# ग्लोबल करेंसी मार्केट में ब्रिटिश पाउंड पर दबाव गहराया, बैंक ऑफ जापान के फैसले और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट से डॉलर सीमित

> ब्रिटिश पाउंड में बिकवाली का दबाव 1.3300 के स्तर की ओर बढ़ने की आशंका बनी हुई है, जबकि बैंक ऑफ जापान द्वारा ब्याज दरें बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत करने और कमजोर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड ने वैश्विक मुद्रा बाजार में नए समीकरण बना दिए हैं।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/globala-karensi-marketa-men-british-pound-para-dabava-gaharaya-bank-of-japan-ke-phaisale-aura-ameriki-bonda-yilda-men-giravata-se--33536 · **Language:** Hindi
**Tags:** ब्रिटिश पाउंड, फॉरेक्स मार्केट, अमेरिकी डॉलर, बैंक ऑफ जापान, सोने का भाव, ब्याज दरें

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में ब्रिटिश पाउंड पर दबाव लगातार बना हुआ है। हालिया कारोबारी सत्रों में तेज गिरावट के बाद तकनीकी स्तरों पर पाउंड का रुझान नीचे की ओर खिसकता दिखाई दे रहा है। प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की चाल, विभिन्न केंद्रीय बैंकों के नीतिगत फैसलों और बॉन्ड बाजार में उतार-चढ़ाव ने विदेशी मुद्रा विनिमय दरों को व्यापक रूप से प्रभावित किया है। एक तरफ जहां ब्रिटिश पाउंड अपने प्रमुख सपोर्ट स्तरों का परीक्षण कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ बैंक ऑफ जापान के ताजा दर वृद्धि फैसले और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी ने डॉलर की तेजी पर लगाम कसी है।

## ब्रिटिश पाउंड में तकनीकी बिकवाली और प्रमुख सपोर्ट स्तर
विदेशी मुद्रा बाजार में ब्रिटिश पाउंड (GBP) बुधवार को तेजी से गिरकर 1.3375 के स्तर तक आ गया था। इसके बाद अगले कारोबारी दिन 17 सितंबर को जब पाउंड का हाजिर भाव 1.3385 पर कारोबार कर रहा था, तब बाजार के तकनीकी संकेत 1.3350 की ओर और कमजोरी की संभावना जता रहे थे। हालांकि अल्पकालिक बाजार स्थितियां अत्यधिक बिकवाली (ओवरसोल्ड) के दायरे में थीं, फिर भी पाउंड में बिकवाली का यह दबाव थमा नहीं। बाद के सत्र में ब्रिटिश पाउंड शुरुआत में बढ़कर 1.3407 तक पहुंचा, लेकिन इसके तुरंत बाद तेज बिकवाली हावी हो गई और भाव लुढ़ककर 1.3337 के निचले स्तर तक चला गया। सत्र के अंत में पाउंड 0.16 प्रतिशत की दैनिक गिरावट के साथ 1.3358 पर बंद हुआ।

तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि इतनी तेज गिरावट के बावजूद तत्काल आधार पर नीचे की ओर गति में कोई नया इजाफा नहीं देखा गया है। ऐसे में ब्रिटिश पाउंड के सीधे लगातार गिरने के बजाय 1.3335 से 1.3390 के सीमित दायरे में कारोबार करने की संभावना अधिक नजर आ रही है। यदि ऊपर की तरफ कोई रिकवरी देखने को मिलती है, तो उसे 1.3435 के नीचे ही बने रहने की उम्मीद है, जिसमें 1.3410 पर हल्का प्रतिरोध स्तर मौजूद है।

## लंबी अवधि का दृष्टिकोण और 1.3300 का तकनीकी लक्ष्य
एक से तीन हफ्तों के तकनीकी दृष्टिकोण के अनुसार, ब्रिटिश पाउंड के लिए नीचे की ओर जोखिम अभी भी बना हुआ है। पाउंड पहले ही 1.3350 के स्तर को तोड़ते हुए 1.3337 के निचले स्तर तक पहुंच चुका है। हालांकि बाजार की स्थितियां काफी गहरी बिकवाली की स्थिति दर्शा रही हैं, इसलिए यह देखना बाकी है कि क्या पाउंड में अगले प्रमुख तकनीकी लक्ष्य 1.3300 तक पहुंचने के लिए पर्याप्त मंदी का मोमेंटम बचा है या नहीं।

