हीरो मोटर्स का 1,000 करोड़ रुपये का पब्लिक इश्यू खुला, ग्रे मार्केट प्रीमियम और मूल्यांकन पर विश्लेषकों की राय हीरो मोटर्स का आईपीओ बोली के लिए खुल चुका है और ग्रे मार्केट में करीब 12 प्रतिशत प्रीमियम का संकेत मिल रहा है। हालांकि महंगे मूल्यांकन और ग्राहकों की निर्भरता को देखते हुए विश्लेषक सतर्क रुख अपनाने की सलाह दे रहे हैं। ऑटोमोटिव कंपोनेंट निर्माता हीरो मोटर्स का 1,000 करोड़ रुपये का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) बुधवार, 16 सितंबर को निवेशकों की बोली के लिए खोल दिया गया है। निवेशक इस सार्वजनिक निर्गम में 18 सितंबर तक अपने आवेदन जमा कर सकते हैं। इश्यू खुलने के साथ ही अनौपचारिक बाजार में कंपनी के शेयरों को लेकर हलचल तेज हो गई है, जहां इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम (जीएमपी) 16 सितंबर को लगभग 10 रुपये प्रति शेयर पर दर्ज किया गया। बाजार में अनौपचारिक प्रीमियम किसी भी शेयर की आधिकारिक लिस्टिंग कीमत की गारंटी नहीं देता है, फिर भी शुरुआती मांग और रुझान को परखने के लिए इसे देखा जाता है। प्राइस बैंड, लॉट साइज और निवेश की जरूरी शर्तें कंपनी प्रबंधन ने इस सार्वजनिक निर्गम के लिए प्रति शेयर 79 रुपये से 84 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। खुदरा निवेशकों के लिए न्यूनतम लॉट साइज 178 शेयरों की रखी गई है। यदि कोई खुदरा निवेशक ऊपरी मूल्य सीमा यानी 84 रुपये प्रति शेयर के भाव पर एक लॉट के लिए बोली लगाता है, तो उसे कम से कम 14,952 रुपये की पूंजी लगानी होगी। शेयर बाजार में छोटे निवेशकों के लिए यह न्यूनतम निवेश सीमा निर्धारित की गई है, जिसके जरिए वे प्राथमिक बाजार में भागीदारी सुनिश्चित कर सकते हैं। इश्यू का ढांचा और लिस्टिंग की समयसीमा इस पूरे सार्वजनिक निर्गम का कुल आकार 1,000 करोड़ रुपये है, जिसे दो अलग-अलग हिस्सों में विभाजित किया गया है। इसमें कंपनी की ओर से 600 करोड़ रुपये मूल्य के 7.14 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी किए जा रहे हैं। इसके साथ ही मौजूदा शेयरधारकों द्वारा ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के माध्यम से 400 करोड़ रुपये मूल्य के 4.76 करोड़ शेयर बेचे जा रहे हैं। प्राथमिक बाजार में बोली प्रक्रिया 18 सितंबर को समाप्त होने के बाद, इन शेयरों को 23 सितंबर को देश के प्रमुख शेयर बाजारों एनएसई और बीएसई पर सूचीबद्ध करने का प्रस्ताव रखा गया है। ग्रे मार्केट प्रीमियम का हालिया रुझान और अनुमानित लाभ अपर प्राइस बैंड 84 रुपये के मुकाबले 10 रुपये का वर्तमान जीएमपी शेयर के 94 रुपये पर सूचीबद्ध होने की संभावना की ओर इशारा करता है। यदि लिस्टिंग के दिन तक यह अनौपचारिक रुझान बरकरार रहता है, तो यह निर्गम मूल्य पर लगभग 11.90 प्रतिशत के संभावित प्रीमियम लाभ को दर्शाता है। एक लॉट यानी 178 शेयरों पर गणना करें तो 10 रुपये के जीएमपी के आधार पर प्रति लॉट करीब 3,382 रुपये के सांकेतिक लाभ का अनुमान लगाया जा सकता है। हालांकि, ग्रे मार्केट का यह प्रीमियम अपने हालिया उच्च स्तर से काफी नीचे आया है। 12 और 13 सितंबर को यह करीब 24 रुपये के स्तर पर था, जो 14 सितंबर को घटकर 23 रुपये, 15 सितंबर को 19 रुपये और अब गिरकर 10 रुपये रह गया है। वित्तीय प्रदर्शन और ब्रोकरेज की समीक्षा कंपनी के बहीखाते की बात करें तो हीरो मोटर्स ने पिछले तीन वित्तीय वर्षों के दौरान अपने राजस्व, एबिटा (EBITDA) और शुद्ध लाभ में निरंतर सुधार दर्ज किया है। इसके बावजूद इस सार्वजनिक निर्गम का विश्लेषण करने वाले दो ब्रोकरेज फर्मों ने तटस्थ रुख अपनाया है। स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट ने अपनी समीक्षा रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि हीरो मोटर्स पावरट्रेन समाधानों की प्रमुख प्रदाता है और वैश्विक स्तर पर ई-बाइक सीवीटी (CVT) हब सेगमेंट में फर्स्ट-मूवर लाभ रखती है। इसके बावजूद, कंपनी का प्राइस-टू-अर्निग्स (P/E) अनुपात लगभग 69 से 74 गुना के दायरे में आता है, जो इसके समकक्ष उद्योग के 50.2 गुना के औसत पी/ई की तुलना में काफी अधिक है। विश्लेषकों का मानना है कि इस ऊंचे मूल्यांकन के कारण निवेशकों के लिए शेयर में बहुत बड़ा अपसाइड मिलने की गुंजाइश सीमित हो जाती है। जोखिम कारक और मूल्यांकन पर विश्लेषकों की टिप्पणी