जैक्सन होल में केविन वॉश के भाषण से पहले $4,643 के पास मजबूत हुआ सोना, $4,700 के स्तर पर टिकीं नजरें फेडरल रिजर्व अध्यक्ष केविन वॉश के जैक्सन होल संबोधन से पहले सोने की कीमतों में मजबूती दर्ज की गई है। PCE महंगाई के आंकड़ों और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी के बीच ट्रेडर्स दर नीतियों पर स्पष्ट संकेतों का इंतजार कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में हालिया तेजी के बाद हल्का ठहराव देखा जा रहा है, हालांकि सर्राफा बाजार में बुलिश रुझान अभी भी मजबूत बना हुआ है। अगस्त के महीने में शानदार प्रदर्शन के बाद निवेशकों ने जैक्सन होल संगोष्ठी में अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉश के आगामी संबोधन से पहले सतर्क रुख अपनाया है। स्पॉट गोल्ड की कीमतें वर्तमान में $4,643 प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रही हैं, जो पिछले बंद भाव $4,598 की तुलना में 0.98% की बढ़त दर्शाती हैं। दैनिक चार्ट पर 52-सप्ताह का दायरा $3,382 से $5,586 के बीच दर्ज किया गया है। अमेरिकी डॉलर सूचकांक (DXY) में रिकवरी और महंगाई के आंकड़ों में लगातार बनी हुई सख्ती के कारण सोने की ऊपरी बढ़त फिलहाल सीमित नजर आ रही है, लेकिन 50-दिन, 100-दिन और 200-दिन के सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) से ऊपर टिके रहने के कारण बाजार का दीर्घकालिक नजरिया सकारात्मक बना हुआ है। महंगाई के आंकड़े और फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति का प्रभाव सोने के ताजा उतार-चढ़ाव के पीछे अमेरिकी आर्थिक आंकड़े और केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति से जुड़े संकेत प्रमुख कारक हैं। बुधवार को जारी हुए अमेरिकी पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) प्राइस इंडेक्स के आंकड़ों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि महंगाई का दबाव बना हुआ है और यह फेडरल रिजर्व के 2% के वार्षिक लक्ष्य से काफी ऊपर है। हालांकि, PCE के साथ-साथ हाल में जारी कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) और प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) के आंकड़ों का समग्र विश्लेषण दर्शाता है कि महंगाई में अब पहले जैसी तीव्र बढ़ोतरी नहीं हो रही है। महंगाई की रफ्तार धीमी पड़ने से फेडरल रिजर्व द्वारा तत्काल ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी किए जाने की संभावना कम हो गई है, जिससे सोने की कीमतों को निचले स्तरों पर मजबूत सहारा मिला है। सीएमई फेडवॉच (CME FedWatch) टूल के अनुसार, वित्तीय बाजार वर्तमान में लगभग 62% संभावना जता रहे हैं कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक अपनी आगामी सितंबर की नीतिगत बैठक में उधार लेने की लागत को बिना किसी बदलाव के स्थिर रखेगा। गैर-प्रतिफल (non-yielding) वाली संपत्ति होने के कारण सोने के लिए कम या स्थिर ब्याज दरें हमेशा अनुकूल मानी जाती हैं, क्योंकि इससे नकदी या बॉन्ड में निवेश की अवसर लागत कम हो जाती है। अमेरिकी डॉलर की रिकवरी और ट्रेजरी बॉन्ड बायबैक का समीकरण अमेरिकी डॉलर सूचकांक (DXY), जो छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं की टोकरी के मुकाबले डॉलर के मूल्य को मापता है, गुरुवार को 99.25 के स्तर के आसपास कारोबार करता दिखा। डॉलर ने पिछले सप्ताह हुए नुकसान से उबरते हुए अपनी रिकवरी को आगे बढ़ाया है। इससे पहले, अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा