हॉकिश केंद्रीय बैंकों के संकेतों और महंगाई आंकड़ों के बीच वैश्विक मुद्रा बाजारों की हलचल तेज जापानी येन के मुकाबले ब्रिटिश पाउंड में सुधार देखा गया है, जबकि बैंक ऑफ जापान के सख्त रुख और आगामी अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों ने वैश्विक मुद्रा और सोने के बाजारों को प्रभावित किया है। वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में विभिन्न केंद्रीय बैंकों की नीतियों और आगामी आर्थिक आंकड़ों के बीच महत्वपूर्ण हलचल देखने को मिल रही है। ब्रिटिश पाउंड ने जापानी येन के खिलाफ अपनी लगातार तीन दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ दिया है और खरीदारी का नया दौर दर्ज किया है। स्टर्लिंग में आई इस मामूली मजबूती के पीछे ब्रिटेन के राजकोषीय रुख और अमेरिकी डॉलर में कमजोरी मुख्य कारक बनकर उभरे हैं। इसके बावजूद जापानी येन की मजबूती इस मुद्रा जोड़ी की बढ़त को सीमित कर रही है। ब्रिटिश पाउंड की वापसी और यूके की आर्थिक स्थिति ब्रिटिश पाउंड को यूके के चांसलर जॉन हीली की राजकोषीय अनुशासन की प्रतिबद्धता से काफी सहारा मिला है। सरकार द्वारा वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के आश्वासन और अमेरिकी डॉलर में आई नरमी ने पाउंड को निचले स्तरों से उबरने में मदद की है। व्यापारियों का ध्यान अब शुक्रवार को जारी होने वाली यूके की मासिक GDP रिपोर्ट पर केंद्रित है। यह रिपोर्ट आने वाले समय में पाउंड की चाल और दिशा तय करने में अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि GBP/JPY जोड़ी में खरीदारी के मौजूदा दौर के बाद भी सतर्कता बरतना आवश्यक है। यह पुष्टि करने से पहले कि मुद्रा जोड़ी ने अल्पकालिक निचला स्तर बना लिया है, मजबूत फॉलो थ्रू बाइंग का इंतजार करना समझदारी होगी। यूके के आर्थिक विकास से जुड़े नए आंकड़े यह स्पष्ट करेंगे कि पाउंड में आई यह तेजी टिकाऊ है या नहीं। बैंक ऑफ जापान का सख्त रुख और जापानी येन का प्रदर्शन जापानी येन को बैंक ऑफ जापान (BoJ) की ब्याज दरें बढ़ाने की संभावनाओं से लगातार समर्थन मिल रहा है। जापान के संशोधित आर्थिक विकास के आंकड़ों और मजबूत वेतन वृद्धि ने केंद्रीय बैंक के मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने के रास्ते को और अधिक पुख्ता किया है। यही वजह है कि येन में मजबूती बनी हुई है और यह GBP/JPY की ऊपरी बढ़त पर अंकुश लगा रही है। हाल के दिनों में BoJ के प्रमुख बोर्ड सदस्यों हाजिम ताकाटा और नाओकी तमुरा ने बढ़ती महंगाई से निपटने के लिए तेजी से और अधिक लचीले ढंग से ब्याज दरें बढ़ाने की वकालत की है। पिछले सात दिनों के प्रदर्शन को देखें तो जापानी येन प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले सबसे मजबूत प्रदर्शन करने वाली मुद्रा के रूप में उभरा है, जिसमें उसने अमेरिकी डॉलर के खिलाफ सर्वाधिक बढ़त हासिल की है। AUD/USD और USD/JPY जैसी प्रमुख मुद्रा जोड़ियों का रुझान एशियाई व्यापारिक सत्र के दौरान AUD/USD जोड़ी में 0.7200 के स्तर से ऊपर समेकन की स्थिति देखी गई। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती संभावनाओं ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को 14 मई के बाद के अपने उच्चतम स्तर के करीब बनाए रखा है। हालांकि, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक सख्ती की उम्मीदों और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अमेरिकी डॉलर को सहारा दिया है, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की तेजी पर कुछ लगाम लगी है। दूसरी ओर, USD/JPY जोड़ी एशियाई सत्र में 153.50 से ऊपर स्थिर हुई। हालांकि यह इस सप्ताह के प्रारंभ में बने अपने सात महीने के निचले स्तर के काफी करीब कारोबार कर रही है। BoJ द्वारा दरें बढ़ाने की उम्मीदों ने येन की मांग को बनाए रखा है, जबकि सितंबर में Fed द्वारा दरें बढ़ाने की अटकलों और भू-राजनीतिक तनावों ने डॉलर की बिकवाली के दबाव को थोड़ा कम किया है। सोने की कीमतें और अमेरिकी महंगाई के आंकड़े अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव देखा गया। सोने का भाव इंट्राडे