# ब्याज दर नीतियों में बदलाव से यूरो डॉलर 1.1700 के स्तर पर, जानिए तकनीकी और बुनियादी संकेत

> फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना घटने और यूरोपीय सेंट्रल बैंक द्वारा सितंबर में दर वृद्धि की 90% से 94% संभावना के बीच यूरो डॉलर 1.1700 के करीब बना हुआ है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-08-20 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/interest-rate-nitiyon-men-badalava-se-euro-dollar-1-1700-ke-stara-para-janie-takaniki-aura-buniyadi-snketa-18615 · **Language:** Hindi
**Tags:** यूरो डॉलर, फॉरेक्स मार्केट, ईसीबी ब्याज दर, फेडरल रिजर्व, मुद्रा विनिमय, वैश्विक अर्थव्यवस्था, finance

वैश्विक मुद्रा बाजार में यूरो डॉलर (EUR/USD) की जोड़ी शुरुआती एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान 1.1675 से 1.1700 के दायरे में मजबूती के साथ कारोबार कर रही है। दुनिया के दो सबसे बड़े और प्रभावशाली केंद्रीय बैंकों, अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Fed) और यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB), की मौद्रिक नीति प्राथमिकताओं में बढ़ते अंतर ने विदेशी मुद्रा बाजार (Forex Market) में हलचल तेज कर दी है। एक ओर जहां संयुक्त राज्य अमेरिका में मुद्रास्फीति के आंकड़ों में नरमी के संकेतों के बाद फेड द्वारा ब्याज दरों में और बढ़ोतरी किए जाने की बाजार की उम्मीदें काफी कमजोर हुई हैं, वहीं दूसरी ओर यूरोजोन में लगातार बने दबावों के कारण सितंबर की नीतिगत समीक्षा बैठक में ईसीबी द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रखने की संभावना मजबूत नजर आ रही है। इन विपरीत नीतिगत परिदृश्यों के चलते यूरो को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ठोस बुनियादी समर्थन मिल रहा है, हालांकि तकनीकी संकेतकों पर ओवरबॉट स्थितियां बनने के कारण ऊपरी स्तरों पर कुछ मुनाफावसूली का दबाव भी देखा जा रहा है।

## फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और ब्याज दर की संभावनाएं
अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की हालिया जुलाई नीतिगत बैठक के मिनट्स (FOMC Minutes) से यह स्पष्ट होता है कि यदि अमेरिका में मुद्रास्फीति अपने 2% के दीर्घकालिक लक्ष्य की ओर वापस नहीं लौटती है, तो नीति निर्माताओं ने भविष्य में ब्याज दरें बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया था। जुलाई की बैठक के दौरान फेड ने अपनी बेंचमार्क ब्याज दर को 3.5% से 3.75% के दायरे में अपरिवर्तित रखने का फैसला किया था। हालांकि, बैठक में कुछ असंतुष्ट सदस्यों का मानना था कि मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने और उसे समय पर लक्षित दायरे में लाने के लिए तत्काल और कठोर कदम उठाने की जरूरत थी। इस नीतिगत बैठक के बाद से जारी आर्थिक आंकड़ों ने संकेत दिया है कि मासिक आधार पर कीमतों में वृद्धि की गति कुछ हद तक धीमी हुई है, लेकिन उपभोक्ता मूल्य सूचकांक और अन्य प्रमुख मुद्रास्फीति संकेतक अभी भी केंद्रीय बैंक के 2% के वांछित स्तर से काफी ऊपर बने हुए हैं।

अमेरिका में मुद्रास्फीति के ठंडे पड़ने और आर्थिक गतिविधियों में सुस्ती के हालिया संकेतों ने वित्तीय बाजारों को अपनी नीतिगत अपेक्षाओं को पुनर्गठित करने पर मजबूर किया है। बाजार सहभागियों का मानना है कि दर वृद्धि चक्र अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है। CME FedWatch Tool के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, आगामी नीतिगत बैठक में फेड द्वारा ब्याज दर में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी किए जाने की संभावना घटकर 32.7% रह गई है। तुलनात्मक रूप से, ठीक एक महीने पहले यह संभावना 47% के स्तर पर थी। फेड द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखने या भविष्य में कटौती की ओर बढ़ने की यह बढ़ती संभावना अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) पर भारी दबाव डाल रही है, जिससे यूरो डॉलर जैसी प्रमुख मुद्रा जोड़ियों के लिए तेजी का माहौल तैयार हो रहा है।

## यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) की सख्त मौद्रिक नीति और सितंबर दर वृद्धि
फेडरल रिजर्व के विपरीत, यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) के मोर्चे पर मौद्रिक नीति को सख्त बनाए रखने की रणनीति हावी दिखाई दे रही है। वैश्विक वित्तीय बाजार इस बात को व्यापक रूप से भुना रहे हैं कि ईसीबी अपनी आगामी बैठकों में दरों में बढ़ोतरी की नीति पर कायम रहेगा। यूरोजोन में खाद्य और ऊर्जा कीमतों के साथ-साथ कोर मुद्रास्फीति का उच्च स्तर ईसीबी के नीति निर्माताओं के लिए चिंता का मुख्य विषय बना हुआ है, जिसके कारण बैंक को मौद्रिक सख्ती जारी रखनी पड़ रही है।

विदेशी मुद्रा बाजारों के विश्लेषकों द्वारा उपयोग किए जाने वाले ECB Watch Tool के आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि 9 सितंबर को निर्धारित अगली नीतिगत बैठक में ईसीबी द्वारा मुख्य ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट्स (bps) की वृद्धि किए जाने की 90% से 94% तक अत्यधिक उच्च संभावना है। इस संभावित बढ़ोतरी के बाद ईसीबी की बेंचमार्क दर बढ़कर 2.50% तक पहुंच जाएगी। यूरोजोन में ब्याज दरों में इस संभावित वृद्धि से यूरोपीय संपत्तियों पर यील्ड (रिटर्न) में सुधार की उम्मीद है, जिससे वैश्विक संस्थागत निवेशकों की यूरो परिसंपत्तियों में दिलचस्पी बढ़ रही है और यह यूरो की विनिमय दर को लगातार मजबूत कर रहा है।

## EUR/USD दैनिक चार्ट का विस्तृत तकनीकी विश्लेषण
दैनिक तकनीकी चार्ट पर यूरो डॉलर (EUR/USD) जोड़ी का रुख निकट अवधि में काफी हद तक सकारात्मक और बुलिश बना हुआ है। हाजिर कीमत (Spot Price) 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) और बोलिंगर बैंड्स के मिडिल बैंड के ऊपर मजबूती से बनी हुई है, जो इस बात का स्पष्ट संकेत है कि मध्यम अवधि का ट्रेंड तेजी की दिशा में है। वर्तमान में EUR/USD की कीमत अपर बोलिंगर बैंड पर लगातार दबाव बना रही है। हालांकि, 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 70 के स्तर से ऊपर 72 पर स्थित है, जो दर्शाती है कि यह करेंसी पेयर तकनीकी रूप से ओवरबॉट (अत्यधिक खरीदारी) जोन में गहराई से प्रवेश कर चुका है। ओवरबॉट RSI यह चेतावनी देता है कि यद्यपि तेजी की गति बनी हुई है, लेकिन निकट भविष्य में एक तकनीकी करेक्शन या समेकन (Consolidation) का चरण भी आ सकता है।

लाइव मार्केट डेटा और OHLC इंडिकेटर्स के अनुसार, EUR/USD फिलहाल 1.17 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जो इसके पिछले बंद स्तर 1.16 से 0.82% की बढ़त दर्शाता है। इस मुद्रा जोड़ी का 52-सप्ताह का दायरा 1.13 से 1.20 के बीच रहा है। अन्य तकनीकी संकेतकों में, 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) 1.15 पर और 50-दिवसीय EMA 1.15 पर स्थित है, जबकि 200-दिवसीय EMA 1.16 के स्तर पर है। 50-दिवसीय मूविंग एवरेज का 200-दिवसीय मूविंग एवरेज से नीचे होना दीर्घकालिक चार्ट पर डेथ क्रॉस स्थिति को दर्शाता है, लेकिन वर्तमान मूल्य इन सभी एवरेज के ऊपर 1.17 पर कारोबार कर रहा है। स्टोकैस्टिक ऑसिलेटर में फास्ट लाइन 93 और सिग्नल लाइन 77 पर बनी हुई है, जो ओवरबॉट स्थिति की पुष्टि करती है। एवरेज डायरेक्शनल इंडेक्स (ADX) 32 पर है, जो बाजार में एक मजबूत ट्रेंड की उपस्थिति को प्रमाणित करता है। वहीं 14-दिवसीय एवरेज ट्रू रेंज (ATR) 0.01 पर है, जिसे स्टॉप-लॉस बफर के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

