एचडीएफसी बैंक का दूसरी तिमाही में शुद्ध लाभ 4.7 प्रतिशत बढ़कर 19,510 करोड़ रुपये पहुंचा, शुद्ध ब्याज आय में 9.7 प्रतिशत की तेजी एचडीएफसी बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में 19,510 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया है, जबकि शुद्ध ब्याज आय 9.7 प्रतिशत बढ़कर 34,620 करोड़ रुपये हो गई है। परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार देखने को मिला है और सकल एनपीए घटकर 1.11 प्रतिशत पर आ गया है। देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक, एचडीएफसी बैंक ने 30 सितंबर 2026 को समाप्त हुई चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के वित्तीय परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस अवधि के दौरान बैंक का एकल शुद्ध लाभ 4.7 प्रतिशत की वार्षिक बढ़त के साथ 19,510 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले मुनाफे में यह उछाल ट्रेजरी आय में नरमी और प्रावधानों में वृद्धि के बीच दर्ज किया गया। ट्रेजरी ट्रेडिंग लाभ को छोड़कर बैंक का कर पश्चात लाभ 30 सितंबर 2025 को समाप्त हुई तिमाही के मुकाबले लगभग 12.6 प्रतिशत बढ़ा है। शुद्ध ब्याज आय और कुल राजस्व में दर्ज हुआ इजाफा बैंक की मुख्य आय यानी शुद्ध ब्याज आय में सालाना आधार पर 9.7 प्रतिशत की मजबूती देखी गई है। 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही में यह आंकड़ा बढ़कर 34,620 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 31,550 करोड़ रुपये था। बैंक का शुद्ध ब्याज मार्जिन कुल परिसंपत्तियों पर 3.16 प्रतिशत रहा, जबकि ब्याज अर्जित करने वाली परिसंपत्तियों पर यह मार्जिन 3.32 प्रतिशत दर्ज किया गया। बैंक के कुल राजस्व में भी इजाफा दर्ज किया गया है। वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में बैंक का कुल राजस्व बढ़कर 48,450 करोड़ रुपये हो गया, जो वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में 45,900 करोड़ रुपये था। वहीं गैर-ब्याज राजस्व यानी अन्य आय 30 सितंबर 2026 को समाप्त हुई तिमाही के दौरान 13,830 करोड़ रुपये रही। प्रावधानों में वृद्धि और परिसंपत्ति गुणवत्ता की स्थिति समीक्षाधीन तिमाही के दौरान बैंक द्वारा फंसे कर्जों और अन्य आकस्मिक खर्चों के लिए किए जाने वाले प्रावधानों में तिमाही आधार पर 18.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह प्रावधान पिछली तिमाही के 3,010 करोड़ रुपये से बढ़कर 3,574 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के 3,501 करोड़ रुपये के मुकाबले इसमें 2.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही के लिए बैंक का कुल क्रेडिट कॉस्ट अनुपात 0.44 प्रतिशत रहा। बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार देखने को मिला है। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में बैंक का सकल एनपीए कुल ऋण का 1.11 प्रतिशत रहा, जो कृषि क्षेत्र के एनपीए को हटाकर 0.87 प्रतिशत बैठता है। इसकी तुलना में जून तिमाही में सकल एनपीए 1.17 प्रतिशत (कृषि क्षेत्र को छोड़कर 0.91 प्रतिशत) और पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 1.24 प्रतिशत (कृषि क्षेत्र को छोड़कर 0.99 प्रतिशत) था। 