# जापान की मुद्रा में मजबूती से अमेरिकी डॉलर पस्त, पाउंड स्टर्लिंग 1.3500 के पास मजबूत

> ब्रिटेन और अमेरिका के महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों की घोषणा से पहले पाउंड स्टर्लिंग में तेजी का रुझान बना हुआ है। जापानी येन में जोरदार तेजी के कारण अमेरिकी डॉलर दबाव में है, जिससे GBP/USD जोड़ी को मजबूत सहारा मिल रहा है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-08 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/japan-ki-mudra-men-majabuti-se-us-dollar-pasta-pound-sterling-1-3500-ke-pasa-majabuta-29688 · **Language:** Hindi
**Tags:** जीबीपी यूएसडी, पाउंड स्टर्लिंग, अमेरिकी डॉलर, जापानी येन, फॉरेक्स बाजार, बैंक ऑफ इंग्लैंड, फिबोनाची स्तर, मुद्रा विनिमय दर, वित्त

अंतर्राष्ट्रीय विदेशी मुद्रा बाजार में ब्रिटेन के पाउंड स्टर्लिंग और अमेरिकी डॉलर (GBP/USD) की विनिमय दर मंगलवार को एशियाई व्यापारिक सत्र के दौरान 1.3500 के मध्य स्तर के ठीक नीचे स्थिर कारोबार करती दिखाई दी। कारोबारी सप्ताह के दौरान ब्रिटेन और संयुक्त राज्य अमेरिका से आने वाले प्रमुख व्यापक आर्थिक आंकड़ों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इस बीच, जापान की मुद्रा यानी येन (JPY) में लगातार जारी जोरदार खरीदारी ने अमेरिकी डॉलर (USD) पर भारी दबाव बनाया है, जिससे पाउंड स्टर्लिंग की विनिमय दर को निचले स्तरों पर मजबूत समर्थन मिल रहा है। तकनीकी दृष्टिकोण से देखा जाए तो पाउंड में हाल ही में स्थापित हुए तेजी के रुझान के दोबारा शुरू होने के पूरे आसार नजर आ रहे हैं।

## तकनीकी स्तर और महत्वपूर्ण प्रतिरोध एवं समर्थन
कीमतों के तकनीकी ढाँचे का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि 1.3549 के स्तर पर मौजूद 23.6% फिबोनाची रिट्रेसमेंट फिलहाल ऊपरी तरफ एक मजबूत बाधा के रूप में कार्य कर रहा है। यदि GBP/USD इस स्तर के ऊपर टिकने में सफल रहता है, तो विनिमय दर में आगे और तेजी देखने को मिल सकती है और यह व्यापक दायरे में ऊपरी स्तरों की ओर बढ़ सकती है।

दूसरी ओर, नीचे की तरफ तात्कालिक समर्थन 1.3498 पर स्थित 200-अवधि के सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) द्वारा प्रदान किया जा रहा है। यदि बिकवाली का दबाव बढ़ता है, तो अगला प्रमुख निचला स्तर 1.3471 पर मौजूद 38.2% रिट्रेसमेंट है। इससे भी अधिक गिरावट की स्थिति में 1.3408 के पास 50.0% फिबोनाची स्तर और फिर 1.3344 के आसपास 61.8% रिट्रेसमेंट स्तर मजबूत आधार के रूप में काम करेंगे।

वर्तमान लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार, GBP/USD 1.35 के आसपास बना हुआ है, जो पिछले बंद भाव 1.35 की तुलना में 0.19% अधिक है। मुद्रा जोड़ी की 52-सप्ताह की ट्रेडिंग रेंज 1.30 से 1.38 के बीच है। तकनीकी संकेतकों में रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 53 पर है, जो तटस्थ से सकारात्मक क्षेत्र को दर्शाता है। मूविंग एवरेज में 20-अवधि EMA 1.35, 50-अवधि EMA 1.35 और 200-अवधि EMA 1.34 पर स्थित हैं। 50-दिवसीय EMA का 200-दिवसीय EMA से ऊपर होना एक गोल्डन क्रॉस की पुष्टि करता है, जो दीर्घकालिक तेजी का स्पष्ट संकेत है। पिवट पॉइंट 1.35 पर है, जबकि प्रतिरोध स्तर R1 और R2 दोनों 1.36 पर हैं तथा समर्थन स्तर S1 और S2 दोनों 1.35 पर बने हुए हैं। डेली वोलेटिलिटी को मापने वाला ATR (14) 0.01 पर है।

