ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में उछाल के बीच 1.16 पर बना यूरो, जानिए अमेरिकी रोजगार आंकड़ों और मार्केट का हाल यूरोपीय और अमेरिकी सरकारी बॉन्ड यील्ड में तेजी के बीच यूरो 1.16 के स्तर पर मजबूत बना हुआ है। कमजोर अमेरिकी एडीपी पेरोल आंकड़ों, बढ़ती छंटनी और डीजल क्रैक स्प्रेड के ऑल-टाइम हाई पर पहुंचने से वैश्विक बाजारों का माहौल गरमा गया है। वैश्विक वित्तीय बाजारों में सरकारी बॉन्ड यील्ड में उछाल, अमेरिका के सुस्त रोजगार आंकड़ों और ऊर्जा बाजार में रिकॉर्ड तेजी के बीच मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। इस उथल-पुथल के बीच अमेरिकी डॉलर के मुकाबले यूरो 1.16 के महत्वपूर्ण स्तर के पास मजबूती से टिका हुआ है। निवेशक दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों की आगामी मौद्रिक नीतियों, ब्याज दरों की दिशा और आर्थिक संकेतकों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। यूरोप और अमेरिका में सरकारी बॉन्ड यील्ड में भारी उछाल दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सरकारी बॉन्ड यील्ड में आई तेजी ने वित्तीय बाजारों का ध्यान आकर्षित किया है। यूरोप में 10-वर्षीय जर्मन सरकारी बॉन्ड की यील्ड जुलाई की शुरुआत से अब तक 50 बेसिस प्वाइंट बढ़कर मजबूत स्तर पर पहुंच गई है। यह उछाल निवेशकों की ओर से बढ़ती प्रतिफल मांग और राजकोषीय प्राथमिकताओं को दर्शाता है। इसी दौरान अमेरिका में 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड में भी लगभग 40 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बॉन्ड यील्ड में वृद्धि के साथ-साथ यील्ड कर्व में भी बदलाव देखने को मिला है। जर्मनी की 2-वर्षीय से 10-वर्षीय यील्ड कर्व में स्टीपनिंग दर्ज की गई, क्योंकि 2-वर्षीय जर्मन बॉन्ड की यील्ड 40 बेसिस प्वाइंट उछली। वहीं अमेरिका में 10-वर्षीय और 2-वर्षीय यील्ड कर्व में लगभग 10 बेसिस प्वाइंट की स्टीपनिंग हुई। बॉन्ड बाजार का यह बदलाव लंबी अवधि की मुद्रास्फीति की चिंताओं और सरकारी कर्ज जारी करने की गति से प्रेरित है। यूरो और डॉलर का तकनीकी विश्लेषण व लाइव मार्केट स्थिति करेंसी मार्केट में यूरो-डॉलर (EUR/USD) की विनिमय दर फिलहाल 1.16 पर बनी हुई है, जिसमें +0.09% की मामूली बढ़त दर्ज की गई है। पिछले 52 हफ्तों के दौरान इस करेंसी जोड़ी ने 1.13 से 1.20 के दायरे में कारोबार किया है, जिससे 1.16 का स्तर एक मुख्य संतुलन केंद्र बन गया है। दैनिक ट्रेडिंग वॉल्यूम अपने 20-दिन के औसत के 1.00x स्तर पर बना हुआ है। तकनीकी संकेतकों के अनुसार बाजार में न्यूट्रल यानी तटस्थ रुख है। 14-दिन का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 54 के स्तर पर है, जो न तो ओवरबॉट है और न ही ओवरसोल्ड। चलती-औसत रेखाएं एक ही बिंदु पर केंद्रित हैं: 20-दिन, 50-दिन और 200-दिन की एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) 1.16 के स्तर पर हैं। इसके अलावा 50-दिन की सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) 1.15 पर और 200-दिन की SMA 1.16 पर है। 30 के एडीएक्स (ADX) स्तर के साथ मुख्य तकनीकी सपोर्ट 1.15 और रेजिस्टेंस 1.17 पर स्थित है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था: सर्विसेज पीएमआई और छंटनी के आंकड़े अमेरिकी अर्थव्यवस्था से मिले-जुले आंकड़े सामने आ रहे हैं। अगस्त के लिए अंतिम सर्विसेज पीएमआई आंकड़ों ने मजबूत सेवा क्षेत्र का संकेत दिया है। इससे पहले जारी हुए फ्लैश डेटा में दिसंबर 2024 के बाद का सबसे उच्चतम स्तर देखा गया था। आंकड़ों से स्पष्ट है कि बाजार में मांग मजबूत बनी हुई है, बहीखातों में ऑर्डर पेंडिंग हैं