तकनीकी स्तरों के लिहाज से, ऊपर की ओर पहला तात्कालिक प्रतिरोध (Resistance) 1.1685 के अपर बोलिंगर बैंड पर स्थित है। यदि दैनिक आधार पर कीमत इस स्तर के ऊपर स्पष्ट कैंडल क्लोजिंग देती है, तो यूरो डॉलर में तेजी का अगला दौर शुरू हो सकता है जो कीमत को 1.1750 और 1.1800 के स्तरों तक ले जा सकता है। इसके विपरीत, नीचे की तरफ पहला मजबूत समर्थन (Support) 1.1675 के हालिया पिवट क्षेत्र में स्थित है। यदि कीमत इस स्तर से नीचे फिसलती है, तो अगला प्रमुख सपोर्ट 1.1570 के पास स्थित 100-दिवसीय SMA पर मिलेगा। इसके बाद 1.1525 पर स्थित बोलिंगर मिडिल बैंड खरीदारी की दूसरी पंक्ति के रूप में कार्य करेगा। यदि बाजार में गहरा बिकवाली का दबाव आता है और मीन-रिवर्जन (औसत की ओर वापसी) का चरण शुरू होता है, तो 1.1365 पर स्थित लोअर बोलिंगर बैंड एक दूरस्थ लेकिन मजबूत संरचनात्मक सपोर्ट फ्लोर के रूप में काम करेगा।

## यूरोजोन अर्थव्यवस्था की संरचना और यूरो का वैश्विक महत्व
यूरो (EUR) यूरोपीय संघ के 20 सदस्य देशों की आधिकारिक साझा मुद्रा है, जिन्हें सामूहिक रूप से यूरोजोन कहा जाता है। अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली में अमेरिकी डॉलर (USD) के बाद यूरो दुनिया की दूसरी सबसे प्रमुख और अत्यधिक कारोबार की जाने वाली आरक्षित मुद्रा है। वर्ष 2022 के वैश्विक बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स (BIS) के आंकड़ों के अनुसार, विश्वभर के कुल विदेशी मुद्रा लेनदेन में यूरो की हिस्सेदारी लगभग 31% रही थी। यूरोजोन मुद्रा बाजार में औसतन $2.2 ट्रिलियन से अधिक का दैनिक कारोबार दर्ज किया जाता है।

वैश्विक मुद्रा बाजारों में EUR/USD जोड़ी सबसे अधिक लिक्विड और व्यापार की जाने वाली करेंसी पेयर है। यह दुनिया भर में होने वाले कुल विदेशी मुद्रा विनिमय लेनदेन का लगभग 30% हिस्सा अकेले कवर करती है। इसके विशाल ट्रेडिंग वॉल्यूम के कारण इसमें स्प्रेड बहुत कम होता है, जिससे यह संस्थागत और रिटेल दोनों प्रकार के व्यापारियों की पहली पसंद बनी हुई है। यूरो से जुड़े अन्य प्रमुख करेंसी पेयर्स में EUR/JPY (कुल लेनदेन का 4%), EUR/GBP (3%) और EUR/AUD (2%) शामिल हैं, जो वैश्विक व्यापार और पूंजी प्रवाह में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

## यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) का संगठनात्मक ढांचा और नीतियां
जर्मनी के फ्रैंकफर्ट शहर में स्थित यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) यूरोजोन का केंद्रीय मौद्रिक प्राधिकरण है। ईसीबी का प्राथमिक और वैधानिक जनादेश यूरोजोन में मूल्य स्थिरता (Price Stability) को बनाए रखना है। बैंक इस जनादेश को पूरा करने के लिए 2% के मध्यम अवधि के मुद्रास्फीति लक्ष्य को हासिल करने की कोशिश करता है। मूल्य स्थिरता के साथ-साथ ईसीबी यूरोजोन में सतत आर्थिक वृद्धि और रोजगार सृजन को समर्थन देने के लिए अपनी मौद्रिक नीतियों का समायोजन करता है।

