# हॉर्मुज जलडमरूमध्य में कूटनीतिक पहल से कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, महंगाई के दबाव के बीच वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव

> सलालाह में होने वाली ओमान-ईरान वार्ता के बीच कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है, जबकि अमेरिकी महंगाई और घटती वैश्विक इन्वेंट्री ने बाजार में तनाव बरकरार रखा है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-11 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/hormuz-jaladamarumadhya-men-kutanitika-pahala-se-crude-oil-ki-kimaton-men-narami-mahngai-ke-dabava-ke-bicha-vaishvika-bajaron-men--31287 · **Language:** Hindi
**Tags:** क्रूड ऑयल, कच्चा तेल, हॉर्मुज जलडमरूमध्य, वैश्विक अर्थव्यवस्था, फेडरल रिजर्व, महंगाई दर, ओमान, वित्त

वैश्विक ऊर्जा बाजारों में इन दिनों भारी अनिश्चितता देखने को मिल रही है। हालिया सत्रों में वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड के दामों में शुरुआती गिरावट के बाद एक बार फिर रिकवरी का रुख देखा गया है। लाइव मार्केट डेटा के अनुसार, सत्र की समाप्ति पर कच्चे तेल (CL=F) की कीमत 100.29 डॉलर प्रति बैरल दर्ज की गई है, जो अपने पिछले बंद भाव 102.48 डॉलर की तुलना में 2.14 प्रतिशत कम है। बाजार में यह उतार-चढ़ाव ऐसे समय में आया है जब हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के सुरक्षित आवागमन को लेकर एक अस्थायी राजनयिक समझौते की सुगबुगाहट तेज हो गई है। वैश्विक तेल की कीमतों में आई इस हालिया गिरावट ने पिछले लगातार चार सत्रों की तेजी पर ब्रेक लगा दिया है, हालांकि बाजार के निचले स्तरों पर खरीदार अब भी सक्रिय बने हुए हैं।

 

## सलालाह कूटनीति और हॉर्मुज जलडमरूमध्य का गतिरोध

कच्चे तेल की कीमतों में आई इस नरमी के पीछे सबसे बड़ी वजह ओमान के सलालाह शहर में होने वाली एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक बैठक को माना जा रहा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, खाड़ी देशों के विदेश मंत्री ओमान के सलालाह शहर में अपने ईरानी समकक्ष के साथ एक अहम बैठक करने जा रहे हैं। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य हॉर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से होने वाले समुद्री परिवहन को सुरक्षित बनाने के लिए एक अस्थायी समझौते पर आम सहमति बनाना है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद संवेदनशील मार्ग माना जाता है। युद्ध की शुरुआत से पहले इस जलमार्ग से रोजाना लगभग 125 मालवाहक जहाज गुजरते थे, जो वैश्विक स्तर पर समुद्री मार्ग से होने वाले कच्चे तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) के कुल व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा (20 प्रतिशत) है। हालांकि, हालिया डेटा के अनुसार इस मार्ग पर यातायात में भारी गिरावट आई है। 10 सितंबर को इस मार्ग से केवल सात जहाजों का आवागमन दर्ज किया गया, जबकि उससे पिछले दिन जहाजों की संख्या 11 थी।

 

