ग्लोबल करेंसी मार्केट में डॉलर की तेजी पर लगा ब्रेक, क्या साल के अंत तक टूटेगा अमेरिकी दबदबा टीडी सिक्योरिटीज के विश्लेषण के अनुसार प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की हालिया रैली अब अत्यधिक खिंच चुकी है, जिससे इसके नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने की संभावना काफी सीमित नजर आ रही है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में लंबे समय से जारी अमेरिकी डॉलर की बढ़त अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंचती दिख रही है जहां से आगे की राह आसान नहीं होगी। टीडी सिक्योरिटीज के टीडी मैक्रो रिसर्च इनसाइट के मूल्यांकन के अनुसार प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मौजूदा रैली काफी हद तक खिंच चुकी है। विश्लेषकों का मानना है कि फेडरल रिजर्व के मौजूदा ब्याज दर वृद्धि चक्र के दौरान डॉलर इंडेक्स द्वारा नए रिकॉर्ड उच्च स्तर को तोड़ पाना अब बेहद अस्वाभाविक लगता है। महीने के अंत में वैश्विक पोर्टफोलियो में होने वाला इक्विटी रीबैलेंसिंग फ्लो, अमेरिकी रोजगार बाजार के अनुमान से कमजोर आंकड़े और जी10 मुद्राओं के खिलाफ जरूरत से ज्यादा डॉलर पोजीशनिंग इस बात के ठोस संकेत दे रहे हैं कि आने वाले दिनों में डॉलर पर मंदी का दबाव गहरा सकता है। इसके साथ ही संभावित अमेरिकी डीजल निर्यात प्रतिबंध और भू-राजनीतिक तनाव जैसे कारक भी बाजार के समीकरणों को प्रभावित कर रहे हैं। डॉलर के हालिया उछाल के पीछे के प्रमुख कारण बीते सप्ताह फेडरल ओपन मार्केट कमेटी यानी एफओएमसी की बैठक के बाद अमेरिकी डॉलर में तेजी देखी गई थी। इस रैली को टिकाए रखने में अमेरिका के उम्मीद से बेहतर परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स यानी पीएमआई आंकड़ों और अमेरिकी डीजल निर्यात पर संभावित प्रतिबंध से जुड़ी खबरों ने अहम भूमिका निभाई थी। इन दोनों कारकों ने मिलकर बाजार में एक ऐसा माहौल बनाया जिसने निवेशकों को डॉलर में अपनी खरीदारी बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। हालांकि बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह रफ्तार बुनियादी आर्थिक मजबूती से ज्यादा तात्कालिक प्रतिक्रियाओं पर आधारित थी, जिसकी वजह से मौजूदा स्तरों पर डॉलर का टिके रहना मुश्किल होता जा रहा है। मंथ-एंड रीबैलेंसिंग और मुद्राओं का रुख विदेशी मुद्रा दरों के समायोजन के बाद वैश्विक इक्विटी सूचकांकों के रिटर्न का तुलनात्मक अध्ययन करने पर टीडी सिक्योरिटीज का रीबैलेंसिंग फ्रेमवर्क यह दर्शाता है कि महीने के अंत में अमेरिकी डॉलर से 1.0 से 1.5 जेड-स्कोर के बराबर पूंजी बाहर निकल सकती है। यह सरप्लस पूंजी मुख्य रूप से यूरो (EUR), ब्रिटिश पाउंड (GBP) और कैनेडियन डॉलर (CAD) जैसी मुद्राओं की ओर रुख करेगी। इसके अतिरिक्त ट्रेंड-फॉलोइंग मॉडल यह चेतावनी दे रहे हैं कि यूरो, पाउंड और कैनेडियन डॉलर के अलावा स्वीडिश क्रोना (SEK) और मैक्सिकन पेसो (MXN) के मुकाबले भी डॉलर की तेजी अब अत्यधिक अति-विस्तारित हो चुकी है। इसका सीधा मतलब यह है कि तकनीकी स्तरों पर अमेरिकी मुद्रा अब करेक्शन के मुहाने पर खड़ी है। अमेरिकी रोजगार और आर्थिक आंकड़ों पर नजर अमेरिकी डॉलर के भविष्य के रुख को तय करने में अमेरिका के श्रम बाजार के आंकड़े निर्णायक साबित होंगे। टीडी सिक्योरिटीज का सितंबर माह के लिए अमेरिकी पेरोल पूर्वानुमान आम बाजार सहमति यानी कंसेंसस की तुलना में काफी कमजोर है। यह कमजोरी न केवल हेडलाइन जॉब्स ग्रोथ में दिखने की आशंका है, बल्कि बेरोजगारी दर यानी यूई रेट के मोर्चे पर भी निराशा देखने को मिल सकती है। जब रोजगार बाजार