# हॉर्मुज तनाव और अमेरिकी नौकरियों के आंकड़ों के बीच यूरो पर बढ़ा दबाव, 1.1550 से नीचे फिसला

> मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक अनिश्चितता और अमेरिका के कमजोर JOLTS जॉब ओपनिंग्स आंकड़ों के कारण विदेशी मुद्रा बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है, जिससे EUR/USD जोड़ी 1.1550 के नीचे कारोबार कर रही है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-08-05 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/hormuz-tanava-aura-us-naukariyon-ke-ankaron-ke-bicha-euro-para-barha-dabava-1-1550-se-niche-phisala-13771 · **Language:** Hindi
**Tags:** यूरो, अमरीकी डालर, फॉरेक्स मार्केट, हॉर्मुज जलडमरूमध्य, ईरान तनाव, ECB, JOLTS आंकड़े, finance

वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान प्रमुख मुद्रा जोड़ी EUR/USD 1.1530 के आसपास दबाव में देखी गई है। मध्य पूर्व में लगातार गहराते भू-राजनीतिक संकट और रणनीतिक समुद्री मार्गों को लेकर जारी गतिरोध ने वैश्विक निवेशकों को सुरक्षा की तलाश में अमेरिकी डॉलर की ओर मोड़ा है। ईरान ने अमेरिकी प्रशासन के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खुला और सुरक्षित बताया गया था। एक ईरानी अधिकारी के स्पष्टीकरण के अनुसार, ओमान के साथ चल रही उनकी द्विपक्षीय बातचीत में अमेरिका की कोई भागीदारी नहीं है। इस वार्ता का प्राथमिक उद्देश्य एक मध्यवर्ती गलियारा स्थापित करना है जो उत्तर में ईरान-नियंत्रित और दक्षिण में अमेरिका-समर्थित दोनों समुद्री मार्गों के प्रभाव को समाप्त कर सके। जलडमरूमध्य में इस रणनीतिक खींचतान के चलते वैश्विक कमोडिटी और मुद्रा बाजारों में जोखिम की भावना प्रबल हुई है, जिससे अमेरिकी ग्रीनबैक को मजबूती मिल रही है और यूरो की बढ़त पर रोक लग गई है।

## अमेरिकी श्रम बाजार के आंकड़े और फेड की भावी दिशा
अमेरिकी श्रम सांख्यिकी ब्यूरो द्वारा जारी हालिया आंकड़ों ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में रोजगार सृजन की रफ्तार को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। जारी किए गए US JOLTS जॉब ओपनिंग्स सर्वे के अनुसार, जून महीने में उपलब्ध नौकरियों की संख्या घटकर 7.359 मिलियन रह गई है। यह आंकड़ा मई के संशोधित 7.537 मिलियन से कम है और बाजार विश्लेषकों द्वारा लगाए गए 7.4 मिलियन के अनुमान से भी नीचे दर्ज किया गया है। श्रम बाजार में यह नरमी इस बात का संकेत देती है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था उच्च ब्याज दरों के प्रभाव को महसूस कर रही है।

बाजार के प्रतिभागी अब शुक्रवार को आने वाले अमेरिकी जुलाई गैर-कृषि पेरोल और रोजगार आंकड़ों पर अपनी नजरें जमाए हुए हैं। ये आंकड़े अमेरिकी श्रम बाजार के स्वास्थ्य की विस्तृत तस्वीर पेश करेंगे और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति के भविष्य के रास्ते का निर्धारण करने में निर्णायक साबित होंगे। यदि आने वाले रोजगार आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहते हैं, तो इससे अमेरिकी डॉलर की तेजी थम सकती है और आने वाले दिनों में यूरो को निचले स्तरों से उबरने का अवसर मिल सकता है।

## EUR/USD दैनिक चार्ट का तकनीकी विश्लेषण
दैनिक चार्ट पर EUR/USD के तकनीकी ढांचे का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि यह जोड़ी वर्तमान में 1.15 के आसपास स्थिर बनी हुई है, जबकि इसका पिछला बंद स्तर भी 1.15 पर दर्ज किया गया था। दैनिक 20-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज के ऊपर टिके रहने के बावजूद, इस जोड़ी को ऊपर की ओर मजबूत रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है। बोलिंजर बैंड का ऊपरी सिरा लगभग 1.1550 पर और 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज 1.1570 के आसपास एक मजबूत रुकावट क्षेत्र बना रहे हैं। जब तक इस 1.1550 से 1.1570 के रेजिस्टेंस क्लस्टर को निर्णायक रूप से पार नहीं किया जाता, तब तक समग्र बाजार संरचना सीमित दायरे में रहने की संभावना दर्शाती है।

