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  "title": "घरेलू शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच एचडीएफसी बैंक और भारती एयरटेल चमके, इन छह दिग्गज कंपनियों ने गंवाई अपनी वैल्यू",
  "summary": "पिछले सप्ताह शेयर बाजार में हल्की गिरावट के बीच शीर्ष 10 में से चार सबसे बड़ी कंपनियों का मूल्यांकन संयुक्त रूप से 92,995.48 करोड़ रुपये बढ़ गया, जिसमें एचडीएफसी बैंक और भारती एयरटेल सबसे आगे रहे।",
  "content": "घरेलू शेयर बाजार में पिछले सप्ताह देखे गए उतार-चढ़ाव के बीच, देश की शीर्ष दस सबसे मूल्यवान कंपनियों के प्रदर्शन में भारी अंतर देखने को मिला। प्रमुख संवेदी सूचकांकों में मामूली साप्ताहिक गिरावट दर्ज किए जाने के बावजूद, इस विशिष्ट सूची की चार बड़ी कंपनियों ने अपने बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में शानदार बढ़त दर्ज की। इसके बिल्कुल विपरीत, अन्य छह दिग्गज कॉर्पोरेट घरानों को अपने समग्र मूल्यांकन में गिरावट का सामना करना पड़ा। यह दर्शाता है कि बाजार में एकीकरण और अनिश्चितता के दौर में भी निवेशकों का रुझान कुछ चुनिंदा बड़े शेयरों पर अधिक केंद्रित रहा है।\n\nप्रमुख सूचकांकों में दर्ज की गई आंशिक गिरावट\nपिछले सप्ताह के अंतिम कारोबारी सत्रों में घरेलू बाजार के मुख्य बेंचमार्क सूचकांकों को मामूली नुकसान के साथ बंद होना पड़ा। 30 शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स में 194.52 अंकों की गिरावट दर्ज की गई, जो कि लगभग 0.25 प्रतिशत की आंशिक कमजोरी को दर्शाता है। इसी तरह, राष्ट्रीय शेयर बाजार का प्रमुख सूचकांक एनएसई निफ्टी 50 भी दबाव से बच नहीं सका और वह 63.95 अंक यानी 0.26 प्रतिशत फिसलकर बंद हुआ। इस गिरावट के बावजूद, बढ़त हासिल करने वाली चार शीर्ष कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण में संयुक्त रूप से 92,995.48 करोड़ रुपये की भारी वृद्धि हुई। इसके विपरीत, गिरावट का सामना करने वाली छह दिग्गज कंपनियों का संयुक्त बाजार मूल्यांकन 49,294.13 करोड़ रुपये घट गया, जो विभिन्न क्षेत्रों में निवेशकों के अलग-अलग रुख को उजागर करता है।\n\nएचडीएफसी बैंक और भारती एयरटेल के मूल्यांकन में सबसे बड़ी बढ़त\nबाजार में तेजी का रुख दिखाने वाली चुनिंदा कंपनियों में निजी क्षेत्र का सबसे बड़ा ऋणदाता एचडीएफसी बैंक सबसे आगे रहा। समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान इस बैंक का बाजार पूंजीकरण 35,808.09 करोड़ रुपये की भारी वृद्धि के साथ 12,69,454.42 करोड़ रुपये के विशाल स्तर पर पहुंच गया। टेलीकॉम क्षेत्र की प्रमुख कंपनी भारती एयरटेल भी तेजी के मामले में दूसरे स्थान पर रही। इस कंपनी के मार्केट कैप में 34,896.92 करोड़ रुपये का जोरदार उछाल आया, जिससे इसका कुल मूल्यांकन बढ़कर 11,98,774.22 करोड़ रुपये हो गया। सरकारी क्षेत्र की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के मूल्यांकन में भी मजबूती देखी गई और इसका मार्केट कैप 16,065.50 करोड़ रुपये बढ़कर 5,60,205.05 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसके अलावा, देश की सबसे मूल्यवान कॉर्पोरेट इकाई रिलायंस इंडस्ट्रीज ने भी सकारात्मक बढ़त हासिल की। इसका कुल बाजार पूंजीकरण 6,224.97 करोड़ रुपये बढ़कर 17,71,206.33 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।\n\nइन छह बड़ी कंपनियों को उठाना पड़ा नुकसान\nदूसरी तरफ, उन छह दिग्गज कंपनियों के बारे में बात करें जिन्हें नुकसान का सामना करना पड़ा, तो इनमें एफएमसीजी सेक्टर की प्रमुख कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर सबसे ऊपर रही। इस कंपनी के कुल मूल्यांकन में 12,088.65 करोड़ रुपये की बड़ी कमी आई, जिससे इसका बाजार पूंजीकरण घटकर 5,04,997.65 करोड़ रुपये रह गया। बुनियादी ढांचा और इंजीनियरिंग क्षेत्र की दिग्गज कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) का बाजार पूंजीकरण भी 11,040.23 करोड़ रुपये घटकर 5,42,938.40 करोड़ रुपये पर आ गया। आईटी क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की वैल्यूएशन में भी 8,574.87 करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई, जिससे इसका बाजार मूल्य सिमटकर 7,48,600.40 करोड़ रुपये रह गया। इसी प्रकार, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी बजाज फाइनेंस का मार्केट कैप 7,813.58 करोड़ रुपये गिरकर 6,35,327.78 करोड़ रुपये हो गया। निजी क्षेत्र के आईसीआईसीआई बैंक की बाजार वैल्यूएशन 6,315.32 करोड़ रुपये घटकर 10,05,379.71 करोड़ रुपये रह गई, जबकि देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का मार्केट कैप 3,461.48 करोड़ रुपये टूटकर 9,56,430.44 करोड़ रुपये पर आ गया।