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  "type": "article",
  "title": "सोने में शॉर्ट कवरिंग से लौटी तेजी, रणनीतिकारों ने 2027 तक बुल रन जारी रहने के दिए संकेत",
  "summary": "कमोडिटी ट्रेडिंग एडवाइजर्स द्वारा शॉर्ट पोजीशन काटने और वैश्विक स्तर पर ईटीएफ मांग बढ़ने से कीमती धातुओं को मजबूत समर्थन मिल रहा है।",
  "content": "अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में ताजा तेजी के संकेत उभर रहे हैं, क्योंकि बड़े ट्रेडिंग फंड्स अपनी बिकवाली की पोजीशन समेट रहे हैं। टीडी सिक्योरिटीज के रणनीतिकार रयान मैके और बार्ट मेलेक के अनुसार, कमोडिटी ट्रेडिंग एडवाइजर्स (सीटीए) सोने में अपनी शॉर्ट पोजीशन को कवर कर रहे हैं। इस शॉर्ट कवरिंग के चलते पोजीशनिंग ऐतिहासिक अधिकतम आकार के लगभग 7 प्रतिशत तक बढ़ गई है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि कीमती धातुओं के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा लगातार सुरक्षा कवच प्रदान कर रहा है, जिससे निवेशकों का भरोसा दोबारा लौट रहा है।\n\nसीटीए शॉर्ट कवरिंग और प्लैटिनम पर असर\nबाजार में सक्रिय सीटीए केवल सोने में ही नहीं, बल्कि प्लैटिनम में भी अपनी शॉर्ट पोजीशन को तेजी से कवर कर रहे हैं। पीली धातु को दैनिक कारोबार में बढ़त मिल रही है क्योंकि सीटीए दोबारा लिवाली की तरफ लौट आए हैं। उन्होंने ऐतिहासिक अधिकतम पोजीशन साइज के करीब 7 प्रतिशत हिस्से की शॉर्ट कवरिंग की है। रणनीतिकारों का कहना है कि जब बड़े व्यवस्थित फंड्स अपनी मंदी की पोजीशन को काटते हैं, तो बाजार में तकनीकी मजबूती आती है। यह रुझान बताता है कि मौजूदा स्तरों पर सोने में बिकवाली का दबाव काफी हद तक कम हो चुका है और बड़े खिलाड़ी अब खरीदारी के मौके तलाश रहे हैं।\n\nचीनी ईटीएफ में पूंजी प्रवाह और वैश्विक मांग\nसोने के समर्थन में दूसरा बड़ा कारक चीनी बाजार से आ रहा निवेश है। छुट्टियों के बाद चीनी गोल्ड ईटीएफ में पूंजी का नया प्रवाह दर्ज किया गया है। इसके साथ ही वैश्विक स्तर पर भी गोल्ड ईटीएफ की मांग निरंतर मजबूत बनी हुई है। संस्थागत और खुदरा दोनों श्रेणियों के निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की तलाश में ईटीएफ का रुख कर रहे हैं। चीन में मांग का यह पुनरुद्धार एशियाई कारोबारी सत्रों में सोने को ठोस आधार प्रदान कर रहा है, जिससे पश्चिमी बाजारों में डॉलर की मजबूती के बावजूद सोने का दायरा सीमित नहीं हुआ है।\n\nभू-राजनीतिक, राजकोषीय और स्टैगफ्लेशन का जोखिम\nरणनीतिकारों का विश्लेषण है कि दुनिया भर में लगातार बने हुए भू-राजनीतिक तनाव, देशों के बढ़ते राजकोषीय संकट और स्टैगफ्लेशन के खतरे सोने में पूंजी प्रवाह को सहारा दे रहे हैं। इन तमाम व्यापक आर्थिक कारकों के संयोजन से 2027 तक सोने में एक संभावित मजबूत बुल रन का माहौल तैयार हो रहा है। जब आर्थिक वृद्धि धीमी हो और महंगाई ऊंची बनी रहे, जिसे स्टैगफ्लेशन कहा जाता है, तब पारंपरिक वित्तीय संपत्तियों की तुलना में सोना पूंजी संरक्षण का सबसे भरोसेमंद माध्यम साबित होता है।\n\nअमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर का दबाव\nशुक्रवार को शुरुआती तेजी के प्रयास में साप्ताहिक उच्च स्तर को छूने के बाद सोने की कीमतों में कुछ गिरावट आई और यह प्रति ट्रॉय औंस 4,200 डॉलर के स्तर से नीचे आ गया। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में सभी अवधियों में हो रही वृद्धि और अमेरिकी डॉलर की मजबूत तेजी की गति पीली धातु की बढ़त को जांच के दायरे में रखे हुए है। हालांकि रात भर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट ने डॉलर को 18 महीने के उच्चतम स्तर से नीचे बनाए रखा, जिससे सोने को कुछ राहत मिली। आने वाले समय में अमेरिकी सीपीआई और खुदरा बिक्री के आंकड़े फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों को नया आकार देंगे।\n\nकरेंसी बाजार का व्यापक परिदृश्य\nविदेशी मुद्रा बाजार में भी हलचल तेज है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी (एयूडी/यूएसडी) ने शुक्रवार को एशिया में अपने साप्ताहिक निचले स्तर से उछाल को आगे बढ़ाया और 0.7000 के स्तर का लक्ष्य बनाया। