# हालिया तेजी के बाद सोने की कीमतों में सुस्ती, तीन महीने के ऊपरी स्तर से फिसला पीला धातु

> एशियाई सत्र के दौरान तीन महीने के नए शिखर पर पहुंचने के बाद सोने की कीमतों में मुनाफावसूली देखने को मिली है। अमेरिकी डॉलर में रिकवरी और ट्रेजरी बायबैक के बीच बाजार में बुलिश रुझान अब भी बना हुआ है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-08-25 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/gold-pauses-near-three-month-high-after-sharp-rally-21859 · **Language:** Hindi
**Tags:** सोना भाव, कमोडिटी बाजार, अमेरिकी डॉलर, फेडरल रिजर्व, महंगाई, ग्लोबल मार्केट, finance

एशियन ट्रेडिंग घंटों के दौरान सोने की कीमतों में तीन महीने का नया रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद मामूली गिरावट दर्ज की गई है। हालिया जोरदार तेजी के बाद ट्रेडर्स मुनाफावसूली में जुटे हैं, जिससे रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI ओवरबॉट जोन में पहुंच गया है। इस बीच, लाइव मार्केट डेटा के अनुसार सोना **$4,698** पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद भाव **$4,641** से **1.24%** की बढ़त दर्शाता है।

## डॉलर में रिकवरी और अमेरिकी बॉन्ड बाजार का असर
अमेरिकी डॉलर सूचकांक यानी DXY में आई मामूली रिकवरी ने डॉलर में बिकने वाली इस कीमती धातु की मांग पर थोड़ा असर डाला है। पिछले हफ्ते अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 98.56 के स्तर तक फिसल गया था, जो 14 मई के बाद का सबसे निचला स्तर था, लेकिन अब यह सुधरकर करीब 99 के आसपास कारोबार कर रहा है। इसके बावजूद, मैक्रोइकॉनॉमिक और तकनीकी दोनों मोर्चों पर बुलिश संकेत सोने के खरीदारों के पक्ष में बने हुए हैं।

विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी बॉन्ड बाजार के घटनाक्रम इस कीमती धातु को मजबूत समर्थन दे रहे हैं। बाजार अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट के हालिया हस्तक्षेप पर प्रतिक्रिया दे रहा है, जिसके तहत 9 सितंबर से 4 नवंबर के बीच ट्रेजरी खरीद को दोगुना से अधिक करके 8 अरब डॉलर तक पहुंचाया जा सकता है, ताकि लंबी अवधि की यील्ड को नियंत्रित किया जा सके।

## तकनीकी संकेतक और मजबूत अपट्रेंड
दैनिक चार्ट पर सोने का रुख मजबूती से तेजी की ओर है क्योंकि कीमतें 50-दिवसीय, 100-दिवसीय और 200-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज यानी SMA से काफी ऊपर टिकी हुई हैं, जो लगभग 4,185 डॉलर से 4,520 डॉलर के दायरे में हैं। लाइव तकनीकी आंकड़ों के अनुसार, RSI (14) का स्तर **76** पर है जो ओवरबॉट स्थिति को दर्शाता है, जबकि MACD हिस्टोग्राम सकारात्मक बना हुआ है जो मजबूत मोमेंटम की पुष्टि करता है।

ऊपरी स्तरों पर 4,700 डॉलर के पास क्षैतिज अवरोध बना हुआ है, और यदि तेजी जारी रहती है तो अगला लक्ष्य 4,850 डॉलर हो सकता है। दूसरी ओर, तात्कालिक समर्थन 200-दिवसीय SMA के करीब 4,520 डॉलर पर, इसके बाद 100-दिवसीय SMA लगभग 4,379 डॉलर और 50-दिवसीय SMA करीब 4,186 डॉलर पर मौजूद है। लाइव डेटा के अनुसार प्रमुख पिवट स्तर **$4,708** पर है, जिसमें प्रतिरोध R1 **$4,745** और समर्थन S1 **$4,661** पर है।

