जापान लाएगा सरकारी खर्च की समीक्षा का नया ढांचा, 7 ट्रिलियन येन के फंड्स की होगी सख्त जांच जापान की वित्त मंत्री सात्सुकी कातायामा ने सब्सिडी और सरकारी फंड्स की गहन समीक्षा करने का ऐलान किया है, जिससे करीब 7 ट्रिलियन येन मूल्य के 200 फंड्स को व्यवस्थित किया जाएगा। जापान सरकार ने अपने बजट प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और गैर-जरूरी खर्चों पर लगाम लगाने के मकसद से एक व्यापक समीक्षा तंत्र शुरू करने का फैसला किया है। जापानी वित्त मंत्री सात्सुकी कातायामा ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि वे सब्सिडी और सरकारी फंड्स के मूल्यांकन के लिए डॉज शैली वाली एक खास समीक्षा प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के प्रयासों को तेज करेंगी। इस पहल का मुख्य मकसद बजट आवंटन के भीतर बेकार पड़े फंड्स को युक्तिसंगत बनाना और सरकारी खजाने के हर येन का उचित इस्तेमाल तय करना है। 7 ट्रिलियन येन मूल्य के निष्क्रिय फंड्स पर सख्त कदम प्रशासनिक स्तर पर सामने आई जानकारी के मुताबिक, मौजूदा समय में जापान के भीतर लगभग 200 अलग-अलग सरकारी फंड सक्रिय हैं, जिनकी कुल वित्तीय कीमत लगभग 7 ट्रिलियन येन आंकी गई है। इनमें से कई ऐसे फंड्स हैं जो लंबे समय से उपयोग में नहीं आए हैं या बिना किसी ठोस प्रगति के अटके पड़े हैं। वित्त मंत्री सात्सुकी कातायामा ने जोर देकर कहा कि बजट तैयार करने की प्रक्रिया के दौरान इन निष्क्रिय पड़े फंड्स को पूरी तरह सुव्यवस्थित किया जाएगा, ताकि संसाधनों की बर्बादी रोकी जा सके और जनहित की प्राथमिकताओं के लिए धन जुटाया जा सके। बैंक ऑफ जापान और सरकार के बीच तालमेल की जरूरत एक अन्य महत्वपूर्ण बयान में, अर्थव्यवस्था मंत्री मिनोरू किउची ने शुक्रवार को कहा कि वे उम्मीद करते हैं कि बैंक ऑफ जापान नीतिगत मार्गदर्शन तय करने में सरकार के साथ निरंतर और करीबी बातचीत बनाए रखेगा। हालांकि, मौद्रिक नीति से जुड़े विशिष्ट सवालों पर उन्होंने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। अर्थव्यवस्था मंत्री ने स्पष्ट किया कि मौद्रिक नीति से जुड़े सभी निर्णय पूरी तरह से बैंक ऑफ जापान के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, इसलिए उस पर केंद्रीय बैंक को ही स्वतंत्र राय रखनी चाहिए। टोक्यो मुद्रास्फीति के आंकड़ों के बीच डॉलर के मुकाबले येन स्थिर वैश्विक वित्तीय बाजारों में, शुक्रवार के एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान जापानी मुद्रा अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 158.00 के स्तर से ऊपर बनी रही। यह स्तर मुद्रा के साप्ताहिक दायरे का ऊपरी छोर माना जा रहा है। टोक्यो में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक उम्मीद से अधिक गर्म दर्ज किया गया, जिसने यह संकेत दिया कि बैंक ऑफ जापान की ओर से ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की जा सकती है। इस मुद्रास्फीति के आंकड़ों के बावजूद, अमेरिकी डॉलर ने मजबूत रुख बनाए रखा। कच्चे तेल के कारण बढ़ी महंगाई की चिंताओं और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच ग्रीनबैक डेढ़ साल के उच्चतम स्तर के करीब टिका रहा, जिसे अमेरिका के गैर-कृषि पेरोल आंकड़ों से पहले निवेशकों का सहारा मिला। वैश्विक विदेशी मुद्रा और सर्राफा बाजारों की हलचल अन्य प्रमुख परिसंपत्तियों में, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले बिकवाली के नए दबाव में आ गया और 0.6900 के स्तर की ओर फिसल गया, जो जुलाई की शुरुआत के बाद का इसका सबसे निचला स्तर है। अमेरिकी डॉलर की 17 महीने के उच्च स्तर पर वापसी ने इस गिरावट को बढ़ावा दिया। वहीं दूसरी ओर, सोने की कीमतों में भी सीमित दायरे में नरमी देखी गई और यह 4,150 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करता दिखा। