गोल्ड में शॉर्ट टर्म बिकवाली से तेजी का नया दौर हो सकता है देरी से शुरू कीमती धातुओं के बाजार में फेडरल रिजर्व की नीतियों और मजबूत आंकड़ों के बीच बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है। हालांकि, लंबी अवधि में केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और डॉलर डिबेसमैन थीम से बाजार को मजबूत समर्थन मिलने की उम्मीद है। वैश्विक कमोडिटी बाजारों में कीमती धातुओं के सामने फिलहाल कुछ कड़े अवरोध खड़े नजर आ रहे हैं, जिसके चलते सोने की कीमतों में हालिया तेजी के बाद कुछ गिरावट भी दर्ज की गई है। इसके बावजूद, सोने का यह पीला मेटल अन्य कीमती धातुओं की तुलना में कहीं अधिक बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। बाजार में ऊर्जा की कीमतों में नए सिरे से आई तेजी और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती संभावनाओं के बीच भी सोने ने अपने ऊंचे दायरे में सपोर्ट स्तर को मजबूती से बनाए रखा है। कमोडिटी ट्रेडिंग और बिकवाली के स्तर बाजार के तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, कमोडिटी ट्रेडिंग एडवाइजर्स यानी सीटीए 4,367 डॉलर प्रति औंस के नीचे मामूली बिकवाल बन जाते हैं, जबकि सिस्टेमेटिक फंड्स 4,300 डॉलर प्रति औंस के नीचे आने पर और अधिक भारी बिकवाली की ओर झुक जाते हैं। हालांकि, लंबे समय के नजरिए से देखें तो डॉलर के अवमूल्यन का नया दौर, दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों द्वारा लगातार सोने की भारी खरीदारी और ईटीएफ में दोबारा निवेश का बढ़ना एक मजबूत सपोर्ट बेस तैयार कर रहा है। मजबूत आंकड़े और फेडरल रिजर्व का सख्त रुख केवल कम समय के लिए हल्की बिकवाली को ट्रिगर कर सकता है, जिससे कीमतों में भारी गिरावट आने के बजाय तेजी के अगले दौर का समय थोड़ा आगे खिसक सकता है। विदेशी मुद्रा बाजारों और कमोडिटी की स्थिति विदेशी मुद्रा बाजारों में भी कई बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। ऑस्ट्रेलियन डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई सत्र के दौरान गुरुवार को 0.7200 के ऊपर अपनी कंसोलिडेटिव चाल को आगे बढ़ाता हुआ नजर आया। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों के चलते यह करेंसी 14 मई के बाद से अपने सबसे ऊंचे स्तर के करीब बनी हुई है। हालांकि, फेडरल रिजर्व की सख्त उम्मीदों और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अमेरिकी डॉलर को कुछ सपोर्ट दिया है, जिससे ट्रेडर्स अमेरिका के आगामी इन्फ्लेशन आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं और इस करेंसी जोड़ी की तेजी सीमित हो गई है। यूएस डॉलर और येन की चाल पर असर दूसरी ओर, जापानी येन के मोर्चे पर बैंक ऑफ जापान की नीतियों में बदलाव के कारण यूएस डॉलर के मुकाबले जापानी येन को समर्थन मिल रहा है, जिससे यूएस डॉलर/जापानी येन जोड़ी गुरुवार को एशियाई सत्र के दौरान 153.50 के ऊपर स्थिर बनी हुई है, हालांकि यह इस हफ्ते की शुरुआत में छूए गए सात महीने के निचले स्तर के करीब ही है। इसके अलावा, सितंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती उम्मीदों और अमेरिका-ईरान तनाव ने अमेरिकी डॉलर पर बिकवाली के दबाव को कम करने में मदद की है। अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों के जारी होने से पहले यह कारक करेंसी पेयर को सपोर्ट दे रहे हैं। सोने और अन्य संपत्तियों के हालिया रुझान गुरुवार को अमेरिकी सत्र की शुरुआत में सोने की कीमतों में गिरावट का रुख देखा गया, लेकिन निवेशक अमेरिकी मौद्रिक नीति के बारे में और अधिक संकेतों का इंतजार कर रहे हैं, जिसके चलते सोना अपने जाने-पहचाने स्तरों के भीतर ही टिका हुआ है। शुक्रवार को आने वाली अगस्त महीने की यूएस प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स यानी पीपीआई रिपोर्ट और यूएस कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स यानी सीपीआई रिपोर्ट आने वाले हफ्ते में फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति घोषणा से पहले बाजार के रुख को तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी। इसके अलावा, सोलाना ब्लॉकचेन पर आधारित डिसेंट्रलाइज्ड