जापानी येन पर भारी पड़ रहा विदेशी शेयरों में निवेश, 158 के पार पहुंचा डॉलर जापान में खुदरा निवेशकों द्वारा विदेशी इक्विटी में रिकॉर्ड खरीदारी और गिरते घरेलू खर्च के चलते जापानी येन दबाव में बना हुआ है, जबकि अमेरिकी डॉलर 158.22 के स्तर पर मजबूती दिखा रहा है। अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में विदेशी प्रतिभूतियों में जापानी घरेलू निवेशकों के बढ़ते निवेश ने जापानी येन की विनिमय दर को कमजोर कर दिया है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अंतरराष्ट्रीय प्रतिभूति लेनदेन के सितंबर माह के ताजा आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि सीमा पार पूंजी प्रवाह में भारी बदलाव आया है। जापानी खुदरा निवेशकों द्वारा विदेशी इक्विटी की खरीद तेजी से बढ़ी है, जिसके चलते घरेलू मुद्रा से पूंजी बाहर जा रही है और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले येन में गिरावट का रुख बना हुआ है। हालिया सौदों में डॉलर-येन जोड़ी 158.22 के स्तर पर कारोबार करती देखी गई, जो पिछले बंद 158.06 के मुकाबले 0.10 प्रतिशत की बढ़त दर्शाती है। विदेशी इक्विटी में रिकॉर्ड खरीदारी और पूंजी निकासी सितंबर के दौरान जापान इनवेस्टमेंट ट्रस्ट के जरिए हुए सौदों में विदेशी इक्विटी की शुद्ध खरीद 1,360 अरब जापानी येन तक पहुंच गई। पिछले तीन महीनों के कुल आंकड़े को देखा जाए तो विदेशी शेयर खरीद 3,949 अरब येन के स्तर को छू गई है, जो तीन महीने की अवधि में अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। यह निवेश प्रवाह मुख्य रूप से एनआईएसए (NISA) खातों के जरिए जापानी परिवारों द्वारा विदेशी संपत्तियों में लगाए जा रहे धन को दर्शाता है। जनवरी 2024 में एनआईएसए की निवेश सीमाओं में जो विस्तार किया गया था, उसका सीधा और बड़ा असर इस पूंजी निकासी पर लगातार दिखाई दे रहा है। यदि तीन महीने के इस पूंजी प्रवाह को पूरे साल के आधार पर आंका जाए, तो यह लगभग 16 लाख करोड़ जापानी येन यानी करीब 100 अरब अमेरिकी डॉलर की वार्षिक पूंजी निकासी के बराबर बैठता है। इतनी विशाल राशि का घरेलू बाजार से बाहर जाना मुद्रा बाजार में येन के लिए एक लगातार बढ़ता नकारात्मक कारक साबित हो रहा है। विदेशी शेयरों के लिए घरेलू मुद्रा बेचकर डॉलर जैसी वैश्विक मुद्राओं को खरीदने की इस प्रवृत्ति ने येन की कीमतों को लगातार दबाकर रखा है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि घरेलू सरकारी बॉन्ड यानी जेजीबी (JGB) में निवेश पर भी कर-मुक्त छूट के अवसर उपलब्ध कराए जाएं, तो विदेशी शेयर बाजारों की तरफ भाग रही पूंजी के प्रवाह पर रोक लग सकती है, जो मौजूदा खरीद स्तर को देखते हुए येन के लिए निश्चित रूप से एक सकारात्मक कदम साबित होगा। घरेलू खर्च में लगातार गिरावट और आर्थिक सुस्ती घरेलू अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर भी चुनौतियां कम नहीं हो रही हैं। शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार जापान में घरेलू खर्च में लगातार नौवें महीने गिरावट दर्ज की गई है। घरेलू मांग में कमजोरी ने आर्थिक विकास की गति को धीमा बनाए रखा है, जिससे