जैक्सन होल सम्मेलन से पहले मजबूत हुआ अमेरिकी डॉलर, हॉर्मुज खाड़ी समझौते और एनवीडिया के नतीजों पर टिकी बाजार की नजर फेडरल रिजर्व अध्यक्ष केविन वॉर्श के आगामी भाषण से पहले अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 99.20 के स्तर की ओर बढ़ा। हॉर्मुज की खाड़ी में तनाव कम होने से कच्चे तेल में तेजी आई, जबकि सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। बुधवार को वैश्विक वित्तीय बाजारों में व्यापक हलचल देखी गई, जहां निवेशक आगामी महत्वपूर्ण आर्थिक आयोजनों से पहले अपनी रणनीतियों को नए सिरे से व्यवस्थित करते नजर आए। अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) 99.20 के स्तर की ओर ऊपर चढ़ा, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय करेंसी मार्केट में ट्रेडर जैक्सन होल सम्मेलन की शुरुआत से ठीक पहले अपनी पोजीशन स्क्वेयर कर रहे थे। बाजार में अनिश्चितता के माहौल के बीच डॉलर की मांग में मजबूती देखने को मिली है, जिसका सीधा असर प्रमुख विदेशी मुद्राओं, कीमती धातुओं और कमोडिटी बाजारों पर साफ तौर पर दर्ज किया गया। हॉर्मुज खाड़ी में तनाव घटने से बदला सेंटिमेंट, सोना गिरा और कच्चा तेल उछला अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की खबरों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में जोखिम लेने की क्षमता (रिस्क सेंटिमेंट) में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया। इस संभावित समझौते के तहत सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हॉर्मुज की खाड़ी के पुन: खुलने की उम्मीद जगी है। इस भू-राजनीतिक घटनाक्रम के चलते सेफ-हेवन के रूप में सोने की मांग में कमी आई, जिससे कीमती धातु पर दबाव बनता दिखा। बुधवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,600 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के प्रमुख स्तर का परीक्षण करता नजर आया। इससे पहले लगातार तीन दिनों की बढ़त के दौरान सोना 4,700 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के हालिया नए उच्चतम स्तर तक पहुंच चुका था, जहां से अब इसमें गिरावट दर्ज की गई है। मजबूत होते अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई रिकवरी ने भी सोने की कीमतों को नीचे खींचने का काम किया। इसके विपरीत, ऊर्जा बाजार में वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड ऑयल में तेजी का रुख रहा और यह 82.00 डॉलर प्रति बैरल के आंकड़े को पार कर गया। विदेशी मुद्रा बाजार में उठापटक: GBP, EUR, JPY और AUD का हाल करेंसी मार्केट में अमेरिकी डॉलर का दबदबा कायम रहा, हालांकि विभिन्न प्रमुख मुद्राओं पर इसका प्रभाव अलग-अलग देखने को मिला। न्यूजीलैंड डॉलर (NZD) के मुकाबले अमेरिकी डॉलर सबसे ज्यादा मजबूत साबित हुआ। वहीं दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD) अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के बीच एक बड़ा अपवाद बनकर उभरा। इस सप्ताह ऑस्ट्रेलिया में जारी हुए प्रत्याशित से अधिक मुद्रास्फीति (इन्फ्लेशन) के आंकड़ों के बल पर ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अपनी बढ़त बनाए रखने में सफल रहा। ब्रिटिश पाउंड (GBP/USD) में मंगलवार की रिकवरी की कोशिश के बाद दोबारा गिरावट शुरू हो गई और बुधवार को यह 1.3600 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे चला गया। पाउंड में यह तेज गिरावट मजबूत अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और भू-राजनीतिक माहौल के बीच ग्रीनबैक में आई तेजी का परिणाम है। इस बीच, यूरो (EUR/USD) ने बुधवार के उत्तरी अमेरिकी सत्र के उत्तरार्ध में अपने शुरुआती नुकसान की भरपाई करते हुए 1.1600 के मध्य स्तर को वापस हासिल कर लिया। जापानी येन (USD/JPY) के मुकाबले डॉलर 159.