एक्सचेंज रेडियम में मजबूत तेजी का दौर जारी है और नए टोकन लॉन्च के बीच नेटवर्क गतिविधि और विकास में जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है। रेडियम ने रविवार से अपनी 41 प्रतिशत की रैली को विस्तार देते हुए लगभग 9 प्रतिशत का लाभ दर्ज किया है और ओवरबॉट स्थितियों के बावजूद मोमेंटम मजबूत बने रहने पर इसकी तकनीकी तस्वीर 1.50 डॉलर की ओर संभावित तेजी का संकेत दे रही है। इसका आप पर असर सोने के बाजार में आने वाले उतार-चढ़ाव और वैश्विक आर्थिक नीतियों का सीधा असर निवेशकों, निवेशकों की पोर्टफोलियो रणनीति और कमोडिटी खरीदारों पर पड़ता है। • भारत में: घरेलू बाजार में सोने के दाम वैश्विक रुझानों और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति पर सीधा असर डालते हैं, जिससे खरीदारों को जेवर या निवेश के समय कीमतें प्रभावित मिलती हैं। • निवेशकों के लिए: शॉर्ट टर्म में बिकवाली के दबाव और फेडरल रिजर्व की नीतियों के कारण निवेशकों को अपनी पोजीशन संभालकर रखनी चाहिए और लंबी अवधि के रुझानों पर नजर रखनी चाहिए। • मुद्रा बाजार में: विदेशी मुद्रा विनिमय दरों और अमेरिकी डॉलर की चाल से आयात-निर्यात लागत और वैश्विक व्यापार पर सीधा प्रभाव पड़ता है। • क्रिप्टो निवेशकों के लिए: रेडियम और अन्य सोलाना-आधारित टोकन में आ रही तेजी altcoin बाजार के ट्रेडर्स के लिए नए अवसर और जोखिम दोनों लेकर आती है। • आम उपभोक्ता के लिए: महंगाई के आंकड़े और केंद्रीय बैंकों के ब्याज दर के फैसले भविष्य में लोन की ब्याज दरों और रोजमर्रा की जरूरी चीजों के खर्च को प्रभावित करते हैं। ऐसा क्यों हुआ वैश्विक कमोडिटी बाजारों में यह उतार-चढ़ाव मुख्य रूप से मजबूत आर्थिक आंकड़ों, ऊर्जा की कीमतों में बदलाव और अमेरिकी मौद्रिक नीति की अनिश्चितताओं के कारण उत्पन्न हो रहा है। • फेडरल रिजर्व की नीतियां: ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती संभावनाओं और सख्त मौद्रिक रुख के कारण अमेरिकी डॉलर को मजबूती मिल रही है, जो कीमती धातुओं पर दबाव डालता है। • भू-राजनीतिक तनाव: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने सुरक्षित निवेश और डॉलर की मांग को प्रभावित किया है, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है। • केंद्रीय बैंकों की मांग: लंबी अवधि में दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की लगातार खरीदारी और एक्सचेंज-ट्रैडेड फंड्स में निवेश का बढ़ना बाजार के लिए मजबूत समर्थन का आधार बना रहा है। • तकनीकी कारक: कमोडिटी ट्रेडिंग एडवाइजर्स और सिस्टेमेटिक फंड्स के लिए तय किए गए विशेष मूल्य स्तर (जैसे 4,367 डॉलर और 4,300 डॉलर प्रति औंस) बिकवाली के ट्रिगर के रूप में काम करते हैं। सवाल-जवाब 1. सोने की कीमतों पर शॉर्ट टर्म में किस बात का दबाव है? ऊर्जा की कीमतों में तेजी और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती संभावनाओं के कारण सोने पर शॉर्ट टर्म दबाव है। 2. कौन से स्तर पर सीटीए और सिस्टेमेटिक फंड बिकवाल बन जाते हैं? सीटीए 4,367 डॉलर प्रति औंस के नीचे और सिस्टेमेटिक फंड 4,300 डॉलर प्रति औंस के नीचे बिकवाली शुरू करते हैं। 3. लंबी अवधि में सोने के बाजार को कौन सी चीजें समर्थन दे रही हैं? डॉलर डिबेसमैन थीम, केंद्रीय बैंकों की भारी खरीदारी और ईटीएफ में दोबारा निवेश का बढ़ना सोने को मजबूत समर्थन दे रहा है। 4. ऑस्ट्रेलियन डॉलर में तेजी की मुख्य वजह क्या है? रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों के कारण ऑस्ट्रेलियन डॉलर में मजबूती बनी हुई है। 5. कौन सी महत्वपूर्ण आर्थिक रिपोर्ट्स आने वाली हैं? शुक्रवार को अगस्त महीने की यूएस प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स और यूएस कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स रिपोर्ट जारी होने वाली हैं। 6. रेडियम टोकन में कितना लाभ दर्ज किया गया है? रेडियम ने रविवार से अपनी 41 प्रतिशत की रैली को आगे बढ़ाते हुए लगभग 9 प्रतिशत का लाभ दर्ज किया है। https://trendkia.com/market/gold-men-shorta-tarma-bikavali-se-teji-ka-naya-daura-ho-sakata-hai-deri-se-shuru-31052 TrendKia — Har trend, sabse pehle.