ईसीबी का मुख्य नीतिगत हथियार ब्याज दरों को बढ़ाना या घटाना है। जब ईसीबी ब्याज दरें बढ़ाता है या बाजार में दरें बढ़ने की उम्मीद बनती है, तो यूरोजोन के बॉन्ड और जमा खातों पर रिटर्न बढ़ता है। इससे विदेशी निवेशक यूरो में निवेश करने के लिए आकर्षित होते हैं, जिससे यूरो की मांग बढ़ती है और उसकी विनिमय दर मजबूत होती है। इसके विपरीत, दरें घटाने पर यूरो में कमजोरी आती है। ईसीबी की गवर्निंग काउंसिल (Governing Council) वर्ष में आठ बार मौद्रिक नीति समीक्षा बैठकें आयोजित करती है। इस गवर्निंग काउंसिल में यूरोजोन के 20 राष्ट्रीय केंद्रीय बैंकों के गवर्नरों के अलावा ईसीबी कार्यकारी बोर्ड के छह स्थायी सदस्य शामिल होते हैं, जिसकी अध्यक्षता वर्तमान में ईसीबी अध्यक्ष क्रिस्टीन लेगार्ड कर रही हैं।

## यूरोजोन के आर्थिक आंकड़े और मुद्रास्फीति के प्रभाव
यूरो की विनिमय दर को निर्धारित करने में यूरोजोन के आर्थिक आंकड़े निर्णायक भूमिका निभाते हैं। इनमें से सबसे महत्वपूर्ण आंकड़ा यूरोजोन का Consumer Price Index है जिसे Harmonized Index of Consumer Prices (HICP) के रूप में मापा जाता है। HICP आंकड़ा यह दर्शाता है कि यूरोजोन के उपभोक्ता स्तर पर वस्तुएं और सेवाएं कितनी महंगी हो रही हैं। यदि HICP मुद्रास्फीति अनुमान से अधिक आती है और ईसीबी के 2% के लक्ष्य से ऊपर बनी रहती है, तो ईसीबी को ब्याज दरें बढ़ाने के लिए विवश होना पड़ता है, जो यूरो के लिए तेजी का कारक बनता है।

मुद्रास्फीति के अलावा, यूरोजोन का सकल घरेलू उत्पाद (GDP), परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (Manufacturing and Services PMIs), रोजगार आंकड़े, और उपभोक्ता भावना सर्वेक्षण भी यूरो की सेहत को दर्शाते हैं। यूरोजोन के भीतर आर्थिक ताकत का वितरण काफी असमान है; इसकी चार सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं—जर्मनी, फ्रांस, इटली और स्पेन—पूरे यूरोजोन के कुल जीडीपी का लगभग 75% हिस्सा कवर करती हैं। इसलिए इन चार देशों के आर्थिक आंकड़े (विशेष रूप से जर्मनी का विनिर्माण क्षेत्र और फ्रांस का सेवा क्षेत्र) यूरो की दिशा तय करने में अत्यधिक महत्वपूर्ण माने जाते हैं। यदि इन देशों से मजबूत आंकड़े आते हैं, तो यह यूरो को मजबूती देता है, जबकि कमजोर आंकड़े ईसीबी को दरें घटाने पर मजबूर कर सकते हैं, जिससे यूरो गिर सकता है।

एक अन्य अत्यंत महत्वपूर्ण आर्थिक संकेतक यूरोजोन का व्यापार संतुलन (Trade Balance) है। यह संकेतक यह मापता है कि एक निश्चित अवधि के दौरान यूरोजोन अपने सामानों और सेवाओं के निर्यात से कितना कमाता है और आयात पर कितना खर्च करता है। जब यूरोजोन की कंपनियों द्वारा बनाए गए सामानों की दुनिया भर में भारी मांग होती है और व्यापार संतुलन सकारात्मक (सरप्लस) रहता है, तो विदेशी खरीदारों को उन सामानों का भुगतान करने के लिए यूरो खरीदना पड़ता है। यह अतिरिक्त मांग यूरो की विनिमय दर को सीधा सहारा प्रदान करती है।