लंबी अवधि के सरकारी बॉन्ड की बायबैक (खरीद) बढ़ाने की योजना की घोषणा के बाद ग्रीनबैक (अमेरिकी डॉलर) पर भारी दबाव देखा गया था। ट्रेजरी के इस कदम ने सरकारी बॉन्ड की प्रतिफल दरों को प्रभावित किया और सोने जैसे सुरक्षित संपत्तियों (safe-haven assets) की मांग को फिर से बढ़ावा दिया। कीमती धातुओं के बाजार में अमेरिकी डॉलर और सोने के बीच पारंपरिक रूप से उल्टा संबंध (inverse correlation) होता है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो विदेशी खरीदारों के लिए डॉलर-मूल्य वर्ग वाला सोना अधिक महंगा हो जाता है, जिससे मांग में हल्की नरमी आती है। इसके विपरीत, जब डॉलर कमजोर होता है, तो सोने की कीमतों में तेजी का मार्ग प्रशस्त होता है। ट्रेडर्स वर्तमान में डॉलर की चाल और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड की दिशा को समझने के लिए केविन वॉश के भाषण का इंतजार कर रहे हैं। मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक परिस्थितियां और कूटनीतिक प्रयास वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव सोने की सुरक्षित संपत्ति के रूप में मांग को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ईरान और ओमान ने हाल ही में रणनीतिक जलडमरूमध्य (strait) पर एक समझौते तक पहुंचने की बात कही थी। हालांकि, एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यह सौदा अभी तक अंतिम रूप नहीं ले पाया है और इसके विस्तृत विवरणों पर अभी भी बातचीत जारी है। इसी बीच, क्षेत्रीय तनाव को कम करने और अमेरिका-ईरान के बीच दोबारा संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से कतर के प्रधानमंत्री गुरुवार को तेहरान की यात्रा पर हैं। मध्य पूर्व में तनाव में कमी (de-escalation) के कूटनीतिक प्रयासों से भले ही अल्पकालिक रूप से अनिश्चितता कम हो, लेकिन अंतिम समझौते के अभाव और क्षेत्रीय अस्थिरता के कारण निवेशक सोने में अपनी सुरक्षित पोजीशन को पूरी तरह खाली करने से बच रहे हैं। यूरोपीय मुद्रा बाजार और वैश्विक विदेशी मुद्रा रुझान यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान प्रमुख मुद्रा जोड़ों (forex pairs) में भी सतर्कता का माहौल देखा गया। GBP/USD 1.3600 के स्तर से नीचे अपने साप्ताहिक दायरे के निचले स्तर के पास कंसोलिडेट कर रहा है। हालांकि, फेड अध्यक्ष के भाषण से पहले ट्रेडर्स द्वारा नई पोजीशन लेने से परहेज करने के कारण इस जोड़ी की गिरावट सीमित रही। दूसरी ओर, EUR/USD यूरोपीय सत्र में 1.1650 के आसपास बना हुआ है। यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) की ओर से सख्त मौद्रिक नीति (hawkish stance) की उम्मीदों ने यूरो को समर्थन दिया है, जिससे अमेरिकी डॉलर की बढ़त पर अंकुश लगा है। ट्रेडर्स की नजरें अमेरिका के साप्ताहिक बेरोजगारी दावों (Jobless Claims) के आंकड़ों पर भी टिकी हुई हैं। XAU/USD का तकनीकी विश्लेषण और महत्वपूर्ण प्राइस लेवल्स तकनीकी नजरिये से देखें तो XAU/USD का व्यापक ट्रेंड बुलिश बना हुआ है, लेकिन दैनिक चार्ट पर मोमेंटम इंडिकेटर्स तेजी की रफ्तार में थोड़ी कमी के संकेत दे रहे हैं। सोना अपने 50-दिन के SMA ($4,207), 100-दिन के SMA ($4,376) और 200-दिन के SMA ($4,512) से ऊपर बना हुआ है, जो इस बात की पुष्टि करता है कि मध्यम से दीर्घकालिक अपट्रेंड पूरी तरह सुरक्षित है। घातीय मूविंग एवरेज में EMA20 $4,431 पर, EMA50 $4,332 पर और EMA200 $4,343 पर स्थित