गोल्ड में जोरदार तेजी जारी, लेकिन ओवरबॉट आरएसआई दे रहा सुस्ती का संकेत कम अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और फेड दर कटौती की उम्मीदों के बीच सोने की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है। हालांकि ओवरबॉट स्तर पर पहुंचे तकनीकी संकेतक शॉर्ट-ترم करेक्शन का जोखिम भी बढ़ा रहे हैं। सोने की कीमतों में लगातार तेजी का दौर जारी है, जिसे अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई गिरावट और फेडरल रिजर्व की तरफ से ब्याज दरों में तुरंत बढ़ोतरी की संभावनाओं के कम होने से मजबूत समर्थन मिल रहा है। इसके अलावा, विदेशी मुद्रा बाजारों में अन्य प्रमुख मुद्राओं जैसे ब्रिटिश पाउंड और यूरो की चाल पर भी निवेशकों की पैनी नजर बनी हुई है। तकनीकी मोर्चे पर मजबूत रुख तकनीकी संकेतकों के लिहाज से सोना अपने प्रमुख मूविंग एवरेज से ऊपर टिककर एक मजबूत तेजी के मूड को बरकरार रखे हुए है। हालांकि, बाजार में कीमतें अत्यधिक खरीदे जाने वाले यानी ओवरबॉट क्षेत्र में पहुंच चुकी हैं, जिससे निकट भविष्य में किसी संभावित मामूली गिरावट का खतरा भी पैदा हो गया है। मौजूदा रुझान को देखें तो बुलिश निवेशक आगे चलकर 4,773 डॉलर के प्रतिरोध स्तर को पार करने का लक्ष्य बना रहे हैं, जबकि किसी भी अचानक आने वाले मंदी के दौर या पुलबैक की स्थिति में 4,530 डॉलर से 4,517 डॉलर का दायरा मजबूत समर्थन प्रदान करने का काम करेगा। दैनिक और एक घंटे के चार्ट का विश्लेषण दैनिक चार्ट के आंकड़ों पर नजर डालें तो सोने की कीमतें अपनी 100-दिन और 200-दिन की सिंपल मूविंग एवरेज यानी एसएमए से काफी ऊपर कारोबार कर रही हैं, जो क्रमशः 4,379.73 डॉलर और 4,516.92 डॉलर पर बनी हुई हैं। इसके अलावा, लगभग 4,389.60 डॉलर के स्तर पर टूटी हुई डाउनवर्ड ट्रेंडलाइन को फिर से हासिल कर लेना इसके सकारात्मक रुख को और अधिक मजबूती देता है। हालांकि, रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई 72.03 के स्तर पर है, जो अत्यधिक खरीद की स्थिति को दर्शाता है। इससे यह संकेत मिलता है कि तेजी का दम तो मजबूत है, लेकिन इस स्तर पर ट्रेंड पलटने के बजाय कीमतों में थोड़ा ठहराव या करेक्शन आने की आशंका अधिक है। इसी तरह, एक घंटे के चार्ट पर भी सोने का भाव अपनी 100-अवधि और 200-अवधि की एसएमए से ऊपर बना हुआ है, जो क्रमशः 4,492.92 डॉलर और 4,440.88 डॉलर पर स्थित हैं। यह अल्पावधि में एक स्पष्ट तेजी के रुख को रेखांकित करता है। यह जोड़ी लगभग 4,641.28 डॉलर के पास चढ़ते हुए ट्रेंडलाइन के ऊपर टिकी हुई है, जबकि आरएसआई 68 के आसपास है। यह इस बात का संकेत है कि कीमतें ओवरबॉट दायरे के ठीक नीचे मंडरा रही हैं, जिससे ऊपर की ओर खिंचाव मजबूत तो है लेकिन थोड़ा थका हुआ नजर आ रहा है। मंदी आने पर ट्रेंडलाइन का स्तर और उसके बाद 4,530.00 डॉलर का मुख्य फर्श सहारा देगा। ट्रेजरी बायबैक और वैश्विक मुद्रा बाजार का प्रभाव व्यापक आर्थिक मोर्चे पर बात करें तो अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने अपने तय कैलेंडर से हटकर बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने 10-वर्षीय से 20-वर्षीय और 20-वर्षीय से 30-वर्षीय क्षेत्रों में लिक्विडिटी सपोर्ट बायबैक ऑपरेशंस के आकार को कम से कम दोगुना करने का ऐलान किया है। इसके तहत अधिकतम सीमा को प्रति ऑपरेशन 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर कर दिया गया है, जो 9 सितंबर से प्रभावी होकर 4 नवंबर तक चलेगा। अमेरिकी ट्रेजरी के इस बॉन्ड बायबैक प्लान और नए अमेरिका-कनाडा व्यापार तनावों के बीच अमेरिकी डॉलर में कमजोरी देखने को मिली है, जिससे यूरोपीय सत्र में सोना तीन महीने के अपने उच्चतम स्तर के करीब कारोबार करता नजर आया। दूसरी ओर, इसी समय में ब्रिटिश पाउंड 1.3600 के मध्य स्तर के आसपास नकारात्मक झुकाव के साथ कारोबार कर रहा है। ईरान पर संभावित अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंधों को लेकर फैली अनिश्चितताओं के कारण अमेरिकी डॉलर ने कुछ रिकवरी की है, जिससे जोखिम के प्रति संवेदनशील पाउंड पर दबाव बढ़ गया है। इसके अलावा, यूरो भी 1.1700 के नीचे रक्षात्मक रुख अपनाए हुए है। बाजार के तमाम ट्रेडर्स अब ईरान पर लगने वाले प्रतिबंधों के आधिकारिक विवरणों का इंतजार कर रहे हैं, जिससे वैश्विक बाजारों को अगली दिशा मिल सके। इसका आप पर असर व्यापक प्रभाव: सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक बॉन्ड बाजार में हो रहे बदलावों का असर निवेशकों की पोर्टफोलियो रणनीति, घरेलू स्तर पर आभूषणों के दाम और मुद्रास्फीति के रुझानों पर सीधा पड़ता है। सवाल-जवाब 1. वर्तमान में सोने की कीमतें किस तकनीकी स्तर पर कारोबार कर रही हैं? सोना अपने प्रमुख 100-दिन और 200-दिन के मूविंग एवरेज से काफी ऊपर मजबूत बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है। 2. सोने के लिए प्रमुख प्रतिरोध और समर्थन स्तर क्या बताए गए हैं? सोने के लिए ऊपरी प्रतिरोध स्तर 4,773 डॉलर के आसपास है, जबकि संभावित गिरावट की स्थिति में 4,530 से 4,517 डॉलर का दायरा मुख्य समर्थन प्रदान करता है। 3. अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने बॉन्ड बाजार में क्या नया कदम उठाया है? अमेरिकी ट्रेजरी ने 10-वर्षीय से 30-वर्षीय क्षेत्रों में लिक्विडिटी सपोर्ट बायबैक ऑपरेशंस के आकार को प्रति ऑपरेशन 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर कर दिया है। 4. आरएसआई (RSI) संकेतक बाजार की किस स्थिति का संकेत दे रहा है? दैनिक चार्ट पर आरएसआई 72.03 के स्तर पर है जो ओवरबॉट स्थिति को दर्शाता है, जिससे शॉर्ट-टर्म करेक्शन का जोखिम बढ़ गया है। https://trendkia.com/market/gold-price-forecast-xau-usd-pushes-higher-while-overbought-rsi-warns-bulls-21217 TrendKia — Har trend, sabse pehle.