जापानी येन में संभावित हस्तक्षेप से गिरा अमेरिकी डॉलर इंडेक्स, पेरोल आंकड़े भी रहे सुस्त जापानी येन में आई अचानक तेजी के बाद अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में गिरावट दर्ज की गई, जबकि अगस्त के सुस्त प्राइवेट पेरोल आंकड़ों ने निवेशकों का ध्यान आगामी नॉन-फार्म पेरोल रिपोर्ट की ओर खींच लिया है। वैश्विक वित्तीय बाजारों में बुधवार को एक महत्वपूर्ण मोड़ देखने को मिला, जब अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) ने अपनी शुरुआती बढ़त गंवा दी। इंडेक्स 14 अगस्त के बाद के अपने सर्वोच्च स्तर 99.86 पर पहुंचने के बाद नीचे गिर गया। ग्रीनबैक के इस रिवर्सल का मुख्य कारण विदेशी मुद्रा बाजार में जापानी येन (JPY) की जोरदार वापसी रही, जिसने अमेरिकी मुद्रा पर भारी दबाव डाला। कारोबार के दौरान अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 99.55 के स्तर पर आ गया, जिसमें 0.11 प्रतिशत की दैनिक गिरावट दर्ज की गई। निवेशक बदलती समष्टि आर्थिक स्थितियों और केंद्रीय बैंकों की संभावित कार्रवाइयों के बीच अपनी रणनीतियों का पुनर्मूल्यांकन कर रहे हैं। जापानी येन में जोरदार उछाल और मुद्रा हस्तक्षेप की अटकलें बाजार में आए इस अचानक बदलाव की मुख्य वजह प्रमुख विदेशी मुद्राओं के मुकाबले जापानी येन में आया तीव्र उछाल था। विशेष रूप से, USD/JPY मुद्रा जोड़े में भारी बिकवाली देखी गई और यह 160 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर को छूने के बाद करीब 1 प्रतिशत गिरकर 158.80 के आसपास कारोबार करने लगा। येन में आई इस तेज तेजी से बाजार में व्यापक अटकलें शुरू हो गईं कि जापानी वित्तीय अधिकारियों ने येन की लगातार हो रही कमजोरी को रोकने के लिए विदेशी मुद्रा बाजार में प्रत्यक्ष हस्तक्षेप किया है या ब्याज दर चेक का आयोजन किया है। हालांकि, टोक्यो में मौद्रिक अधिकारियों की ओर से किसी भी प्रत्यक्ष हस्तक्षेप की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। बाजार विश्लेषकों का ध्यान इस बात पर भी है कि यह संभावित कार्रवाई पिछले रिकॉर्ड के अनुरूप है। इससे पहले जुलाई के उत्तरार्ध में अमेरिका और जापान ने समन्वित बाजार हस्तक्षेप किया था, जब USD/JPY 164 के पास 40 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। केंद्रीय बैंकों द्वारा मुद्रा की अत्यधिक अस्थिरता को नियंत्रित करने के लिए उठाए जाने वाले कदम वैश्विक मुद्रा व्यापार को गहराई से प्रभावित कर रहे हैं। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड उच्च स्तर पर कायम, फेड नीति पर टिकी निगाहें अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में गिरावट के बावजूद, अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड सभी परिपक्वता अवधियों में उच्च स्तर पर बनी रही। बेंचमार्क 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 4.79 प्रतिशत के आसपास कारोबार करती दिखी, जो सत्र के दौरान 4.81 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। अक्टूबर 2023 के बाद से यह 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड का उच्चतम स्तर है। आमतौर पर उच्च बॉन्ड यील्ड विदेशी पूंजी आकर्षण को बढ़ाकर राष्ट्रीय मुद्रा को मजबूती प्रदान करती है, लेकिन व्यापक भू-राजनीतिक और आर्थिक कारणों से अमेरिकी डॉलर फिलहाल इस पारंपरिक संबंध से अलग व्यवहार कर रहा है। वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि यदि फेडरल रिजर्व अपनी आगामी बैठक में ब्याज दर बढ़ाने का निर्णय लेता है, तो इससे अमेरिकी डॉलर के दृष्टिकोण में तेजी का जोखिम उत्पन्न हो सकता है। यह विशेष रूप से तब होगा जब यह कदम एक व्यापक मौद्रिक सख्ती चक्र की शुरुआत का संकेत देगा। हालांकि, विश्लेषकों ने उल्लेख किया है कि उच्च यील्ड और बढ़ती ऊर्जा कीमतों से मिलने वाला पारंपरिक समर्थन अभी तक अमेरिकी डॉलर में पूरी तरह से परिलक्षित नहीं हुआ है, क्योंकि बाजार अमेरिका के लिए उच्च नीतिगत