# हंगरी के 2027 के बजट और वित्तीय योजना पर टिकी यूरो अपनाने की उम्मीदें, स्टैंडर्ड चार्टर्ड ने बताया घाटे का गणित

> हंगरी सरकार इस महीने अपना 2027 का बजट और मध्यम अवधि का वित्तीय रोडमैप पेश करने जा रही है, जो देश के यूरो अपनाने के संकल्प के लिए सबसे बड़ी घरेलू परीक्षा साबित होगा। स्टैंडर्ड चार्टर्ड के आकलन के मुताबिक राजकोषीय घाटा 2026 के करीब 7.5 प्रतिशत से घटकर 2027 में 5 प्रतिशत के करीब आने की संभावना है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-10-14 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/hungary-ke-2027-ke-bajata-aura-vittiya-yojana-para-tiki-euro-apanane-ki-ummiden-standard-chartered-ne-bataya-ghate-ka-ganita-47441 · **Language:** Hindi
**Tags:** हंगरी, यूरो, टिस्ज़ा पार्टी, स्टैंडर्ड चार्टर्ड, राजकोषीय घाटा, अमेरिकी डॉलर, सोना, ट्रेजरी यील्ड

हंगरी का 2027 का आगामी बजट और नई मध्यम अवधि की वित्तीय रूपरेखा वर्ष 2026 के शेष महीनों के लिए सबसे अहम घरेलू जोखिम भरी घटनाएं बनने जा रही हैं। यह दोनों दस्तावेज इसी महीने सामने आने वाले हैं। मई में सत्ता संभालने वाली टिस्ज़ा पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार के लिए यह पहला पूर्ण वित्तीय वक्तव्य होगा। इसके साथ ही यह पहला ठोस इम्तिहान भी साबित होगा कि क्या यूरोपीय संघ की साझी मुद्रा यूरो को अपनाने की सरकार की महत्वाकांक्षाओं के पीछे भरोसेमंद और ठोस आंकड़े मौजूद हैं या नहीं।

## राजकोषीय घाटे में कटौती का अनुमान और समयसीमा
स्टैंडर्ड चार्टर्ड के ताजा आकलन के अनुसार, हंगरी की इस वित्तीय योजना में राजकोषीय घाटे को तेजी से कम करने का खाका पेश किए जाने की संभावना है। अनुमान जताया गया है कि वर्ष 2026 में सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी के करीब 7.5 प्रतिशत के स्तर पर रहने वाला राजकोषीय घाटा 2027 में घटकर 5 प्रतिशत के करीब लाया जा सकता है। यह आंकड़ा बैंक के अपने संशोधित 5.3 प्रतिशत के पूर्वानुमान के काफी करीब बैठता है। इसके अलावा, योजना के तहत वर्ष 2029 या 2030 तक इस घाटे को 3 प्रतिशत की अनिवार्य सीमा से नीचे लाने का लक्ष्य तय किया जा सकता है, जो यूरो अपनाने के तय मानकों को पूरा करने के लिए जरूरी माना जाता है।

## खर्चों में कटौती, वेल्थ टैक्स और चुनावी वादों में संतुलन
घाटे को काबू में लाने के लिए सरकार जो वित्तीय तालमेल और समेकन पैकेज लाने जा रही है, उसमें सरकारी खरीद पर होने वाले व्यय और अनावश्यक फिजूलखर्ची पर शुरुआती चरण में ही रोक लगाने की रणनीति शामिल रहने के आसार हैं। इसके अतिरिक्त राजस्व जुटाने के लिए एक नया वेल्थ टैक्स यानी संपत्ति कर लागू करने की तैयारी भी दिख रही है। सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि इन बचत और नए करों के साथ-साथ टिस्ज़ा पार्टी द्वारा स्वास्थ्य सेवा और पेंशन पर किए गए पहले के चुनावी वादों को पूरा करने के लिए भी पर्याप्त वित्तीय गुंजाइश बनाए रखनी होगी। इस दोहरे मोर्चे पर सरकार किस तरह सामंजस्य बैठाती है, उसी पर पूरे सुधार कार्यक्रम की सफलता निर्भर करेगी।

