# जापानी येन में ऐतिहासिक शॉर्ट कवरिंग से वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में हलचल, सोना मजबूत और कच्चा तेल सुस्त

> CFTC पोजीशनिंग आंकड़ों से खुलासा हुआ है कि जापानी येन में रिकॉर्ड शॉर्ट कवरिंग हुई है और सोने में खरीदारी मजबूत हुई है, जबकि कच्चे तेल और कॉफी में बिकवाली का दबाव बढ़ा है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-08-08 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/japanese-yen-men-aitihasika-shorta-kavaringa-se-vaishvika-videshi-mudra-bajara-men-halachala-gold-majabuta-aura-kachcha-tela-susta-15148 · **Language:** Hindi
**Tags:** CFTC रिपोर्ट, जापानी येन, सोना, कच्चा तेल, फॉरेक्स मार्केट, अमेरिकी डॉलर

कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन की ओर से जारी ताजा पोजीशनिंग रिपोर्ट में वैश्विक वित्तीय बाजारों में बड़ा बदलाव देखा गया है। जापानी येन में ऐतिहासिक स्तर की शॉर्ट कवरिंग दर्ज की गई है, जिसने विदेशी मुद्रा बाजार में भारी हलचल मचा दी है। दूसरी तरफ, सोने में लगातार मजबूती बनी हुई है और निवेशकों का रुझान बढ़ा है, जबकि वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट कच्चे तेल और कॉफी जैसे कमोडिटी बाजारों में बिकवाली का दबाव फिर से हावी होता दिख रहा है।

## जापानी येन में ऐतिहासिक शॉर्ट कवरिंग से बदला बाजार का माहौल
विदेशी मुद्रा बाजार में सबसे बड़ा बदलाव जापानी येन में देखने को मिला। सट्टेबाजों और संस्थागत निवेशकों ने एक ही सप्ताह में अपनी पोजीशन में जबरदस्त फेरबदल किया, जिससे शुद्ध पोजीशनिंग में लगभग 1,18,000 अनुबंधों का उछाल आया। साल 2011 के बाद से येन की पोजीशनिंग में एक सप्ताह के भीतर दर्ज की गई यह सबसे बड़ी बढ़ोतरी है। इस भारी बदलाव के दौरान बाजार सहभागियों ने लगभग 46,000 नए लॉन्ग अनुबंध जोड़े, जबकि करीब 72,000 शॉर्ट अनुबंध बंद कर दिए। इसके परिणामस्वरूप येन में शुद्ध शॉर्ट पोजीशन घटकर 45,500 अनुबंधों से नीचे आ गई है।

इस बड़े पोजीशनल बदलाव का सीधा असर हाजिर बाजार पर भी दिखाई दिया। USD/JPY करेंसी जोड़े में लगभग सात बिग फिगर की भारी गिरावट आई, क्योंकि येन में चौतरफा मजबूती दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी गिरावट केवल सामान्य शॉर्ट कवरिंग नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक ट्रेंड रिवर्सल का संकेत देती है। केवल एक सप्ताह के भीतर येन की पोजीशनिंग अपने ऐतिहासिक दायरे के 2वें पर्सेंटाइल से उछलकर सीधे 63वें पर्सेंटाइल पर पहुंच गई, जो हाल के बाजार इतिहास में सबसे तेज बदलावों में से एक है।

## सोने में मजबूत खरीदारी, लेकिन पोजिशन के जमावड़े पर नजर जरूरी
कीमती धातुओं के वर्ग में सोने ने मजबूत बढ़त के संकेत दिए हैं। गैर-व्यावसायिक शुद्ध लॉन्ग पोजीशन बढ़कर लगभग 1,97,700 अनुबंधों पर पहुंच गई है। सोने में कुल ओपन इंटरेस्ट का 53 प्रतिशत से अधिक हिस्सा अब शुद्ध लॉन्ग एक्सपोजर के रूप में केंद्रित है। ऐतिहासिक आंकड़ों के आधार पर यह एक्सपोजर अनुपात अपने 92वें पर्सेंटाइल के करीब पहुंच गया है, जो बाजार में संस्थागत खरीदारी के भारी जमावड़े को दर्शाता है।

हालांकि सोने में शुद्ध पोजिशन अपने दीर्घकालिक दायरे के मध्य स्तर के पास है, लेकिन ओपन इंटरेस्ट का यह उच्च केंद्रित स्तर निवेशकों के लिए सतर्क रहने की वजह भी बनता है। यद्यपि कीमतों में तेजी से इस तेजी को समर्थन मिल रहा है, लेकिन अत्यधिक केंद्रित पोजीशनों के कारण बाजार में संवेदनशीलता बढ़ गई है। यदि व्यापक आर्थिक परिस्थितियों में कोई अचानक बदलाव होता है या कीमतों में गिरावट आती है, तो बिकवाली का दबाव तेजी से आ सकता है।

## कच्चे तेल और कमोडिटी बाजार पर दोबारा बढ़ा बिकवाली का दबाव
विदेशी मुद्रा और सोने में दर्ज की गई बढ़त के विपरीत, ऊर्जा बाजार में नरमी का रुख देखने को मिला। वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट (WTI) कच्चे तेल में गैर-व्यावसायिक शुद्ध पोजीशनिंग में लगभग 7,700 अनुबंधों की कमी दर्ज की गई। इस पोजीशनल गिरावट के साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट आई, जिसने पिछले दो हफ्तों में हुए सुधार को आंशिक रूप से खारिज कर दिया।

