जापान में मुद्रास्फीति के आंकड़ों के बाद अमेरिकी डॉलर के मुकाबले येन में सुस्ती, केंद्रीय बैंक की बैठक पर नजर अगस्त के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में सुस्ती दिखने के बाद जापानी येन दो हफ्ते के निचले स्तर के करीब आ गया है, जबकि बाजार बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति बैठक के नतीजों की प्रतीक्षा कर रहा है। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन में नरमी देखी गई, जिससे मुद्रा जोड़ी ने 156.00 के स्तर के ऊपर बढ़त बनाए रखी। जापान के नवीनतम मुद्रास्फीति आंकड़ों के सामने आने के बाद निवेशकों का ध्यान अब सीधे बैंक ऑफ जापान की दो दिवसीय मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक पर टिक गया है। मुद्रास्फीति में आई अप्रत्याशित नरमी ने केंद्रीय बैंक की ओर से ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी की संभावनाओं को फिलहाल कुछ हद तक सीमित किया है, जिसके चलते बाजार में येन बिकवाली के दबाव में दिखा। मुद्रास्फीति के आंकड़ों का बाजार पर असर जापान के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अगस्त महीने में हेडलाइन उपभोक्ता मूल्य सूचकांक सालाना आधार पर 1.9 प्रतिशत पर स्थिर रहा। वहीं दूसरी ओर, मुख्य मुद्रास्फीति अप्रत्याशित रूप से घटकर 1.7 प्रतिशत पर दर्ज की गई। इसके अतिरिक्त, ताजा खाद्य पदार्थों और ऊर्जा की कीमतों को अलग रखने वाला कोर सीपीआई केंद्रीय बैंक के 2 प्रतिशत के लक्ष्य से नीचे बना रहा। इस आंकड़े ने वित्तीय बाजारों में यह संदेश दिया कि मूल्य वृद्धि की रफ्तार फिलहाल अनुमान से धीमी है, जिसने बैंक ऑफ जापान के सख्त रुख अपनाने की रफ्तार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, कोर उपभोक्ता मुद्रास्फीति बैंक के 2 प्रतिशत लक्ष्य के बेहद करीब रहने के कारण दर वृद्धि की उम्मीदें पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं। तकनीकी स्तर और समर्थन प्रतिरोध तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो इस मुद्रा जोड़ी के लिए पहला कड़ा प्रतिरोध 100-अवधि के साधारण मूविंग एवरेज यानी 156.44 पर बना हुआ है। इसके ठीक ऊपर 50.0 प्रतिशत रिट्रेसमेंट स्तर 156.60 पर स्थित है। यदि तेजी जारी रहती है, तो 61.8 प्रतिशत फाइबोनैचि स्तर 157.48 पर अगला अवरोध बनेगा, जिसके बाद 158.74 और 160.35 के स्तर महत्वपूर्ण बाधा के रूप में सामने आ सकते हैं। नीचे की दिशा में, तत्काल समर्थन 38.2 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट स्तर 155.71 पर देखा जा रहा है। इससे नीचे फिसलने पर 23.6 प्रतिशत का स्तर 154.62 पर सहारा दे सकता है, जबकि यदि मंदी का रुझान गहराता है तो यह संरचनात्मक आधार 152.85 तक फिसल सकता है। लाइव बाजार आंकड़ों में भाव 156.85 पर दर्ज किया गया है, जो पिछले बंद स्तर 156.13 से 0.46 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है। इस दौरान 14-दिवसीय आरएसआई 49 पर तटस्थ है, जबकि एमएसीडी 0.19 के हिस्टोग्राम के साथ तेजी का संकेत दे रहा है। 