जापान में सरकारी खर्च की समीक्षा तेज, सात्सुकी कातायामा ने डोजी पहल को बताया आर्थिक मजबूती का रास्ता जापान की वित्त मंत्री सात्सुकी कातायामा ने कहा है कि सानाए ताकाइची प्रशासन के बजट लक्ष्यों और वित्तीय स्थिरता के लिए डोजी पहल बेहद अहम साबित होगी। जापान की वित्त मंत्री सात्सुकी कातायामा ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि देश की डोजी पहल सानाए ताकाइची प्रशासन के लिए विकासोन्मुख बजट को आगे बढ़ाने और वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। सरकार ने सार्वजनिक धन और सब्सिडी के तहत खर्च होने वाले अरबों डॉलर के आवंटन की निगरानी का दायरा व्यापक करते हुए अपने खर्च समीक्षा तंत्र को नए सिरे से सक्रिय करने का फैसला किया है। यह कदम ताकाइची के महंगे नीतिगत वादों और योजनाओं के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन जुटाने के मकसद से उठाया जा रहा है। अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी की तर्ज पर तैयार की गई जापान की इस डोजी पहल को उस समय नई गति दी गई, जब विशेष कर उपायों की पिछली समीक्षा में बेहद सीमित प्रगति देखने को मिली थी। सरकारी मंत्रालयों की ओर से जांचे गए लगभग 120 कर प्रावधानों में से कर छूट समाप्त करने के केवल 3 प्रस्ताव ही सामने आ पाए थे। इस पृष्ठभूमि में प्रशासनिक तंत्र और बजट आवंटन को चुस्त-दुरुस्त बनाना सरकार की प्राथमिकता बन गया है। मुद्रा बाजार की हलचल और जापानी येन की स्थिति वित्तीय बाजारों में इस घोषणा के समय अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन 157.92 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जिसमें दैनिक आधार पर 0.02 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्ज की गई। इसके बाद मुद्रा जोड़ी ने 158.00 के स्तर को फिर से छू लिया, क्योंकि शुक्रवार को जारी आंकड़ों से पता चला कि जापान में घरेलू खर्च में लगातार नौवें महीने गिरावट आई है। घरेलू खपत में इस सुस्ती ने जापानी येन पर दबाव बनाने का काम किया। जापानी येन दुनिया की सबसे अधिक कारोबार वाली मुद्राओं में गिना जाता है। इसका मूल्य मुख्य रूप से जापानी अर्थव्यवस्था के समग्र प्रदर्शन, बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीतियों, जापानी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के अंतर तथा वैश्विक वित्तीय बाजार में निवेशकों के जोखिम के रुख से निर्धारित होता है। बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति और यील्ड का अंतर बैंक ऑफ जापान के बुनियादी दायित्वों में मुद्रा का स्थिरीकरण और नियंत्रण शामिल है, इसलिए केंद्रीय बैंक के कदम येन की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। बैंक ऑफ जापान ने अतीत में मुद्रा बाजारों में सीधे हस्तक्षेप भी किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य आम तौर पर येन के मूल्य को नीचे लाना रहा है। हालांकि प्रमुख व्यापारिक साझेदारों की राजनीतिक चिंताओं के कारण केंद्रीय बैंक अक्सर ऐसे सीधे हस्तक्षेप से बचता है। वर्ष 2013 से 2024 के दौरान बैंक ऑफ जापान की ओर से अपनाई गई अत्यधिक उदार मौद्रिक नीति के चलते येन में प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले भारी गिरावट देखी गई थी, क्योंकि उस दौरान जापान और अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों के नीतिगत रुख में बड़ा अंतर पैदा हो गया था। पिछले एक दशक में अत्यधिक उदार रुख पर टिके रहने से अमेरिकी फेडरल