ग्लोबल मार्केट अपडेट: एस्ट्रा मॉडल से AI हार्डवेयर मांग में तेजी, रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा डीजल क्रैक स्प्रेड अमरीका में लेबर डे की छुट्टी के बीच वैश्विक बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। चैटजीपीटी के नए एस्ट्रा मॉडल के चलते सेमीकंडक्टर और AI शेयरों में उछाल दर्ज किया गया, जबकि डीजल क्रैक स्प्रेड पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। अमरीका में लेबर डे की छुट्टी के बाद वैश्विक शेयर और मुद्रा बाजारों में हलचल देखने को मिल रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक में नए इनोवेशन की वजह से टेक्नोलॉजी शेयरों में तेजी दर्ज की गई है, जबकि ऊर्जा बाजार में डीजल रिफाइंड प्रोडक्ट्स का स्प्रेड ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया है। अमरीकी बाजारों में छुट्टी के कारण एशियाई बाजारों में कारोबार की मात्रा कम रही, लेकिन वहां बढ़त देखने को मिली। वहीं यूरोपीय बाजारों में मिला-जुला रुख रहा, जहां बढ़ते बॉन्ड यील्ड का असर रियल एस्टेट सेक्टर पर पड़ा। विदेशी मुद्रा बाजार में जापानी येन की मजबूती ने अमरीकी डॉलर पर दबाव बनाया, जबकि सोने की कीमतों में गिरावट का सिलसिला रुक गया। तकनीकी क्षेत्र का दबदबा और AI कंप्यूट की बढ़ती मांग शेयर बाजार की तेजी में सबसे आगे टेक्नोलॉजी सेक्टर रहा। सेमीकंडक्टर बनाने वाली कंपनियों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े हार्डवेयर निर्माताओं के शेयरों में शानदार बढ़त दर्ज की गई। इस तेजी की मुख्य वजह चैटजीपीटी (ChatGPT) द्वारा शुक्रवार को अपने नए एस्ट्रा (Astra) मॉडल का ऐलान करना था। एस्ट्रा मॉडल को जटिल तार्किक और रीजनिंग वाले कार्यों को हल करने के लिए तैयार किया गया है, जो इस क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। एस्ट्रा मॉडल की लॉन्चिंग ने हार्डवेयर और प्रोसेसिंग क्षमता से जुड़ी बाजार की सोच को बदल दिया है। इस तरह के एडवांस रीजनिंग मॉडल को चलाने के लिए भारी मात्रा में कंप्यूटिंग पावर, ज्यादा मेमोरी कैपेसिटी और हाई-इंटेंसिटी वाले ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (GPU) की जरूरत होती है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि एस्ट्रा ने उस धारणा को खारिज कर दिया है, जिसमें कहा जा रहा था कि AI हार्डवेयर की मांग या कंप्यूटिंग जरूरतें अब स्थिर हो रही हैं। इसके विपरीत, नई तकनीक ने यह साफ कर दिया है कि हाई-परफॉर्मिंग सेमीकंडक्टर और इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश की जरूरत बनी रहेगी। यूरोपीय और वैश्विक शेयर बाजारों का हाल यूरोपीय शेयर बाजारों में सोमवार को मिला-जुला और सपाट कारोबार देखने को मिला। प्रमुख सूचकांक स्टॉक्स 600 (Stoxx 600) बिना किसी बड़े बदलाव के सपाट स्तर पर बंद हुआ। हालांकि क्षेत्रीय स्तर पर प्रदर्शन में थोड़ा अंतर देखा गया, जहां ओएमएक्स नॉर्डिक (OMX Nordic) सूचकांक में 0.4 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई। इसे क्षेत्र की टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्रियल कंपनियों से सहारा मिला। दूसरी तरफ, रियल एस्टेट और ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील माने जाने वाले अन्य सेक्टर पिछड़ गए। सरकारी बॉन्ड यील्ड में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने भारी पूंजी वाले उद्योगों और प्रॉपर्टी डेवलपर्स के लिए चुनौतियां खड़ी कर