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (आरबीए) की सख्त ब्याज दर नीति की उम्मीदों से इस जोड़ी को सहारा मिला। आने वाले ऑस्ट्रेलियाई नौकरियों के आंकड़े आरबीए की नीतियों की परीक्षा लेंगे।\n\nदूसरी तरफ, यूएसडी/जेपीवाई 158.00 के आसपास अपनी बढ़त पर टिका हुआ है। शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार जापान में घरेलू खर्च में लगातार नौवें महीने गिरावट दर्ज की गई, जिससे जापानी येन कमजोर हुआ। हालांकि फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच अमेरिकी यील्ड में गिरावट इस करेंसी जोड़ी में तेज गिरावट को थाम सकती है। इसके अलावा, फ्रांस का गहराता राजकोषीय संकट यूरो और यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ईसीबी) पर दबाव बढ़ा रहा है, जबकि ब्रिटेन के आगामी आंकड़े बैंक ऑफ इंग्लैंड (बीओई) की ब्याज दर उम्मीदों को परखेंगे।\n\nइसका आप पर असर\nसोने में शॉर्ट कवरिंग और दीर्घकालिक बुल रन के संकेतों का सीधा असर खुदरा आभूषण खरीदारों और कमोडिटी निवेशकों पर पड़ेगा।\n\n• खुदरा खरीदारों के लिए: सोने के 4,200 डॉलर के करीब बने रहने से घरेलू बाजारों में जेवर खरीदना महंगा रहेगा। यदि आप शादी-ब्याह के लिए खरीदारी की योजना बना रहे हैं, तो कीमतों में किसी भी अस्थायी गिरावट का इंतजार करना समझदारी होगी।\n• ईटीएफ निवेशकों के लिए: वैश्विक और चीनी ईटीएफ में पूंजी प्रवाह बढ़ने से गोल्ड ईटीएफ की शुद्ध संपत्ति में स्थिरता आएगी। लंबी अवधि के निवेशक अपने पोर्टफोलियो में 2027 तक की तेजी का लाभ उठाने के लिए व्यवस्थित निवेश बनाए रख सकते हैं।\n• मुद्रा जोखिम पर: अमेरिकी डॉलर के 18 महीने के उच्च स्तर के आसपास रहने से आयातित सोना महंगा बना रहेगा। रुपया कमजोर रहने की स्थिति में अंतरराष्ट्रीय दरों के मुकाबले स्थानीय कीमतें अधिक मजबूत दिख सकती हैं।\n• ब्याज दरों के रुझान पर: आगामी अमेरिकी सीपीआई और खुदरा बिक्री के आंकड़े केंद्रीय बैंकों की नीतियों को तय करेंगे। यदि ब्याज दरों में और बढ़ोतरी होती है, तो बिना ब्याज वाली संपत्तियों जैसे सोने में अल्पकालिक उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nसोने में यह तकनीकी और रणनीतिक तेजी कमोडिटी ट्रेडिंग सलाहकारों द्वारा अपनी बिकवाली की पोजीशन काटने और व्यापक आर्थिक अस्थिरता के कारण आई है।\n\n• सीटीए शॉर्ट कवरिंग: प्रमुख एल्गोरिथम और कमोडिटी फंड्स ने अपनी मंदी की पोजीशन का लगभग 7 प्रतिशत हिस्सा समेटा है। इस शॉर्ट कवरिंग ने बाजार में बिकवाली के दबाव को घटाकर कीमतों को जरूरी सहारा दिया।\n• चीन से ईटीएफ मांग: हाल की छुट्टियों के बाद चीनी निवेशकों ने गोल्ड ईटीएफ में दोबारा निवेश करना शुरू कर दिया है। घरेलू आर्थिक अनिश्चितता के बीच सुरक्षित विकल्प तलाशने की इस होड़ ने वैश्विक मांग को बढ़ाया है।\n• भू-राजनीतिक और स्टैगफ्लेशन का दबाव: दुनिया भर में जारी भू-राजनीतिक तनाव और राजकोषीय असंतुलन निवेशकों को कीमती धातुओं की ओर धकेल रहे हैं। स्टैगफ्लेशन की आशंका के चलते सोने को पारंपरिक सुरक्षात्मक पूंजी के रूप में वरीयता मिल रही है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. सीटीए सोने में क्या कदम उठा रहे हैं?\nकमोडिटी ट्रेडिंग एडवाइजर्स (सीटीए) सोने और प्लैटिनम में शॉर्ट पोजीशन कवर कर रहे हैं, जो उनकी ऐतिहासिक अधिकतम पोजीशन के लगभग 7 प्रतिशत के बराबर है।\n\n2. रणनीतिकारों के अनुसार सोने का बुल रन कब तक चल सकता है?\nटीडी सिक्योरिटीज के रयान मैके और बार्ट मेलेक के अनुसार, भू-राजनीतिक और स्टैगफ्लेशन जोखिमों के कारण सोने में 2027 तक बुल रन जारी रह सकता है।\n\n3. सोना किस मूल्य स्तर से नीचे आया है?\nशुरुआती तेजी के बाद शुक्रवार को सोना प्रति ट्रॉय औंस 4,200 डॉलर के स्तर से नीचे आ गया।\n\n4. जापान में घरेलू खर्च पर क्या आंकड़े आए हैं?\nशुक्रवार के आंकड़ों के मुताबिक जापान में घरेलू खर्च में लगातार नौवें महीने गिरावट आई है, जिससे जापानी येन पर दबाव बना।\n\n5. अमेरिकी डॉलर 18 महीने के उच्च स्तर से नीचे क्यों आया?\nअमेरिकी बॉन्ड यील्ड में रातोंरात आई गिरावट के कारण अमेरिकी डॉलर 18 महीने के उच्चतम स्तर से नीचे आ गया।",
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  "category": "बाज़ार",
  "publishedAt": "2026-10-09",
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