# जापान की मजबूत महंगाई और रोजगार आंकड़ों के बावजूद अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 160 के पास फिसला जापानी येन

> टोक्यो में कोर महंगाई दर बढ़कर 1.8 प्रतिशत होने और बेरोजगारी दर में अप्रत्याशित गिरावट के बावजूद जापानी येन लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में कमजोर हुआ है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अधिकारियों के सख्त बयानों और जैक्सन होल सम्मेलन के चलते अमेरिकी डॉलर के मुकाबले USD/JPY 159.50 के स्तर से ऊपर निकल गया है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-08-28 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/japan-ki-majabuta-mahngai-aura-rojagara-ankaron-ke-bavajuda-us-dollar-ke-mukabale-160-ke-pasa-phisala-japanese-yen-23609 · **Language:** Hindi
**Tags:** जापानी येन, अमेरिकी डॉलर, टोक्यो महंगाई, फेडरल रिजर्व, जैक्सन होल, फॉरेक्स बाजार, बैंक ऑफ जापान, मौद्रिक नीति

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में जापानी येन लगातार चौतरफा दबाव का सामना कर रहा है। वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन में लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई, जिससे USD/JPY विनिमय दर 159.50 के प्रमुख स्तर को पार करते हुए 160.00 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर के बेहद करीब पहुंच गई है। जापानी मुद्रा में यह गिरावट तब देखने को मिल रही है जब जापान से जारी ताजा आर्थिक आंकड़े घरेलू अर्थव्यवस्था के मजबूत मौलिक आधार के स्पष्ट संकेत दे रहे हैं। टोक्यो क्षेत्र में कोर महंगाई दर में उम्मीद से अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है और देश में बेरोजगारी दर में भी अप्रत्याशित कमी आई है। इसके बावजूद जापानी मुद्रा को मुद्रा बाजारों में अपेक्षित समर्थन नहीं मिल सका है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय निवेशक और मुद्रा व्यापारी अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति के सख्त रुख और आगामी केंद्रीय बैंक बयानों पर पूरी तरह केंद्रित बने हुए हैं।

 

## टोक्यो में महंगाई के आंकड़ों में तेजी और बैंक ऑफ जापान का लक्ष्य

जापान के सांख्यिकी ब्यूरो द्वारा शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि देश की राजधानी टोक्यो में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) की वार्षिक दर अगस्त महीने में घटकर 1.9 प्रतिशत पर आ गई, जो जुलाई में 2.0 प्रतिशत दर्ज की गई थी। हालांकि वित्तीय बाजारों और बैंक ऑफ जापान (BoJ) के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण माना जाने वाला कोर CPI का आंकड़ा उम्मीद से अधिक मजबूत रहा। टोक्यो कोर CPI, जिसमें अस्थिर ताजा खाद्य पदार्थों की कीमतों को शामिल नहीं किया जाता है, अगस्त महीने में बढ़कर 1.8 प्रतिशत वर्ष-दर-वर्ष हो गया, जो जुलाई में 1.7 प्रतिशत था।

यह आंकड़ा वित्तीय बाजार के विश्लेषकों और अर्थशास्त्रियों के उन अनुमानों को पछाड़ता है, जिनमें कोर महंगाई दर के 1.7 प्रतिशत पर स्थिर रहने का पूर्वानुमान लगाया गया था। 1.8 प्रतिशत का यह कोर महंगाई आंकड़ा बैंक ऑफ जापान के आधिकारिक 2.0 प्रतिशत के वार्षिक महंगाई लक्ष्य के काफी करीब पहुंच गया है। सामान्य परिस्थितियों में केंद्रीय बैंक के लक्ष्य के करीब पहुंचती महंगाई यह संकेत देती है कि अर्थव्यवस्था में मांग मजबूत है और केंद्रीय बैंक को अपनी मौद्रिक नीति को सख्त करते हुए ब्याज दरें बढ़ाने की ओर कदम बढ़ाना चाहिए। इससे जापानी येन को मजबूती मिलनी चाहिए थी, लेकिन वर्तमान में वैश्विक मुद्रा बाजार की दिशा अमेरिकी डॉलर के प्रभाव से तय हो रही है।

 

## श्रम बाजार की मजबूती और बेरोजगारी दर में अप्रत्याशित गिरावट

महंगाई के आंकड़ों के साथ-साथ जापान के स्वास्थ्य, श्रम और कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी रोजगार आंकड़ों में भी सकारात्मक संकेत देखने को मिले हैं। आंकड़ों के मुताबिक अगस्त के दौरान जापान की राष्ट्रीय बेरोजगारी दर में अप्रत्याशित कमी दर्ज की गई है। अर्थशास्त्र के स्थापित सिद्धांतों के अनुसार, जब किसी देश में बेरोजगारी दर घटती है तो यह इस बात का स्पष्ट संकेत होता है कि वहां का श्रम बाजार मजबूत हो रहा है और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आ रही है।

