जैक्सन होल में केविन वॉश के सख्त रुख से उछला डॉलर, सितंबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना 56 फीसदी हुई जैक्सन होल सम्मेलन में फेड अध्यक्ष केविन वॉश की ओर से महंगाई पर नियंत्रण को प्राथमिकता देने के बाद अमरीकी डॉलर में मजबूती आई है और सितंबर की बैठक में ब्याज दर बढ़ोतरी की आशंका बढ़कर 56 प्रतिशत हो गई है। अमरीकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉश द्वारा वार्षिक जैक्सन होल सिम्पोजियम में दिए गए सख्त मौद्रिक नीति संदेश के बाद अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजारों में व्यापक हलचल देखी गई है। वायोमिंग के जैक्सन होल में आयोजित इस प्रतिष्ठित वैश्विक सम्मेलन में दुनिया भर के प्रमुख केंद्रीय बैंकरों, वित्त मंत्रियों और आर्थिक विद्वानों को संबोधित करते हुए केविन वॉश ने स्पष्ट किया कि अमरीका में पूर्ण मूल्य स्थिरता बहाल करना फेडरल रिजर्व का सबसे मुख्य कर्तव्य है। उन्होंने दुनिया भर के वित्तीय बाजारों को संदेश दिया कि जब तक महंगाई दर पूरी तरह से नियंत्रित नहीं हो जाती, तब तक केंद्रीय बैंक सख्त रुख बनाए रखेगा। उनके इस वक्तव्य के तुरंत बाद अंतरराष्ट्रीय विदेशी मुद्रा बाजार में अमरीकी डॉलर इंडेक्स (DXY) में तेज उछाल आया और यह 99.58 के उच्च स्तर के पास पहुंच गया। इसके साथ ही वित्तीय वायदा बाजारों में सितंबर में होने वाली फेड की आगामी नीतिगत बैठक में ब्याज दर में बढ़ोतरी की संभावना तेजी से बढ़कर 56 प्रतिशत तक पहुंच गई। महंगाई नियंत्रण पर सख्त रुख और नीतिगत प्राथमिकताएं जैक्सन होल सम्मेलन में अपने बहुप्रतीक्षित भाषण के दौरान फेड अध्यक्ष केविन वॉश ने अमरीका के हालिया आर्थिक आंकड़ों और उपभोक्ता कीमतों का गहन विश्लेषण प्रस्तुत किया। केविन वॉश ने स्वीकार किया कि गर्मियों के महीनों में जारी हुए महंगाई के आंकड़े शुरुआती वित्तीय अनुमानों की तुलना में थोड़े बेहतर और राहत देने वाले रहे हैं। हालांकि उन्होंने बाजार सहभागियों को सतर्क करते हुए कहा कि केवल कुछ महीनों के सकारात्मक आंकड़ों से यह निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी कि महंगाई पर स्थायी रूप से नियंत्रण पा लिया गया है। उन्होंने दोहराया कि फेडरल रिजर्व का 2 प्रतिशत का पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) महंगाई लक्ष्य पूरी तरह से स्थिर और अडिग है। केविन वॉश ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि आने वाले आंकड़े यह साबित नहीं करते हैं कि महंगाई दर स्थायी रूप से नीचे आ रही है, तो फेडरल रिजर्व के अधिकारियों को ब्याज दरों में और वृद्धि करने के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि महंगाई को लक्षित स्तर पर लाने के लिए केंद्रीय बैंक को अभी काफी काम करना बाकी है। मजबूत अमरीकी अर्थव्यवस्था और दर वृद्धि का आधार महंगाई पर चिंता व्यक्त करने के साथ-साथ केविन वॉश ने अमरीकी अर्थव्यवस्था की मजबूत बुनियादी स्थिति का सकारात्मक मूल्यांकन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि अमरीका में समग्र आर्थिक गतिविधियां लगातार मजबूत हो रही हैं, जिसमें आम उपभोक्ताओं द्वारा किया जा रहा खर्च काफी बेहतर बना हुआ है, श्रम बाजार में मजबूती और स्थिरता बनी हुई है, तथा कंपनियों द्वारा व्यापारिक निवेश में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है। अर्थव्यवस्था की यह मजबूती फेडरल रिजर्व को मौद्रिक नीति सख्त रखने के लिए जरूरी आधार प्रदान करती है। इस मजबूत आर्थिक माहौल और महंगाई की निरंतर आशंका के कारण वित्तीय वायदा बाजारों में सितंबर की नीतिगत बैठक के लिए ब्याज दर बढ़ाने की उम्मीदों में अचानक बड़ा बदलाव आया। सीएमई फेडवॉच टूल के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर की बैठक में ब्याज दर 0.25 प्रतिशत बढ़ाने की संभावना बढ़कर लगभग 56 प्रतिशत हो गई है, जो केविन वॉश के भाषण से पहले केवल 36 प्रतिशत थी। इस बदलाव से अमरीकी डॉलर को मजबूत समर्थन मिला और डॉलर इंडेक्स तेजी से 99.50 के पार निकल गया। उपभोक्ता भावना और महंगाई प्रत्याशा सूचकांक के आंकड़े जैक्सन होल भाषण के साथ-साथ अमरीकी अर्थव्यवस्था से जुड़े मिशिगन विश्वविद्यालय के अगस्त उपभोक्ता भावना सूचकांक के आंकड़े भी जारी किए गए। सूचकांक का अंतिम आंकड़ा संशोधित होकर 51.7 पर पहुंच गया, जो 51 के प्रारंभिक अनुमान से बेहतर है, लेकिन यह जुलाई के 55.2 के स्तर से नीचे बना हुआ है। इसी तरह उपभोक्ता प्रत्याशा सूचकांक बढ़कर 51.5 हो गया, जो पहले 50.6 रहने का अनुमान था, जबकि जुलाई में यह 55.4 पर था। महंगाई के मोर्चे पर उपभोक्ताओं का एक वर्ष का महंगाई अनुमान घटकर 4 प्रतिशत पर आ गया, जो पहले 4.3 प्रतिशत था, जबकि पांच वर्ष का अनुमान 3.3 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रहा। यद्यपि अल्पकालिक महंगाई अनुमानों में आई यह नरमी बाजार के लिए कुछ राहत लेकर आई, लेकिन यह केविन वॉश के सख्त नीतिगत संदेश और सितंबर में दर बढ़ोतरी की बढ़ती संभावना के प्रभाव को कम नहीं कर सकी, जिससे डॉलर की मजबूती बरकरार रही। वैश्विक मुद्राओं पर दबाव और रोजगार आंकड़ों का असर अमरीकी डॉलर की आक्रामक लिवाली का सीधा असर जी10 समूह की अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्राओं पर दिखाई दिया। GBP/USD में गिरावट तेज हुई और यह 1.3530 के स्तर के पास आ गया। ब्रिटिश पाउंड पर अमरीका के नॉन-फार्म पेरोल (NFP) के संशोधित आंकड़ों का भी भारी दबाव रहा, जिसमें वार्षिक आधार पर 79,000 (-79K) नौकरियों की कटौती दर्ज की गई। इसी तरह EUR/USD में बिकवाली दर्ज की गई और यह सात दिनों के निचले स्तर 1.1600 के नीचे पहुंच गया। विदेशी मुद्रा बाजार के निवेशक अब आने वाले आर्थिक आंकड़ों, जैसे कि ISM पीएमआई और अमरीकी रोजगार रिपोर्ट पर नजर रख रहे हैं। इसके अलावा अन्य केंद्रीय बैंकों के आगामी निर्णयों पर भी ध्यान केंद्रित है, जिसमें न्यूजीलैंड का आरबीएनज़ेड (RBNZ) ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है, जबकि बैंक ऑफ कनाडा (BoC) द्वारा दरें स्थिर रखने का अनुमान लगाया जा रहा है। सोना