जोखिम प्रीमियम को प्राथमिकता दे रहे हैं। सुस्त प्राइवेट सेक्टर पेरोल डेटा के बाद नॉन-फार्म पेरोल पर नजर अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़े आंकड़ों में बुधवार को अगस्त महीने के दौरान प्राइवेट सेक्टर पेरोल वृद्धि में सुस्ती दर्ज की गई। निजी नियोक्ताओं द्वारा बाजार के अनुमानों से कम नौकरियां जोड़ने के आंकड़े सामने आए, जिससे श्रम बाजार के धीमे होने के संकेत मिले हैं। यह आंकड़े महीने के पहले शुक्रवार को जारी होने वाली अत्यंत महत्वपूर्ण आधिकारिक नॉन-फार्म पेरोल (NFP) रिपोर्ट से ठीक पहले आए हैं। मासिक रोजगार रिपोर्ट को विदेशी मुद्रा व्यापारियों और वैश्विक निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक संकेतक माना जाता है। पूर्ण रोजगार फेडरल रिजर्व के दोहरे जनादेश का एक प्रमुख हिस्सा है, और श्रम बाजार के रुझान सीधे मौद्रिक नीति निर्णयों, ब्याज दर के रुझानों तथा मुद्रा मूल्यांकन को प्रभावित करते हैं। ऐतिहासिक रूप से, नॉन-फार्म पेरोल के आंकड़े अक्सर अनुमानों से भिन्न आते हैं और बाजार में भारी अस्थिरता पैदा करते हैं। उम्मीद से बेहतर पेरोल आंकड़े अमेरिकी डॉलर को मजबूती देते हैं, जबकि कमजोर आंकड़े मौद्रिक नीति में ढील की संभावनाओं को बढ़ावा देते हैं। वैश्विक मुद्राओं, गोल्ड और क्रूड ऑयल पर असर अमेरिकी डॉलर में आए उतार-चढ़ाव का असर दुनिया भर के वित्तीय परिसंपत्तियों पर देखने को मिला • ब्रिटिश पाउंड (GBP/USD): ब्रिटिश पाउंड में गिरावट का दौर जारी रहा और यह 1.3470 के स्तर की ओर फिसलकर चार सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया। पाउंड में यह गिरावट अमेरिकी डॉलर की पिछली मजबूती और वैश्विक भू-राजनीतिक चिंताओं के कारण दर्ज की गई। • यूरो (EUR/USD): यूरो ने कारोबारी सत्र के दूसरे हिस्से में रिकवरी की और 1.1600 के स्तर की ओर कदम बढ़ाया। येन हस्तक्षेप की खबरों और कमजोर अमेरिकी रोजगार आंकड़ों से अमेरिकी डॉलर में आई नरमी ने यूरो को समर्थन दिया। • गोल्ड (XAU/USD): सोने की कीमतों में जोरदार उछाल देखा गया और इसने अपनी शुरुआती सभी गिरावट की भरपाई कर ली। डॉलर इंडेक्स में आई नरमी के बाद निवेशकों ने सुरक्षित परिसंपत्ति के रूप में सोने की ओर रुख किया। कच्चे तेल में तेजी और डीजल क्रैक स्प्रेड का नया रिकॉर्ड कमोडिटी बाजार में वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड ऑयल में लगातार तीसरे दिन तेजी देखने को मिली। पिछले छह कारोबारी सत्रों में यह पांचवीं बढ़त थी, जिससे एशियाई व्यापार के दौरान कच्चा तेल 24 जुलाई के बाद के नए उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। वैश्विक आपूर्ति और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच कच्चे तेल की मांग को समर्थन मिल रहा है। इसके अलावा, डीजल बाजार में अत्यधिक तंगी के संकेत मिले हैं। अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड, जो अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स और WTI क्रूड ऑयल के बीच का अंतर है, इतिहास में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया। यह इंट्राडे रिकॉर्ड स्तर पर 102.00 डॉलर प्रति बैरल से अधिक पहुंच गया। यह ऐतिहासिक उछाल वैश्विक रिफाइनिंग सीमाओं और औद्योगिक ईंधन की कीमतों पर बढ़ते दबाव को उजागर करता है। क्रिप्टोकरेंसी बाजार में नरमी और सतर्क रुख कमोडिटी बाजार में तेजी के विपरीत, क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बुधवार को गिरावट और समेकन का रुख देखा गया, क्योंकि निवेशकों ने प्रमुख आर्थिक रिपोर्टों से पहले सतर्कता बरती • बिटकॉइन (BTC): सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन 77,000 डॉलर के अपने अल्पकालिक समर्थन स्तर के पास बनी रही। • एथेरियम (ETH): एथेरियम में बिकवाली का दबाव रहा और यह 2,400 डॉलर के स्तर की ओर फिसल गया। • रिपल (XRP): रिपल की कीमतों में भी नरमी का रुख रहा और यह डिजिटल परिसंपत्ति बाजार के सुस्त