## खाड़ी देशों के वैकल्पिक सुरक्षा उपाय और परिवहन लागत

हॉर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते जोखिमों के बीच खाड़ी देशों के तेल उत्पादकों ने अपनी आपूर्ति श्रृंखला को चालू रखने के लिए नए और महंगे विकल्प खोजे हैं। उत्पादक देश सीधे संघर्ष क्षेत्र से भरे जलडमरूमध्य से भरे जहाजों को गुजारने के बजाय, तेल को छोटे जहाजों के जरिए जलडमरूमध्य के बाहर प्रतीक्षा कर रहे बड़े टैंकरों तक पहुंचा रहे हैं। इस शटल सेवा के कारण तेल की वैश्विक आपूर्ति तो बनी हुई है, लेकिन परिवहन की लागत में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। इसके चलते तेल टैंकरों की कमाई अब तक के ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर जो असर पड़ा है, वह वास्तव में माल ढुलाई (फ्रेट) दरों में दी गई छूट का परिणाम है, न कि मूल तेल की कीमतों में आई किसी स्थायी कमी का। इसके अलावा, सऊदी अरब का अगस्त महीने का उत्पादन लगभग 19 लाख (1.9 मिलियन) बैरल प्रतिदिन गिर गया है, और हाल ही में सऊदी अरब के ऊर्जा ठिकानों पर हुती विद्रोहियों के हमलों ने भी आपूर्ति की चिंताओं को बढ़ा दिया है। वहीं, दूसरी ओर अमेरिका की पेट्रोलियम इन्वेंट्री में 4 सितंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान 3 लाख (300K) बैरल की मामूली गिरावट दर्ज की गई है।

 

## अमेरिकी महंगाई दर और फेडरल रिजर्व का नीतिगत फैसला

ऊर्जा संकट का सीधा असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था और विशेष रूप से अमेरिकी महंगाई पर दिखने लगा है। अगस्त महीने के अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़ों के अनुसार, मासिक आधार पर महंगाई दर में 0.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जबकि सालाना आधार पर यह 3.4 प्रतिशत पर स्थिर बनी हुई है। यह आंकड़ा विश्लेषकों के अनुमानों के बिल्कुल अनुरूप है। हालांकि, इस महंगाई को बढ़ाने में अकेले पेट्रोल और डीजल की कीमतों का सबसे बड़ा हाथ रहा है। अकेले गैसोलीन की कीमतों में 3.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जिसने मासिक CPI बढ़ोतरी में एक-तिहाई से अधिक का योगदान दिया। सालाना आधार पर ईंधन की लागत में 28 प्रतिशत और डीजल की कीमतों में 52 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई है। डीजल की कीमतों में यह उछाल विशेष रूप से चिंताजनक है क्योंकि इसके कारण ट्रकिंग और डिलीवरी सेवाएं महंगी हो जाती हैं, जिससे अंततः देश के हर सुपरमार्केट और दुकान में रखे सामान की कीमत बढ़ जाती है।

 महंगाई के आंकड़ों को अगर करीब से देखें तो कोर CPI (जिसमें खाद्य और ऊर्जा की अस्थिर कीमतों को शामिल नहीं किया जाता) में मासिक आधार पर 0.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जो कि 0.2 प्रतिशत के बाजार अनुमान से अधिक है। सालाना आधार पर कोर CPI मामूली रूप से नरम होकर 2.4 प्रतिशत पर आ गया है। ऊर्जा और गैर-ऊर्जा दोनों क्षेत्रों में कीमतों के इस कड़े रुख को देखते हुए, केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना काफी बढ़ गई है। ब्याज दर वायदा (रेट फ्यूचर्स) बाजार अब आगामी 16 सितंबर को होने वाली बैठक में दरों में चौथाई प्रतिशत (0.25 प्रतिशत) की बढ़ोतरी की 70 प्रतिशत संभावना जता रहा है। यदि ऐसा होता है, तो यह इस साल ब्याज दरों में होने वाला पहला बदलाव होगा, जो वर्तमान लक्षित दायरे 3.50 प्रतिशत से 3.75 प्रतिशत से ऊपर चला जाएगा। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि ब्याज दरों में चौथाई फीसदी की बढ़ोतरी से समुद्री कॉरिडोर का संकट हल नहीं होने वाला है। फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की यह महत्वपूर्ण बैठक 15 और 16 सितंबर को निर्धारित है, जिसके परिणाम और आर्थिक अनुमानों का विवरण दूसरे दिन जारी किया जाएगा।

 

