# अमरीकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट से सोने में तेज़ी, 4,070 डॉलर के स्तर की ओर बढ़ा भाव

> अमरीकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट और मध्य पूर्व तनाव में अस्थाई कमी के कारण सोने की कीमतों में सुधार दर्ज किया गया है, जबकि बाजार की निगाहें फेडरल रिजर्व के आगामी ब्याज दर फैसले पर टिकी हुई हैं।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-07-27 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/gold-gains-strength-toward-4-070-threshold-as-falling-us-treasury-yields-counter-dollar-bounce-11093 · **Language:** Hindi
**Tags:** सोना, गोल्ड प्राइस, क्रूड ऑयल, डोनाल्ड ट्रंप, फेडरल रिजर्व, ट्रेजरी यील्ड, शेयर बाजार, finance

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में सकारात्मक रुख देखा जा रहा है और पीली धातु 4,070 डॉलर प्रति औंस के महत्वपूर्ण स्तर की ओर अग्रसर हो रही है। अमरीकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड में आई गिरावट ने मजबूत होते अमरीकी डॉलर के प्रभाव को बेअसर कर दिया है, जिससे सर्राफा बाजार को सहारा मिला है। ताजा बाजार आंकड़ों के अनुसार सोने का हाजिर भाव 4,088 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद भाव 4,068 डॉलर से 0.50 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है। कारोबारी सत्र के दौरान बॉन्ड यील्ड में गिरावट और भू-राजनीतिक मोर्चे पर आए नए घटनाक्रमों ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है।

## मध्य पूर्व तनाव में राहत और कच्चे तेल की चाल
भू-राजनीतिक घटनाक्रम वित्तीय बाजारों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वाशिंगटन द्वारा सैन्य हमलों पर अस्थाई रोक लगाने के फैसले से बाजार में सकारात्मक माहौल बना है। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बयान दिया कि ईरान बातचीत करना चाहता है और बैठकों का दौर जारी है। उन्होंने कहा, **“ईरान के साथ समझौता होने की संभावना बनी हुई है।”** इस बयान के बाद वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता के बादलों में कमी आई है।

सैन्य गतिविधियों के थमने से कच्चे तेल की कीमतों पर सीधा असर पड़ा है। क्रूड ऑयल के दाम में 6 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह एक सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया। अमरीका और ईरान के बीच दो सप्ताह से जारी हमलों के रुकने से कूटनीतिक समाधान की उम्मीदें बढ़ी हैं। इससे होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही सामान्य होने की संभावना को बल मिला है, जिसका असर वैश्विक कमोडिटी बाजारों पर साफ दिख रहा है।

## अमरीकी आर्थिक आंकड़े और फेडरल रिजर्व का निर्णय
अमरीका में जारी आर्थिक आंकड़ों के अनुसार जून महीने में ड्यूरेबल गुड्स ऑर्डर्स (टिकाऊ सामान के ऑर्डर) में सुधार देखने को मिला है, हालांकि यह आंकड़ा बाजार के अनुमानों से कम रहा। अब निवेशकों की पूरी नजर वेडनसडे को आने वाले फेडरल रिजर्व के मौद्रिक नीति फैसले पर टिकी हुई है। इसके बाद थर्सडे को जारी होने वाले अन्य प्रमुख आर्थिक आंकड़े अमरीकी अर्थव्यवस्था की सेहत की सटीक तस्वीर पेश करेंगे।

आर्थिक संकेतकों के बीच अमरीकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 3.5 बेसिस पॉइंट्स गिरकर 4.645 प्रतिशत पर आ गई है। दूसरी ओर, छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले अमरीकी डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स (DXY) हरे निशान में कारोबार करता दिखा। विदेशी मुद्रा बाजार में इसका मिला-जुला असर देखा गया, जहां GBP/USD की जोड़ी 1.3300 का स्तर तोड़कर नीचे आ गई, जिस पर यूके में सुस्त महंगाई दर और तेल की घटती कीमतों का असर रहा। वहीं EUR/USD की जोड़ी भी अपनी बढ़त गंवाकर 1.1400 के स्तर से नीचे खिसक गई।

## चीन की सोने की मांग और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी
हांगकांग के जनगणना और सांख्यिकी विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार जून महीने में हांगकांग के रास्ते चीन का शुद्ध सोना आयात पिछले साल की समान अवधि की तुलना में दोगुने से अधिक हो गया है। हालांकि, मई महीने के मुकाबले इसमें 5 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि चीन में भौतिक सोने की मांग का रुख कैसा बना हुआ है।

ऐतिहासिक रूप से केंद्रीय बैंक सोने के सबसे बड़े खरीदार रहे हैं। अनिश्चित आर्थिक परिस्थितियों में अपनी राष्ट्रीय मुद्राओं को समर्थन देने के लिए केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार का विविधीकरण करते हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2022 में दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों ने अपने भंडार में 1,136 टन सोना जोड़ा था, जिसकी कुल कीमत लगभग 70 अरब डॉलर थी। रिकॉर्ड की शुरुआत के बाद से यह किसी भी एक वर्ष में केंद्रीय बैंकों द्वारा की गई सबसे बड़ी खरीदारी थी। चीन, भारत और तुर्की जैसे उभरते बाजारों के केंद्रीय बैंक अपने स्वर्ण भंडार को तेजी से बढ़ा रहे हैं।