20-दिवसीय बोलिंजर बैंड 151.92 से 161.61 के दायरे में है और दैनिक अस्थिरता एटीआर 1.47 आंकी गई है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर का रुख अमेरिकी डॉलर सूचकांक को सीमित रखने में अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई नरमी का बड़ा हाथ रहा है। बॉन्ड यील्ड में गिरावट के कारण अमेरिकी डॉलर के खरीदारों को अपनी बढ़त सीमित रखनी पड़ी है, जिससे मुद्रा जोड़ी के ऊपर जाने की रफ्तार कुछ धीमी पड़ी है। हालांकि, फेडरल रिजर्व का सख्त नीतिगत दृष्टिकोण और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं डॉलर में किसी भी बड़ी गिरावट को रोक रही हैं। इस बीच अन्य मुद्राओं में भी हलचल देखी गई; ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी 0.7100 के ऊपर सकारात्मक रुख के साथ लगातार दूसरे दिन कारोबार करती रही। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा इसी महीने ब्याज दरों में वृद्धि किए जाने की संभावनाओं ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को मजबूती दी है। इसके अतिरिक्त, सोने की कीमतों में भी तेजी देखी गई, जहां पीली धातु 4,350 डॉलर प्रति औंस के ऊपर बनी रही। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बीच अमेरिकी यील्ड के बहु-वर्षीय उच्च स्तरों से हटने ने गैर-उपज वाली इस धातु को समर्थन दिया है। बैंक ऑफ जापान की नीति और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि बैंक ऑफ जापान की यह बैठक केंद्रीय बैंकों के व्यस्त सप्ताह का समापन करेगी, जहां बाजार ब्याज दरों को 31 साल के उच्चतम स्तर तक ले जाने वाले संभावित फैसले पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। एक दशक से भी अधिक समय तक जापान की अत्यधिक कम ब्याज दरों ने वैश्विक निवेशों में खरबों डॉलर के वित्तपोषण में मदद की, जिससे जापानी येन दुनिया में सबसे सस्ते फंडिंग स्रोतों में से एक बन गया था। जब अधिकांश प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं ने मुद्रास्फीति से निपटने के लिए ब्याज दरों में जोरदार बढ़ोतरी की, तब जापान एक अपवाद बना रहा और उसने आसान नीति जारी रखी। यदि केंद्रीय बैंक अपनी नीति को और सख्त करता है, तो इस दीर्घकालिक फंडिंग लाभ का एक नया चरण शुरू हो सकता है, जिसने सितंबर में येन की जोरदार वापसी को बल दिया था। वित्तीय क्षेत्र में संस्थागत विलय पारंपरिक मुद्रा बाजारों के साथ-साथ संस्थागत वित्तीय तकनीक क्षेत्र में भी बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला है। एसएंडपी ग्लोबल ने ब्लॉकचेन सुरक्षा फर्म ओपनजेपेलिन का अधिग्रहण करने का समझौता किया है। गुरुवार को घोषित इस सौदे का उद्देश्य ऑन-चेन जोखिम मूल्यांकन क्षमताओं का विस्तार करना है। इस रणनीतिक कदम के तहत ओपनजेपेलिन की स्मार्ट अनुबंध सुरक्षा सेवाएं, विकास उपकरण और ओपन-सोर्स लाइब्रेरी एसएंडपी ग्लोबल के मौजूदा डिजिटल एसेट और रिस्क असेसमेंट कारोबार में एकीकृत की जाएंगी, जिससे पारंपरिक वित्तीय विश्लेषण और डिजिटल परिसंपत्तियों के बीच का तालमेल और मजबूत होगा। इसका आप पर असर जापान की ब्याज दरों और विदेशी मुद्रा विनिमय दरों में बदलाव का सीधा प्रभाव वैश्विक निवेश, आयात लागत और अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझान पर पड़ता है। • भारत में: यदि जापानी येन में उतार-चढ़ाव जारी रहता है, तो जापानी कंपनियों से भारत में आने वाले विनिर्माण निवेश और ऋण लागत पर सीधा प्रभाव पड़ सकता है। इससे जापानी कलपुर्जों का आयात करने वाली ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों की लागत संरचना प्रभावित हो सकती है। • वैश्विक निवेशकों के लिए: कम लागत वाले येन की मदद से चलने वाले कैरी ट्रेड की रीप्राइसिंग से दुनिया भर की इक्विटी और बॉन्ड बाजारों में अस्थिरता आ सकती है। निवेशक ब्याज दरों के अंतर और मुद्राओं के नए स्तरों के अनुसार अपनी वैश्विक परिसंपत्तियों का पुनर्संतुलन कर सकते हैं। • मुद्रा कारोबारियों के लिए: यूएसडी/जेपीवाई में 156.00 के ऊपर स्थिरता नए तकनीकी स्तरों को सक्रिय करती है। निकट अवधि में व्यापारियों को 155.71 के स्टॉप-लॉस बफर और 156.60 के प्रतिरोध स्तरों पर कड़ी नजर रखनी होगी। • सोना और कमोडिटी बाजार: डॉलर यील्ड में ठहराव के कारण सोने का 4,350 डॉलर के ऊपर टिके रहना पोर्टफोलियो सुरक्षा चाहने वाले निवेशकों को राहत देता है। धातु बाजारों में आने वाले दिनों में केंद्रीय बैंकों के फैसलों से दिशा तय होगी। ऐसा क्यों हुआ जापान में मुद्रास्फीति के अप्रत्याशित रूप से नरम रहने और बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति बैठक से पहले निवेशकों द्वारा सतर्क रुख अपनाने के कारण येन में सुस्ती देखी गई। • मुद्रास्फीति की रफ्तार में सुस्ती: अगस्त के लिए कोर सीपीआई 1.7 प्रतिशत दर्ज की गई, जो केंद्रीय बैंक के 2 प्रतिशत लक्ष्य से कम रही। इस गिरावट ने केंद्रीय बैंक की तरफ से तुरंत सख्त कदम उठाए जाने की आक्रामकता को धीमा कर दिया। • ऐतिहासिक मौद्रिक ढांचा: जापान ने एक दशक से भी अधिक समय तक शून्य और नकारात्मक ब्याज दरों की नीति बनाए रखी, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में येन की स्थिति कमजोर रही। इस नीति से बाहर निकलने की प्रक्रिया में बाजार की धारणा काफी संवेदनशील बनी हुई है। • अमेरिकी आर्थिक आंकड़े और यील्ड: अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में हल्की गिरावट ने डॉलर की तेजी पर अंकुश लगाया, लेकिन फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख ने डॉलर को मजबूत समर्थन दिया। दोनों केंद्रीय बैंकों के नीतिगत अंतर ने विनिमय दर को मौजूदा स्तर पर बनाए रखा है। सवाल-जवाब 1. अगस्त में जापान की मुद्रास्फीति कितनी दर्ज की गई? अगस्त में जापान की हेडलाइन सीपीआई 1.9 प्रतिशत रही, जबकि कोर मुद्रास्फीति घटकर 1.7 प्रतिशत पर आ गई। 2. अमेरिकी डॉलर और जापानी येन की जोड़ी किस स्तर पर कारोबार कर रही है? मुद्रा जोड़ी 156.00 के स्तर से ऊपर कारोबार कर रही है, जहां लाइव बाजार भाव 156.85 दर्ज किया गया है। 3. बैंक ऑफ जापान की बैठक को लेकर बाजार में क्या उम्मीदें हैं? बाजार यह देखने के लिए उत्सुक है कि क्या बैंक ऑफ जापान ब्याज दरों को 31 साल के उच्चतम स्तर तक बढ़ाने का फैसला करता है। 4. अमेरिकी डॉलर की तेजी को किस कारक ने सीमित किया? अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में आई नरमी ने डॉलर की बढ़त पर लगाम लगाई है। 5. एसएंडपी ग्लोबल ने किस कंपनी का अधिग्रहण किया है? एसएंडपी ग्लोबल ने ब्लॉकचेन सुरक्षा फर्म ओपनजेपेलिन का अधिग्रहण करने का समझौता किया है। https://trendkia.com/market/japan-men-mudrasphiti-ke-ankaron-ke-bada-us-dollar-ke-mukabale-yen-men-susti-boj-ki-baithaka-para-najara-33575 TrendKia — Har trend, sabse pehle.