ऊपर के स्तरों की बात करें तो ब्रिटिश पाउंड के लिए 1.3435 का स्तर एक मजबूत प्रतिरोध के रूप में देखा जा रहा है। यह स्तर पहले 1.3460 पर स्थित था। यदि पाउंड इस 1.3435 के मजबूत प्रतिरोध स्तर को पार करने में सफल हो जाता है, तो यह स्पष्ट संकेत होगा कि ब्रिटिश पाउंड में चल रही हालिया कमजोरी अब स्थिर हो रही है और मंदी का दौर थम सकता है।

## ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में मजबूती और आरबीए का रुख
दूसरी ओर, शुक्रवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) में लगातार दूसरे दिन तेजी का रुख देखा गया। यह मुद्रा जोड़ी 0.7100 के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर बनी रही। इस मजबूती के पीछे मुख्य वजह अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई नरमी रही, जिसने अमेरिकी डॉलर के खरीदारों को बैकफुट पर धकेल दिया।

इसके साथ ही, रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की गवर्नर बुलक की आक्रामक टिप्पणियों ने ब्याज दरों में आगे बढ़ोतरी के दांव को मजबूत किया, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को अच्छा समर्थन मिला। हालांकि, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक नीतिगत रुख और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं ने अमेरिकी डॉलर के नुकसान को सीमित रखा और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की बढ़त पर एक निश्चित सीमा लगा दी।

## बैंक ऑफ जापान की आश्चर्यजनक दर वृद्धि और जापानी येन की चाल
जापानी येन से जुड़ी जोड़ी (USD/JPY) ने शुक्रवार को यूरोपीय सत्र के दौरान 157.30 के करीब बने दो सप्ताह के उच्चतम स्तर से अपनी तेजी को वापस मोड़ लिया। बैंक ऑफ जापान के गवर्नर उएदा द्वारा मौद्रिक नीति बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए गए बयानों से जापानी येन को कुछ राहत मिली। दिन में पहले, जापानी केंद्रीय बैंक ने 7-2 के अप्रत्याशित बहुमत वाले मतदान के साथ अपनी प्रमुख ब्याज दर को बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया था।

जापान की दशकों पुरानी बेहद कम ब्याज दरों की नीति ने दस से अधिक वर्षों तक वैश्विक स्तर पर खरबों डॉलर के निवेश को वित्तपोषित करने में मदद की थी। इसके चलते जापानी येन दुनिया में फंडिंग के सबसे सस्ते स्रोतों में से एक बन गया था। बैंक ऑफ जापान द्वारा नीति को कड़ा करने के कदमों के साथ ही यह ऐतिहासिक लाभ अब एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है। जहां दुनिया की अधिकांश प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं ने मुद्रास्फीति से निपटने के लिए ब्याज दरों में भारी बढ़ोतरी की, वहीं जापान लंबे समय तक दुनिया का अकेला अपवाद बना रहा था, लेकिन अब वहां भी नीतिगत बदलाव स्पष्ट हो रहे हैं।

## सोने में लिवाली और कच्चे तेल का प्रभाव
कमोडिटी बाजार में सोने ने लगातार दूसरे कारोबारी दिन बढ़त दर्ज की और यूरोपीय सत्र की शुरुआत में एक नया साप्ताहिक उच्च स्तर छू लिया। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड अपने कई वर्षों के उच्च स्तर से और नीचे फिसल गई। कच्चे तेल की कीमतों में आई हालिया नरमी ने तुरंत अनियंत्रित मुद्रास्फीति के पैदा होने की आशंकाओं को कम करने में मदद की है। बॉन्ड यील्ड की इस कमजोरी और कच्चे तेल की गिरावट ने अमेरिकी डॉलर की बढ़त को रोक दिया, जिससे सर्राफा बाजार में सोने को सीधा समर्थन मिला।

## इसका आप पर असर
वैश्विक मुद्रा बाजारों में पाउंड और येन की चाल से अंतरराष्ट्रीय व्यापार, विदेश यात्रा और कमोडिटी कीमतों पर असर पड़ेगा।