तकनीकी संकेतकों में, 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) वर्तमान में 60 के स्तर पर स्थित है, जो तेजी के दायरे में बना हुआ है और यह दर्शाता है कि खरीदार बाजार में अपनी पकड़ बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। 14-दिवसीय ADX सूचकांक 25 पर है, जो एक मजबूत ट्रेंडिंग बाजार की ओर इशारा करता है। स्टोकेस्टिक ऑसिलेटर में फास्ट लाइन 91 और सिग्नल लाइन 87 पर ओवरबॉट क्षेत्र में दर्ज की गई है। मूविंग एवेरजों के मोर्चे पर, 20-दिवसीय EMA 1.15 और 50-दिवसीय EMA 1.15 पर हैं, जबकि 200-दिवसीय EMA 1.16 पर स्थित है। 50-दिवसीय SMA 1.15 और 200-दिवसीय SMA 1.16 के बीच बना डेथ क्रॉस लंबी अवधि में मंदी के रुझान की चेतावनी देता है।

ट्रेडिंग के लिहाज से, ऊपर की ओर पहला रेजिस्टेंस बोलिंजर ऊपरी बैंड 1.1550 पर है, जिसके बाद 1.1570 पर 100-दिवसीय SMA है। यदि मुद्रा जोड़ी इन स्तरों से ऊपर ब्रेकआउट देती है, तो रिकवरी का नया चरण शुरू हो सकता है। इसके विपरीत, नीचे की ओर पहला सपोर्ट बोलिंजर 20-दिवसीय मध्य बैंड 1.1440 के करीब है, जिसके बाद निचला बैंड 1.1330 पर रक्षात्मक स्तर प्रदान करता है। यदि मूल्य 1.1440 और 1.1330 के समर्थन स्तरों से नीचे गिरता है, तो जारी कंसोलिडेशन कमजोर हो जाएगा और जोड़ी गहरे मंदी के सुधार की ओर बढ़ सकती है। 14-दिवसीय ATR 0.01 पर है, जो दैनिक दैनिक अस्थिरता के आधार पर स्टॉप-लॉस बफर तय करने में मदद करता है। 52-सप्ताह का ट्रेडिंग दायरा 1.13 से 1.20 के बीच बना हुआ है।

## यूरोपीय संघ की अर्थव्यवस्था और ECB का मौद्रिक ढांचा
यूरो यूरोपीय संघ के उन 20 सदस्य देशों की आधिकारिक मुद्रा है जो यूरोज़ोन का हिस्सा हैं। वैश्विक वित्तीय बाजारों में यूरो, अमेरिकी डॉलर के बाद दूसरी सबसे अधिक कारोबार की जाने वाली मुद्रा है। अंतर्राष्ट्रीय भुगतानों और मुद्रा विनिमय के आंकड़ों के अनुसार, वैश्विक विदेशी मुद्रा लेनदेन में यूरो की हिस्सेदारी लगभग 31 प्रतिशत है, जिसमें औसत दैनिक कारोबार 2.2 ट्रिलियन डॉलर से अधिक दर्ज किया जाता है। पूरे वैश्विक मुद्रा बाजार में EUR/USD सबसे लोकप्रिय और तरल करेंसी पेयर है, जो कुल दैनिक लेनदेन का लगभग 30 प्रतिशत कवर करता है। इसके बाद EUR/JPY 4 प्रतिशत, EUR/GBP 3 प्रतिशत और EUR/AUD 2 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखते हैं।

जर्मनी के फ्रैंकफर्ट शहर में स्थित यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) यूरोज़ोन का केंद्रीय बैंक है, जो संपूर्ण क्षेत्र के लिए ब्याज दरें तय करता है और मौद्रिक नीति का संचालन करता है। ECB का प्राथमिक जनादेश मूल्य स्थिरता बनाए रखना है, जिसका मुख्य उद्देश्य मुद्रास्फीति को नियंत्रित करना अथवा आर्थिक विकास को गति देना है। ECB अपने नीतिगत लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए मुख्य रूप से ब्याज दरों को बढ़ाने या घटाने के तंत्र का उपयोग करता है। अपेक्षाकृत उच्च ब्याज दरें या दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें यूरो के मूल्य में वृद्धि करती हैं, क्योंकि उच्च दरें वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करती हैं। ECB गवर्निंग काउंसिल की बैठकें वर्ष में आठ बार आयोजित की जाती हैं, जहां यूरोज़ोन के राष्ट्रीय केंद्रीय बैंकों के प्रमुखों और ECB अध्यक्ष क्रिस्टीन लगार्ड सहित छह स्थायी सदस्यों द्वारा नीतिगत निर्णय लिए जाते हैं।

