ओमान की खाड़ी और खार्ग द्वीप के पास ईरानी तेल टैंकरों पर अमेरिकी सैन्य प्रहार, कच्चे तेल और वैश्विक मुद्रा बाजार में हलचल अमेरिकी सेंट्रल कमान ने ओमान की खाड़ी और खार्ग द्वीप के पास ईरानी तेल टैंकरों पर सैन्य कार्रवाई की है। इस भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट क्रूड बढ़कर $92.35 प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड $102.00 के रिकॉर्ड स्तर पर जा पहुंचा। मध्य पूर्व क्षेत्र में जारी भू-राजनीतिक तनाव उस समय अत्यधिक गंभीर मोड़ पर पहुंच गया जब अमेरिकी सेंट्रल कमान (सेंटकॉम) के सैन्य बलों ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में जारी ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाकर कई सटीक सैन्य हमले किए। अमेरिकी सेना द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, यह सैन्य कार्रवाई ओमान की खाड़ी में तथा ईरान के रणनीतिक खार्ग द्वीप के समीप स्थित तेल जहाजों पर की गई। हमले को अंजाम देने से पहले अमेरिकी सैन्य कमान ने जहाजों पर मौजूद चालक दल के सदस्यों को तुरंत पोत खाली करने का स्पष्ट निर्देश दिया था ताकि जनहानि को रोका जा सके। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों का कहना है कि निशाना बनाए गए यह तेल टैंकर अरबों डॉलर मूल्य के एक विशाल नेटवर्क का हिस्सा थे। यह नेटवर्क इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) और उसके सहयोगी क्षेत्रीय सशस्त्र समूहों को वित्तीय संसाधन मुहैया कराने का काम करता था। कुवैत और बहरीन के बंदरगाहों पर आईआरजीसी की जवाबी हमले की चेतावनी समुद्री जहाजों पर हुए इस अमेरिकी हमले के तुरंत बाद इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और समुद्री यातायात को लेकर कड़ी चेतावनी जारी कर दी। आईआरजीसी के सैन्य नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि कुवैत और बहरीन के उन बंदरगाहों तथा वहां से गुजरने वाले जहाजों को जवाबी कार्रवाई में निशाना बनाया जा सकता है, जो अमेरिकी सैन्य टुकड़ियों को मेजबानी प्रदान करते हैं। इसी बीच सुरक्षा स्थिति और अधिक बिगड़ गई जब ईरान समर्थित हुथी विद्रोहियों ने सऊदी अरब के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर नए सैन्य हमले शुरू कर दिए। हुथी लड़ाकों ने सऊदी अरब की घरेलू बाजार आपूर्ति प्रणाली के साथ-साथ प्रतिदिन 4,00,000 बैरल शोधन क्षमता वाली रणनीतिक जाजान रिफाइनरी को फिर से निशाना बनाने का दावा किया। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट का दायरा फारस की खाड़ी के आसपास बढ़ते सैन्य तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर तुरंत देखने को मिला। बाजार में कारोबार के दौरान वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड ऑयल वायदा में 0.13 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई और इसका भाव $92.35 प्रति बैरल पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय पेट्रोलियम व्यापार में वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट को ब्रेंट क्रूड और दुबई क्रूड के साथ विश्व का प्रमुख मूल्य बेंचमार्क माना जाता है। कम घनत्व और सल्फर की बेहद कम मात्रा के कारण इसे बाजार में हल्का और मीठा कच्चा तेल कहा जाता है। इन रासायनिक गुणों के कारण रिफाइनरियों के लिए WTI से पेट्रोल और डीजल बनाना काफी आसान और किफायती होता है। भौतिक रूप से WTI तेल का वितरण अमेरिका के ओक्लाहोमा स्थित कुशिंग हब के माध्यम से होता है, जिसे अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा परिवहन का एक प्रमुख केंद्र माना जाता है। अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल बाजार को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उतार-चढ़ाव मुख्य रूप से वैश्विक मांग और आपूर्ति के संतुलन पर निर्भर करता है। जब दुनिया भर में आर्थिक गतिविधियां तेज होती हैं तो ऊर्जा की मांग बढ़ती है, जिससे तेल की कीमतें ऊपर जाती हैं। इसके विपरीत वैश्विक आर्थिक सुस्ती मांग को घटा देती है। आर्थिक चक्र के अलावा भू-राजनीतिक उथल-पुथल, युद्ध की स्थिति और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित करते हैं, जिससे कीमतों में अचानक उछाल आता है। इसके अलावा कच्चे तेल का उत्पादन करने वाले प्रमुख देशों का संगठन