ठंडा पड़ेगा, तो अमेरिकी फेडरल रिजर्व के लिए ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो जाएगा, जिससे ग्रीनबैक की मांग पर सीधा नकारात्मक असर पड़ेगा। एशियाई सत्र में प्रमुख करेंसी जोड़ियों की स्थिति बुधवार के कारोबारी सत्र के दौरान एशियाई बाजारों में अलग-अलग करेंसी जोड़ियों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी (AUD/USD) 0.6950 के करीब दो महीने के निचले स्तर पर कारोबार करती नजर आई। अगस्त के ऑस्ट्रेलियाई अंतर्निहित सीपीआई मुद्रास्फीति के आंकड़े बाजार की उम्मीदों से काफी कमजोर रहे, जिसने रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (आरबीए) द्वारा भविष्य में ब्याज दरें बढ़ाए जाने की संभावनाओं पर पानी फेर दिया। इसके साथ ही चीन के कमजोर पीएमआई आंकड़ों ने भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को कोई खास राहत नहीं दी, भले ही डॉलर की तेजी कुछ समय के लिए रुकी हुई थी। दूसरी तरफ अमेरिकी डॉलर और जापानी येन की जोड़ी (USD/JPY) 157.00 के नीचे दबाव में बनी रही। बैंक ऑफ जापान (बीओजे) की ओर से सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदों और जापानी अधिकारियों द्वारा बाजार में हस्तक्षेप के जोखिम ने येन को सहारा दिया, जिसने जापान के निराशाजनक फैक्ट्री उत्पादन और कमजोर खुदरा बिक्री आंकड़ों के असर को काफी हद तक सीमित कर दिया। सोने की चाल और बिटकॉइन का कंसॉलिडेशन कमोडिटी और डिजिटल एसेट बाजारों में भी डॉलर की चाल का असर स्पष्ट दिखा। यूरोपीय सत्र के दौरान सोना अपनी कंसॉलिडेशन प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए 4,200 डॉलर के स्तर के आसपास कारोबार करता रहा। मंगलवार को छुए गए दो महीने के उच्च स्तर से अमेरिकी डॉलर के फिसलने और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट ने सोने के लिए सपोर्ट का काम किया। हालांकि फेडरल रिजर्व की ओर से सख्त नीतिगत रुख की आशंकाओं ने सोने की इस बढ़त को सीमित भी रखा, क्योंकि निवेशक किसी भी नए दांव से पहले आगामी व्यापक आर्थिक आंकड़ों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। वहीं डिजिटल संपत्तियों के बाजार में बिटकॉइन बुधवार को 83,000 डॉलर के आसपास स्थिर होता दिखा। हफ्ते की शुरुआत में खरीदार बिटकॉइन को 85,000 डॉलर के अहम स्तर के ऊपर बंद कराने में नाकाम रहे थे। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और सप्ताह के दौरान आने वाले महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों के मद्देनजर क्रिप्टो निवेशक फिलहाल बेहद सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। पीसीई प्राइस इंडेक्स डेटा का इंतजार वैश्विक वित्तीय बाजारों की तात्कालिक दिशा तय करने के लिए अब सभी की निगाहें अमेरिकी ब्यूरो ऑफ इकोनॉमिक एनालिसिस पर टिकी हैं। ब्यूरो बुधवार को 12:30 जीएमटी पर अगस्त महीने के पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर्स यानी पीसीई प्राइस इंडेक्स के आंकड़े जारी करने जा रहा है। वित्तीय बाजार इस आंकड़े पर इसलिए बेहद बारीक नजर रखते हैं क्योंकि पीसीई प्राइस इंडेक्स फेडरल रिजर्व का पसंदीदा मुद्रास्फीति पैमाना है। इस आंकड़े से मिलने वाले संकेत ही यह तय करेंगे कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक अपनी आगामी मौद्रिक नीति में ब्याज दरों को लेकर क्या रुख अख्तियार करता है, जिसका सीधा असर डॉलर, बॉन्ड यील्ड और वैश्विक शेयर बाजारों पर पड़ेगा। इसका आप पर असर अमेरिकी डॉलर की चाल और आगामी महंगाई आंकड़ों से अंतरराष्ट्रीय व्यापार, सोने के भाव और निवेश पोर्टफोलियो पर सीधा असर पड़ने जा