कम बेरोजगारी दर को आमतौर पर जापानी येन के लिए एक तेजी यानी बुलिश कारक माना जाता है, जबकि उच्च बेरोजगारी दर अर्थव्यवस्था में सुस्ती दर्शाती है और मुद्रा के लिए मंदी यानी बेयरिश कारक साबित होती है। मजबूत श्रम बाजार से केंद्रीय बैंक के पास ब्याज दरें बढ़ाने की गुंजाइश भी बनती है। हालांकि जापानी अर्थव्यवस्था के इन दोनों प्रमुख स्तंभों, महंगाई और रोजगार, से मिले मजबूत संकेतों के बावजूद जापानी येन अमेरिकी डॉलर की व्यापक मजबूती के सामने टिक नहीं सका और लगातार पांच दिनों की मंदी का शिकार हो गया।

 

## अमेरिकी फेडरल रिजर्व अधिकारियों का सख्त रुख और डॉलर की बढ़त

अमेरिकी डॉलर की इस व्यापक मजबूती के पीछे अमेरिकी फेडरल रिजर्व के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दिए गए सख्त बयान मुख्य वजह रहे हैं। कैंसास सिटी फेड के अध्यक्ष जेफरी श्मिट ने सीएनबीसी के साथ एक साक्षात्कार में कहा कि अमेरिका में महंगाई की स्थिति अब भी जिद्दी बनी हुई है और मौद्रिक नीति निर्माताओं को मूल्य वृद्धि पर पूरी तरह काबू पाने के लिए नए रास्ते तलाशना जारी रखना होगा। उनके इस बयान ने बाजारों को यह संदेश दिया कि अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की संभावना फिलहाल दूर है।

इसी क्रम में क्लीवलैंड फेड की अध्यक्ष बेथ हैमैक ने भी सख्त मौद्रिक रुख का समर्थन करते हुए दोहराया कि ब्याज दरों में बढ़ोतरी के लिए कदम उठाने का समय आ गया है। फेड अधिकारियों के इन बयानों से अमेरिकी डॉलर के बॉन्ड प्रतिफल को समर्थन मिला है, जिससे निवेशकों का आकर्षण अमेरिकी डॉलर परिसंपत्तियों की ओर बना हुआ है। अमेरिका और जापान के बीच ब्याज दरों का भारी अंतर डॉलर को मजबूती और येन को कमजोरी की ओर धकेल रहा है।

 

## जैक्सन होल संगोष्ठी पर बाजारों की टकटकी

वैश्विक वित्तीय बाजार इस समय अमेरिका के वाशिंगटन और जैक्सन होल में आयोजित होने वाले वार्षिक आर्थिक सम्मेलन पर अपनी नजरें टिकाए हुए हैं। फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष के रूप में केविन वॉश शुक्रवार को जैक्सन होल सम्मेलन में अपना पहला औपचारिक संबोधन देने की तैयारी कर रहे हैं। 27 अगस्त से 29 अगस्त तक चलने वाले इस प्रतिष्ठित आर्थिक सम्मेलन का आधिकारिक विषय "वित्तीय नवाचार: भुगतान और नीति के लिए निहितार्थ" रखा गया है।

वित्तीय बाजारों और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों की रुचि केवल इस बात तक सीमित नहीं है कि आगामी सितंबर महीने में होने वाली मौद्रिक नीति बैठक में अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में बढ़ोतरी करेगा या उन्हें यथावत रखेगा। निवेशक केविन वॉश के इस भाषण से अमेरिकी केंद्रीय बैंक की दीर्घकालिक मौद्रिक रणनीति, मुद्रास्फीति नियंत्रण के तरीकों और आगामी महीनों के लिए ब्याज दरों के रोडमैप के संबंध में स्पष्ट संकेत तलाश रहे हैं। वॉश के भाषण से पहले व्यापारी जापानी येन में नई खरीदारी करने से बच रहे हैं, जिससे डॉलर के मुकाबले येन 160.00 के स्तर की ओर फिसल रहा है।

 