दीं, जिससे टेक शेयरों से मिली बढ़त का असर कम हो गया। वैश्विक स्तर पर, अमरीका में लेबर डे की वजह से बाजार बंद रहने के कारण एशियाई बाजारों में कम ट्रेडिंग वॉल्यूम के बावजूद तेज उछाल देखने को मिला। मंगलवार सुबह के कारोबार में अमरीकी शेयर सूचकांकों के वायदा कारोबार में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ और वे सपाट बने रहे। विदेशी मुद्रा बाजार: येन, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और डॉलर की स्थिति करंसी मार्केट में जापानी येन की मजबूती और अमरीकी डॉलर पर दबाव सबसे प्रमुख घटनाक्रम रहा। मंगलवार के एशियाई ट्रेडिंग सेशन के दौरान USD/JPY करंसी पेयर फिसलकर छह महीने के निचले स्तर 153.50 के करीब पहुंच गया। येन को जापान के सकारात्मक आर्थिक आंकड़ों से मजबूती मिली है, जिनमें वेतन वृद्धि के बेहतर आंकड़े और दूसरी तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में ऊपर की तरफ किया गया संशोधन शामिल है। इन आंकड़ों के बाद बाजार में यह उम्मीद पक्की हो गई है कि बैंक ऑफ जापान (BoJ) अगले हफ्ते होने वाली अपनी नीतिगत बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। दूसरी ओर, AUD/USD करंसी पेयर मंगलवार के एशियाई सत्र में 0.7200 के स्तर से ऊपर कारोबार करता दिखा, जो 14 मई के बाद का इसका उच्चतम स्तर है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को अमरीकी डॉलर की कमजोरी का फायदा मिला। जापानी येन में आई जबरदस्त तेजी ने अमरीकी डॉलर को मिलने वाले उस सहारे को भी कमजोर कर दिया, जो उसे फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और भू-राजनीतिक तनावों से मिल रहा था। इसके अलावा, इस बात की भी संभावना जताई जा रही है कि रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) इस महीने के अंत में ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी कर सकता है, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को बल मिला। हालांकि चीन के मिले-जुले व्यापार संतुलन के आंकड़ों ने AUD/USD की बढ़त को सीमित रखा। कमोडिटी बाजार: सोने में सुधार और डीजल का रिकॉर्ड क्रैक स्प्रेड कमोडिटी बाजार की बात करें तो मंगलवार के एशियाई कारोबारी सत्र में सोने में खरीदारी देखने को मिली, जिससे पिछले दो दिनों से जारी गिरावट पर रोक लग गई। सोने में इस सुधार का मुख्य कारण अमरीकी डॉलर का अपने तीन हफ्ते के उच्चतम स्तर से नीचे आना रहा, जिसे जापानी येन की तेजी ने और बढ़ावा दिया। हालांकि, सोने की बढ़त पर एक सीमा बनी रही, क्योंकि अमरीकी फेडरल रिजर्व की ओर से सख्त मौद्रिक नीति जारी रहने की उम्मीदों और वैश्विक अनिश्चितताओं ने सुरक्षित निवेश के रूप में अमरीकी डॉलर को सहारा दिया। ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल और रिफाइंड ईंधन के बीच एक बड़ा अंतर देखने को मिला। क्रूड ऑयल मार्केट भले ही शांत नजर आ रहा हो, लेकिन डीजल बाजार में सप्लाई की भारी किल्लत के संकेत मिल रहे हैं। अमरीकी डीजल क्रैक स्प्रेड, यानी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड ऑयल के मुकाबले अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल वायदा का प्रीमियम, इतिहास में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया। इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान यह स्प्रेड 102.00 डॉलर प्रति बैरल से कुछ ऊपर के रिकॉर्ड ऑल-टाइम हाई स्तर को छू गया, जो रिफाइनिंग मार्जिन और मिडिल डिस्टिलेट फ्यूल सप्लाई