इंडो-एमआईएम आईपीओ को मिला निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स, अंतिम दिन 6 गुना से अधिक हुआ सब्सक्राइब इंडो-एमआईएम का 3,811.21 करोड़ रुपये का आईपीओ अपनी बोली के अंतिम दिन निवेशकों के बीच काफी लोकप्रिय रहा और सुबह तक 6.47 गुना सब्सक्राइब हो गया। ग्रे मार्केट प्रीमियम के अनुसार कंपनी के शेयरों पर करीब 39% लिस्टिंग गेन की संभावना जताई जा रही है। सटीक इंजीनियरिंग पार्ट्स बनाने वाली कंपनी इंडो-एमआईएम (Indo-MIM) के शुरुआती सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) को निवेशकों की ओर से काफी मजबूत समर्थन मिला है। 23 जुलाई 2026 को खुला यह आईपीओ 27 जुलाई को अपनी सदस्यता अवधि के अंतिम दिन में प्रवेश कर चुका है। अंतिम दिन की शुरुआत से ही निवेशकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और सुबह 10:09 बजे तक ही यह इश्यू 4 गुना से अधिक भरा जा चुका था। इसके बाद बोली लगाने की रफ्तार और तेज हुई, जिससे सुबह 10:54 बजे तक कुल सब्सक्रिप्शन का आंकड़ा 6.47 गुना तक पहुंच गया। प्राथमिक बाजार में मिले इस शानदार रिस्पॉन्स का असर अनौपचारिक ग्रे मार्केट में भी दिखाई दे रहा है, जहां कंपनी के शेयर मजबूत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं। बोली के आंकड़े और ग्रे मार्केट प्रीमियम ग्रे मार्केट में कंपनी के आईपीओ को लेकर सकारात्मक माहौल बना हुआ है, जहां इसका लेटेस्ट ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹190 दर्ज किया गया है। कंपनी द्वारा तय किए गए ₹461 से ₹485 प्रति शेयर के प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर ₹485 को आधार माना जाए तो शेयर की संभावित लिस्टिंग कीमत ₹675 के आसपास बैठती है। इस हिसाब से सफल बोलीदाताओं को लिस्टिंग के दिन ही लगभग 39% तक का संभावित मुनाफा मिल सकता है। इंडो-एमआईएम का यह कुल आईपीओ ₹3,811.21 करोड़ का है। इसमें ₹499.10 करोड़ मूल्य के नए शेयर जारी किए गए हैं, जबकि मौजूदा शेयरधारक ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए ₹3,311.21 करोड़ मूल्य की अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं। अंतिम दिन सुबह 10:54 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) की श्रेणी में सबसे अधिक दिलचस्पी देखने को मिली, जहां उनके लिए आरक्षित हिस्सा 21.58 गुना भरा गया। रिटेल निवेशकों ने भी इस आईपीओ में अच्छी भागीदारी दिखाते हुए अपने आरक्षित कोटे को 3.06 गुना सब्सक्राइब किया। इसके अलावा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का हिस्सा 1.13 गुना भरा जा चुका था। शेयरों के आवंटन (अलॉटमेंट) की प्रक्रिया 28 जुलाई को पूरी होने की उम्मीद है, जिसके बाद 30 जुलाई 2026 को कंपनी के शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्ट हो सकते हैं। संस्थागत निवेशकों का साथ और जुटाई रकम का इस्तेमाल सार्वजनिक बिक्री के लिए खुलने से पहले ही इस इश्यू को बड़े घरेलू और अंतरराष्ट्रीय संस्थागत निवेशकों का मजबूत सहारा मिला था। एंकर निवेशकों के रूप में भारत के प्रमुख म्यूचुअल फंड घरानों ने इसमें बड़ा निवेश किया, जिनमें आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, एसबीआई म्यूचुअल फंड और कोटक महिंद्रा