## तकनीकी विश्लेषण और सोने के प्रमुख स्तर
चार्ट पर सोने की कीमत की चाल से संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में कुछ समेकन (कंसोलिडेशन) देखने को मिल सकता है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) वर्तमान में 47 के स्तर पर है, जो तटस्थ 50 के स्तर के करीब पहुंच रहा है। यदि RSI 50 के पार जाता है तो यह तेजी का स्पष्ट संकेत होगा। मूविंग एवरेज के संदर्भ में 50-दिवसीय EMA 4,229 डॉलर और 200-दिवसीय EMA 4,269 डॉलर पर स्थित है, जो दीर्घकालिक रुझान को दर्शाते हैं।

सोने में तेजी का सिलसिला जारी रहने के लिए XAU/USD को सबसे पहले 4,100 डॉलर का स्तर पार करना होगा। इसके ऊपर पहला रेजिस्टेंस 22 जुलाई का उच्चतम स्तर 4,165 डॉलर है। इसे पार करने के बाद 6 जुलाई का पीक 4,202 डॉलर और फिर 50-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) 4,221 डॉलर के रास्ते खुलेंगे। दूसरी ओर, नीचे की तरफ पहला प्रमुख सपोर्ट 24 जुलाई का निचला स्तर 4,022 डॉलर है। इसके बाद 4,000 डॉलर का मनोवैज्ञानिक स्तर और 17 जून का निचला स्तर 3,959 डॉलर महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन के रूप में काम करेंगे।

## सुरक्षित निवेश के रूप में सोने का महत्व
मानव इतिहास में सोने का एक महत्वपूर्ण स्थान रहा है। इसका उपयोग मूल्य के संचय और विनिमय के माध्यम के रूप में व्यापक रूप से होता आया है। आभूषणों में इसके उपयोग के अलावा, आधुनिक वित्तीय प्रणाली में इसे एक सुरक्षित संपत्ति (सेफ-हेवन एसेट) माना जाता है। आर्थिक या राजनीतिक अस्थिरता के समय निवेशक सोने को एक विश्वसनीय विकल्प मानते हैं क्योंकि यह किसी विशिष्ट सरकार या संस्था के नियंत्रण पर निर्भर नहीं करता।

सोने का अमरीकी डॉलर और अमरीकी बॉन्ड यील्ड के साथ उलटा संबंध (इन्वर्स कोरिलेशन) होता है। जब डॉलर कमजोर होता है या ब्याज दरें गिरती हैं, तो सोने की कीमतों में तेजी आने की संभावना बढ़ जाती है। चूंकि सोना कोई निश्चित ब्याज या यील्ड नहीं देता, इसलिए ब्याज दरों में कमी आने से यह निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक बन जाता है। हालांकि, डॉलर की चाल ही यह तय करती है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव किस दिशा में जाएगा।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** घरेलू बाजार में सोने और आभूषणों की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, जिससे त्योहारों और शादियों के सीजन में खरीदारी करने वालों पर असर पड़ेगा।

**वैश्विक निवेशकों के लिए:** कमोडिटी बाजार में उतार-चढ़ाव रहने की संभावना है; ब्याज दरों और डॉलर इंडेक्स की दिशा स्पष्ट होने तक सोने में सीमित दायरे में कारोबार हो सकता है।

## सवाल-जवाब

### 1. सोने की कीमत हाल में 4,070 डॉलर के स्तर की ओर क्यों बढ़ी है?
अमरीकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड में गिरावट आने और मध्य पूर्व में तनाव कम होने के संकेतों के कारण निवेशकों ने सोने में सुरक्षित दांव लगाया है।

### 2. डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर क्या बयान दिया है?
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान बातचीत करना चाहता है और बैठकों का दौर जारी है, जिससे दोनों देशों के बीच समझौता होने की संभावना बनी है।

### 3. वर्ष 2022 में दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों ने कितना सोना खरीदा?
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार वर्ष 2022 में केंद्रीय बैंकों ने रिकॉर्ड 1,136 टन सोना खरीदा, जिसकी कीमत लगभग 70 अरब डॉलर थी।

### 4. सोने के लिए कौन से महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस और सपोर्ट स्तर हैं?
सोने के लिए पहला प्रमुख रेजिस्टेंस 4,100 डॉलर और फिर 4,165 डॉलर है, जबकि सपोर्ट स्तर 4,022 डॉलर और 4,000 डॉलर पर स्थित हैं।

### 5. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण क्या रहा?
अमरीका और ईरान के बीच हमलों के थमने और कूटनीतिक रास्ते की उम्मीदों से कच्चे तेल के दाम में 6 प्रतिशत की गिरावट आई।

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