जापानी येन पर टिकी नजरें, 160 के स्तर के पास करेंसी में उतार-चढ़ाव और अमेरिकी ट्रेजरी के फैसलों का असर जैकसन होल सम्मेलन से पहले जापानी येन में डॉलर के मुकाबले हलचल तेज है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के बायबैक प्लान और हस्तक्षेप के डर के बीच करेंसी बाजार में नए समीकरण बन रहे हैं। जैक्सन होल सम्मेलन से ठीक पहले वैश्विक मुद्रा बाजारों में डॉलर के मुकाबले जापानी येन की चाल पर निवेशकों की पैनी नजरें टिकी हुई हैं। बाजार के जानकारों के अनुसार येन का यह सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है, जिसमें मनोवैज्ञानिक बाधाएं और नीतिगत घोषणाएं अहम भूमिका निभा रही हैं। टोक्यो सत्र के दौरान मुद्रा जोड़े ने बार-बार 160 के स्तर को छुआ, जो जापानी अधिकारियों की ओर से किसी संभावित हस्तक्षेप के डर के कारण एक मजबूत मनोवैज्ञानिक प्रतिरोध के रूप में उभरकर सामने आया। अमेरिकी ट्रेजरी के फैसलों से डॉलर में सुस्ती मुद्रा बाजार में उस समय बड़ा मोड़ आया जब अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने सितंबर से अपने बायबैक कार्यक्रम को विस्तारित करने की योजना का एलान किया। इस घोषणा के बाद से व्यापक स्तर पर अमेरिकी डॉलर में बिकवाली देखने को मिली। इसका असर यह हुआ कि येन के मुकाबले डॉलर कमजोर होकर 20 अगस्त के शुरुआती टोक्यो सत्र में 158.03 के निचले स्तर तक फिसल गया। हालांकि इस स्तर पर बिकवाली थम गई और अमेरिकी सरकारी बॉंड यील्ड में सुधार के साथ ही येन ने अपनी पिछली गिरावट की भरपाई करते हुए एक बार फिर 159 के पार छलांग लगा दी। विस्तृत मुद्रा बाजार और सोने की चाल पर असर सिर्फ डॉलर के मुकाबले ही नहीं बल्कि अन्य प्रमुख मुद्राओं के खिलाफ भी येन में कमजोरी का रुख देखा गया। उदाहरण के लिए यूरो और येन के जोड़े में 31 जुलाई के बाद पहली बार 185 का स्तर पार हुआ। इसके अलावा ब्रिटिश पाउंड और डॉलर का जोड़ा भी नए सप्ताह की शुरुआत में लगभग 1.3650 के आसपास मजबूत रुझान के साथ कारोबार कर रहा है, जो पिछले शुक्रवार को फरवरी 11 के बाद के अपने उच्चतम स्तर के काफी करीब बना हुआ है। इसी तरह भू-राजनीतिक और व्यापारिक तनावों के बीच सोने की कीमतों में भी जोरदार तेजी दर्ज की गई और यह तीन महीने के उच्चतम स्तर को पार कर गया। लिक्विडिटी समर्थन और सरकारी बॉंड बायबैक योजना अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने अपने निर्धारित कैलेंडर से हटकर एक बड़ा कदम उठाया है। विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार 10 से 20 वर्ष और 20 से 30 वर्ष के बॉंड सेक्टरों में लिक्विडिटी समर्थन से जुड़े बायबैक अभियानों के आकार को कम से कम दोगुना किया जा रहा है। इसके तहत प्रति ऑपरेशन अधिकतम सीमा को 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर कर दिया गया है। यह व्यवस्था 9 सितंबर से प्रभावी होगी और 4 नवंबर तक जारी रहेगी। विश्लेषकों का मानना है कि बढ़ते बॉंड यील्ड पर लगाम कसने के लिए यह कदम उठाया गया है, जिसका असर सीधे तौर पर वैश्विक मुद्रा और जिंस बाजारों पर पड़ रहा है। इसका आप पर असर व्यापक प्रभाव: वैश्विक मुद्रा बाजारों में उतार-चढ़ाव और अमेरिकी ट्रेजरी के फैसलों से आयातित वस्तुओं की लागत, विदेशी यात्रा और वैश्विक निवेश पोर्टफोलियो पर सीधा असर पड़ सकता है। सवाल-जवाब 1. जापानी येन के लिए 160 का स्तर क्यों महत्वपूर्ण है? यह स्तर एक मनोवैज्ञानिक प्रतिरोध के रूप में कार्य करता है, जहां व्यापारी जापानी अधिकारियों द्वारा किसी भी संभावित हस्तक्षेप पर कड़ी नजर रखते हैं। 2. अमेरिकी ट्रेजरी ने बॉंड बायबैक को लेकर क्या घोषणा की है? ट्रेजरी विभाग ने 10 से 30 वर्ष के सेक्टरों में बायबैक का आकार प्रति ऑपरेशन कम से कम 4 अरब डॉलर तक दोगुना करने का निर्णय लिया है। 3. यह योजना कब से कब तक लागू रहेगी? यह बायबैक योजना 9 सितंबर से शुरू होकर 4 नवंबर तक प्रभावी रहेगी। 4. सोने की कीमतों पर इस घटनाक्रम का क्या प्रभाव पड़ा है? अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और नए व्यापारिक तनावों के बीच सोने की कीमतें तीन महीने के उच्चतम स्तर से ऊपर चली गई हैं। https://trendkia.com/market/japanese-yen-faces-psychological-160-resistance-as-us-treasury-buyback-plan-shakes-fx-markets-21039 TrendKia — Har trend, sabse pehle.