30 सितंबर 2026 तक बैंक का शुद्ध एनपीए कुल शुद्ध ऋण का 0.37 प्रतिशत दर्ज किया गया। जमा पूंजी और ऋण वितरण में दोहरे अंकों की वृद्धि सितंबर 2026 की तिमाही के दौरान बैंक की औसत जमा पूंजी 31,66,400 करोड़ रुपये रही। इसमें सितंबर 2025 तिमाही के 27,10,500 करोड़ रुपये की तुलना में 16.8 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि हुई, जबकि जून 2026 तिमाही के 30,11,500 करोड़ रुपये के मुकाबले यह 5.1 प्रतिशत की क्रमिक वृद्धि दर्शाती है। 30 सितंबर 2026 तक बैंक का कुल सकल ऋण 32,19,500 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जिसमें 30 सितंबर 2025 के मुकाबले 16.3 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। बैंक के प्रबंधन अधीन अग्रिम में 15.3 प्रतिशत का विस्तार हुआ। विभिन्न क्षेत्रों में ऋण वितरण को देखें तो खुदरा ऋण में 11.7 प्रतिशत, सूक्ष्म और मध्यम उद्यम ऋण में 23.5 प्रतिशत और कॉर्पोरेट व अन्य थोक ऋण में 16.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। कुल ऋण पोर्टफोलियो में विदेशी ऋण की हिस्सेदारी 3.3 प्रतिशत रही। पूंजी पर्याप्तता अनुपात और शाखा नेटवर्क का विस्तार बासेल 3 नियमों के तहत बैंक का कुल पूंजी पर्याप्तता अनुपात दूसरी तिमाही में 18.9 प्रतिशत रहा, जो नियामक आवश्यकता के 11.9 प्रतिशत से कहीं अधिक है। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह अनुपात 20.0 प्रतिशत था। टियर 1 पूंजी अनुपात 17.2 प्रतिशत और कॉमन इक्विटी टियर 1 अनुपात 17.1 प्रतिशत पर रहा। 30 सितंबर 2026 तक बैंक की जोखिम-भारित परिसंपत्तियां 31,79,300 करोड़ रुपये थीं। शाखाओं और एटीएम नेटवर्क की बात करें तो 30 सितंबर 2026 तक एचडीएफसी बैंक का भौतिक नेटवर्क 4,177 शहरों और कस्बों में 9,706 शाखाओं और 20,881 एटीएम तक पहुंच चुका है। शेयर बाजार और एडीआर पर कैसा रहा असर नतीजों की घोषणा से पहले बीएसई पर एचडीएफसी बैंक का शेयर 728.10 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुआ था, जिससे बैंक का बाजार पूंजीकरण 11,22,628.07 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। 12 से 16 अक्टूबर के कारोबारी सप्ताह के दौरान शेयर में 2.50 प्रतिशत की बढ़त रही, हालांकि इस साल अब तक शेयर में 26.5 प्रतिशत की गिरावट आई है। न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज पर बैंक का अमेरिकी डिपॉजिटरी रिसीट्स 1 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23.60 डॉलर पर बंद हुआ। घरेलू शेयर बाजार में 19 अक्टूबर 2026 को इन वित्तीय नतीजों पर प्रतिक्रिया देखने को मिलेगी। इसका आप पर असर एचडीएफसी बैंक के वित्तीय परिणामों का सीधा असर बैंक के खाताधारकों, कर्जदारों और शेयर बाजार के निवेशकों पर पड़ता है। • शेयरधारकों के लिए: बैंक के तिमाही मुनाफे में 4.7 प्रतिशत की धीमी वृद्धि और प्रावधानों में इजाफे का असर सोमवार को शेयर की चाल पर दिख सकता है। इस साल अब तक शेयर में 26.5 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है, ऐसे में निवेशक 19 अक्टूबर 2026 को बाजार खुलने पर कीमतों की दिशा पर नजर रखेंगे। • जमाकर्ताओं के लिए: बैंक की औसत जमा पूंजी में 16.8 प्रतिशत की मजबूत वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। जमा आधार मजबूत रहने से बैंक में रखी बचत और सावधि जमा की सुरक्षा को लेकर खाताधारकों का भरोसा कायम रहता है। • कर्ज लेने वालों के लिए: एसएमई ऋण में 23.5 प्रतिशत और खुदरा ऋण में 11.7 प्रतिशत की दोहरे अंकों की बढ़त दर्ज की गई है। बैंक अपने ऋण पोर्टफोलियो का सक्रिय विस्तार कर रहा है, जिससे कारोबारियों और आम ग्राहकों के लिए ऋण उपलब्धता बेहतर बनी रहेगी। • बैंक नेटवर्क उपयोगकर्ताओं के लिए: बैंक का नेटवर्क अब 4,177 शहरों में 9,706 शाखाओं और 20,881 एटीएम तक फैल चुका है। देश भर के कस्बों और शहरों में रहने वाले ग्राहकों को भौतिक बैंकिंग सेवाओं और नकदी निकासी की सुलभ पहुंच मिलती रहेगी। ऐसा क्यों हुआ एचडीएफसी बैंक के तिमाही प्रदर्शन में आय वृद्धि के बावजूद शुद्ध लाभ की रफ्तार अनुमान से कुछ धीमी रही, जिसके पीछे प्रावधानों और गैर-कोर आय के कारक रहे। • ट्रेजरी आय में नरमी: बैंक के मुनाफे पर ट्रेजरी ट्रेडिंग आय में आई सुस्ती का सीधा असर पड़ा। ट्रेजरी लाभ को अलग करके देखें तो बैंक के परिचालन कर पश्चात लाभ में सालाना आधार पर 12.6 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। • फंसे कर्जों के प्रावधान में इजाफा: समीक्षाधीन तिमाही में बैंक ने गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों के लिए प्रावधान को 18.7 प्रतिशत बढ़ाकर 3,574 करोड़ रुपये कर दिया। पिछली तिमाही के 3,010 करोड़ रुपये की तुलना में प्रावधान बढ़ने से शुद्ध लाभ सीमित रहा। • मजबूत ऋण और जमा वृद्धि: बैंक की शुद्ध ब्याज आय 9.7 प्रतिशत बढ़कर 34,620 करोड़ रुपये हो गई। खुदरा, थोक और एसएमई श्रेणियों में ऋण मांग मजबूत रहने से शुद्ध ब्याज मार्जिन 3.16 प्रतिशत के स्तर पर बना रहा। • परिसंपत्ति गुणवत्ता में निरंतर सुधार: सकल एनपीए घटकर 1.11 प्रतिशत और कृषि क्षेत्र को हटाकर 0.87 प्रतिशत पर आ गया। फंसे कर्जों के अनुपात में आई यह कमी बैंक के मुख्य परिसंपत्ति पोर्टफोलियो की स्थिरता को दर्शाती है। सवाल-जवाब 1. एचडीएफसी बैंक ने दूसरी तिमाही में कितना शुद्ध लाभ दर्ज किया? बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में 19,510 करोड़ रुपये का एकल शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 4.7 प्रतिशत अधिक है। 2. दूसरी तिमाही में बैंक की शुद्ध ब्याज आय कितनी रही? बैंक की शुद्ध ब्याज आय 9.7 प्रतिशत की वार्षिक बढ़त के साथ 34,620 करोड़ रुपये दर्ज की गई। 3. एचडीएफसी बैंक का सकल एनपीए कितना रहा? बैंक का सकल एनपीए 1.11 प्रतिशत रहा, जबकि कृषि क्षेत्र के एनपीए को छोड़कर यह आंकड़ा 0.87 प्रतिशत बैठता है। 4. बैंक की औसत जमा राशि में कितनी वृद्धि दर्ज की गई? सितंबर 2026 तिमाही में बैंक की औसत जमा पूंजी 16.8 प्रतिशत बढ़कर 31,66,400 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। 5. नतीजों से पहले बैंक के शेयर का भाव क्या था? बीएसई पर एचडीएफसी बैंक का शेयर 728.10 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुआ था, जिससे इसका बाजार पूंजीकरण 11,22,628.07 करोड़ रुपये रहा। 6. एचडीएफसी बैंक का पूंजी पर्याप्तता अनुपात कितना दर्ज किया गया? बासेल 3 नियमों के अनुसार बैंक का कुल पूंजी पर्याप्तता अनुपात 18.9 प्रतिशत रहा, जो नियामक सीमा 11.9 प्रतिशत से काफी ऊपर है। https://trendkia.com/market/hdfc-bank-ka-dusari-timahi-men-shuddha-labha-4-7-pratishata-barhakara-19-510-karora-rupaye-pahuncha-nii-men-9-7-pratishata-ki-teji-48715 TrendKia — Har trend, sabse pehle.