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर मजबूती से टिका रहा, जबकि बाजार प्रतिभागी टोक्यो के आगामी मुद्रास्फीति आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। क्रिप्टो बाजार में मजबूती: बिटकॉइन 78,000 डॉलर के पार स्थिर डिजिटल एसेट मार्केट में बुधवार को सकारात्मक रुख देखने को मिला। बिटकॉइन (BTC) की कीमत 78,000 डॉलर के स्तर से ऊपर हरियाली में कारोबार करती रही, हालांकि 80,000 डॉलर के स्तर को पार कर तेजी का विस्तार करने में इसे संघर्ष करना पड़ा। क्रिप्टो क्षेत्र में संस्थागत निवेशकों की मांग लगातार मजबूत हो रही है। इस रुझान को ब्लैकरॉक के टैक्स-डेफर्ड बिटकॉइन-टू-ETF स्वैप वॉल्यूम से भी बल मिला है, जो 5 अरब डॉलर के विशाल आंकड़े तक पहुंच चुका है। लगातार हो रहे फंड इनफ्लो ने क्रिप्टो एसेट्स के प्रति संस्थागत भरोसे को कायम रखा है। एनवीडिया के नतीजों और केविन वॉर्श के भाषण पर टिकी निगाहें बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजार बंद होने के बाद निवेशकों का ध्यान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्षेत्र की अग्रणी कंपनी एनवीडिया के तिमाही नतीजों पर केंद्रित हो गया। बाजार को एनवीडिया से एक बार फिर शानदार प्रदर्शन की उम्मीद है, जहां कंपनी का राजस्व 92 अरब डॉलर से अधिक रहने और प्रति शेयर आय (EPS) 2.09 डॉलर रहने का अनुमान लगाया गया है। इसके साथ ही, वित्तीय जगत की सबसे बड़ी नजर शुक्रवार पर टिकी है, जब केविन वॉर्श फेडरल रिजर्व (फेड) के अध्यक्ष के रूप में जैक्सन होल सम्मेलन में अपना पहला भाषण देंगे। बाजार सहभागियों की उम्मीदें केवल इस बात तक सीमित नहीं हैं कि सितंबर में ब्याज दरों में कटौती होगी या उन्हें स्थिर रखा जाएगा, बल्कि वे अमेरिकी केंद्रीय बैंक की आगामी मौद्रिक नीतियों के स्पष्ट संकेतों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इसका आप पर असर भारत में: कच्चे तेल की कीमतों में 82 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर की तेजी से घरेलू ईंधन की लागत और मुद्रास्फीति पर असर पड़ सकता है, जबकि सोने की कीमतों में गिरावट से त्योहारों और शादियों के सीजन में खरीदारी करने वालों को राहत मिल सकती है। निवेशकों के लिए: अमेरिकी डॉलर की मजबूती और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर संभावित रुख से वैश्विक शेयर बाजारों और क्रिप्टो परिसंपत्तियों में अस्थिरता बढ़ सकती है। सवाल-जवाब 1. जैक्सन होल सम्मेलन बाजार के लिए क्यों महत्वपूर्ण है? जैक्सन होल सम्मेलन में फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉर्श का भाषण होने वाला है, जिससे भविष्य की ब्याज दरों और मौद्रिक नीति की दिशा के संकेत मिलेंगे। 2. सोने की कीमतों में गिरावट क्यों आई? अमेरिका-ईरान युद्धविराम की खबरों के बाद सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग घटी, और मजबूत अमेरिकी डॉलर तथा ट्रेजरी यील्ड में बढ़त के कारण सोना 4,600 डॉलर के स्तर पर आ गया। 3. एनवीडिया के नतीजों से बाजार क्या उम्मीद कर रहा है? बाजार एनवीडिया से 92 अरब डॉलर से अधिक राजस्व और 2.09 डॉलर प्रति शेयर आय (EPS) के शानदार तिमाही आंकड़ों की उम्मीद कर रहा है। 4. बिटकॉइन का वर्तमान स्तर क्या है? बिटकॉइन 78,000 डॉलर के स्तर से ऊपर कारोबार कर रहा है और संस्थागत मांग के बल पर 80,000 डॉलर के स्तर को पार करने की कोशिश कर रहा है। https://trendkia.com/market/jackson-hole-sammelana-se-pahale-majabuta-hua-us-dollar-hormuz-khari-samajhaute-aura-nvidia-ke-natijon-para-tiki-bajara-ki-najara-22721 TrendKia — Har trend, sabse pehle.