ओपन इंटरेस्ट में बढ़ोतरी के साथ-साथ लॉन्ग पोजीशनों का बंद होना और नए शॉर्ट अनुबंधों का जुड़ना कच्चे तेल में मंदी के रुख की पुष्टि करता है। इसके चलते WTI में शुद्ध लॉन्ग पोजीशनिंग घटकर अपने ऐतिहासिक दायरे के 10वें पर्सेंटाइल के करीब आ गई है। इसी तरह कॉफी (KC1) की पोजीशनिंग में भी लगभग 2,500 अनुबंधों की गिरावट आई और इसकी कीमतों में भारी कमी दर्ज की गई। दूसरी ओर, इक्विटी बाजार में अस्थिरता सूचकांक VIX में सुधार देखने को मिला, क्योंकि बाजार की अस्थिरता में 5.01 प्रतिशत की कमी आई।

## अमेरिकी रोजगार आंकड़ों में नरमी से कमजोर हुआ डॉलर
विदेशी मुद्रा बाजार में आए इस बड़े बदलाव के पीछे अमेरिका से जारी हुए कमजोर आर्थिक आंकड़े मुख्य वजह रहे। जुलाई महीने के अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल (NFP) आंकड़े बाजार के अनुमानों से काफी नीचे रहे। इसके कारण अमेरिकी डॉलर में भारी गिरावट दर्ज की गई और अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं को बढ़त बनाने का मौका मिला।

जुलाई NFP रिपोर्ट के बाद GBP/USD में शुक्रवार को जोरदार तेजी दर्ज की गई। हालांकि बाद में इसने शुरुआती बढ़त का कुछ हिस्सा गंवा दिया, लेकिन यह 1.3500 के महत्वपूर्ण स्तर को पार करने में सफल रहा। इसी तरह EUR/USD ने गुरुवार की गिरावट से उबरते हुए 1.1560 के स्तर के आसपास दो महीने के उच्चतम स्तर को छुआ। कमजोर पेरोल आंकड़ों के बाद निवेशकों ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति के भविष्य को लेकर अपनी रणनीति दोबारा तय करनी शुरू कर दी है।

## बाजार सहभागियों के लिए मुख्य सबक

## CFTC रिपोर्ट के आंकड़ों के विश्लेषण से तीन प्रमुख निष्कर्ष निकलते हैं
- **जापानी येन का रुझान:** 1,18,000 अनुबंधों की ऐतिहासिक बढ़ोतरी ने येन की पोजीशनिंग को रीसेट कर दिया है, लेकिन आगे की तेजी इस बात पर निर्भर करेगी कि कीमतों में मजबूती और मांग बनी रहती है या नहीं।
- **सोने में तेजी के संकेत:** सोने में तेजी का रुख सबसे स्पष्ट है, लेकिन 92वें पर्सेंटाइल के करीब पोजीशनों का अत्यधिक जमावड़ा जोखिम भी पैदा करता है।
- **कमोडिटी में स्थिरता की आवश्यकता:** WTI कच्चा तेल और कॉफी अपने ऐतिहासिक निचले स्तरों के पास बने हुए हैं। ऐसे में जब तक कीमतें स्थिर नहीं होतीं, तब तक इनकी कम पोजीशनिंग को खरीदारी के संकेत के रूप में देखना जल्दबाजी होगी।

## इसका आप पर असर
**निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए:** वैश्विक मुद्रा और कमोडिटी बाजार में आ रहे इस बड़े बदलाव से करेंसी मार्केट में उथल-पुथल बढ़ सकती है। डॉलर में कमजोरी और येन में मजबूती से वैश्विक तरलता और जिंसों की कीमतों पर असर पड़ेगा।

## सवाल-जवाब

### 1. CFTC रिपोर्ट में जापानी येन में क्या बड़ा बदलाव दिखा?
जापानी येन में नेट पोजीशनिंग में लगभग 1,18,000 अनुबंधों का ऐतिहासिक उछाल आया, जो 2011 के बाद सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़ोतरी है। इसके चलते USD/JPY में सात बिग फिगर की गिरावट दर्ज की गई।

### 2. सोने में संस्थागत निवेशकों की पोजीशन कैसी है?
सोने में गैर-व्यावसायिक शुद्ध लॉन्ग पोजीशन 1,97,700 अनुबंधों तक पहुंच गई है, जो कुल ओपन इंटरेस्ट का 53% से अधिक है और ऐतिहासिक 92वें पर्सेंटाइल के पास है।

### 3. कच्चे तेल (WTI) की पोजीशनिंग पर क्या असर पड़ा?
कच्चे तेल में शुद्ध पोजीशनिंग 7,700 अनुबंधों तक घट गई और कीमतें गिर गईं, जिससे नेट लॉन्ग पोजीशनिंग ऐतिहासिक दायरे के 10वें पर्सेंटाइल के पास आ गई।

### 4. अमेरिकी रोजगार आंकड़ों ने डॉलर पर क्या प्रभाव डाला?
जुलाई के कमजोर नॉन-फार्म पेरोल आंकड़ों के कारण अमेरिकी डॉलर में भारी गिरावट आई, जिससे GBP/USD 1.3500 के पार और EUR/USD 1.1560 के दो महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया।

### 5. क्या जापानी येन की तेजी आगे भी जारी रहेगी?
येन की आगे की तेजी हाजिर बाजार में कीमतों की निरंतर मजबूती और संस्थागत खरीदारों की लगातार मांग पर निर्भर करेगी।

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