ओपेक भी उत्पादन कोटा तय करके कीमतों को नियंत्रित करता है। चूंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का व्यापार मुख्य रूप से अमेरिकी डॉलर में होता है, इसलिए डॉलर की विनिमय दर में आने वाला बदलाव भी तेल की कीमतों को सीधे प्रभावित करता है। एपीआई और ईआईए की साप्ताहिक इन्वेंट्री रिपोर्ट का महत्व ऊर्जा बाजार के कारोबारी और विश्लेषक आपूर्ति और मांग की वास्तविक स्थिति को समझने के लिए साप्ताहिक इन्वेंट्री आंकड़ों पर पैनी नजर रखते हैं। अमेरिकन पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट (एपीआई) हर मंगलवार को अपनी साप्ताहिक इन्वेंट्री रिपोर्ट जारी करता है, जबकि सरकारी एजेंसी एनर्जी इंफॉर्मेशन एजेंसी (ईआईए) अगले दिन बुधवार को अपने आधिकारिक आंकड़े पेश करती है। ऐतिहासिक आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि दोनों संगठनों द्वारा जारी इन्वेंट्री आंकड़ों में लगभग 75 प्रतिशत मामलों में 1 प्रतिशत से भी कम का अंतर होता है। हालांकि, वित्तीय बाजार ईआईए के आंकड़ों को अधिक विश्वसनीय मानते हैं क्योंकि यह एक सरकारी संस्था है। इन्वेंट्री में गिरावट मजबूत मांग का संकेत देती है जिससे कीमतें बढ़ती हैं, जबकि इन्वेंट्री में बढ़ोतरी आपूर्ति आधिक्य को दर्शाती है जिससे कीमतों पर दबाव बनता है। ओपेक और ओपेक प्लस की उत्पादन नीतियों का असर दुनिया के प्रमुख तेल निर्यातक देशों द्वारा अपनाई जाने वाली नीतियां वैश्विक बाजार में कीमतों की दिशा तय करने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ओपेक संगठन में 12 सदस्य देश शामिल हैं जो साल में दो बार बैठक करके कच्चे तेल के उत्पादन का कोटा निर्धारित करते हैं। जब ओपेक सदस्य देश उत्पादन में कटौती का फैसला करते हैं, तो बाजार में कच्चे तेल की उपलब्धता कम हो जाती है जिससे कीमतें बढ़ने लगती हैं। इसके विपरीत उत्पादन बढ़ाने के फैसले से आपूर्ति बढ़ती है और कीमतें नीचे आती हैं। ओपेक प्लस समूह में ओपेक के 12 सदस्यों के अलावा 10 अन्य गैर-ओपेक देश भी शामिल हैं, जिनमें रूस सबसे प्रमुख भागीदार देश के रूप में कार्य करता है। अमेरिका में डीजल क्रैक स्प्रेड में रिकॉर्ड तेजी से रिफाइंड ईंधन की तंगी कच्चे तेल के बेंचमार्क में मामूली उतार-चढ़ाव के बावजूद रिफाइंड ईंधन बाजार से एक अलग संकेत मिल रहा है। अमेरिका में डीजल क्रैक स्प्रेड, यानी WTI कच्चे तेल की तुलना में अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल वायदा का प्रीमियम, इतिहास में पहली बार $100 प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया। इंट्राडे कारोबार के दौरान यह प्रीमियम $102.00 प्रति बैरल के अपने सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया। क्रैक स्प्रेड में यह ऐतिहासिक उछाल रिफाइंड ईंधन की भारी तंगी और रिफाइनिंग क्षमताओं पर पड़ रहे दबाव को उजागर करता है। विदेशी मुद्रा बाजार में AUD/USD और USD/JPY की हलचल भू-राजनीतिक तनाव और केंद्रीय बैंकों की भावी ब्याज दर नीतियों के बीच अंतरराष्ट्रीय विदेशी मुद्रा बाजार में मिश्रित रुझान देखने को मिला। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.7200 के स्तर से ऊपर बना रहा, जो 14 मई के बाद का इसका उच्चतम स्तर है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें ऊंची रखने की संभावनाओं के बावजूद रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (आरबीए) द्वारा चालू माह में दरें बढ़ाने की उम्मीदों से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को समर्थन मिला। दूसरी ओर, अमेरिकी सत्र में USD/JPY जोड़ी 154.00 के आसपास कारोबार करती नजर आई, जो दिन के निचले स्तर 153.00 से उबरी थी। जापानी अर्थव्यवस्था में वेतन वृद्धि के मजबूत आंकड़ों और दूसरी तिमाही के संशोधित जीडीपी आंकड़ों ने बैंक ऑफ जापान (बीओजे) द्वारा अगले सप्ताह ब्याज दर बढ़ाने की उम्मीदों को मजबूत किया है, जिससे जापानी येन को समर्थन मिल रहा है। इसका आप पर असर तेल परिवहन मार्गों पर सैन्य संघर्ष और डीजल क्रैक स्प्रेड में रिकॉर्ड तेजी आम उपभोक्ताओं और व्यवसायों के लिए ईंधन और परिवहन लागत बढ़ाने का जोखिम पैदा करती है। • वाहन चालक और वाहन मालिक: कच्चा तेल $92.35 पर पहुंचने से आने वाले हफ्तों में पेट्रोल और डीजल के खुदरा दामों पर दबाव बढ़ सकता है। यदि आपूर्ति बाधित