\n\nबाजार पूंजीकरण में उतार-चढ़ाव का निवेशकों पर सीधा प्रभाव\nशेयर बाजार में निवेश करने वाले आम और संस्थागत निवेशकों के लिए कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में होने वाले इस तरह के बदलाव बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। किसी भी सूचीबद्ध कंपनी का बाजार पूंजीकरण उसके सभी बकाया शेयरों के वर्तमान बाजार मूल्य का कुल योग होता है। जब किसी कंपनी के मार्केट कैप में वृद्धि होती है, तो इसका सीधा मतलब होता है कि उसके शेयरों की कीमतें बढ़ी हैं, जिससे उस कंपनी में निवेश करने वाले शेयरधारकों की कुल संपत्ति में भी बढ़ोतरी होती है। इसके विपरीत, जब किसी कंपनी का मार्केट कैप गिरता है, तो शेयरधारकों के निवेश का मूल्य भी कम हो जाता है, जिससे उन्हें कागजी तौर पर नुकसान का सामना करना पड़ता है। इसीलिए, बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के समय निवेशकों को इन दिग्गज कंपनियों के प्रदर्शन पर कड़ी नजर रखनी चाहिए ताकि वे अपनी निवेश प्राथमिकताओं को सही ढंग से प्रबंधित कर सकें।\n\nइसका आप पर असर\nनिवेशकों पर प्रभाव:\n\n• पोर्टफोलियो मूल्य: जिन निवेशकों के पास एचडीएफसी बैंक या भारती एयरटेल जैसी बढ़त हासिल करने वाली कंपनियों के शेयर हैं, उनकी संपत्ति में वृद्धि हुई है, जबकि हिंदुस्तान यूनिलीवर और लार्सन एंड टुब्रो जैसी कंपनियों के निवेशकों को आंशिक कागजी नुकसान हुआ है।\n• बाजार का रुख: संवेदी सूचकांकों में मामूली गिरावट बाजार में एकीकरण की स्थिति को दर्शाती है, जिसका अर्थ है कि निवेशकों को इस समय व्यापक बाजार की जगह चुनिंदा गुणवत्ता वाले शेयरों पर ध्यान देना चाहिए।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. पिछले हफ्ते किन कंपनियों के मार्केट कैप में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई?\nसमीक्षाधीन सप्ताह के दौरान एचडीएफसी बैंक के बाजार पूंजीकरण में सबसे ज्यादा 35,808.09 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। इसके बाद भारती एयरटेल का स्थान रहा, जिसके मूल्यांकन में 34,896.92 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ।\n\n2. सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाली प्रमुख कंपनी कौन सी थी और उसका मूल्यांकन कितना गिरा?\nसबसे ज्यादा गिरावट हिंदुस्तान यूनिलीवर के बाजार मूल्य में आई। इसका मार्केट कैप 12,088.65 करोड़ रुपये घटकर 5,04,997.65 करोड़ रुपये पर आ गया।\n\n3. पिछले सप्ताह के दौरान मुख्य सूचकांकों (सेंसेक्स और निफ्टी) का प्रदर्शन कैसा रहा?\nबीएसई सेंसेक्स 194.52 अंक यानी 0.25 प्रतिशत की आंशिक गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि एनएसई का निफ्टी 50 भी 63.95 अंक यानी 0.26 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ।\n\n4. बाजार पूंजीकरण में होने वाले बदलाव का निवेशकों पर क्या असर पड़ता है?\nमार्केट कैप में उछाल आने से कंपनी के शेयरधारकों की कुल निवेशित संपत्ति बढ़ जाती है, जबकि मार्केट कैप गिरने पर निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ता है।\n\n5. नुकसान झेलने वाली अन्य पांच दिग्गज कंपनियां कौन सी थीं?\nहिंदुस्तान यूनिलीवर के अलावा, जिन अन्य पांच कंपनियों का मार्केट कैप घटा उनमें लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) शामिल हैं।",
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  "publishedAt": "2026-07-12",
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