रिजर्व और जापानी केंद्रीय बैंक के बीच नीतिगत फासला लगातार चौड़ा होता गया, जिससे 10-वर्षीय अमेरिकी और जापानी बॉन्ड यील्ड का अंतर बढ़ गया और अमेरिकी डॉलर को जापानी येन पर मजबूती मिली। हालांकि 2024 में बैंक ऑफ जापान द्वारा इस उदार नीति को धीरे-धीरे समाप्त करने के फैसले और अन्य बड़े केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में कटौती शुरू किए जाने से यह अंतर धीरे-धीरे सिमटने लगा है। सुरक्षित निवेश के रूप में येन और वैश्विक वित्तीय रुझान वैश्विक वित्तीय बाजार में जापानी येन को एक सुरक्षित निवेश विकल्प यानी सेफ-हेवन के रूप में देखा जाता है। जब भी अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तनाव या अनिश्चितता का माहौल बनता है, निवेशक येन की विश्वसनीयता और स्थिरता के चलते अपनी पूंजी इस मुद्रा में लगाना पसंद करते हैं। उथल-पुथल के दौर में जोखिम भरी संपत्तियों की तुलना में येन का मूल्य मजबूत होने की संभावना अधिक रहती है। वर्तमान बाजार परिदृश्य में अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई रात भर की गिरावट ने अमेरिकी डॉलर को 18 महीने के उच्चतम स्तर से नीचे बनाए रखा, जिससे बैंक ऑफ जापान द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावनाओं और संभावित बाजार हस्तक्षेप की आशंकाओं के बीच येन की कमजोरी एक सीमित दायरे में बंध गई है। अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्राओं और कमोडिटी बाजार का मिजाज अंतरराष्ट्रीय मुद्रा विनिमय बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी साप्ताहिक निचले स्तर से वापसी के बाद शुक्रवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान 0.6900 के मध्य स्तर से ऊपर स्थिर रहने का प्रयास करती दिखी। अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में नरमी ने डॉलर को सीमित रखा और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को सहारा दिया, लेकिन भू-राजनीतिक जोखिमों, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के कड़े रुख और रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की घटती उम्मीदों ने इस मुद्रा जोड़ी की बढ़त को सीमित कर दिया। इसी प्रकार सोने के बाजार में भी शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन सकारात्मक रुख देखा गया, हालांकि इसमें स्पष्ट तेजी के रुख की कमी रही और भाव पिछले करीब दो हफ्तों के दायरे में ही अटके रहे। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट के कारण डॉलर दबाव में रहा, जिससे गैर-उपज वाले सर्राफा को दो महीने के निचले स्तर से उबरने का अवसर मिला। इसके बावजूद फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक जोखिमों ने डॉलर समर्थकों को बल दिया, जिससे पीली धातु में बड़ी छलांग नहीं लग सकी। इसका आप पर असर जापान द्वारा सार्वजनिक खर्च की समीक्षा और मुद्रा बाजार में जापानी येन के उतार-चढ़ाव से वैश्विक मुद्रा विनिमय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों पर सीधा असर पड़ता है। • वैश्विक निवेशकों पर प्रभाव: जापानी येन और डॉलर के बीच उतार-चढ़ाव अंतरराष्ट्रीय निवेश और बॉन्ड यील्ड की दिशा को प्रभावित करता है। निवेशक ब्याज दरों के अंतर और केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर कड़ी नजर रख सकते हैं। • आयात और निर्यात व्यापार: मुद्रा विनिमय दरों में बदलाव से जापानी सामानों और विदेशी विनिमय से जुड़े व्यापार की लागत बदलती है। निर्यातकों और