है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) ओवरबॉट क्षेत्र में जाने के बाद 72 के स्तर पर बना हुआ है, जो मजबूत खरीदारी के साथ-साथ अल्पकालिक कंसोलिडेशन की जरूरत को दर्शाता है। मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डायवर्जेंस (MACD) 126.73 पर बना हुआ है, जो सिग्नल लाइन (101.54) से ऊपर है और हिस्टोग्राम 25.20 पर सकारात्मक तेजी का संकेत दे रहा है। बोलिंजर बैंड्स ($4,020 से $4,764, मध्य बैंड $4,392) और 31 का ADX स्तर दर्शाता है कि बाजार में ट्रेंडिंग स्ट्रेंथ बरकरार है। ट्रेडिंग लेवल्स की बात करें तो दैनिक पिवट प्वाइंट $4,653 पर स्थित है। ऊपर की ओर, सोने के लिए पहला तत्काल रेजिस्टेंस R1 $4,688 पर है, जिसके बाद मनोवैज्ञानिक $4,700 का महत्वपूर्ण स्तर आता है। इसके ऊपर जाने पर अगला टारगेट R2 $4,732 और फिर $4,900 का स्तर होगा। नीचे की ओर, तत्काल सपोर्ट S1 $4,609 पर और फिर S2 $4,574 पर है। प्रमुख तकनीकी सहायता $4,512 से $4,525 के आसपास 200-दिन के SMA पर मिलेगी। इसके नीचे 100-दिन का SMA ($4,376) और 50-दिन का SMA ($4,207) मजबूत रक्षात्मक स्तर प्रदान करते हैं। 20-दिवसीय बोलिंजर निचला बैंड $4,022 और $4,000 का स्तर एक व्यापक सपोर्ट जोन का काम करेगा। 14-दिवसीय एवेरेज ट्रू रेंज (ATR) 75.14 पर है, जो ट्रेडर्स को स्टॉप-लॉस बफर तय करने के लिए दैनिक अस्थिरता की स्पष्ट गाइडलाइन देता है। सोने का ऐतिहासिक महत्व और इन्फ्लेशन हेज की भूमिका मानव इतिहास में सोने की भूमिका हमेशा से खास रही है। इसे सदियों से धन के संचय (store of value) और विनिमय के माध्यम के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है। आधुनिक वित्तीय प्रणाली में गहनों और औद्योगिक उपयोग से अलग, इस बहुमूल्य धातु को सबसे विश्वसनीय सुरक्षित संपत्ति (safe-haven asset) माना जाता है। आर्थिक या भू-राजनीतिक उथल-पुथल के दौर में निवेशक अपनी पूंजी को सुरक्षित रखने के लिए सोने का रुख करते हैं। इसके अलावा, सोना कागजी मुद्राओं (fiat currencies) के अवमूल्यन और महंगाई के खिलाफ एक प्रभावी बचाव (hedge) के रूप में काम करता है। किसी भी विशिष्ट सरकार या केंद्रीय बैंक के क्रेडिट पर निर्भर न होने के कारण इसमें डिफ़ॉल्ट का जोखिम नहीं होता। यही कारण है कि शेयर बाजार में गिरावट या मंदी की आशंका के समय सोने की मांग में जोरदार उछाल देखने को मिलता है। केंद्रीय बैंकों द्वारा रिकॉर्ड स्वर्ण भंडार का निर्माण दुनियाभर के केंद्रीय बैंक सोने के सबसे बड़े धारक हैं। आर्थिक संकट या अनिश्चितता के समय अपनी राष्ट्रीय मुद्राओं को सहारा देने के लिए केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार का विविधीकरण (diversification) करते हैं। सोने की खरीदारी से किसी देश की अर्थव्यवस्था और उसकी मुद्रा की साख मजबूत होती है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (World Gold Council) के आंकड़ों के अनुसार, केंद्रीय बैंकों ने वर्ष 2022 में अपने भंडार में 1,136 टन सोना जोड़ा, जिसकी कीमत लगभग $70 अरब थी। आंकड़ों की शुरुआत के बाद से यह किसी भी एक वर्ष में की गई सबसे बड़ी खरीदारी थी। विशेष रूप से चीन, भारत और तुर्की जैसे उभरते बाजारों के केंद्रीय बैंक अपने स्वर्ण भंडार में तेजी से बढ़ोतरी कर रहे हैं ताकि वैश्विक डॉलर पर अपनी निर्भरता को कम कर सकें और आर्थिक सुरक्षा चक्र को मजबूत कर सकें। बाजार का भावी दृष्टिकोण और निवेशकों के लिए रणनीतिक सलाह आगामी दिनों में