स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट ने यह भी रेखांकित किया कि कंपनी का रिटर्न ऑन नेट वर्थ (RoNW) सुधरकर 8.53 प्रतिशत हो गया है और इसका एबिटा मार्जिन करीब 10.2 प्रतिशत दर्ज किया गया है, लेकिन ये दोनों ही वित्तीय मानक उद्योग के प्रमुख प्रतिस्पर्धियों की तुलना में अभी भी निचले स्तर पर हैं। इसके अतिरिक्त, ब्रोकरेज ने ग्राहक सांद्रता को एक बड़े जोखिम के रूप में चिन्हित किया है, क्योंकि कंपनी के शीर्ष 10 ग्राहक इसके कुल राजस्व में 73 से 78 प्रतिशत का योगदान करते हैं। स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट ने अपनी राय स्पष्ट करते हुए कहा, "मजबूत कारोबार और इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में वृद्धि की व्यापक संभावनाओं के बावजूद, ऊंचा मूल्यांकन निवेशकों के संभावित लाभ को सीमित करता है, इसलिए हमारा नजरिया तटस्थ है।" इसका आप पर असर खुदरा निवेशकों को इस सार्वजनिक निर्गम में आवेदन करने के लिए न्यूनतम 14,952 रुपये की पूंजी की आवश्यकता होगी। • न्यूनतम निवेश राशि: खुदरा बोलीदाताओं को 178 शेयरों के एक लॉट के लिए 84 रुपये के ऊपरी मूल्य पर 14,952 रुपये जमा करने होंगे। यह राशि आवेदन करते समय बैंक खाते में यूपीआई मैंडेट के जरिए ब्लॉक कर दी जाएगी। • आवेदन की समयसीमा: इस सार्वजनिक निर्गम की बोली 16 सितंबर से शुरू होकर 18 सितंबर को बंद हो जाएगी। इच्छुक निवेशकों को इस अवधि के दौरान दोपहर बाद तक अपना आवेदन पूरा करना होगा। • लिस्टिंग तिथि: शेयरों का आवंटन पूरा होने के बाद 23 सितंबर को शेयर बाजारों में इसकी शुरुआत होगी। उस दिन शेयर एनएसई और बीएसई पर नियमित कारोबार के लिए उपलब्ध हो जाएंगे। • मुनाफे की अनिश्चितता: वर्तमान में 10 रुपये का अनौपचारिक प्रीमियम प्रति लॉट 3,382 रुपये के लाभ का संकेत दे रहा है। हालांकि जीएमपी अनियंत्रित होता है और वास्तविक लिस्टिंग पर नुकसान या कम लाभ की संभावना बनी रहती है। ऐसा क्यों हुआ हीरो मोटर्स ने अपने विस्तार और शेयरधारकों को निकास देने के लिए पूंजी बाजार का रुख किया है, जबकि विश्लेषक उच्च मूल्यांकन को लेकर सतर्कता बरत रहे हैं। • पूंजी जुटाने की योजना: कंपनी ने 600 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी करने और 400 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल लाने का निर्णय लिया। इसके तहत नई इक्विटी से प्राप्त राशि का उपयोग व्यावसायिक विकास में किया जाएगा। • जीएमपी में नरमी: अनौपचारिक बाजार में प्रीमियम 24 रुपये से फिसलकर 10 रुपये पर आ गया है। निवेशकों द्वारा समग्र बाजार परिस्थितियों और मूल्यांकन चिंताओं का आकलन करने के कारण यह गिरावट दर्ज हुई है। • मूल्यांकन पर चिंता: कंपनी का पी/ई अनुपात 69 से 74 गुना है, जो उद्योग के 50.2 गुना औसत से काफी ज्यादा है। विश्लेषकों का मानना है कि अधिक भाव तय किए जाने से लिस्टिंग पर बहुत बड़े मुनाफे की संभावना घट जाती है। • ग्राहकों की निर्भरता: फर्म के कुल राजस्व का 73 से 78 प्रतिशत हिस्सा शीर्ष 10 ग्राहकों से आता है। इस सांद्रता जोखिम के चलते ब्रोकरेज फर्मों ने कंपनी के लिए तटस्थ दृष्टिकोण अपनाया है। सवाल-जवाब 1. हीरो मोटर्स का आईपीओ कब से कब तक खुला है? यह सार्वजनिक निर्गम 16 सितंबर को खुला है और निवेशक 18 सितंबर तक बोली लगा सकते हैं। 2. इस आईपीओ का कुल आकार कितना है? इस निर्गम का कुल आकार 1,000 करोड़ रुपये है, जिसमें 600 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और 400 करोड़ रुपये का ओएफएस शामिल है। 3. प्रति शेयर प्राइस बैंड और लॉट साइज क्या तय की गई है? शेयर का प्राइस बैंड 79 रुपये से 84 रुपये प्रति शेयर है और एक लॉट में 178 शेयर शामिल हैं। 4. खुदरा निवेशकों को एक लॉट के लिए न्यूनतम कितने रुपये लगाने होंगे? ऊपरी मूल्य सीमा 84 रुपये के हिसाब से एक लॉट के लिए 14,952 रुपये का निवेश आवश्यक है। 5. शेयर बाजार में इस कंपनी की लिस्टिंग किस तारीख को होगी? कंपनी के शेयर 23 सितंबर को प्रमुख स्टॉक एक्सचेंजों एनएसई और बीएसई पर लिस्ट होने का प्रस्ताव है। 6. 16 सितंबर को कंपनी का ग्रे मार्केट प्रीमियम कितना चल रहा था? 16 सितंबर को इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम लगभग 10 रुपये प्रति शेयर पर चल रहा था। 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