## वैश्विक तेल मांग में कटौती और इन्वेंट्री का संकट

इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने अपनी ताजा मासिक रिपोर्ट में वैश्विक तेल बाजार को लेकर कई महत्वपूर्ण अनुमान जारी किए हैं। एजेंसी ने साल 2026 के लिए वैश्विक तेल मांग के अनुमान में 9.4 लाख (940K) बैरल प्रतिदिन की भारी कटौती की है, जिससे पूरे साल की कुल मांग में गिरावट का आंकड़ा बढ़कर 2.5 मिलियन बैरल प्रतिदिन पर पहुंच गया है। आपूर्ति के मोर्चे पर भी स्थिति गंभीर है; इस साल वैश्विक आपूर्ति में 5.7 मिलियन बैरल प्रतिदिन की कमी आने का अनुमान है, जिसके बाद कुल आपूर्ति 100.7 मिलियन बैरल प्रतिदिन रह जाएगी। अगस्त महीने में खाड़ी देशों का 10 मिलियन बैरल प्रतिदिन से अधिक का उत्पादन बंद रहा। अगस्त में वैश्विक उत्पादन 100.1 मिलियन बैरल प्रतिदिन दर्ज किया गया, जो पिछले महीने की तुलना में 1.6 मिलियन बैरल कम है। हालांकि, अगले साल उत्पादन में 8 मिलियन बैरल प्रतिदिन के सुधार का अनुमान जताया गया है, लेकिन यह रिकवरी भी इसी हॉर्मुज जलमार्ग की सुरक्षा पर निर्भर करेगी।

 इस बीच, वैश्विक स्तर पर तेल की मांग और आपूर्ति के अंतर को पाटने के लिए जमा स्टॉक (इन्वेंट्री) का अंधाधुंध इस्तेमाल किया जा रहा है। जब से यह युद्ध शुरू हुआ है (फरवरी से), तब से लेकर अब तक वैश्विक तेल भंडारों में से 50.7 करोड़ (507 मिलियन) बैरल तेल निकाला जा चुका है, जो औसतन 2.8 मिलियन बैरल प्रतिदिन की निकासी को दर्शाता है। अकेले अगस्त के महीने में ही वैश्विक भंडारों में से 9.5 करोड़ (95 मिलियन) बैरल तेल निकाला गया। आईईए का अनुमान है कि खाड़ी देशों के उत्पादन में वास्तविक सुधार साल 2027 तक ही संभव हो पाएगा। तब तक वैश्विक बाजार को अपनी जरूरतों के लिए पूरी तरह से इन्वेंट्री टैंकों पर निर्भर रहना होगा, लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि खाली हो चुके इन्वेंट्री टैंक दोबारा अपने आप नहीं भरते। इस बीच, भू-राजनीतिक चिंताओं को देखते हुए एक प्रमुख यूरोपीय बैंक ने चालू वर्ष के अंत के लिए ब्रेंट क्रूड के अपने पूर्वानुमान में 10.00 डॉलर की बढ़ोतरी की है, और वर्तमान में ब्रेंट क्रूड का भाव 100 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर बना हुआ है।

 

## तकनीकी विश्लेषण और महत्वपूर्ण ट्रेडिंग स्तर

चार्ट पैटर्न और लाइव तकनीकी संकेतकों पर नजर डालें तो WTI क्रूड का रुख अभी भी मजबूती की ओर इशारा कर रहा है। लाइव तकनीकी संकेतकों के अनुसार, RSI(14) वर्तमान में 72 के स्तर पर है, जो दर्शाता है कि बाजार ओवरबॉट (अत्यधिक खरीद) की स्थिति में प्रवेश कर चुका है। वहीं, MACD संकेतक 4.21 पर है जो अपने सिग्नल लाइन (2.71) से काफी ऊपर है, जो एक मजबूत बुलिश ट्रेंड का संकेत दे रहा है। मूविंग एवरेज की बात करें तो EMA20 वर्तमान में 90.00 डॉलर पर है, जबकि EMA50 का स्तर 86.19 डॉलर और EMA200 का स्तर 77.84 डॉलर पर बना हुआ है। 50-दिवसीय और 200-दिवसीय मूविंग एवरेज के बीच बना यह फासला बाजार में एक मजबूत और दीर्घकालिक अपट्रेंड (तेजी के रुख) की पुष्टि करता है। बोलिंगर बैंड (20,2) की ऊपरी सीमा 100.03 डॉलर है और वर्तमान कीमत इस ऊपरी सीमा से ऊपर कारोबार कर रही है, जो अत्यधिक वोलेटिलिटी को दर्शाती है।

 शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग के लिए महत्वपूर्ण स्तर इस प्रकार हैं:

- **रेसिस्टेंस स्तर:** पहला तात्कालिक रेसिस्टेंस स्तर हालिया सत्र के उच्च स्तर 100.50 डॉलर पर है। इसके बाद 101.00 डॉलर का मनोवैज्ञानिक स्तर आता है। यदि तेजी जारी रहती है, तो मई के मध्य का रेसिस्टेंस क्षेत्र 103.00 डॉलर पर सक्रिय होगा, और इसके बाद अप्रैल का उच्चतम स्तर 107.50 डॉलर के करीब अगला बड़ा लक्ष्य होगा। लाइव डेटा के अनुसार, तात्कालिक रेसिस्टेंस R1 103.67 डॉलर और R2 107.06 डॉलर पर स्थित है।

- **सपोर्ट स्तर:** गिरावट की स्थिति में सत्र का निचला स्तर 95.50 डॉलर पहला मजबूत सपोर्ट है। इसके नीचे गुरुवार का न्यूनतम स्तर 93.00 डॉलर और फिर 90.00 डॉलर का मजबूत मनोवैज्ञानिक स्तर आता है, जो सितंबर की पूरी तेजी को संभाले हुए है। लाइव डेटा के अनुसार, पहला मजबूत सपोर्ट S1 97.69 डॉलर और दूसरा S2 95.10 डॉलर पर है।

- **मार्केट बायस (झुकाव):** जब तक कच्चे तेल की कीमत 95.50 डॉलर के स्तर से ऊपर बनी हुई है, तब तक बाजार का रुझान सकारात्मक (बुलिश) रहेगा। हालांकि, यदि दैनिक आधार पर क्लोजिंग 93.00 डॉलर से नीचे होती है, तो यह तेजी का रुख अमान्य हो जाएगा।

 

## वैश्विक वित्तीय बाजारों में हलचल: फॉरेक्स और सोना

कच्चे तेल के साथ-साथ अन्य वित्तीय बाजारों में भी शुक्रवार को काफी उठापटक देखने को मिली। एशियाई सत्र के दौरान AUD/USD की विनिमय दर 0.7150 के आस-पास स्थिर होती दिखी, जिससे पिछले दिन की भारी गिरावट पर कुछ विराम लगा। अमेरिकी प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) के मजबूत आंकड़ों ने फेडरल रिजर्व द्वारा दरें बढ़ाए जाने की संभावनाओं को बल दिया है, जिससे अमेरिकी डॉलर को मजबूती मिली। हालांकि, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा ब्याज दरों में कड़ा रुख अपनाए जाने की उम्मीदों ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की गिरावट को सीमित रखा। दूसरी ओर, जापानी येन में मजबूती के कारण USD/JPY की जोड़ी एशियाई व्यापार के दौरान गिरकर 154.00 के स्तर पर आ गई। जापान के गर्म पीपीआई डेटा ने बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा जल्द ही मौद्रिक नीति को कड़ा किए जाने की उम्मीदों को बढ़ा दिया है। इसके अतिरिक्त, डॉलर सूचकांक में अस्थिरता के बीच वैश्विक सर्राफा बाजार में सोने ने वापसी की है। सोना एक बार फिर बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है और इसका भाव अंतरराष्ट्रीय बाजार में 4,440 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के महत्वपूर्ण स्तर को छूने की कोशिश कर रहा है, जिससे निवेशकों को मुद्रास्फीति के खिलाफ एक सुरक्षित पनाहगाह मिल रही है।

## इसका आप पर असर
कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और शिपिंग कॉरिडोर में अस्थिरता वैश्विक स्तर पर उपभोक्ताओं के दैनिक बजट को सीधे प्रभावित कर सकती है।