और क्रिप्टोकरेंसी बाजार में भारी मुनाफावसूली अमरीकी डॉलर और अमरीकी बांड यील्ड में आई तेजी के कारण बिना ब्याज वाली परिसंपत्तियों और डिजिटल संपत्तियों पर बिकवाली का भारी दबाव देखा गया। अंतरराष्ट्रीय सर्राफा बाजार में सोना गिरकर अपने 200-दिवसीय SMA स्तर $4,530 प्रति ट्रॉय औंस के पास पहुंच गया। निवेशकों द्वारा सितंबर में दर बढ़ोतरी की संभावना को देखते हुए सोने में मुनाफावसूली की गई। क्रिप्टोकरेंसी बाजार में भी कमजोरी का रुझान रहा, जहां बिटकॉइन (BTC) $81,000 और $82,000 के बीच मुख्य प्रतिरोध क्षेत्र को पार करने के दूसरे प्रयास में विफल रहने के बाद $80,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया। बिटकॉइन में आई इस गिरावट के साथ एथेरियम (ETH) गिरकर $2,500 पर आ गया और रिपल (XRP) घटकर अपने $1.40 के मुख्य सपोर्ट स्तर के पास पहुंच गया। ऊर्जा बाजार में ऐतिहासिक उछाल और डीजल स्प्रेड का नया रिकॉर्ड अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल की बेंचमार्क कीमतें भले ही पिछले महीनों की तुलना में शांत नजर आ रही हों, लेकिन परिष्कृत ईंधन बाजार से चिंताजनक आंकड़े सामने आए हैं। अमरीका में डीजल क्रैक स्प्रेड यानी WTI कच्चे तेल के मुकाबले अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल वायदा का प्रीमियम इतिहास में पहली बार $100 प्रति बैरल के आंकड़े को पार कर गया। intraday कारोबार के दौरान यह प्रीमियम बढ़कर $102.00 प्रति बैरल के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया। डीजल क्रैक स्प्रेड में आई यह ऐतिहासिक तेजी वैश्विक रिफाइनिंग क्षमता की सीमाओं और औद्योगिक परिवहन के लिए मध्यवर्ती ईंधन की भारी मांग को दर्शाती है, जिससे आने वाले समय में माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। तकनीकी विश्लेषण और लाइव मार्केट डेटा के महत्वपूर्ण स्तर तकनीकी चार्ट पर अमरीकी डॉलर इंडेक्स स्पॉट 99.47 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है। यह 100-घंटे के SMA (99.08) और 200-घंटे के SMA (99.06) के ऊपर बना हुआ है, जो इसके सकारात्मक तेजी के रुझान की पुष्टि करता है। इंडेक्स ने 99.16 की ट्रेंड-लाइन सपोर्ट का सम्मान किया है। हालांकि 1-घंटे के RSI का 75 के आसपास होना ओवरबॉट स्थिति का संकेत देता है, जिससे कुछ समय के लिए तेजी की रफ्तार धीमी हो सकती है। डॉलर इंडेक्स के लिए ऊपरी स्तर पर 99.70 पर पहला प्रतिरोध स्तर है, जबकि नीचे की तरफ 99.16 की ट्रेंड-लाइन और 99.26 का स्तर मुख्य सपोर्ट का काम कर रहे हैं। लाइव मार्केट डेटा के अनुसार अमरीकी डॉलर इंडेक्स (DX-Y.NYB) 99.58 पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद 99.16 से +0.42% की बढ़त दर्शाता है। इसका 52-हफ्तों का दायरा 95.55 से 101.80 के बीच है। तकनीकी संकेतकों में 14-दिवसीय RSI 48 पर है और MACD हिस्टोग्राम +0.02 पर बना हुआ है (MACD -0.34 बनाम सिग्नल -0.36)। इंडेक्स में EMA50 (99.88) और EMA200 (99.32) के बीच गोल्डन क्रॉस बना हुआ है, जो दीर्घकालिक