## जापानी येन और एशियाई मुद्रा बाजार की हलचल
अमेरिकी डॉलर पर लगातार बन रहे दबाव का मुख्य कारण जापानी येन में आई व्यापक मजबूती है। USD/JPY मुद्रा जोड़ी मंगलवार को एशियाई सत्र में छह महीने के निचले स्तर 153.50 के आसपास कारोबार करती देखी गई। जापान में वेतन वृद्धि के सकारात्मक आंकड़ों और दूसरी तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के संशोधित आंकड़ों ने बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा अगले सप्ताह ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं को काफी मजबूत कर दिया है।

इसी तरह, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) एशियाई सत्र के दौरान 0.7200 के ऊपर कारोबार कर रहा था, जो 14 मई के बाद का इसका उच्चतम स्तर है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदों के बावजूद जापानी येन की रैली ने डॉलर के समर्थन को कमजोर कर दिया है। इसके अलावा, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा इस महीने के अंत में ब्याज दरों में एक और वृद्धि की मजबूत होती संभावनाओं ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को रफ्तार दी है, हालांकि चीन के मिश्रित व्यापार आंकड़ों ने इस तेजी को कुछ हद तक सीमित रखा है।

## सोने और कच्चे तेल के बाजार का हाल
मुद्रा बाजार के अलावा, कीमती धातुओं में सोने ने दो दिनों से जारी गिरावट के सिलसिले को तोड़ते हुए एशियाई सत्र में कुछ खरीदारों को आकर्षित किया। जापानी येन की तेजी के कारण अमेरिकी डॉलर तीन सप्ताह के उच्चतम स्तर से पीछे हटा है, जिससे सोने को राहत मिली है। हालांकि, फेडरल रिजर्व की ओर से दरों में संभावित सख्ती की उम्मीदों और वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण सुरक्षित निवेश के रूप में डॉलर को समर्थन मिल रहा है, जिससे बिना ब्याज देने वाले सोने की ऊपरी बढ़त सीमित रही है।

ऊर्जा बाजार में, यद्यपि कच्चे तेल की कीमतें सतह पर स्थिर दिख रही हैं, लेकिन डीजल बाजार अलग ही कहानी बयां कर रहा है। अमेरिका में डीजल क्रैक स्प्रेड (WTI कच्चे तेल के मुकाबले अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स का प्रीमियम) इतिहास में पहली बार $100 प्रति बैरल के आंकड़े को पार कर गया और इंट्राडे कारोबार में $102.00 प्रति बैरल के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुँच गया।

## पाउंड स्टर्लिंग का इतिहास और वैश्विक फॉरेक्स बाजार में इसकी भूमिका
पाउंड स्टर्लिंग (GBP) दुनिया की सबसे पुरानी मुद्रा है, जिसका इतिहास 886 ईस्वी से चला आ रहा है। यह यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन) की आधिकारिक कानूनी मुद्रा है। अंतर्राष्ट्रीय विदेशी मुद्रा (FX) बाजार में यह चौथी सबसे अधिक कारोबार की जाने वाली मुद्रा है। वर्ष 2022 के आंकड़ों के अनुसार, वैश्विक फॉरेक्स लेनदेन में पाउंड स्टर्लिंग की हिस्सेदारी 12% है, जिसमें रोजाना औसतन $630 अरब (630 बिलियन डॉलर) का कारोबार होता है।