कारोबार के दौरान 4,400 डॉलर से नीचे चला गया था, लेकिन बाद में इसमें सुधार दर्ज किया गया और यह एक सप्ताह के निचले स्तर से ऊपर आ गया। हालांकि, व्यापारी सतर्क रुख अपना रहे हैं और सोने की कीमतें 4,450 डॉलर के महत्वपूर्ण धुरी स्तर से नीचे बनी हुई हैं। बाजार सहभागियों की नजरें अमेरिका के आगामी महंगाई के आंकड़ों पर टिकी हैं। अमेरिका का प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) डेटा और उसके बाद कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) डेटा जारी होने वाला है। ये आंकड़े फेडरल रिजर्व की भावी नीति को दिशा देंगे। हालिया अमेरिकी रोजगार रिपोर्ट में श्रम बाजार में उम्मीद से बेहतर सुधार देखा गया है, जिसने नीति निर्माताओं को ब्याज दरों पर अपने विकल्प खुले रखने का मौका दिया है। इसका आप पर असर वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार की हलचल और केंद्रीय बैंकों की नीतियों का असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, यात्रा और निवेश पर सीधा पड़ता है। • भारतीय निवेशकों पर प्रभाव: विदेशी मुद्रा बाजार में जापानी येन और डॉलर की मजबूती से अंतरराष्ट्रीय फंड्स और कमोडिटी मार्केट में उतार-चढ़ाव आ सकता है। इससे भारतीय शेयर बाजार पर अल्पकालिक दबाव दिख सकता है। • विदेशी यात्रा और पढ़ाई: यूके और जापान जाने वाले यात्रियों या छात्रों के लिए पाउंड और येन की विनिमय दरों में बदलाव से खर्च की लागत प्रभावित हो सकती है। • सोने की कीमतें: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के 4,400 डॉलर के पास बने रहने से घरेलू भारतीय बाजारों में भी सोने के दामों में स्थिरता या मामूली उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। • कच्चा तेल और आयात लागत: अमेरिका-ईरान तनाव और डॉलर सूचकांक में उतार-चढ़ाव से भारत के आयात बिल और ईंधन कीमतों पर असर पड़ सकता है। ऐसा क्यों हुआ मुद्रा बाजार और सोने की कीमतों में यह हलचल विभिन्न देशों की आर्थिक नीतियों, मुद्रास्फीति के आंकड़ों और केंद्रीय बैंकों के बयानों के कारण हुई है। • बैंक ऑफ जापान की सख्ती: जापान में वेतन वृद्धि और मजबूत आर्थिक विकास के आंकड़ों के बाद BoJ अधिकारियों ने ब्याज दरों में तेजी से बढ़ोतरी की वकालत की है, जिससे येन को मजबूती मिली। • ब्रिटेन की राजकोषीय नीति: यूके चांसलर जॉन हीली द्वारा वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के वादे ने पाउंड को तीन दिनों की गिरावट के बाद संभलने में मदद की। • अमेरिकी आर्थिक आंकड़े: अगस्त के मजबूत अमेरिकी रोजगार आंकड़ों और आगामी PPI एवं CPI महंगाई रिपोर्टों ने अमेरिकी डॉलर और फेडरल रिजर्व की नीतियों को लेकर सट्टेबाजी को तेज किया है। • भू-राजनीतिक तनाव: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अमेरिकी डॉलर को निचले स्तरों पर सहारा दिया है और निवेशकों को सतर्क किया है। सवाल-जवाब 1. GBP/JPY जोड़ी में हाल ही में क्या बदलाव देखा गया है? GBP/JPY जोड़ी ने अपनी लगातार तीन दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ दिया है और यूके की राजकोषीय प्रतिबद्धताओं व पाउंड में मामूली मजबूती के कारण इसमें सुधार आया है। 2. जापानी येन को किस वजह से मजबूती मिल रही है? बैंक ऑफ जापान के अधिकारियों द्वारा तेजी से ब्याज दरें बढ़ाने के संकेतों, मजबूत वेतन वृद्धि और संशोधित आर्थिक विकास दर के कारण येन मजबूत हुआ है। 3. सोने की कीमतें वर्तमान में किस स्तर पर कारोबार कर रही हैं? सोना इंट्राडे के दौरान 4,400 डॉलर से नीचे गिरने के बाद सुधरा है, लेकिन अमेरिकी महंगाई आंकड़ों से पहले यह 4,450 डॉलर के मुख्य स्तर से नीचे बना हुआ है। 4. यूके की कौन सी आर्थिक रिपोर्ट पर बाजार की नजर है? निवेशक और व्यापारी शुक्रवार को जारी होने वाली यूके की मासिक GDP रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, जो पाउंड की भावी दिशा तय करेगी। https://trendkia.com/market/hokisha-kendriya-bainkon-ke-snketon-aura-mahngai-ankaron-ke-bicha-vaishvika-mudra-bajaron-ki-halachala-teja-30774 TrendKia — Har trend, sabse pehle.