अमेरिकी डॉलर को मिला अमेरिकी ट्रेजरी के फैसले का सहारा, जापानी येन की रफ्तार पर लगी थोड़ी ब्रेक अमेरिकी ट्रेजरी के बॉन्ड बायबैक ऐलान के बाद अमेरिकी डॉलर में रिकवरी देखी जा रही है, जिससे जापानी येन की हालिया तेजी पर कुछ समय के लिए ब्रेक लग गया है। हालांकि व्यापारी अब आगामी अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों और फेडरल रिजर्व की बैठक पर नजरें टिकाए हुए हैं। अमेरिकी डॉलर को अमेरिकी ट्रेजरी के एक ताज़ा फैसले से बल मिला है, जिसके चलते जापानी येन की आक्रामक बढ़त फिलहाल थम गई है। हालांकि मुद्रा बाजार में येन का बुनियादी ढांचा अभी भी मजबूत बना हुआ है, लेकिन डॉलर की इस रिकवरी ने जोड़े को बड़ी गिरावट से बचा लिया है। बुधवार के सत्र के दौरान मुद्रा जोड़ी 153.50 के स्तर के आसपास कारोबार करती नजर आई, जबकि इससे पहले यह फरवरी के बाद के अपने सबसे निचले स्तर यानी 153.00 के आंकड़े से नीचे फिसल गई थी। इस रिकवरी के पीछे अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की तरफ से बॉन्ड बाजार को लेकर किए गए बड़े ऐलान की मुख्य भूमिका रही है, जिसने ग्रीनबैक में नई जान फूंक दी है। बॉन्ड बायबैक और ट्रेजरी यील्ड में उछाल अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने गुरुवार को घोषणा की कि वह लंबी अवधि के कर्ज को वापस खरीदने की योजना बना रहा है। इस बायबैक के तहत 6 अरब डॉलर तक के डेट को खरीदने की तैयारी है, जो प्रति ऑपरेशन पहले तय किए गए 4 अरब डॉलर के न्यूनतम स्तर से काफी अधिक है। इस घोषणा के तुरंत बाद अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में तेजी दर्ज की गई और बेंचमार्क 10-वर्षीय यील्ड बढ़कर लगभग 4.85% पर पहुंच गई। यह नवंबर 2023 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। इस बढ़ोतरी का सीधा असर अमेरिकी डॉलर इंडेक्स पर भी देखने को मिला, जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अपनी स्थिति मजबूत करते हुए 98.80 के आसपास कारोबार कर रहा है। इससे पहले यह 21 अगस्त के बाद के सबसे निचले स्तर 98.60 तक लुढ़क गया था. बैंक ऑफ जापान की नीतियों का येन पर असर तमाम रिकवरी के बावजूद विश्लेषकों का मानना है कि तकनीकी और फंडामेंटल मोर्चे पर जापानी येन की स्थिति अभी भी मजबूत बनी हुई है। बाजार में यह उम्मीद तेजी से बढ़ रही है कि बैंक ऑफ जापान अपनी मौद्रिक नीतियों को और सख्त करेगा। सितंबर 17-18 को होने वाली आगामी बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की पूरी संभावना जताई जा रही है। इस उम्मीद के कारण येन-फंडेड कैरी ट्रेड्स का दौर तेजी से सिमट रहा है और विदेशी फंडों की देश में वापसी हो रही है। इन तमाम वित्तीय प्रवाहों के चलते जापानी मुद्रा को बिना किसी नए प्रत्यक्ष हस्तक्षेप के ही स्वतः मजबूती मिल रही है, जो बाजार के जानकारों के लिए एक बड़ा संकेत है। महंगाई के आंकड़ों और फेड की बैठक पर निवेशकों की नजर मुद्रा बाजार के जानकारों का ध्यान अब आने वाले महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों और केंद्रीय बैंक की बैठकों पर केंद्रित हो गया है। गुरुवार को अमेरिका के प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स और शुक्रवार को कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के आंकड़े जारी होने वाले हैं, जो फेडरल रिजर्व की सितंबर 15-16 को होने वाली बैठक से ठीक पहले आ रहे हैं। सीएमई फेडवॉच टूल के मुताबिक, बाजार इस बात की करीब 60% संभावना जता रहा है कि केंद्रीय बैंक 25 आधार अंकों की दर में बढ़ोतरी का फैसला कर सकता है। यदि महंगाई के आंकड़े उम्मीद से ज्यादा मजबूत रहते हैं, तो यह उधारी लागत को बढ़ाने के पक्ष में माहौल तैयार करेगा और अमेरिकी डॉलर को और अधिक रिकवर करने में मदद कर सकता है। इसके विपरीत, यदि आंकड़े कमजोर आते हैं तो यह इस मुद्रा जोड़े को एक बार फिर नीचे की ओर धकेल सकता है। तकनीकी स्तर और अन्य मुद्राओं का रुख इस पूरे घटनाक्रम के बीच वित्तीय संस्थानों का