रहती है तो वाहन मालिकों को दैनिक आवागमन के लिए अधिक बजट रखना पड़ सकता है। • परिवहन और लॉजिस्टिक्स कंपनियां: डीजल क्रैक स्प्रेड $102.00 प्रति बैरल से ऊपर जाने के कारण ट्रक और माल ढुलाई कंपनियों का परिचालन खर्च बढ़ेगा। आम ग्राहकों को होम डिलीवरी शुल्क और हवाई यात्रा के किरायों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। • ऊर्जा बाजार निवेशक: WTI क्रूड में बढ़ती उथल-पुथल खुदरा निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए बाजार में अस्थिरता बढ़ाती है। निवेशकों को कीमतों की भावी दिशा समझने के लिए एपीआई और ईआईए की साप्ताहिक रिपोर्ट पर नजर रखनी चाहिए। • आम घरेलू उपभोक्ता: औद्योगिक ईंधन महंगा होने से दैनिक उपभोग की वस्तुओं की विनिर्माण और परिवहन लागत बढ़ सकती है। इससे आम परिवारों के बजट पर असर पड़ सकता है और आयातित सामान महंगे हो सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ ईरानी तेल टैंकरों पर अमेरिकी कार्रवाई का मुख्य कारण अमेरिकी जहाजों पर हमलों के बाद इन पोतों द्वारा क्षेत्रीय सशस्त्र समूहों को अरबों डॉलर की वित्तीय सहायता पहुंचाना था। इसके बाद आईआरजीसी द्वारा अमेरिकी ठिकानों वाले खाड़ी बंदरगाहों पर हमले की चेतावनी देने से तनाव और गहरा गया। • क्षेत्रीय समूहों की वित्तीय फंडिंग: अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार निशाना बनाए गए टैंकर अरबों डॉलर के शैडो नेटवर्क का हिस्सा थे। यह नेटवर्क इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) और उसके सहयोगी समूहों को वित्तीय मदद पहुंचाता था। • समुद्री बुनियादी ढांचे पर बढ़ता खतरा: ओमान की खाड़ी में अमेरिकी हमलों के बाद आईआरजीसी ने कुवैत और बहरीन के बंदरगाहों को निशाना बनाने की चेतावनी दी। इससे फारस की खाड़ी के महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर सुरक्षा चिंताएं बढ़ गईं। • हुथी विद्रोहियों के ऊर्जा हमले: ईरान समर्थित हुथी लड़ाकों ने सऊदी अरब के रणनीतिक ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले तेज कर दिए। इन हमलों में 4,00,000 बैरल प्रतिदिन की क्षमता वाली जाजान रिफाइनरी को निशाना बनाया गया। • रिफाइंड ईंधन की संरचनात्मक तंगी: रिफाइनिंग क्षमता में रुकावट के कारण अमेरिका में डीजल क्रैक स्प्रेड WTI के मुकाबले रिकॉर्ड $102.00 प्रति बैरल पर पहुंच गया। इस तंगी ने ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता को और बढ़ा दिया। सवाल-जवाब 1. अमेरिकी सेना ने ईरानी तेल टैंकरों पर कहां हमला किया? अमेरिकी सेंट्रल कमान ने जहाजों के चालक दल को बाहर निकलने का निर्देश देने के बाद ओमान की खाड़ी और ईरान के खार्ग द्वीप के पास तेल टैंकरों पर प्रहार किया। 2. अमेरिकी सेना ने इन तेल टैंकरों को निशाना क्यों बनाया? अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के अनुसार यह टैंकर अरबों डॉलर के शैडो नेटवर्क का हिस्सा थे, जो आईआरजीसी और उसके सहयोगी समूहों को वित्तीय सहायता पहुंचाते थे। 3. अमेरिकी हमलों के जवाब में आईआरजीसी ने क्या चेतावनी दी? आईआरजीसी ने चेतावनी दी कि अमेरिकी सैन्य टुकड़ियों की मेजबानी करने वाले कुवैत और बहरीन के बंदरगाहों में मौजूद जहाजों को जवाबी कार्रवाई में निशाना बनाया जा सकता है। 4. हुथी विद्रोहियों ने सऊदी अरब के किन प्रतिष्ठानों पर हमला किया? हुथी लड़ाकों ने सऊदी अरब की प्रतिदिन 4,00,000 बैरल क्षमता वाली जाजान रिफाइनरी और घरेलू ईंधन बाजार की आपूर्ति सुविधाओं को निशाना बनाया। 5. WTI क्रूड ऑयल क्या है और इसकी आपूर्ति कहां से होती है? वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट उच्च गुणवत्ता वाला हल्का और मीठा कच्चा तेल है, जिसका वितरण अमेरिका के ओक्लाहोमा स्थित कुशिंग हब के जरिए होता है। 6. अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड ने क्या नया रिकॉर्ड बनाया है? अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड पहली बार $100 प्रति बैरल के पार निकलकर $102.00 प्रति बैरल के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया। https://trendkia.com/market/gulf-of-oman-aura-kharg-island-ke-pasa-iranian-tela-tainkaron-para-american-sainya-prahara-kachche-tela-aura-vaishvika-mudra-bajar-29934 TrendKia — Har trend, sabse pehle.