- **भारत में:** कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल के दामों पर दबाव बढ़ सकता है। इसके परिणामस्वरूप देश में माल ढुलाई महंगी होगी, जिससे फल, सब्जियां और दैनिक उपयोग की अन्य वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं।
- **वैश्विक स्तर पर:** डीजल की कीमतों में 52 प्रतिशत की तेजी के कारण परिवहन लागत बढ़ने से हर तरह के उपभोक्ता सामान महंगे हो जाएंगे। इसके अलावा, वैश्विक ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी से होम लोन और अन्य ऋणों पर ब्याज दरें बढ़ेंगी, जिससे लोगों की मासिक EMI पर सीधा वित्तीय बोझ बढ़ेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
कच्चे तेल के दामों में उतार-चढ़ाव और हालिया नरमी के पीछे कई बड़े भू-राजनीतिक और आर्थिक कारण मौजूद हैं।

- **राजनयिक प्रयास:** ओमान के सलालाह शहर में खाड़ी देशों और ईरान के विदेश मंत्रियों के बीच होने वाली बैठक ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के सुरक्षित मार्ग के लिए एक अस्थायी समझौते की उम्मीद जगाई है, जिससे बाजार का तनाव थोड़ा कम हुआ है।
- **आपूर्ति में कटौती:** सऊदी अरब के उत्पादन में 1.9 मिलियन बैरल प्रतिदिन की गिरावट और तेल बुनियादी ढांचे पर हुती हमलों के कारण आपूर्ति बेहद सीमित है।
- **महंगाई का दबाव:** अमेरिकी अगस्त CPI डेटा में ईंधन और विशेषकर डीजल की कीमतों में भारी उछाल से महंगाई मजबूत बनी हुई है, जिससे केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने की आशंका बढ़ गई है।

## सवाल-जवाब

### 1. WTI क्रूड क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
WTI का मतलब वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट है, जो कि वैश्विक तेल बाजार में एक प्रमुख बेंचमार्क है। यह अमेरिकी मूल का एक उच्च गुणवत्ता वाला, हल्का और मीठा कच्चा तेल है, जिसे आसानी से रिफाइन किया जा सकता है।

### 2. हॉर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ा संकट तेल की कीमतों को कैसे प्रभावित कर रहा है?
हॉर्मुज जलमार्ग से दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल और LNG गुजरता है। इस मार्ग पर जहाजों के घटने और बढ़ते सैन्य खतरों के कारण जहाजों को घुमाकर ले जाने की लागत बढ़ गई है, जिससे तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है।

### 3. सलालाह बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस बैठक का उद्देश्य हॉर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से मालवाहक जहाजों के सुरक्षित और सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए खाड़ी देशों और ईरान के बीच एक अस्थायी सुरक्षा व्यवस्था स्थापित करना है।

### 4. डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी आम उपभोक्ताओं को कैसे प्रभावित करती है?
डीजल का उपयोग ट्रकों, डिलीवरी वाहनों और ट्रेनों में माल ढुलाई के लिए किया जाता है। इसके महंगा होने से हर उत्पाद की ढुलाई लागत बढ़ जाती है, जिससे सुपरमार्केट में रखे सभी सामान महंगे हो जाते हैं।

### 5. वैश्विक तेल इन्वेंट्री में कितनी बड़ी गिरावट आई है?
फरवरी में संघर्ष शुरू होने के बाद से वैश्विक तेल भंडारों में से 50.7 करोड़ (507 मिलियन) बैरल तेल निकाला जा चुका है, जो औसतन 2.8 मिलियन बैरल प्रतिदिन की रिकॉर्ड कमी को दर्शाता है।

### 6. फेडरल रिजर्व की अगली बैठक कब है और बाजार की क्या उम्मीदें हैं?
फेडरल रिजर्व की नीतिगत बैठक 15 और 16 सितंबर को होने वाली है। ब्याज दर वायदा बाजार में उम्मीद जताई जा रही है कि महंगाई के दबाव को देखते हुए दरों में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जा सकती है।

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