पर अत्यधिक दबाव को दर्शाता है। इसका आप पर असर वैश्विक वित्तीय बाजारों में हो रहे इन बदलावों का असर भारतीय निवेशकों, ईंधनों की कीमतों और टेक क्षेत्र पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से पड़ेगा। • भारत में: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डीजल क्रैक स्प्रेड 102 डॉलर प्रति बैरल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने से भारतीय तेल रिफाइनरी कंपनियों के मार्जिन पर असर पड़ेगा। इससे आने वाले दिनों में देश में लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई की लागत बढ़ सकती है। • वैश्विक स्तर पर: चैटजीपीटी के एस्ट्रा मॉडल से AI सेमीकंडक्टर की मांग बढ़ने का असर भारतीय आईटी कंपनियों और ग्लोबल टेक फंड्स में निवेश करने वाले भारतीय निवेशकों के पोर्टफोलियो पर दिखेगा। • मुद्रा बाजार पर: अमरीकी डॉलर में कमजोरी और जापानी येन में मजबूती से वैश्विक व्यापार संतुलन प्रभावित हो सकता है, जिससे भारतीय रुपये की विनिमय दर पर भी असर पड़ेगा। • सोने के निवेशकों के लिए: सोने की कीमतों में स्थिरता और निचले स्तरों से रिकवरी से सुरक्षित निवेश की तलाश कर रहे निवेशकों को राहत मिलेगी। ऐसा क्यों हुआ वैश्विक बाजारों में इस हलचल के पीछे प्रौद्योगिकी के नए विकास, केंद्रीय बैंकों की नीतियां और ऊर्जा बाजार की सप्लाई स्थितियां मुख्य कारण रही हैं। • AI तकनीक में प्रगति: चैटजीपीटी द्वारा रीजनिंग-आधारित एस्ट्रा मॉडल पेश किए जाने के बाद AI हार्डवेयर, सेमीकंडक्टर और हाई-स्पीड मेमोरी की मांग अचानक बढ़ गई है। • जापान के आर्थिक आंकड़े: जापान में मजबूत वेतन वृद्धि और दूसरी तिमाही के GDP आंकड़ों में सकारात्मक संशोधन से यह तय माना जा रहा है कि बैंक ऑफ जापान ब्याज दरें बढ़ाएगा, जिससे येन मजबूत हुआ। • डीजल सप्लाई में किल्लत: रिफाइनिंग क्षमता की सीमाओं और मिडिल डिस्टिलेट की वैश्विक कमी के कारण अमरीका में डीजल क्रैक स्प्रेड रिकॉर्ड 102.00 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा। • केंद्रीय बैंकों का सख्त रुख: अमरीकी फेडरल रिजर्व की ओर से सख्त मौद्रिक नीति जारी रहने के संकेतों और ऑस्ट्रेलिया में RBA द्वारा दरें बढ़ाने की संभावना ने मुद्रा और कमोडिटी बाजारों को प्रभावित किया है। सवाल-जवाब 1. स्टॉक्स 600 और ओएमएक्स नॉर्डिक का प्रदर्शन कैसा रहा? सोमवार को यूरोपीय बाजार में स्टॉक्स 600 सूचकांक सपाट बंद हुआ, जबकि ओएमएक्स नॉर्डिक सूचकांक में 0.4 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। 2. चैटजीपीटी के नए एस्ट्रा मॉडल का शेयर बाजार पर क्या असर पड़ा? एस्ट्रा मॉडल के कारण सेमीकंडक्टर और AI हार्डवेयर की मांग बढ़ी, जिससे टेक्नोलॉजी सेक्टर के शेयरों में तेजी देखने को मिली। 3. जापानी येन और अमरीकी डॉलर में क्या बदलाव आया? जापान में मजबूत वेतन वृद्धि और GDP आंकड़ों के बाद बैंक ऑफ जापान द्वारा दरें बढ़ाने की उम्मीद से USD/JPY छह महीने के निचले स्तर 153.50 के करीब पहुंच गया। 4. डीजल क्रैक स्प्रेड ने क्या नया रिकॉर्ड बनाया है? अमरीकी डीजल क्रैक स्प्रेड इतिहास में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकलकर 102.00 डॉलर प्रति बैरल के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया। https://trendkia.com/market/globala-marketa-apadeta-astra-modala-se-ai-hardaveyara-manga-men-teji-rikorda-unchai-para-pahuncha-dijala-kraika-spreda-29668 TrendKia — Har trend, sabse pehle.