हंगेरियन फोरिंट पर नजर: मैग्यार नेमजेटी बैंक के नीतिगत रुख और ब्याज दरों पर टिकी निवेशकों की निगाहें कॉमर्जबैंक के विश्लेषकों का मानना है कि मैग्यार नेमजेटी बैंक अपनी ब्याज दरों में कटौती कर सकता है, लेकिन हंगेरियन फोरिंट की चाल मुख्य रूप से केंद्रीय बैंक के आगामी दिशा-निर्देशों पर निर्भर करेगी। हंगरी के केंद्रीय यानी मैग्यार नेमजेटी बैंक द्वारा अपनी आधार ब्याज दर में 25 आधार अंकों की कटौती कर इसे 5.50% तक लाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का साफ तौर पर यह मानना है कि दरों में इस बदलाव से कहीं अधिक महत्वपूर्ण वह मार्गदर्शन होगा जो बैंक भविष्य की नीतियों को लेकर तय करेगा। यद्यपि देश में हेडलाइन महंगाई के आंकड़े उम्मीद से कम रहे हैं, लेकिन कोर महंगाई, सर्विस सेक्टर के दबाव और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े जोखिम अभी भी पूरी तरह से बने हुए हैं। इसी संदर्भ में, कोमर्शबैंक के तथा घोष का अनुमान है कि बैंक का रुख भविष्य में थोड़ा कम नरम हो सकता है, और हंगेरियन फोरिंट को सपोर्ट देने के लिए वह भविष्य की कटौतियों के संबंध में कुछ शर्तों के साथ ही दिशा-निर्देश जारी कर सकता है। कोर महंगाई और क्षेत्रीय मुद्रा का दबाव जुलाई के महीने में टैक्स बदलावों और मौसमी प्रभावों को समायोजित करने के बाद महीने-दर-महीने के आधार पर कोर महंगाई में काफी तेजी देखी गई और यह तय लक्ष्य से ऊपर पहुंच गई। दूसरे शब्दों में कहें तो अब यह कहानी केवल सीधी और स्पष्ट रूप से महंगाई घटने की नहीं रह गई है। मध्य यूरोप की अन्य क्षेत्रीय मुद्राओं की स्थिति पर चर्चा करते हुए यह बात सामने आई है कि मैग्यार नेमजेटी बैंक एक तरफ जहां ब्याज दरों में कटौती के चक्र में बना हुआ है, वहीं दूसरी तरफ इस क्षेत्र में महंगाई से जुड़े जोखिम लगातार बने हुए हैं, जिसका सीधा असर हंगेरियन फोरिंट पर पहले ही पड़ चुका है। मिहाली वर्गा का रुख और बाजार की प्रतिक्रिया यदि मिहाली वर्गा की तरफ से यह दोहराया जाता है कि सितंबर में भी ब्याज दरों में और कटौतियां की जानी संभव हैं, तो बाजार इसे बिना किसी शर्त के आसान मौद्रिक नीति का संदेश मान लेगा। ऐसी स्थिति में, यदि केंद्रीय बैंक का रवैया पहले की तरह पूरी तरह से नरम बना रहता है, तो हंगेरियन फोरिंट पर दबाव लगातार बना रह सकता है और मुद्रा कमजोर बनी रह सकती है। विदेशी मुद्रा बाजारों का हाल और अमेरिकी डॉलर की स्थिति व्यापक विदेशी मुद्रा बाजारों में अन्य प्रमुख मुद्राओं और परिसंपत्तियों की चाल भी काफी अहम बनी हुई है। मंगलवार के यूरोपीय सत्र के दौरान जीबीपी/यूएसडी जोड़ी लगातार दूसरे दिन अपनी सीमित दायरे वाली सुस्त चाल को बनाए हुए है और यह 1.3650 के स्तर से नीचे कारोबार कर रही है। ईरान पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों के बीच अमेरिकी डॉलर अपनी हल्की रिकवरी को आगे बढ़ाने की कोशिश में जुटा है, जो इस मुद्रा जोड़ी के लिए एक बाधा के रूप में काम कर रहा है। हालांकि, बिकवाली का सिलसिला आगे न बढ़ पाना मंदी के रुख वाले व्यापारियों के लिए सतर्क रहने का संकेत देता है। यूरो और सोने की कीमतें इसी तरह, ईयूआर/यूएसडी जोड़ी भी यूरोपीय सत्र में 1.3650 की जगह लगभग 1.1650 के आसपास कारोबार करते हुए संघर्ष कर रही है। बढ़ती तेल की कीमतों, ऊंचे बॉन्ड यील्ड और मध्य पूर्व में गहराते तनाव के कारण जोखिम से बचने की प्रवृत्ति हावी है, जिससे इस जोड़ी को आवश्यक समर्थन नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा, जर्मनी के आईएफओ सर्वेक्षण के सकारात्मक