फॉरेक्स बाजार में पाउंड स्टर्लिंग के मुख्य ट्रेडिंग जोड़े निम्नलिखित हैं

- **GBP/USD ('केबल'):** कुल विदेशी मुद्रा कारोबार में इसकी 11% हिस्सेदारी है।
- **GBP/JPY ('ड्रैगन'):** फॉरेक्स बाजार में इसका योगदान 3% है।
- **EUR/GBP:** वैश्विक मुद्रा कारोबार में इसकी हिस्सेदारी 2% है।

पाउंड स्टर्लिंग को जारी करने की जिम्मेदारी यूके के केंद्रीय बैंक, यानी बैंक ऑफ इंग्लैंड (BoE) की है।

## बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति का पाउंड पर प्रभाव
पाउंड स्टर्लिंग के मूल्य को प्रभावित करने वाला सबसे महत्वपूर्ण कारक बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा निर्धारित मौद्रिक नीति है। बैंक ऑफ इंग्लैंड के सभी निर्णय उसके प्राथमिक लक्ष्य, यानी 2% के आसपास मुद्रास्फीति (मंगाई) की दर को स्थिर बनाए रखने पर आधारित होते हैं। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए केंद्रीय बैंक का मुख्य हथियार ब्याज दरों में बदलाव करना है।

जब अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति अत्यधिक बढ़ जाती है, तो बैंक ऑफ इंग्लैंड ब्याज दरों में वृद्धि करके क्रेडिट (ऋण) को महंगा बनाता है ताकि आम नागरिक और व्यवसाय कम उधार लें और खर्च में कमी आए। उच्च ब्याज दरें वैश्विक निवेशकों को यूनाइटेड किंगडम में अपनी पूंजी लगाने के लिए आकर्षित करती हैं, जिससे पाउंड स्टर्लिंग की मांग बढ़ती है और मुद्रा मजबूत होती है।

इसके विपरीत, जब मुद्रास्फीति बहुत निचले स्तर पर गिर जाती है, तो यह आर्थिक सुस्ती का संकेत होता है। ऐसी स्थिति में बैंक ऑफ इंग्लैंड ब्याज दरों में कटौती करता है ताकि कर्ज सस्ता हो सके और कंपनियां विकास कार्यों में निवेश के लिए अधिक उधार ले सकें। सस्ता ऋण अर्थव्यवस्था में नकदी बढ़ाता है लेकिन पाउंड के मूल्य पर दबाव डाल सकता है।

## आर्थिक आंकड़े और व्यापार संतुलन (ट्रेड बैलेंस) की भूमिका
ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था की स्थिति को दर्शाने वाले आर्थिक आंकड़े भी पाउंड स्टर्लिंग की विनिमय दर को सीधे प्रभावित करते हैं। सकल घरेलू उत्पाद (GDP), मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI), तथा रोजगार के आंकड़े पाउंड की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एक मजबूत अर्थव्यवस्था पाउंड के लिए बेहद फायदेमंद होती है, क्योंकि यह न केवल विदेशी निवेश को खींचती है बल्कि बैंक ऑफ इंग्लैंड को ब्याज दरें बढ़ाने के लिए भी प्रेरित करती है।

इसके अतिरिक्त, व्यापार संतुलन (Trade Balance) का आंकड़ा भी पाउंड के लिए बेहद अहम है। यह सूचकांक किसी निश्चित अवधि के दौरान देश द्वारा किए गए निर्यात से हुई कमाई और आयात पर हुए खर्च के अंतर को मापता है। यदि किसी देश के उत्पादों की दुनिया भर में अत्यधिक मांग होती है, तो विदेशी खरीदारों द्वारा उन वस्तुओं को खरीदने के लिए अपनी मुद्रा को उस देश की स्थानीय मुद्रा में बदलने से मुद्रा की मांग बढ़ जाती है। इसलिए, एक सकारात्मक व्यापार संतुलन (सरप्लस) पाउंड स्टर्लिंग को मजबूती प्रदान करता है, जबकि व्यापार घाटा मुद्रा को कमजोर करता है।