## वैश्विक बाजारों की हलचल: मुद्रा बाजार और ट्रेजरी यील्ड का रुख
हंगरी के वित्तीय घटनाक्रम के बीच अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में भी कई व्यापक रुझान देखने को मिल रहे हैं। एशियाई सत्र में बुधवार को AUD/USD 0.7000 के करीब मजबूत बना रहा, जिसे चीन के मिले-जुले महंगाई आंकड़ों और बेहतर व्यापार आंकड़ों से सहारा मिला। चीन में सितंबर माह के दौरान सीपीआई अनुमान से कम बढ़ा, जबकि पीपीआई मुद्रास्फीति में तेजी दर्ज की गई। इसी महीने चीन का व्यापार अधिशेष भी अप्रत्याशित रूप से बढ़ा। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बावजूद अमेरिकी डॉलर के सीमित दायरे में रहने से इस मुद्रा जोड़ी को बल मिला, जबकि निवेशकों का ध्यान अमेरिकी सीपीआई आंकड़ों पर टिका रहा। दूसरी ओर, एशियाई सत्र में USD/JPY 158.50 के पास एक दायरे में अटका रहा, जहां सरकारी हस्तक्षेप के जोखिम ने जापानी येन को समर्थन दिया और डॉलर की बढ़त को सीमित रखा। हालांकि, भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं सुरक्षित निवेश माने जाने वाले अमेरिकी डॉलर के लिए मददगार साबित हो रही हैं।

## सोने पर दबाव, क्रिप्टो में गति और अमेरिकी बॉन्ड बाजार
अमेरिकी सत्र में बुधवार को सोने की कीमतों में गिरावट का रुख और बढ़ गया, जिसका मुख्य कारण अपेक्षा से अधिक गर्म रहे अमेरिकी सीपीआई आंकड़े रहे। सितंबर में मुद्रास्फीति सालाना आधार पर 3.7 प्रतिशत बढ़कर आई, जिसने अमेरिकी डॉलर की मांग को रफ्तार दी और पीली धातु पर दबाव कायम कर दिया। क्रिप्टो बाजार की बात करें तो XRP 1.36 डॉलर के ऊपर कारोबार करता दिखा, जहां खरीदार 1.40 डॉलर के अहम आपूर्ति क्षेत्र की ओर बढ़ने के लिए गति जुटा रहे हैं। इसी दौरान दक्षिण कोरिया के पूंजी बाजारों के लिए संस्थागत कस्टडी और टोकनाइजेशन सेवाओं की संभावनाएं तलाशने के मकसद से रिपल और मेरिट्ज सिक्योरिटीज ने आपस में साझेदारी की है। उधर सरकारी ऋण बाजार में, लंबी अवधि की ट्रेजरी यील्ड अक्टूबर की शुरुआत में 2002 के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। नीलामी के दौरान निवेशक सरकार के नए कर्ज में रिकॉर्ड हिस्सेदारी ले रहे हैं। इस बिकवाली की मुख्य वजह अन्य सौदों के जोखिम को सुरक्षित करना है, न कि खरीदारों का बाजार से पीछे हटना।

## इसका आप पर असर
हंगरी का यह वित्तीय फैसला यूरोपीय बाजार में निवेश, सरकारी कर्ज की लागत और वैश्विक आर्थिक संतुलन को प्रभावित कर सकता है।