माहौल के अनुरूप नीचे आया। समग्र रूप से, वैश्विक वित्तीय बाजार आने वाले अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और विदेशी मुद्रा बाजार में संभावित हस्तक्षेप के प्रति अत्यधिक संवेदनशील बने हुए हैं। इसका आप पर असर अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में गिरावट और डीजल की रिकॉर्ड कीमतों का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय यात्रियों, निवेशकों और ईंधन उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। • विदेशी मुद्रा और यात्रा खर्च: अमेरिकी डॉलर में नरमी से अंतरराष्ट्रीय यात्रा और विदेश से खरीदारी मजबूत होती स्थानीय मुद्राओं के धारकों के लिए सस्ती हो जाती है। विदेश यात्रा की योजना बना रहे लोग डॉलर की कमजोरी के दौरान बेहतर विनिमय दरों का लाभ उठा सकते हैं। • ईंधन और परिवहन लागत: डीजल क्रैक स्प्रेड का 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जाना पेट्रोल-डीजल की कीमतों और माल ढुलाई भाड़े में बढ़ोतरी का संकेत देता है। परिवहन कंपनियों और यात्रियों को आने वाले दिनों में लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ने की संभावना के लिए तैयार रहना चाहिए। • सोना और बचत: सोने की कीमतों में आई तेजी से सराफा निवेशकों और बचतकर्ताओं को महंगाई के खिलाफ सुरक्षा मिलती है। भौतिक सोना या गोल्ड ईटीएफ रखने वाले व्यक्ति अपने पोर्टफोलियो मूल्य में स्थिरता देख सकते हैं। • क्रिप्टोकरेंसी निवेशक: बिटकॉइन का 77,000 डॉलर और एथेरियम का 2,400 डॉलर के पास आना डिजिटल एसेट होल्डर्स के लिए अल्पकालिक अस्थिरता का संकेत है। खुदरा क्रिप्टो निवेशकों को प्रमुख अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों से पहले जोखिम प्रबंधन अपनाना चाहिए। • आयात और निर्यात मूल्य: जापानी येन और प्रमुख मुद्राओं में उतार-चढ़ाव से आयातित इलेक्ट्रॉनिक्स और उपभोक्ता वस्तुओं के दाम प्रभावित होते हैं। विदेशों से सामान आयात करने वाले व्यापारियों को विनिमय दर में बदलाव के अनुसार अपने मार्जिन को समायोजित करना होगा। सवाल-जवाब 1. अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) में उच्चतम स्तर से गिरावट का मुख्य कारण क्या था? अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 99.86 के स्तर को छूने के बाद जापानी येन में आई तेज तेजी और अगस्त के सुस्त प्राइवेट पेरोल आंकड़ों के कारण नीचे गिर गया। 2. क्या जापानी अधिकारियों ने मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप की आधिकारिक पुष्टि की है? जापानी मौद्रिक अधिकारियों द्वारा कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, हालांकि USD/JPY के लगभग 1 प्रतिशत गिरकर 158.80 पर आने के बाद बाजार में हस्तक्षेप की अटकलें तेज हैं। 3. डॉलर में गिरावट के दौरान अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड का प्रदर्शन कैसा रहा? अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड उच्च स्तर पर बनी रही, जिसमें 10-वर्षीय यील्ड 4.81 प्रतिशत का उच्चतम स्तर छूने के बाद 4.79 प्रतिशत के आसपास कारोबार कर रही थी। 4. कच्चे तेल और सोने की कीमतों में किस तरह का बदलाव देखा गया? डॉलर के कमजोर होने से सोने की कीमतों ने शुरुआती गिरावट की भरपाई करते हुए जोरदार वापसी की, जबकि WTI कच्चा तेल लगातार तीसरे दिन बढ़कर 24 जुलाई के बाद के नए उच्च स्तर पर पहुंच गया। 5. डीजल बाजार में कौन सा नया रिकॉर्ड बना? WTI कच्चे तेल पर अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स का प्रीमियम यानी अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड इतिहास में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार 102.00 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। https://trendkia.com/market/japanese-yen-men-snbhavita-hastakshepa-se-gira-us-dollar-index-perola-ankare-bhi-rahe-susta-26626 TrendKia — Har trend, sabse pehle.