## ब्रिटिश पाउंड और यूरोपीय यूरो का बाजार परिदृश्य

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अन्य प्रमुख मुद्रा जोड़ों की बात करें तो ब्रिटिश पाउंड दो दिनों की लगातार गिरावट के बाद मामूली वापसी करने में सफल रहा। एशियाई कारोबारी घंटों के दौरान GBP/USD जोड़ी 1.3600 के स्तर के आसपास कारोबार करती नजर आई। हालांकि ब्रिटिश मुद्रा के लिए आगे की राह में चुनौतियां दिखाई दे रही हैं। हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट से ब्रिटेन में अल्पकालिक महंगाई से जुड़ी चिंताएं कुछ हद तक कम हुई हैं।

कच्चे तेल की घटती कीमतों के कारण यूके में महंगाई का दबाव कम होने से मनी मार्केट के निवेशकों ने बैंक ऑफ इंग्लैंड (BoE) द्वारा अगली ब्याज दर वृद्धि की समयसीमा को आगे खिसका दिया है। पहले जहां वित्तीय बाजारों में 2026 के उत्तरार्ध तक बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा दर वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही थी, वहीं अब व्यापारी इसे 2027 की शुरुआत तक टलने का अनुमान लगा रहे हैं। इस बदलाव से पाउंड की बढ़त की रफ्तार सीमित रह सकती है।

 दूसरी तरफ यूरोपीय साझा मुद्रा यूरो ने भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपनी स्थिति में मामूली सुधार दर्ज किया है। पिछले सत्र में दर्ज की गई हल्की बढ़त को बरकरार रखते हुए एशियाई व्यापारिक घंटों के दौरान EUR/USD जोड़ी 1.1650 के आसपास टिकी रही। यूरो को यूरोपियन सेंट्रल बैंक (ECB) के हॉकिश यानी सख्त मौद्रिक नीति दृष्टिकोण से सहारा मिल रहा है। हालांकि पूरे विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की अपनी अलग पकड़ बनी हुई है, जिससे जापानी येन सहित अधिकांश प्रमुख वैश्विक मुद्राएं अमेरिकी डॉलर के मुकाबले दबाव में कारोबार कर रही हैं।

## इसका आप पर असर
जापानी येन में आ रही लगातार गिरावट और अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने का असर अंतरराष्ट्रीय यात्रा, आयात-निर्यात तथा वैश्विक वित्तीय बाजारों से जुड़े भारतीय निवेशकों पर देखने को मिल सकता है।

- **भारत में:** डॉलर सूचकांक के मजबूत होने से भारतीय रुपये पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे भारत के लिए कच्चा तेल और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे आयातित सामान महंगे हो सकते हैं।

- **जापान यात्रा पर:** जापान जाने वाले भारतीय पर्यटकों के लिए येन की कमजोरी के कारण वहां की यात्रा, होटल और खरीदारी अपेक्षाकृत सस्ती हो सकती है।

- **अमेरिका यात्रा पर:** अमेरिका में पढ़ाई या यात्रा करने वाले भारतीयों के लिए मजबूत डॉलर के कारण खर्च अधिक बढ़ेगा।

- **भारतीय आईटी और निर्यातकों के लिए:** अमेरिका को सेवाएं देने वाली भारतीय आईटी कंपनियों को मजबूत डॉलर से आय रूपांतरण में अल्पकालिक लाभ मिल सकता है।

- **अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए:** वैश्विक मुद्रा बाजार में डॉलर की मजबूती और फेडरल रिजर्व के सख्त रवैये से वैश्विक इक्विटी बाजारों में अस्थिरता बढ़ सकती है।

## सवाल-जवाब

### 1. जापान में महंगाई और रोजगार के आंकड़े कैसे रहे?
अगस्त में टोक्यो की कोर महंगाई दर बढ़कर 1.8 प्रतिशत हो गई और बेरोजगारी दर में अप्रत्याशित गिरावट दर्ज की गई।

### 2. USD/JPY दर किस स्तर पर पहुंच गई है?
USD/JPY दर लगातार पांचवें दिन चढ़ते हुए 159.50 से ऊपर निकल गई और 160.00 के स्तर की ओर बढ़ रही है।

### 3. जैक्सन होल सम्मेलन का मुख्य विषय क्या है?
इस वर्ष सम्मेलन का विषय 'वित्तीय नवाचार: भुगतान और नीति के लिए निहितार्थ' है, जहां फेड अध्यक्ष केविन वॉश अपना भाषण देंगे।

### 4. ब्रिटेन और यूरोप की मुद्राओं में क्या हलचल रही?
ब्रिटिश पाउंड 1.3600 के पास और यूरो 1.1650 के आसपास कारोबार कर रहा था, जिसमें कच्चे तेल की कीमतों के घटने से ब्रिटेन में ब्याज दर वृद्धि की उम्मीदें 2027 तक टल गई हैं।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._