **पीएनजी उपभोक्ता:** यदि आप पीएनजी कनेक्शन लेते हैं तो 30 दिनों के भीतर पुराना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना जरूरी है। यदि आप किसी ऐसे नए क्षेत्र में जाते हैं जहां पीएनजी नहीं है, तभी एलपीजी वाउचर दोबारा चालू होगा।

## ऐसा क्यों हुआ
घरेलू गैस वितरण में कड़े नियम और नए कनेक्शन पर अस्थायी रोक पश्चिम एशिया के तनाव और वैश्विक ऊर्जा परिवहन में आई गंभीर बाधाओं का नतीजा है। होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाले तेल-गैस परिवहन पर संकट आने के कारण आपूर्ति शृंखला को संतुलित रखना अनिवार्य हो गया था।

- **होर्मुज जलडमरूमध्य पर संकट:** फरवरी के अंत में शुरू हुए पश्चिम एशिया युद्ध के कारण दुनिया के 20 प्रतिशत तेल और गैस परिवहन वाले प्रमुख समुद्री रास्ते पर भारी असर पड़ा। इस रुकावट से अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति प्रभावित हुई और आयात पर दबाव बढ़ा।
- **रिफाइनरियों में उत्पादन बढ़ोतरी:** संभावित कमी से निपटने के लिए भारतीय रिफाइनरियों ने एलपीजी का दैनिक उत्पादन 20 प्रतिशत बढ़ाकर 44,000 टन प्रतिदिन तक पहुंचाया। इसके बावजूद घरेलू भंडार को सुरक्षित रखने के लिए कड़े कदम उठाने पड़े।
- **जमाखोरी रोकने के नियम:** तेल कंपनियों ने संकट से निपटने के लिए 'एक परिवार, एक रसोई गैस' नीति लागू की और पीएनजी उपयोगकर्ताओं के एलपीजी लेने पर रोक लगाई। इसी व्यवस्था के तहत 14.2 किलो के नए कनेक्शनों को फिलहाल रोक दिया गया है।

## सवाल-जवाब

### 1. किन शहरों में 14.2 किलोग्राम के नए एलपीजी कनेक्शन पर रोक लगाई गई है?
दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों में मार्च 2026 के मध्य से 14.2 किलोग्राम वाले नए कनेक्शनों पर रोक लगी हुई है।

### 2. क्या 5 किलोग्राम का सिलेंडर लेने के लिए आधार या पते का प्रमाण जरूरी है?
नहीं, 5 किलोग्राम का फ्री-ट्रेड सिलेंडर बिना किसी पते के प्रमाण, आधार, पैन या सुरक्षा जमा राशि के सीधे खरीदा जा सकता है।

### 3. इंडेन एक्स्ट्रालाइट 10 किलोग्राम सिलेंडर की कीमत और रीफिल चार्ज कितना है?
इंडेन एक्स्ट्रालाइट नाउ की शुरुआती कीमत 4,853 रुपये है और इसके रीफिल की दर 1,667 रुपये रखी गई है।

### 4. पीएनजी कनेक्शन मिलने के बाद पुराना एलपीजी सिलेंडर कितने दिनों में सरेंडर करना होता है?
सरकारी नियमों के मुताबिक पीएनजी कनेक्शन शुरू होने के 30 दिनों के भीतर पुराना एलपीजी कनेक्शन रद्द या सरेंडर करना अनिवार्य है।

### 5. एचपी नव्या सिलेंडर के लिए आवेदन कैसे किया जा सकता है?
एचपी नव्या सिलेंडर 100 से अधिक शहरों में उपलब्ध है और इसके नए कनेक्शन के लिए ग्राहक एचपी पे मोबाइल ऐप के जरिए अनुरोध कर सकते हैं।

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