## इसका आप पर असर
वैश्विक मुद्रा बाजार में हो रही इस हलचल का असर अंतर्राष्ट्रीय व्यापार, विदेशी यात्रा और निवेश रणनीतियों पर प्रत्यक्ष रूप से पड़ता है।

- **भारत में:** विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने से भारतीय रुपये (INR) को आंशिक राहत मिल सकती है और आयातित वस्तुओं की लागत पर दबाव कम हो सकता है। यदि आप अंतर्राष्ट्रीय बाजारों या फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश करते हैं, तो 1.3549 के रेजिस्टेंस स्तर पर नज़र रखना बेहद जरूरी है।
- **यूके और अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों के लिए:** यदि आप ब्रिटेन की यात्रा की योजना बना रहे हैं या यूके से व्यापार करते हैं, तो पाउंड की मजबूती के कारण भारतीय रुपये के मुकाबले यूके में खर्च थोड़ा महंगा हो सकता है। पाउंड और डॉलर की विनिमय दरों पर इस सप्ताह आने वाले आर्थिक आंकड़ों का सीधा असर होगा।

## ऐसा क्यों हुआ
GBP/USD जोड़ी में 1.3500 के स्तर के पास स्थिरता और मजबूती का मुख्य कारण जापानी येन में आई तेज बढ़त और उसके परिणामस्वरूप अमेरिकी डॉलर में हुआ बिकवाली का दबाव है।

- **जापानी येन की जोरदार तेजी:** जापान में सकारात्मक वेतन वृद्धि के आंकड़े और सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में संशोधन के बाद बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा अगले सप्ताह ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना बढ़ गई है, जिससे येन मजबूत हुआ है।
- **अमेरिकी डॉलर पर दबाव:** जापानी येन में आई व्यापक मजबूती ने अमेरिकी डॉलर के सूचकांक को नीचे धकेल दिया है, जिससे पाउंड स्टर्लिंग को निचले स्तरों पर सहारा मिला है।
- **आर्थिक आंकड़ों का इंतजार:** ब्रिटेन और अमेरिका से इस सप्ताह जारी होने वाले महत्वपूर्ण जीडीपी, रोजगार और पीएमआई आंकड़ों से पहले व्यापारी नई बड़ी स्थिति (पोजीशन) लेने से बच रहे हैं, जिससे बाजार में समेकन (कंसोलिडेशन) देखा जा रहा है।

## सवाल-जवाब

### 1. GBP/USD के लिए तत्काल प्रतिरोध और समर्थन स्तर क्या हैं?
तत्काल प्रतिरोध स्तर 1.3549 (23.6% फिबोनाची रिट्रेसमेंट) पर है। वहीं, पहला समर्थन स्तर 1.3498 पर 200-पीरियड SMA और उसके बाद 1.3471 पर 38.2% फिबोनाची स्तर पर है।

### 2. जापानी येन की मजबूती का पाउंड पर क्या असर पड़ रहा है?
जापानी येन में तेजी के कारण अमेरिकी डॉलर कमजोर हुआ है। डॉलर के कमजोर होने से पाउंड स्टर्लिंग (GBP/USD) को सहारा मिला है और यह तेजी के रुझान को बनाए हुए है।

### 3. विदेशी मुद्रा बाजार में पाउंड स्टर्लिंग की कितनी हिस्सेदारी है?
2022 के आंकड़ों के अनुसार, वैश्विक फॉरेक्स बाजार में पाउंड स्टर्लिंग की हिस्सेदारी 12% है, जिसमें रोजाना औसतन $630 अरब का कारोबार होता है।

### 4. बैंक ऑफ इंग्लैंड की मुद्रास्फीति दर का लक्ष्य क्या है?
बैंक ऑफ इंग्लैंड का मुख्य प्राथमिक लक्ष्य अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति दर को स्थिर 2% के आसपास बनाए रखना है।

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