रहा है। • मुद्रा बाजार पर असर: महीने के अंत में पूंजी डॉलर से निकलकर यूरो और पाउंड जैसी मुद्राओं में जा सकती है। इससे आयात-निर्यात से जुड़े कारोबारियों को विदेशी मुद्रा विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। • सोने के खरीदार: डॉलर की मजबूती रुकने और बॉन्ड यील्ड घटने से सोने की कीमतों को 4,200 डॉलर के पास सपोर्ट मिल रहा है। आभूषण खरीदारों और निवेशकों को घरेलू बाजार में कीमतों में स्थिरता या मामूली उछाल देखने को मिल सकता है। • क्रिप्टो निवेशक: बिटकॉइन 85,000 डॉलर का स्तर पार करने में असफल रहने के बाद 83,000 डॉलर के करीब ट्रेड कर रहा है। नए निवेशकों को बड़ा दांव लगाने से पहले आगामी अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों की दिशा साफ होने का इंतजार करना चाहिए। • ब्याज दरें और मुद्रास्फीति: बुधवार को आने वाला पीसीई इंडेक्स अमेरिकी केंद्रीय बैंक के नीतिगत फैसलों का रुख तय करेगा। अगर महंगाई नरम रहती है तो दुनिया भर के बाजारों में लिक्विडिटी और राहत की उम्मीदें बढ़ेंगी। ऐसा क्यों हुआ अमेरिकी डॉलर की बढ़त पर लगाम लगने का मुख्य कारण तकनीकी स्तरों का खिंच जाना और आने वाले आर्थिक आंकड़ों को लेकर बदलती बाजार धारणाएं हैं। • तकनीकी खिंचाव और रीबैलेंसिंग: ट्रेंड-फॉलोइंग मॉडल बताते हैं कि डॉलर की तेजी यूरो और पाउंड के मुकाबले अत्यधिक स्तर पर पहुंच चुकी है। इसके चलते महीने के अंत में फंड मैनेजर्स डॉलर बेचकर अन्य मुद्राओं की तरफ 1.0 से 1.5 जेड-स्कोर का फ्लो डाइवर्ट कर रहे हैं। • कमजोर पेरोल अनुमान: सितंबर महीने के रोजगार आंकड़े आम सहमति से कमजोर रहने का अनुमान लगाया गया है। हेडलाइन जॉब्स और बेरोजगारी दर में संभावित नरमी फेडरल रिजर्व द्वारा दर वृद्धि की संभावनाओं को कमजोर कर रही है। • महंगाई डेटा को लेकर सतर्कता: अगस्त के पीसीई प्राइस इंडेक्स के जारी होने से पहले ट्रेडर आक्रामक खरीदारी से बच रहे हैं। नीतिगत ब्याज दरों का रुख पूरी तरह इस आंकड़े पर निर्भर होने के कारण डॉलर का नया शिखर छूना रुक गया है। सवाल-जवाब 1. टीडी सिक्योरिटीज के अनुसार डॉलर की तेजी पर क्या राय है? टीडी सिक्योरिटीज का मानना है कि प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मौजूदा रैली बहुत ज्यादा खिंच चुकी है और यह मौजूदा फेड चक्र में नए उच्च स्तर बनाने में सक्षम नहीं होगी। 2. महीने के अंत में किस तरह के करेंसी फ्लो की उम्मीद है? मॉडल के अनुसार महीने के अंत में अमेरिकी डॉलर से 1.0 से 1.5 जेड-स्कोर के बराबर पूंजी निकलकर यूरो, ब्रिटिश पाउंड और कैनेडियन डॉलर में जा सकती है। 3. ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में गिरावट क्यों देखने को मिली? अगस्त के ऑस्ट्रेलियाई अंतर्निहित सीपीआई आंकड़े कमजोर आने और चीन के सुस्त पीएमआई आंकड़ों के चलते AUD/USD 0.6950 के निचले स्तर के करीब आ गया। 4. सोना किस स्तर पर कारोबार कर रहा है? यूरोपीय सत्र के दौरान सोना 4,200 डॉलर के स्तर के आसपास कंसॉलिडेट हो रहा है, जिसे गिरती बॉन्ड यील्ड का सहारा मिला है। 5. बिटकॉइन की ताजा स्थिति क्या है? बिटकॉइन 85,000 डॉलर के स्तर को पार करने में विफल रहने के बाद बुधवार को 83,000 डॉलर के आसपास कारोबार करता नजर आया। 6. पीसीई प्राइस इंडेक्स का डेटा कब जारी होगा? अमेरिकी ब्यूरो ऑफ इकोनॉमिक एनालिसिस द्वारा बुधवार को 12:30 जीएमटी पर अगस्त का पीसीई प्राइस इंडेक्स जारी किया जाएगा। https://trendkia.com/market/globala-karensi-marketa-men-dollar-ki-teji-para-laga-breka-kya-sala-ke-anta-taka-tutega-ameriki-dabadaba-40562 TrendKia — Har trend, sabse pehle.