## ग्लोबल मार्केट और अन्य कमोडिटीज की चाल
तेल की कीमतों पर ताजा घटनाक्रमों का बहुत अधिक असर नहीं दिखा है। वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट यानी WTI अपने हालिया उच्च स्तरों से नीचे कारोबार कर रहा है और इसमें 3.5% तक की गिरावट आई है। हालांकि, कीमतें युद्ध से पहले के स्तरों से काफी ऊपर बनी हुई हैं, जिससे ऊर्जा के कारण होने वाले महंगाई के जोखिम बरकरार हैं और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों की राह को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

इसके अलावा, विदेशी मुद्रा बाजार में GBP/USD की जोड़ी यूरोपीय सत्र के दौरान 1.3650 के करीब मजबूत हो रही है, जबकि EUR/USD भी रिकवरी करते हुए 1.1700 की ओर बढ़ रहा है। उधर, बिटकॉइन ने अपनी जोरदार साप्ताहिक तेजी को आगे बढ़ाते हुए 80,000 डॉलर के पार कारोबार किया है, जिसमें संस्थागत मांग और स्पॉट एक्सचेंज ट्रेडेड फंड में सकारात्मक इनफ्लो का बड़ा योगदान रहा है।

## सोने का ऐतिहासिक महत्व और केंद्रीय बैंकों की भूमिका
इतिहास गवाह है कि सोने ने हमेशा मूल्य के संचय और विनिमय के माध्यम के रूप में अहम भूमिका निभाई है। अपनी चमक और आभूषणों में इस्तेमाल के अलावा, अनिश्चितता के दौर में इसे सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता है। यह मुद्रा के अवमूल्यन और महंगाई के खिलाफ एक मजबूत बचाव है क्योंकि यह किसी विशेष सरकार या जारीकर्ता पर निर्भर नहीं है।

दुनियाभर के केंद्रीय बैंक सोने के सबसे बड़े खरीदार हैं। संकट के समय अपनी अर्थव्यवस्था और मुद्रा को मजबूती देने के लिए केंद्रीय बैंक अपने रिजर्व में विविधता लाते हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के मुताबिक, केंद्रीय बैंकों ने 2022 में रिकॉर्ड 1,136 टन सोना खरीदा था, जिसकी कीमत करीब 70 अरब डॉलर थी। चीन, भारत और तुर्की जैसे उभरते हुए देशों के केंद्रीय बैंक तेजी से अपने स्वर्ण भंडार को बढ़ा रहे हैं।

## इसका आप पर असर
- **Across India:** सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव से घरेलू बाजार में आभूषण खरीदार और निवेशक प्रभावित होते हैं, क्योंकि ग्लोबल कीमतों का असर स्थानीय सर्राफा बाजार पर पड़ता है।

## सवाल-जवाब

### 1. सोने की कीमत में हाल ही में क्या बदलाव आया है?
एशियाई सत्र के दौरान सोना 4,697 डॉलर के तीन महीने के नए उच्च स्तर को छूने के बाद मामूली मुनाफावसूली के चलते 4,640 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है।

### 2. अमेरिकी ट्रेजरी के किस कदम से सोने को समर्थन मिल रहा है?
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट की ओर से बॉन्ड बाजार में हस्तक्षेप के तहत लिक्विडिटी बायबैक को दोगुना करके 8 अरब डॉलर तक किए जाने से सोने को समर्थन मिला है।

### 3. तकनीकी रूप से सोने का वर्तमान रुझान कैसा है?
सोना 50-दिवसीय, 100-दिवसीय और 200-दिवसीय मूविंग एवरेज से ऊपर है, हालांकि RSI 76 पर पहुंचने के कारण यह ओवरबॉट जोन में है।

### 4. केंद्रीय बैंक सोने की खरीदारी क्यों कर रहे हैं?
आर्थिक अनिश्चितता और संकट के समय अपनी मुद्राओं को मजबूती देने तथा रिजर्व में विविधता लाने के लिए केंद्रीय बैंक बड़े पैमाने पर सोने की खरीदारी कर रहे हैं।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._