एएमसी शामिल हैं। वैश्विक मोर्चे पर भी दिग्गज विदेशी वित्तीय संस्थानों जैसे गोल्डमैन सैक्स, ब्लैकरॉक ग्लोबल फंड्स और सोसाइटे जेनेरल ने इस आईपीओ में पूंजी लगाई, जिससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ। कंपनी आईपीओ में नए शेयर जारी करके जुटाई जाने वाली रकम का उपयोग अपने वित्तीय ढांचे को सुदृढ़ करने में करेगी। इसमें से ₹400 करोड़ की राशि का इस्तेमाल पुराने बकाये कर्ज का पूरा या आंशिक भुगतान करने के लिए किया जाएगा। इससे कंपनी पर ब्याज का बोझ कम होगा और उसकी बैलेंस शीट मजबूत बनेगी। शेष बची राशि को कंपनी अपनी सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों, जैसे दैनिक परिचालन खर्चों, व्यवसाय विस्तार और अन्य संस्थागत कार्यों को पूरा करने में लगाएगी। कंपनी की क्षमताएं और कारोबार का दायरा साल 1996 में स्थापित इंडो-एमआईएम मेटल इंजेक्शन मोल्डिंग (MIM) तकनीक के जरिए अत्यधिक सटीक और जटिल इंजीनियरिंग पार्ट्स का निर्माण करती है। कंपनी केवल कलपुर्जे बनाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि ग्राहकों को डिजाइनिंग, मोल्ड तैयार करने, फिनिशिंग और असेंबली समेत संपूर्ण सेवाएं प्रदान करती है। MIM के अतिरिक्त कंपनी अपनी विनिर्माण प्रक्रिया में कई अन्य आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग करती है, जिनमें इन्वेस्टमेंट कास्टिंग, प्रिसिजन मशीनिंग, सिरेमिक इंजेक्शन मोल्डिंग और 3D मेटल प्रिंटिंग शामिल हैं। वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान कंपनी ने 6,400 से अधिक विभिन्न प्रकार के उत्पादों का निर्माण किया। इन उच्च-गुणवत्ता वाले कंपोनेंट्स की आपूर्ति ऑटोमोबाइल, रक्षा (डिफेंस), मेडिकल उपकरण, कंज्यूमर प्रॉडक्ट्स और एयरोस्पेस जैसे विविध और महत्वपूर्ण उद्योगों में की जाती है। इसका आप पर असर भारत में: प्राथमिक बाजार में आईपीओ में निवेश करने वाले खुदरा निवेशक 39% तक के संभावित लिस्टिंग गेन का लाभ उठा सकते हैं। शेयर बाजार में: एंकर बुक में बड़े घरेलू और विदेशी म्यूचुअल फंडों की मजबूत मौजूदगी से मेटल इंजेक्शन मोल्डिंग जैसे एडवांस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के प्रति निवेशकों का आकर्षण बढ़ता है। सवाल-जवाब 1. इंडो-एमआईएम आईपीओ का कुल साइज कितना है? इंडो-एमआईएम का आईपीओ कुल ₹3,811.21 करोड़ का है, जिसमें ₹499.10 करोड़ के नए शेयर और ₹3,311.21 करोड़ का ऑफर फॉर सेल शामिल है। 2. इंडो-एमआईएम आईपीओ का प्राइस बैंड क्या रखा गया है? इस आईपीओ के लिए प्रति शेयर प्राइस बैंड ₹461 से ₹485 तय किया गया है। 3. इंडो-एमआईएम आईपीओ की आवंटन और लिस्टिंग तारीख क्या है? शेयरों का अलॉटमेंट 28 जुलाई को होने की उम्मीद है और शेयरों की लिस्टिंग 30 जुलाई 2026 को NSE और BSE पर होने की संभावना है। 4. ग्रे मार्केट के अनुसार कितना लिस्टिंग गेन मिल सकता है? ₹190 के ग्रे मार्केट प्रीमियम के आधार पर शेयर की अनुमानित लिस्टिंग ₹675 पर हो सकती है, जो ऊपरी प्राइस बैंड से लगभग 39% संभावित मुनाफे को दर्शाती है। https://trendkia.com/market/indo-mim-ipo-ko-mila-niveshakon-ka-jabaradasta-risponsa-antima-dina-6-guna-se-adhika-hua-sabsakraiba-10701 TrendKia — Har trend, sabse pehle.