- **वैश्विक निवेशकों के लिए:** यूरोपीय संघ में हंगरी की राजकोषीय नीति पर नजर रखना जरूरी है। घाटे में कमी और नए टैक्स प्रस्ताव मध्य यूरोपीय परिसंपत्तियों और बॉन्ड प्रतिफल को सीधे प्रभावित करेंगे।
- **मुद्रा विनिमय और डॉलर पर नजर:** अमेरिकी सीपीआई में 3.7 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि ने डॉलर को मजबूती दी है। इसके चलते सोने और उभरते बाजारों की मुद्राओं पर निकट अवधि में दबाव बना रह सकता है।
- **क्रिप्टोकरेंसी के उपयोगकर्ताओं के लिए:** एक्सआरपी की 1.36 डॉलर से ऊपर स्थिरता और दक्षिण कोरियाई संस्थागत साझेदारी से टोकनाइजेशन क्षेत्र में नई गतिविधियां तेज हो सकती हैं। निवेशक 1.40 डॉलर के स्तर को कड़े प्रतिरोध के रूप में देख सकते हैं।
- **ऋण और बॉन्ड बाजार के लिए:** अमेरिकी लंबी अवधि की ट्रेजरी यील्ड के 2002 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंचने का असर दुनिया भर की उधारी दरों पर पड़ सकता है। इसका मतलब है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कंपनियों और सरकारों के लिए कर्ज जुटाना महंगा बना रहेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
हंगरी में नई सरकार के गठन के बाद देश की वित्तीय स्थिति को यूरोपीय संघ के कड़े नियमों के अनुरूप ढालने की जरूरत पैदा हुई है। मई में सत्ता संभालने के बाद सरकार को यह साबित करना है कि वह चुनावी वादों को पूरा करते हुए भी राजकोषीय अनुशासन बनाए रख सकती है।

- **सरकार में नेतृत्व परिवर्तन:** मई में टिस्ज़ा पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार के आने के बाद यह उसका पहला पूर्ण वित्तीय वक्तव्य है। इस नई शुरुआत के कारण सरकार को बाजार के सामने अपनी वित्तीय विश्वसनीयता साबित करने का दबाव है।
- **यूरो अपनाने की पूर्व-शर्तें:** देश की मुद्रा को यूरो में बदलने के लिए बजट घाटे को जीडीपी के 3 प्रतिशत से नीचे लाना अनिवार्य होता है। वर्तमान में 2026 में घाटा करीब 7.5 प्रतिशत होने का अनुमान है, जिसे घटाना सबसे जरूरी लक्ष्य बन गया है।
- **पेंशन और स्वास्थ्य सेवा के वादे:** सरकार ने चुनावी घोषणाओं में सामाजिक खर्च बढ़ाने का वादा किया था। इन वादों को पूरा करने के साथ-साथ खर्चों में कटौती और वेल्थ टैक्स जैसे नए राजस्व उपाय खोजना सरकार की मजबूरी बन गया है।

## सवाल-जवाब

### 1. हंगरी सरकार इस महीने कौन से महत्वपूर्ण दस्तावेज पेश करने जा रही है?
हंगरी सरकार 2027 का बजट और नया मध्यम अवधि का वित्तीय रोडमैप पेश करने जा रही है।

### 2. हंगरी का राजकोषीय घाटा 2026 में कितने रहने का अनुमान है?
वर्ष 2026 में हंगरी का राजकोषीय घाटा जीडीपी के करीब 7.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

### 3. स्टैंडर्ड चार्टर्ड के अनुसार 2027 में घाटा कितना रहने की उम्मीद है?
स्टैंडर्ड चार्टर्ड के अनुसार 2027 में घाटा घटकर करीब 5 प्रतिशत पर आ सकता है, जबकि उसका संशोधित पूर्वानुमान 5.3 प्रतिशत का है।

### 4. हंगरी घाटे को 3 प्रतिशत से नीचे कब तक लाने की योजना बना सकता है?
योजना में राजकोषीय घाटे को वर्ष 2029 या 2030 तक 3 प्रतिशत से नीचे लाने का लक्ष्य रखा जा सकता है।

### 5. टिस्ज़ा पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार सत्ता में कब आई थी?
टिस्ज़ा पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार ने मई में पदभार संभाला था।

### 6. सितंबर में अमेरिकी सीपीआई मुद्रास्फीति कितने प्रतिशत दर्ज की गई?
सितंबर में अमेरिकी सीपीआई मुद्रास्फीति सालाना आधार पर 3.7 प्रतिशत दर्ज की गई।

### 7. रिपल ने दक्षिण कोरिया में किसके साथ साझेदारी की है?
रिपल ने संस्थागत कस्टडी और टोकनाइजेशन सेवाओं की खोज के लिए मेरिट्ज सिक्योरिटीज के साथ साझेदारी की है।

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