## वैश्विक मुद्रा बाजार के अन्य घटनाक्रम: GBP/USD और स्वर्ण बाजार
व्यापक विदेशी मुद्रा बाजार में यूरो डॉलर के अलावा अन्य प्रमुख जोड़ियों और संपत्तियों में भी महत्वपूर्ण हलचल देखी जा रही है। ब्रिटिश पाउंड और अमेरिकी डॉलर (GBP/USD) की जोड़ी अपनी तेजी के सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए मई के मध्य के बाद के अपने उच्चतम स्तर 1.3600 के पार निकल गई है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा दीर्घकालिक बॉन्डों की तरलता सहायता बायबैक (Liquidity Support Buyback Operations) के आकार को दोगुना करने के फैसले ने अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और अमेरिकी डॉलर पर भारी दबाव डाला है, जिससे पाउंड को मजबूती मिली है। इसके अतिरिक्त, यूके से आए आंकड़ों से पता चला है कि जुलाई में वार्षिक सीपीआई (CPI) मुद्रास्फीति बढ़कर 2.9% हो गई, जो बाजार के अनुमानों के बिल्कुल अनुरूप थी, जबकि कोर सीपीआई 2.5% के अनुमान के मुकाबले बढ़कर 2.6% रही।

दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय सर्राफा बाजार में सोने (Gold) की कीमतें एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान $4,500 प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर मजबूती से टिकी हुई हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और फेड मिनट्स के सख्त संकेतों ने अमेरिकी डॉलर को निचले स्तरों पर कुछ हद तक सहारा दिया है, जिसने सोने की ऊपरी बढ़त को सीमित करने का प्रयास किया है। हालांकि, अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा बॉन्ड बाजारों में तरलता बढ़ाने के हस्तक्षेप से अमेरिका की बेंचमार्क यील्ड में गिरावट आई है, जिससे बिना ब्याज देने वाले सोने (Non-yielding Yellow Metal) की कीमतों को निचले स्तरों पर मजबूत समर्थन मिल रहा है।

## इसका आप पर असर
- **भारत में निवेशकों और आयातकों के लिए:** मजबूत यूरो के कारण यूरोपीय देशों से आयात होने वाले सामान महंगे हो सकते हैं, जबकि यूरोप को निर्यात करने वाली भारतीय कंपनियों के मार्जिन में सुधार हो सकता है।
- **अंतरराष्ट्रीय यात्रियों और छात्रों के लिए:** यूरो क्षेत्र की यात्रा करने वाले या यूरोपीय विश्वविद्यालयों में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों के लिए मुद्रा परिवर्तन लागत बढ़ सकती है।

## सवाल-जवाब

### 1. EUR/USD की वर्तमान कीमत और रुझान क्या है?
EUR/USD 1.1700 के करीब कारोबार कर रहा है। इसमें निकट अवधि का तेजी का रुझान बना हुआ है, हालांकि RSI 72 पर होने से ओवरबॉट की स्थिति दिखाई दे रही है।

### 2. फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति से डॉलर पर क्या असर पड़ा है?
अमेरिका में मुद्रास्फीति के ठंडे होने से सितंबर बैठक में फेड द्वारा दरें बढ़ाने की संभावना 47% से गिरकर 32.7% रह गई है, जिससे डॉलर पर दबाव बना हुआ है।

### 3. यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) की आगामी बैठक में दरें बढ़ने की कितनी संभावना है?
ECB Watch Tool के अनुसार 9 सितंबर की नीतिगत बैठक में ब्याज दर 25 बेसिस पॉइंट्स बढ़ाकर 2.50% किए जाने की 90% से 94% तक संभावना है।

### 4. वैश्विक मुद्रा बाजार में यूरो और EUR/USD का कितना योगदान है?
वैश्विक फॉरेक्स बाजार में यूरो 31% लेनदेन में शामिल है, और EUR/USD पेयर अकेले कुल वैश्विक फॉरेक्स ट्रेडिंग का लगभग 30% हिस्सा कवर करता है।

### 5. यूरो की चाल तय करने में कौन से चार यूरोपीय देश सबसे महत्वपूर्ण हैं?
जर्मनी, फ्रांस, इटली और स्पेन यूरोपीय संघ की अर्थव्यवस्था का 75% हिस्सा बनाते हैं, इसलिए इन देशों के आर्थिक आंकड़े यूरो पर सीधा प्रभाव डालते हैं।

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