जापानी येन पर दबाव और गहरा गया है। जब तक घरेलू खपत में सुधार नहीं होता और बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति को मजबूती नहीं मिलती, तब तक मुद्रा को सहारा मिलना कठिन दिख रहा है। दूसरी ओर, विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर 158.00 के प्रमुख स्तर के आसपास मजबूती से टिका हुआ है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में रात भर आई नरमी ने डॉलर को 18 महीने के उच्च स्तर से कुछ नीचे जरूर रखा, लेकिन फेडरल रिजर्व के आक्रामक नीतिगत रुख और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच डॉलर में बड़ी गिरावट की संभावना सीमित नजर आ रही है। तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, 158.22 पर चल रही इस जोड़ी का 14-दिवसीय आरएसआई (RSI) 55 पर है, जबकि 20-दिवसीय ईएमए (EMA) 157.56, 50-दिवसीय ईएमए 158.01 और 200-दिवसीय ईएमए 157.76 पर स्थित है। 50-दिवसीय औसत का 200-दिवसीय औसत के ऊपर बने रहना एक दीर्घकालिक तेजी का संकेत है, जिसमें दैनिक पिवट 158.13 और पहला रेजिस्टेंस 158.51 पर देखा जा रहा है। अन्य प्रमुख मुद्राओं और जिंस बाजारों की हलचल वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में केवल डॉलर-येन ही नहीं, बल्कि अन्य जोड़ियों में भी महत्वपूर्ण उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी (AUD/USD) में साप्ताहिक निचले स्तर से सुधार देखा गया और एशियाई सत्र में यह 0.7000 के स्तर की ओर बढ़ने की कोशिश में रही। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) के नीतिगत रुख को लेकर बने सख्त अनुमानों ने इस जोड़ी को सहारा प्रदान किया। उधर कीमती धातुओं में सोने की कीमतें दो महीने के निचले स्तर से उबरते हुए शुक्रवार को 4,200 डॉलर प्रति औंस के करीब मजबूती से टिकी रहीं। कच्चे तेल की कीमतों और ट्रेजरी यील्ड में नरमी के साथ अमेरिकी मुद्रा में कुछ नरमी आने से सोने में रिकवरी देखी गई, हालांकि दैनिक आरएसआई अब भी मंदी के रुझान का संकेत दे रहा है। इसके अतिरिक्त, सांख्यिकी कनाडा द्वारा सितंबर की श्रम शक्ति सर्वेक्षण रिपोर्ट जारी की जानी है, जिसमें अगस्त की भारी गिरावट के बाद रोजगार में मामूली सुधार की उम्मीद की जा रही है। 22 अगस्त से प्रभावी हुए नए अमेरिकी शुल्कों के प्रभाव को पूरी तरह दर्शाने वाली यह पहली रोजगार रिपोर्ट होगी, जिस पर बाजार की कड़ी नजर टिकी है। इसका आप पर असर जापानी येन में आ रही इस कमजोरी और डॉलर की मजबूती का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, विदेश यात्रा और वैश्विक निवेश पोर्टफोलियो पर पड़ता है। • भारतीय पर्यटकों और छात्रों पर असर: जापान की यात्रा करना या वहां पढ़ाई करना भारतीयों के लिए मुद्रा के हिसाब से काफी किफायती बना हुआ है। भारतीय रुपये के मुकाबले येन के कमजोर रहने से होटल, यात्रा और दैनिक खर्च का बजट नियंत्रित रहता है। • वैश्विक वित्तीय बाजारों पर प्रभाव: विदेशी शेयरों में जापानी खुदरा निवेशकों का भारी प्रवाह वैश्विक शेयर बाजारों को सहारा दे रहा है। यदि यह पूंजी निकासी जारी रहती है, तो अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय इक्विटी बाजारों में तरलता बनी रहेगी। • करेंसी ट्रेडर्स के लिए संकेत: 158.22 के स्तर पर चल रहे USD/JPY में उतार-चढ़ाव बढ़ रहा है। ट्रेडर्स को 158.13 के पिवट स्तर और 157.84 के सपोर्ट स्तर को ध्यान में रखकर ही नई स्थिति बनानी चाहिए। • आयात-निर्यात कारोबार पर प्रभाव: जापान से ऑटोमोबाइल, मशीनरी और इलेक्ट्रॉनिक्स का आयात करने वाले व्यापारियों के लिए लागत अनुकूल रह सकती है। हालांकि वैश्विक जिंसों की कीमतें डॉलर में तय होने के कारण मुद्रा विनिमय दरों पर कड़ी नजर रखनी होगी। ऐसा क्यों हुआ जापानी येन में आई इस गिरावट और डॉलर के 158 के पार टिके रहने के पीछे कई नीतिगत, संरचनात्मक और आर्थिक कारण जिम्मेदार हैं। जापानी नागरिकों द्वारा विदेशी संपत्तियों में पैसा लगाने और घरेलू खपत में कमी ने मुद्रा को कमजोर किया है। • एनआईएसए नियमों का विस्तार: जनवरी 2024 में जापान सरकार द्वारा एनआईएसए खातों की निवेश सीमा बढ़ाने से आम परिवारों को विदेशी शेयर बाजारों में कर-मुक्त निवेश की बड़ी सुविधा मिली। इसके चलते सितंबर में 1,360 अरब येन और तीन महीनों में रिकॉर्ड 3,949 अरब येन की विदेशी इक्विटी खरीद हुई, जिसने येन से भारी पूंजी बाहर निकाली। • कमजोर घरेलू उपभोक्ता मांग: जापान में घरेलू खर्च लगातार नौवें महीने गिरा है, जो दिखाता है कि घरेलू अर्थव्यवस्था सुस्ती के दौर से गुजर रही है। कमजोर आंतरिक मांग के कारण मौद्रिक नीति को मजबूती से सख्त करना संभव नहीं हो पा रहा है। • ब्याज दर अंतर और फेडरल रिजर्व का रुख: अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत रुख और वैश्विक बॉन्ड यील्ड्स के चलते डॉलर को मजबूती मिल रही है। हालांकि अमेरिकी यील्ड में कभी-कभार नरमी आती है, लेकिन येन और डॉलर के बीच का दर अंतर डॉलर की बढ़त को सहारा देता है। सवाल-जवाब 1. एनआईएसए (NISA) खातों से जापानी येन पर क्या असर पड़ रहा है? एनआईएसए खातों के जरिए जापानी निवेशक भारी मात्रा में विदेशी शेयर खरीद रहे हैं, जिससे जापान से सालाना करीब 100 अरब डॉलर की पूंजी बाहर जा रही है और येन कमजोर हो रहा है। 2. सितंबर में जापानी निवेशकों ने कितनी विदेशी इक्विटी खरीदी? सितंबर माह में जापान इनवेस्टमेंट ट्रस्ट के माध्यम से कुल 1,360 अरब जापानी येन की विदेशी इक्विटी खरीदी गई। 3. USD/JPY करेंसी जोड़ी का वर्तमान स्तर क्या है? USD/JPY जोड़ी 158.22 के स्तर पर कारोबार कर रही है, जो पिछले बंद 158.06 के मुकाबले 0.10 प्रतिशत की बढ़त दर्शाती है। 4. जापान के घरेलू खर्च के ताजा आंकड़े क्या दर्शाते हैं? आंकड़ों के अनुसार जापान में घरेलू खर्च में लगातार नौवें महीने गिरावट दर्ज की गई है, जिससे घरेलू अर्थव्यवस्था पर दबाव बना हुआ है। 5. सोने और अन्य मुद्राओं में क्या रुख देखने को मिला? सोने की कीमत 4,200 डॉलर के स्तर पर टिकी रही, जबकि ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में सुधार देखा गया और यह 0.7000 के स्तर की ओर बढ़ा। https://trendkia.com/market/japanese-yen-para-bhari-para-raha-videshi-sheyaron-men-nivesha-158-ke-para-pahuncha-dollar-45322 TrendKia — Har trend, sabse pehle.