आयातकों को विनिमय दरों के जोखिम से बचाव के उपाय करने होंगे। • सोना और कमोडिटी बाजार: डॉलर और बॉन्ड यील्ड के उतार-चढ़ाव से सर्राफा बाजार में सोने की कीमतें सीमित दायरे में कारोबार कर रही हैं। कमोडिटी खरीदारों के लिए दरों की अस्थिरता बनी रहने की संभावना है। • घरेलू अर्थव्यवस्था और नीतियां: जापान में सरकारी खर्च की समीक्षा से सार्वजनिक सब्सिडी और टैक्स छूट में बदलाव देखने को मिल सकते हैं। यह नीतिगत बदलाव वैश्विक स्तर पर सरकारी दक्षता मॉडल के अध्ययन के लिए भी महत्वपूर्ण है। ऐसा क्यों हुआ जापान सरकार ने सानाए ताकाइची के महंगे चुनावी और नीतिगत वादों के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने और राजकोषीय घाटे पर नियंत्रण रखने के उद्देश्य से खर्च की गहन समीक्षा शुरू की है। इसके अतिरिक्त पिछली कर समीक्षा में अपेक्षित नतीजे न मिलने के कारण इस प्रक्रिया को नए सिरे से लागू करना जरूरी हो गया था। • महंगी नीतिगत घोषणाओं की फंडिंग: प्रशासन को नए नीतिगत वादों को लागू करने के लिए अतिरिक्त बजट और वित्तीय संसाधनों की सख्त जरूरत है। इसके लिए सार्वजनिक धन और अरबों डॉलर की सब्सिडी के पुनर्मूल्यांकन का फैसला किया गया। • पिछली कर समीक्षा की विफलता: सरकारी मंत्रालयों द्वारा जांचे गए लगभग 120 विशेष कर उपायों में से केवल 3 में छूट खत्म करने का प्रस्ताव सामने आया था। इतने कम प्रस्तावों के चलते सरकार को पूरे समीक्षा ढांचे को पुनर्गठित करना पड़ा। • आर्थिक वृद्धि और वित्तीय अनुशासन का संतुलन: सरकार विकासोन्मुख बजट पेश करने के साथ-साथ देश की वित्तीय स्थिरता को भी बनाए रखना चाहती है। इस दोहरे उद्देश्य को पूरा करने के लिए अमेरिकी मॉडल की तर्ज पर डोजी पहल को आगे बढ़ाया गया। • कमजोर घरेलू मांग और मुद्रा दबाव: घरेलू खर्च में लगातार नौवें महीने आई गिरावट और बॉन्ड यील्ड के अंतर ने सरकारी नीतियों और येन की चाल को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। सवाल-जवाब 1. जापान की वित्त मंत्री सात्सुकी कातायामा ने डोजी पहल के बारे में क्या कहा? उन्होंने कहा कि डोजी पहल सानाए ताकाइची प्रशासन के लिए आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए अनिवार्य है। 2. जापान सरकार खर्च की समीक्षा को दोबारा क्यों शुरू कर रही है? सरकार ताकाइची के महंगे नीतिगत वादों के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन जुटाने और सार्वजनिक निधियों की जांच के लिए यह कदम उठा रही है। 3. जापान की डोजी पहल किस व्यवस्था पर आधारित है? जापान की यह पहल अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी की कार्यप्रणाली के मॉडल पर आधारित है। 4. पिछली कर समीक्षा में क्या नतीजे सामने आए थे? मंत्रालयों द्वारा जांचे गए लगभग 120 कर प्रावधानों में से केवल 3 कर छूट समाप्त करने के प्रस्ताव ही सामने आए थे। 5. जापान में घरेलू खर्च के हालिया आंकड़े क्या दर्शाते हैं? शुक्रवार को आए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार जापान में घरेलू खर्च में लगातार नौवें महीने गिरावट दर्ज की गई है। 6. वैश्विक बाजार में जापानी येन को सेफ-हेवन क्यों माना जाता है? बाजार में उथल-पुथल और तनाव के समय निवेशक येन की स्थिरता और विश्वसनीयता के कारण इसमें निवेश करना सुरक्षित मानते हैं। https://trendkia.com/market/japan-men-sarakari-kharcha-ki-samiksha-teja-satsuki-katayama-ne-doge-pahala-ko-bataya-arthika-majabuti-ka-rasta-45075 TrendKia — Har trend, sabse pehle.