और नौकरियों में भर्ती जारी है। हालांकि इनपुट लागत का दबाव बना रहने के बावजूद कंपनियों द्वारा ली जाने वाली आउटपुट चार्ज दर 6 महीने के निचले स्तर पर आ गई है। दूसरी तरफ कॉर्पोरेट क्षेत्र में कर्मचारियों की कटौती के आंकड़े चिंताओं को बढ़ा रहे हैं। चैलेंजर, ग्रे एंड क्रिसमस की अगस्त रिपोर्ट से पता चलता है कि जुलाई में छंटनी की घोषणाएं 2 साल के निचले स्तर पर थीं। हालांकि कुल छंटनी ऐतिहासिक रूप से कम है, लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका तेजी से बढ़ रही है। हाल के महीनों में हुई कुल कॉर्पोरेट छंटनी में से लगभग एक-तिहाई हिस्सा AI तकनीक के अपनाए जाने के कारण हुआ है। एडीपी प्राइवेट पेरोल और फेडरल रिजर्व का रुख अमेरिकी लेबर मार्केट की रफ्तार धीमी पड़ने के संकेत एडीपी प्राइवेट पेरोल रिपोर्ट से मिले हैं। अगस्त में प्राइवेट सेक्टर में सिर्फ 38,000 नई नौकरियां जुड़ीं, जबकि बाजार का अनुमान 48,000 का था। हालांकि जुलाई के आंकड़ों को संशोधित कर 44,000 से बढ़ाकर 46,000 कर दिया गया। विभिन्न क्षेत्रों का प्रदर्शन इस प्रकार रहा • शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं: इस क्षेत्र में भर्तियों में मजबूती बनी रही और रोजगार वृद्धि दर्ज की गई। • लेजर और हॉस्पिटैलिटी: पर्यटन और मनोरंजन क्षेत्र में जुलाई के मुकाबले बेहतर पेरोल ग्रोथ दर्ज की गई। • कंस्ट्रक्शन: ऊंची ब्याज दरों के बावजूद निर्माण क्षेत्र में नौकरियों की संख्या में इजाफा हुआ। • मैन्युफैक्चरिंग: इस सेक्टर में सुस्ती रही और 17,000 नौकरियों की कटौती हुई। • प्रोफेशनल और बिजनेस सर्विसेज: कॉर्पोरेट खर्चों में कटौती के कारण 16,000 नौकरियां कम हुईं। यह सुस्त एडीपी रिपोर्ट ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स (BLS) के आधिकारिक सरकारी रोजगार आंकड़ों से ठीक पहले आई है। मौद्रिक नीति पर बात करते हुए फेडरल रिजर्व के गवर्नर क्रिस्टोफर वॉलर (जो एफओएमसी में वोटिंग सदस्य हैं) ने जुलाई में कहा था कि यदि कोर इन्फ्लेशन ऊंचा बना रहता है, तो केंद्रीय बैंक को निकट भविष्य में मौद्रिक नीति में सख्ती करने पर विचार करना होगा। विदेशी मुद्रा बाजार: डॉलर-येन और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की स्थिति एडीपी के सुस्त आंकड़ों के बाद अमेरिकी डॉलर पर बिकवाली का दबाव बढ़ा। यूरोप में ट्रेडिंग के दौरान डॉलर के मुकाबले जापानी येन मजबूत हुआ और डॉलर-येन (USD/JPY) टूटकर 157.00 के स्तर से नीचे आ गया। जापानी येन को बैंक ऑफ जापान (BoJ) की ओर से सख्त मौद्रिक नीति के संकेतों और सरकारी हस्तक्षेप के जोखिम से लगातार समर्थन मिल रहा है। दूसरी ओर ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) एशियाई सत्र के दौरान 0.7150 के ऊपर कारोबार करता नजर आया। ऑस्ट्रेलिया के कमजोर व्यापारिक आंकड़ों ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर दबाव बनाया, जिसकी भरपाई चीन के सकारात्मक पीएमआई आंकड़ों से हुई। हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की आशंकाओं से डॉलर को सहारा मिला, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की बढ़त सीमित रही। सोना और ऊर्जा बाजार: डीजल क्रैक स्प्रेड का ऐतिहासिक रिकॉर्ड कीमती धातुओं के बाजार में सोना यूरोपीय सत्र की शुरुआत में $4,450 प्रति औंस के नीचे मजबूती के साथ टिका रहा। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और कमजोर एडीपी आंकड़ों ने सोने को निचले स्तरों से उबरने में मदद की। हालांकि ऊर्जा कीमतों में उछाल और इन्फ्लेशन की चिंताओं के कारण सोने में बड़ी तेजी सीमित रही। ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में शांति के बावजूद रिफाइंड प्रोडक्ट्स में बड़ी तेजी देखी गई। अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड यानी डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड के मुकाबले अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स का प्रीमियम इतिहास में पहली बार $100 प्रति बैरल के पार निकल गया। इसने कारोबार के दौरान $102.00 प्रति बैरल का ऑल-टाइम हाई रिकॉर्ड दर्ज किया, जो वैश्विक रिफाइनिंग क्षमता पर दबाव को दर्शाता है। क्रिप्टोकरेंसी बाजार: रिपल और स्टेलर में अलग-अलग रुझान डिजिटल एसेट बाजार में निवेशकों के सतर्क रुख के बीच रिपल (XRP) और स्टेलर (XLM) में विपरीत तकनीकी चाल देखने को मिली। रिपल अपने प्रमुख सपोर्ट जोन के पास टिका हुआ है और रिकवरी की संभावना तलाश रहा है। इसके विपरीत स्टेलर अपनी कई महत्वपूर्ण मूविंग एवरेज रेखाओं से नीचे गिर गया है, जो इस क्रिप्टोकरेंसी में तकनीकी कमजोरी का संकेत देता है। इसका आप पर असर ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में तेजी और करेंसी मार्केट में उतार-चढ़ाव का सीधा असर विदेशी निवेश, अंतरराष्ट्रीय यात्रा की लागत और आयात-निर्यात पर पड़ता है। • फॉरेक्स ट्रेडर्स: यूरो-डॉलर (EUR/USD) का 1.16 के पास स्थिर होना अमेरिकी रोजगार आंकड़ों से पहले ट्रेडिंग के अहम संकेत देता है। बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ने पर ट्रेडर्स को 1.15 के सपोर्ट लेवल का ध्यान रखना चाहिए। • अंतरराष्ट्रीय यात्री: 1.16 के स्तर पर विनिमय दर स्थिर रहने से यूरोप यात्रा का बजट और विदेशी खर्च फिलहाल नियंत्रित रहेगा। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे फेडरल रिजर्व के फैसले से पहले करेंसी रेट लॉक करें। • कमोडिटी और लॉजिस्टिक्स: डीजल क्रैक स्प्रेड का $100 प्रति बैरल पार जाना माल ढुलाई और ट्रांसपोर्ट ईंधन महंगा कर सकता है। इससे आने वाले दिनों में लॉजिस्टिक्स और शिपिंग पर अतिरिक्त शुल्क लग सकता है। • क्रिप्टो निवेशक: रिपल और स्टेलर के बीच तकनीकी अंतर दिखाता है कि डिजिटल एसेट्स में चुनिंदा खरीदारी हो रही है। निवेशकों को चलती-औसत (EMA) के स्तरों पर नजर रखकर जोखिम प्रबंधन करना चाहिए। सवाल-जवाब 1. यूरो-डॉलर (EUR/USD) की मौजूदा विनिमय दर क्या है? यूरो-डॉलर 1.16 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जिसकी 52-सप्ताह की सीमा 1.13 से 1.20 के बीच है और RSI 54 के तटस्थ स्तर पर बना हुआ है। 2. अगस्त में अमेरिकी प्राइवेट पेरोल में कितनी बढ़ोतरी हुई? अगस्त में अमेरिकी प्राइवेट क्षेत्र में 38,000 नई नौकरियां जुड़ीं, जो बाजार के 48,000 के अनुमान से कम रही। 3. हालिया छंटनी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की क्या भूमिका रही है? रिपोर्ट के अनुसार, हाल के महीनों में कंपनियों द्वारा घोषित कुल छंटनी में से लगभग एक-तिहाई हिस्सा AI तकनीकों के कारण हुआ है। 4. यूरोपीय बॉन्ड यील्ड में हाल में कितना बदलाव आया है? जुलाई की शुरुआत से अब तक 10-वर्षीय जर्मन सरकारी बॉन्ड की यील्ड में 50 बेसिस प्वाइंट और 2-वर्षीय बॉन्ड में 40 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 5. अमेरिकी डीजल बाजार ने कौन सा ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है? अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड इतिहास में पहली बार $100 प्रति बैरल के पार पहुंचा और $102.00 के सर्वकालिक उच्च स्तर को छू लिया। https://trendkia.com/market/globala-bonda-yilda-men-uchhala-ke-bicha-1-16-para-bana-euro-janie-us-rojagara-ankaron-aura-marketa-ka-hala-27000 TrendKia — Har trend, sabse pehle.