आंकड़े भी यूरो के खरीदारों में उत्साह भरने में नाकामयाब रहे हैं। उधर, यूरोपीय सत्र के शुरुआती हिस्से में सोने की कीमतें 4,650 डॉलर से नीचे दबाव में बनी हुई हैं। हालांकि, इसी मंगलवार को जो सोने की कीमतें 4,700 डॉलर के आसपास यानी 14 मई के बाद के सबसे ऊंचे स्तर को छूने के बाद नीचे आई थीं, उससे आगे और गिरावट आने से पहले बाजार में सतर्कता बरती जा रही है, क्योंकि ऊर्जा कीमतों की अस्थिरता के बीच अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा कम से कम एक और ब्याज दर बढ़ाए जाने की अटकलें अभी भी बाजार में मौजूद हैं। क्रिप्टो बाजार और अमेरिकी ट्रेजरी के कदम इन सबके बीच, व्यापक बाजारों में जोखिम लेने की सकारात्मक भावना बनी रहने के कारण बिटकॉइन अपनी बढ़त को जारी रखते हुए 80,000 डॉलर से ऊपर कारोबार कर रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा लंबे समय के बॉन्ड बाजार में ऊंचे यील्ड से निपटने और भविष्य में और अधिक हस्तक्षेप करने की योजना के चलते इस दुर्लभ परिसंपत्ति में तेजी का रुख आगे भी जारी रह सकता है। पिछले 24 घंटों के दौरान एयरोड्रोम फाइनेंस और वर्चुअल प्रोटोकॉल सबसे उम्दा प्रदर्शन करने वाली परिसंपत्तियों के रूप में उभरे हैं। अमेरिकी ट्रेजरी ने बुधवार को अपने निर्धारित कैलेंडर से हटकर एक बड़ा कदम उठाया। विभाग ने घोषणा की कि वह 10-वर्षीय से 20-वर्षीय और 20-वर्षीय से 30-वर्षीय क्षेत्रों में तरलता समर्थन पुनर्खरीद यानी बायबैक ऑपरेशंस के आकार को कम से कम दोगुना कर देगा, जिसके तहत अधिकतम सीमा को प्रति ऑपरेशन 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर कर दिया गया है। यह व्यवस्था 9 सितंबर से प्रभावी होगी और 4 नवंबर तक चलेगी। इसका आप पर असर व्यापक आर्थिक प्रभाव: • भारत में: वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंकों की ब्याज दरों और अमेरिकी ट्रेजरी के फैसलों का असर विदेशी मुद्रा बाजार, कच्चे तेल के दामों और भारतीय रुपए की विनिमय दर पर पड़ सकता है। • बाजार निवेशकों के लिए: वैश्विक मुद्रास्फीति और केंद्रीय बैंकों के नरम या सख्त रुख से निवेशकों को विदेशी मुद्रा, सोने और क्रिप्टोकरेंसी बाजार में अपनी रणनीतियों को सावधानीपूर्वक परखने की जरूरत है। सवाल-जवाब 1. मैग्यार नेमजेटी बैंक द्वारा ब्याज दरों में कितनी कटौती की उम्मीद है? कॉमर्जबैंक के विश्लेषकों का अनुमान है कि मैग्यार नेमजेटी बैंक अपनी आधार ब्याज दर में 25 आधार अंकों की कटौती करके इसे 5.50% तक ला सकता है। 2. हंगेरियन फोरिंट के लिए सबसे महत्वपूर्ण कारक क्या है? ब्याज दर में कटौती से अधिक महत्वपूर्ण केंद्रीय बैंक का भविष्य का मार्गदर्शन और नीतिगत रुख होगा, जो फोरिंट की दिशा तय करेगा। 3. जुलाई में कोर महंगाई को लेकर क्या बात सामने आई है? जुलाई के दौरान महीने-दर-महीने कोर महंगाई में तेजी आई है और यह तय लक्ष्य से ऊपर निकल गई है। 4. अमेरिकी ट्रेजरी ने बायबैक ऑपरेशंस को लेकर क्या बदलाव किया है? अमेरिकी ट्रेजरी ने 10-वर्षीय से 30-वर्षीय क्षेत्रों में तरलता समर्थन बायबैक ऑपरेशंस के आकार को दोगुना कर प्रति ऑपरेशन कम से कम 4 अरब डॉलर कर दिया है। 5. बिटकॉइन की कीमत किस स्तर से ऊपर कारोबार कर रही है? व्यापक बाजार में जोखिम लेने की सकारात्मक भावना के चलते बिटकॉइन 80,000 डॉलर से ऊपर कारोबार कर रहा है। https://trendkia.com/market/hungarian-forint-para-najara-magyar-nemzeti-bank-ke-nitigata-rukha-aura-byaja-daron-para-tiki-niveshakon-ki-nigahen-21749 TrendKia — Har trend, sabse pehle.