- **भारतीय यात्रियों और छात्रों के लिए:** ब्रिटिश पाउंड में कमजोरी से ब्रिटेन में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों की फीस और वहां यात्रा करने वालों का खर्च कुछ हद तक सस्ता हो सकता है। यदि पाउंड 1.3300 के स्तर की तरफ और फिसलता है, तो भारतीय मुद्रा के मुकाबले पाउंड का रूपांतरण अनुकूल रहेगा।
- **फॉरेक्स और करेंसी ट्रेडर्स के लिए:** मुद्रा व्यापारियों को पाउंड में 1.3335 और 1.3390 के बीच सीमित दायरे में कारोबार के लिए तैयार रहना चाहिए। 1.3435 के प्रमुख प्रतिरोध स्तर के टूटने पर ही लंबी अवधि के नए लॉन्ग पोजीशन बनाने की सलाह रहेगी।
- **सोने के खरीदारों और निवेशकों के लिए:** अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और कच्चे तेल के सस्ते होने से सोने की कीमतों को सहारा मिल रहा है। घरेलू बाजार में भी सोने के दामों में मजबूती का रुख देखने को मिल सकता है।
- **वैश्विक कर्ज और कैरी ट्रेड निवेशकों के लिए:** बैंक ऑफ जापान द्वारा ब्याज दर बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत करने से दशकों पुराना सस्ता जापानी येन फंडिंग मॉडल महंगा हो रहा है। इसके परिणामस्वरूप वैश्विक बाजारों में कर्ज आधारित निवेशों में पुनर्संतुलन देखा जा सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में यह उथल-पुथल प्रमुख केंद्रीय बैंकों की विपरीत मौद्रिक नीतियों, बॉन्ड यील्ड में बदलाव और तकनीकी बिकवाली के मिले-जुले असर के कारण देखने को मिली है।

- **पाउंड में तकनीकी दबाव:** ब्रिटिश पाउंड में हालिया तेज गिरावट के चलते यह महत्वपूर्ण सपोर्ट 1.3350 के नीचे फिसल गया और 1.3337 तक जा पहुंचा। तकनीकी रूप से अत्यधिक बिकवाली की स्थिति होने के बावजूद बाजार में पर्याप्त रिकवरी मोमेंटम की कमी बनी हुई है।
- **बैंक ऑफ जापान का कड़ा फैसला:** बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के आश्चर्यजनक बहुमत से ब्याज दरों को बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया। गवर्नर उएदा की टिप्पणियों ने येन को समर्थन दिया और दशकों पुरानी शून्य ब्याज दर व्यवस्था के अंत का संकेत दिया।
- **बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल में नरमी:** कच्चे तेल की कीमतों में हालिया गिरावट से तुरंत महंगाई भड़कने का डर घटा, जिससे अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बहु-वर्षीय उच्च स्तर से नीचे आ गई। इसने डॉलर की बढ़त को रोका और सोने को बढ़ावा दिया।
- **फेड और भू-राजनीतिक कारक:** अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख और दुनिया भर में जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं ने अमेरिकी डॉलर को पूरी तरह कमजोर होने से बचाए रखा है।

## सवाल-जवाब

### 1. ब्रिटिश पाउंड के लिए अगला प्रमुख तकनीकी लक्ष्य क्या है?
तकनीकी विश्लेषण के अनुसार यदि मंदी का दबाव बना रहता है, तो ब्रिटिश पाउंड के लिए अगला नकारात्मक लक्ष्य 1.3300 का स्तर है।

### 2. ब्रिटिश पाउंड में कमजोरी थमने का क्या संकेत होगा?
यदि पाउंड 1.3435 के मजबूत प्रतिरोध स्तर को पार कर जाता है, तो यह माना जाएगा कि मौजूदा बिकवाली का दबाव स्थिर हो रहा है।

### 3. बैंक ऑफ जापान ने ब्याज दरों में क्या बदलाव किया है?
बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपनी ब्याज दर को बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया है।

### 4. सोने की कीमतों में तेजी का मुख्य कारण क्या रहा?
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और कच्चे तेल के दामों में नरमी से डॉलर की बढ़त थमने के कारण सोने को सहारा मिला।

### 5. ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को किस वजह से समर्थन मिला?
रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की गवर्नर बुलक के आक्रामक बयानों और कमजोर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को बढ़त मिली।

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