## मुद्रास्फीति, आर्थिक संकेतक और व्यापार संतुलन का प्रभाव
यूरोज़ोन में उपभोक्ता मूल्यों का सामंजस्यपूर्ण सूचकांक (HICP) मुद्रास्फीति को मापने का सबसे प्रमुख पैमाना है। यदि मुद्रास्फीति का आंकड़ा ECB के 2 प्रतिशत के वार्षिक लक्ष्य से ऊपर बना रहता है, तो केंद्रीय बैंक को ब्याज दरों में वृद्धि करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। जब यूरोज़ोन की ब्याज दरें अन्य प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में अधिक होती हैं, तो यह क्षेत्र विदेशी पूंजी निवेश के लिए अधिक आकर्षक बन जाता है, जिससे सीधे तौर पर यूरो की मांग और दर में मजबूती आती है।

इसके अलावा, यूरोज़ोन की आर्थिक सेहत को दर्शाने वाले आर्थिक आंकड़े जैसे कि सकल घरेलू उत्पाद (GDP), विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के क्रय प्रबंधक सूचकांक (PMI), रोजगार दर और उपभोक्ता भावना सर्वेक्षण यूरो की विनिमय दर को सीधे प्रभावित करते हैं। यूरोज़ोन की चार सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं (जर्मनी, फ्रांस, इटली और स्पेन) पूरे यूरोज़ोन की GDP का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा बनाती हैं। इसलिए इन चार देशों के आर्थिक आंकड़े यूरो की दिशा तय करने में बेहद निर्णायक होते हैं। यदि इन देशों का प्रदर्शन मजबूत रहता है, तो विदेशी निवेश बढ़ता है; वहीं आर्थिक आंकड़ों में कमजोरी आने पर यूरो में गिरावट देखने को मिलती है। व्यापार संतुलन भी एक अन्य महत्वपूर्ण कारक है, जो निर्यात और आयात के अंतर को मापता है। एक सकारात्मक शुद्ध व्यापार संतुलन देश की मुद्रा को मजबूती प्रदान करता है।

## वैश्विक मुद्रा बाजार का परिदृश्य और अन्य केंद्रीय बैंक
यूरो के अलावा, अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं में भी हलचल देखी जा रही है। ब्रिटिश पाउंड (GBP) अपने प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले बिकवाली के दबाव में रहा है और यूरोपीय कारोबारी सत्र में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.1 प्रतिशत गिरकर लगभग 1.3420 पर कारोबार करता दिखा। दूसरी ओर, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा बुधवार सुबह 10:00 बजे IST पर अपनी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा की जानी है। मध्य पूर्व के संघर्ष के कारण बनी वैश्विक अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच यह नीतिगत निर्णय भारतीय वित्तीय बाजारों के साथ-साथ उभरते बाजारों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

## इसका आप पर असर
- **वैश्विक निवेशकों के लिए:** मध्य पूर्व के तनाव और मुद्रास्फीति के दबाव के कारण विदेशी मुद्रा बाजार में भारी अस्थिरता बनी रह सकती है, इसलिए शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स को सख्त स्टॉप-लॉस का पालन करना चाहिए।
- **भारतीय आयातकों और यात्रियों के लिए:** अमेरिकी डॉलर की मजबूती से कच्चे तेल का आयात महंगा हो सकता है और अंतर्राष्ट्रीय यात्रा खर्च पर सीधा असर पड़ सकता है।

## सवाल-जवाब

### 1. EUR/USD की गिरावट का मुख्य कारण क्या है?
हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव अमेरिकी डॉलर को सुरक्षित निवेश के रूप में मजबूती दे रहा है, जिससे यूरो पर दबाव बना है।

### 2. अमेरिका के JOLTS आंकड़े क्या संकेत देते हैं?
जून महीने में अमेरिका की जॉब ओपनिंग्स घटकर 7.359 मिलियन रह गईं, जो मई के 7.537 मिलियन से कम हैं और बाजार की 7.4 मिलियन की उम्मीद से कमजोर हैं।

### 3. EUR/USD के लिए कौन से तकनीकी स्तर महत्वपूर्ण हैं?
ऊपर की ओर 1.1550 और 1.1570 पर मजबूत रेजिस्टेंस है, जबकि नीचे की ओर 1.1440 और 1.1330 पर मुख्य सपोर्ट स्तर स्थित हैं।

### 4. यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) ब्याज दरों पर कैसे निर्णय लेता है?
ECB गवर्निंग काउंसिल वर्ष में आठ बार बैठक करती है और 2 प्रतिशत के मुद्रास्फीति लक्ष्य को ध्यान में रखकर ब्याज दरों का निर्धारण करती है।

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