तेजी का संकेत है। आने वाले सत्रों के लिए 99.42 पर मुख्य पिवट स्तर, R1 99.75 और R2 99.92 पर प्रतिरोध, तथा S1 99.25 और S2 98.93 पर सपोर्ट स्तर स्थित हैं। इसका आप पर असर अमरीकी फेड द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की बढ़ती आशंका का सीधा असर वैश्विक कर्ज लागत, विदेशी मुद्रा दरों और निवेश पोर्टफोलियो पर पड़ता है। • भारत में: अमरीकी डॉलर की मजबूती से भारतीय रुपये पर दबाव बढ़ता है, जिससे कच्चा तेल और इलेक्ट्रॉनिक सामान आयात करना भारतीय उपभोक्ताओं के लिए महंगा हो सकता है। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशक बेहतर रिटर्न की तलाश में अमरीकी परिसंपत्तियों की ओर रुख कर सकते हैं। • निवेशकों और व्यापारियों के लिए: डॉलर और बांड यील्ड में तेजी से शेयर बाजार, सोने और क्रिप्टोकरेंसी जैसी परिसंपत्तियों पर दबाव बढ़ गया है। पोर्टफोलियो धारकों को अल्पकालिक बाजार अस्थिरता के लिए सतर्क रहना चाहिए। • वैश्विक कर्जदारों के लिए: अमरीका में ऊंची ब्याज दरें वैश्विक स्तर पर महंगी कर्ज दरों को बनाए रखती हैं। विदेशी मुद्रा में ऋण लेने वाले कारोबारियों को आने वाली तिमाहियों में अधिक ब्याज भुगतान के लिए तैयार रहना होगा। • ऊर्जा और वस्तु खरीदारों के लिए: डीजल क्रैक स्प्रेड में रिकॉर्ड तेजी से परिवहन और माल ढुलाई की लागत बढ़ सकती है। ईंधन महंगा होने से आने वाले दिनों में आम उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों पर असर पड़ सकता है। सवाल-जवाब 1. जैक्सन होल सम्मेलन के बाद अमरीकी डॉलर इंडेक्स में तेजी क्यों आई? फेड अध्यक्ष केविन वॉश ने स्पष्ट किया कि महंगाई दर को 2 प्रतिशत के लक्ष्य तक लाना केंद्रीय बैंक की प्राथमिकता है और अगर कीमतें नियंत्रित नहीं हुईं तो फेड को सख्त कदम उठाने होंगे। 2. सितंबर में ब्याज दर बढ़ने की क्या संभावना है? सीएमई फेडवॉच टूल के आंकड़ों के अनुसार, केविन वॉश के भाषण के बाद सितंबर में ब्याज दर बढ़ाए जाने की संभावना 36 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 56 प्रतिशत हो गई है। 3. यूरो और पाउंड जैसी प्रमुख मुद्राओं पर क्या असर पड़ा? डॉलर की मजबूती से EUR/USD गिरकर 1.1600 के नीचे सात दिनों के निचले स्तर पर आ गया, जबकि GBP/USD गिरकर 1.3530 के स्तर के पास पहुंच गया। 4. सोने और क्रिप्टोकरेंसी के भाव पर क्या प्रभाव दिखा? सोना गिरकर अपने 200-दिवसीय SMA स्तर $4,530 प्रति औंस के पास पहुंच गया, जबकि बिटकॉइन $80,000 के नीचे आ गया। एथेरियम गिरकर $2,500 और रिपल $1.40 के सपोर्ट स्तर पर आ गया। 5. अमरीकी डॉलर इंडेक्स का मौजूदा तकनीकी रुझान कैसा है? लाइव मार्केट डेटा में डॉलर इंडेक्स 99.58 (+0.42%) पर कारोबार कर रहा है। RSI 48 पर है और 99.25 पर मुख्य सपोर्ट तथा 99.75 पर पहला प्रतिरोध स्तर बना हुआ है। https://trendkia.com/market/jackson-hole-men-kevin-warsh-ke-sakhta-rukha-se-uchhala-dolara-sitnbara-men-byaja-dara-barhane-ki-snbhavana-56-phisadi-hui-23847 TrendKia — Har trend, sabse pehle.