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट के बावजूद तेल आधारित मुद्रास्फीति के डर और अमेरिका-ईरान तनाव ने डॉलर को मजबूती दी, जिससे व्यापारी अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत संकेतों के लिए रोजगार रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इसका आप पर असर जापान द्वारा सरकारी फंड्स के पुनर्गठन और केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति से वैश्विक मुद्रा बाजारों पर सीधा प्रभाव पड़ सकता है। • मुद्रा विनिमय पर प्रभाव: येन में आने वाले किसी भी बड़े उतार-चढ़ाव से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और विदेशी यात्रा की लागत प्रभावित होगी। आयात-निर्यात करने वाली कंपनियों को अपनी विनिमय दरों पर कड़ी नजर रखनी चाहिए। • वैश्विक वित्तीय लागत: टोक्यो में बढ़ती महंगाई और बैंक ऑफ जापान की संभावित ब्याज दर वृद्धि से वैश्विक तरलता पर असर पड़ सकता है। इससे विदेशी बाजारों में निवेश करने वाले फंड्स और निवेशकों के मुनाफे में बदलाव देखने को मिल सकता है। • कमोडिटी और सोना: सर्राफा बाजार में 4,150 डॉलर के करीब सोने के स्थिर रहने और मजबूत डॉलर से कीमती धातुओं के खरीदारों को सतर्क रहना चाहिए। आने वाले अमेरिकी नौकरियों के आंकड़ों के बाद सोने की कीमतों में ताजा दिशा तय होगी। • ऊर्जा और महंगाई का दबाव: कच्चे तेल से जुड़ी मुद्रास्फीति की चिंताएं वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं। उपभोक्ताओं और कारोबारियों को आने वाले दिनों में लॉजिस्टिक्स और परिचालन लागत बढ़ने का सामना करना पड़ सकता है। ऐसा क्यों हुआ जापान सरकार के इस फैसले के पीछे बजट आवंटन में वर्षों से जमा हुए अप्रयुक्त संसाधनों को निकालना और सरकारी धन की बर्बादी रोकना मुख्य कारण है। • सरकारी फंड्स का निष्क्रिय रहना: विभिन्न मंत्रालयों के तहत करीब 7 ट्रिलियन येन मूल्य के 200 फंड्स बिना ठोस इस्तेमाल के पड़े हुए थे। इस पूंजी को मुक्त करके आर्थिक रूप से उत्पादक क्षेत्रों में लगाने के लिए समीक्षा शुरू की गई। • बजट अनुशासन और दक्षता की मांग: सरकारी सब्सिडी व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और प्रशासनिक फिजूलखर्ची खत्म करने का दबाव बढ़ रहा था। इस कारण प्रशासन ने दक्षता समीक्षा तंत्र को तेजी से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। • मुद्रास्फीति और नीतिगत दबाव: टोक्यो में मुद्रास्फीति दर उम्मीद से अधिक रहने के कारण केंद्रीय बैंक पर ब्याज दरों को लेकर दबाव बना हुआ है। सरकार चाहती है कि मौद्रिक और राजकोषीय कदमों के बीच तालमेल बना रहे ताकि आर्थिक स्थिरता बाधित न हो। सवाल-जवाब 1. वित्त मंत्री सात्सुकी कातायामा ने किस तरह की समीक्षा का प्रस्ताव दिया है? उन्होंने सरकारी सब्सिडी और फंड्स के लिए डॉज शैली वाली एक व्यापक समीक्षा प्रक्रिया को तेज करने का प्रस्ताव दिया है। 2. समीक्षा के दायरे में कितने सरकारी फंड और कितनी राशि शामिल है? इस समीक्षा के तहत लगभग 200 मौजूदा फंड्स शामिल हैं, जिनका कुल मूल्य करीब 7 ट्रिलियन येन है। 3. अर्थव्यवस्था मंत्री मिनोरू किउची ने बैंक ऑफ जापान को लेकर क्या कहा? उन्होंने उम्मीद जताई कि बैंक ऑफ जापान नीतिगत मार्गदर्शन तय करने में सरकार के साथ निरंतर करीबी संवाद बनाए रखेगा। 4. अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन किस स्तर पर कारोबार कर रहा था? शुक्रवार के एशियाई कारोबारी सत्र में USD/JPY 158.00 के स्तर से ऊपर कारोबार कर रहा था। 5. सोने की कीमत किस दायरे में देखी गई? सोना एशियाई कारोबारी सत्र में 4,150 डॉलर प्रति औंस के करीब कारोबार कर रहा था। https://trendkia.com/market/japan-laega-sarakari-kharcha-ki-samiksha-ka-naya-dhancha-7-trillion-yen-ke-funds-ki-hogi-sakhta-jancha-41600 TrendKia — 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