सोने की दिशा मुख्य रूप से जैक्सन होल में फेड अध्यक्ष के संबोधन, अमेरिकी ब्याज दर पथ के संकेतों और डॉलर सूचकांक की चाल से तय होगी। यदि फेडरल रिजर्व दरों को लंबे समय तक स्थिर रखने या भविष्य में कटौती के संकेत देता है, तो सोना $4,700 के रेजिस्टेंस को पार कर $4,900 के नए शिखरों की ओर बढ़ सकता है। ट्रेडर्स को 75.14 की ATR अस्थिरता को ध्यान में रखते हुए अपने स्टॉप-लॉस और रिस्क मैनेजमेंट को चुस्त रखने की सलाह दी जाती है। इसका आप पर असर फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और सोने की वैश्विक दरों में बदलाव का सीधा असर भारतीय उपभोक्ताओं और निवेशकों की जेब पर पड़ता है। • भारत में: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की दरें $4,643 पर मजबूत रहने से स्थानीय भारतीय सराफा बाजारों में 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने की कीमतों में तेजी बनी रहेगी। आगामी त्योहारी और वैवाहिक सीजन में आभूषण खरीदने वाले ग्राहकों को प्रति 10 ग्राम अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है। • गोल्ड ETF और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड निवेशकों के लिए: वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सोने का बुलिश ट्रेंड बने रहने से डिजिटल गोल्ड, गोल्ड ETF और म्यूचुअल फंड में निवेश करने वालों के पोर्टफोलियो को मजबूती मिलेगी। • मुद्रास्फीति और ब्याज दर प्रभाव: अगर फेडरल रिजर्व ब्याज दरें स्थिर रखता है तो वैश्विक बाजारों में डॉलर की स्थिति संतुलित रहेगी, जिससे भारतीय रुपये को सहारा मिलेगा और आयातित महंगाई पर नियंत्रण रहेगा। • ट्रेडर्स के लिए रणनीतिक सलाह: सर्राफा बाजार में $4,688-$4,700 का स्तर मजबूत रेजिस्टेंस है, जबकि $4,609 और $4,525 पर मजबूत सपोर्ट मौजूद है; ऐसे में ट्रेडर्स सख्त स्टॉप-लॉस के साथ व्यापार कर सकते हैं। सवाल-जवाब 1. वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत क्या है? अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड की कीमत वर्तमान में लगभग $4,643 प्रति औंस पर कारोबार कर रही है, जो पिछले बंद भाव से 0.98% की तेजी दर्शाती है। 2. फेड अध्यक्ष केविन वॉश के भाषण का सोने पर क्या असर हो सकता है? जैक्सन होल में केविन वॉश अगर ब्याज दरें स्थिर रखने या कटौती के संकेत देते हैं तो सोने में तेजी आ सकती है, जबकि सख्त नीतिगत संकेतों से डॉलर मजबूत होकर सोने पर दबाव बना सकता है। 3. सितंबर में फेड द्वारा ब्याज दरें स्थिर रखने की कितनी संभावना है? सीएमई फेडवॉच टूल के अनुसार, बाजार वर्तमान में 62% संभावना जता रहे हैं कि फेड सितंबर की बैठक में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। 4. सोने के लिए प्रमुख रेजिस्टेंस और सपोर्ट स्तर क्या हैं? सोने के लिए तत्काल रेजिस्टेंस $4,688 और $4,700 पर है, जबकि मुख्य सपोर्ट स्तर $4,609, $4,574 और 200-दिन का SMA $4,512-$4,525 के आसपास है। 5. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार केंद्रीय बैंकों ने कितना सोना खरीदा? वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के अनुसार, केंद्रीय बैंकों ने 2022 में अपने भंडार में रिकॉर्ड 1,136 टन सोना जोड़ा, जिसकी कुल कीमत लगभग $70 अरब थी। https://trendkia.com/market/jackson-hole-men-kevin-warsh-ke-bhashana-se-pahale-4-643-ke-pasa-majabuta-hua-sona-4-700-ke-stara-para-tikin-najaren-23136 TrendKia — Har trend, sabse pehle.