तकनीकी आकलन भी सामने आया है। इसके तहत डॉलर और येन के इस जोड़े के लिए 153 के स्तर पर सपोर्ट मिलने की बात कही जा रही है, क्योंकि इसके नीचे साल 2026 के निचले स्तर 152 से पहले कोई अन्य मजबूत समर्थन नजर नहीं आता है। वहीं दूसरी ओर, यदि बाजार ऊपर की दिशा में बढ़ता है तो 155 के स्तर पर कड़ा प्रतिरोध देखने को मिल सकता है, क्योंकि इस आंकड़े ने पहले भी कई बार सपोर्ट का काम किया था। एशियाई सत्र के दौरान अन्य जोड़ियों में भी हलचल देखी गई, जहां ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7200 के ऊपर अपनी स्थिति बनाए हुए है, हालांकि चीन के सीपीआई और पीपीआई आंकड़ों का उस पर कोई खास असर नहीं दिखा है। दूसरी तरफ, सोने की कीमतों में भी बुधवार को रिकवरी दर्ज की गई है, जो तीन दिन की लगातार गिरावट के बाद 4,400 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के अहम आंकड़े से ऊपर लौटने में कामयाब रहा है। इसका आप पर असर अमेरिकी डॉलर और जापानी येन में उतार-चढ़ाव का असर ग्लोबल ट्रेड, आयातित सामानों की लागत और विदेशी मुद्रा विनिमय दरों पर सीधा पड़ता है। • भारत में: विदेशी मुद्रा बाजारों में डॉलर की मजबूती और येन के उतार-चढ़ाव से आयातित कच्चे तेल और इलेक्ट्रॉनिक्स की लागत पर असर पड़ सकता है, जिससे घरेलू मुद्रास्फीति पर भी हल्का दबाव आ सकता है। • व्यापारियों और निवेशकों के लिए: मुद्रा बाजार में ट्रेडिंग करने वालों को आगामी अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों और फेडरल रिजर्व की ब्याज दर से जुड़े फैसलों पर बारीक नजर रखनी चाहिए, क्योंकि इससे पोर्टफोलियो में अस्थिरता बढ़ सकती है। • कच्चे माल की लागत: डॉलर के मजबूत होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमोडिटी की कीमतों में फेरबदल हो सकता है, जिससे भारतीय आयातकों के लिए डॉलर आधारित भुगतान महंगे हो सकते हैं। • यात्रा और शिक्षा: जो लोग अमेरिका या जापान की यात्रा कर रहे हैं या वहां पढ़ाई कर रहे छात्रों को, इन मुद्राओं के उतार-चढ़ाव के कारण अपने खर्चों के लिए अधिक या कम भारतीय रुपये चुकाने पड़ सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ मुद्रा बाजार में ये उतार-चढ़ाव अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के बॉन्ड बायबैक ऐलान और बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीतियों को लेकर बदलती उम्मीदों के कारण आए हैं। • ट्रेजरी बायबैक का असर: अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा लंबी अवधि के कर्ज की बड़ी मात्रा में खरीद के ऐलान से बॉन्ड यील्ड में उछाल आया, जिसने अमेरिकी डॉलर को जरूरी सपोर्ट प्रदान किया। • ब्याज दरों की उम्मीदें: बैंक ऑफ जापान द्वारा आगामी बैठकों में ब्याज दरें बढ़ाने की पूरी संभावना के कारण येन-फंडेड कैरी ट्रेड्स का तेजी से खात्मा हो रहा है, जिससे येन को स्वतः मजबूती मिल रही है। • महंगाई के आंकड़े: आगामी अमेरिकी पीपीआई और सीपीआई डेटा को लेकर बाजार सतर्क है, क्योंकि इन आंकड़ों से तय होगा कि फेडरल रिजर्व अपनी अगली बैठक में ब्याज दरों को लेकर क्या कदम उठाएगा। सवाल-जवाब 1. अमेरिकी ट्रेजरी ने बॉन्ड बायबैक को लेकर क्या घोषणा की है? अमेरिकी ट्रेजरी ने गुरुवार को 6 अरब डॉलर तक के लंबी अवधि के कर्ज को वापस खरीदने की योजना बनाई है, जो पहले के 4 अरब डॉलर के न्यूनतम स्तर से अधिक है। 2. बेंचमार्क 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बढ़कर कहां तक पहुंची है? बेंचमार्क 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बढ़कर लगभग 4.85% पर पहुंच गई है, जो नवंबर 2023 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। 3. जापानी येन में मजबूती आने का मुख्य कारण क्या है? बैंक ऑफ जापान द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदों के चलते येन-फंडेड कैरी ट्रेड्स का खात्मा हो रहा है और विदेशी फंडों की वापसी हो रही है, जिससे येन मजबूत हो रहा है। 4. मुद्रा बाजार की नजरें अब किन आर्थिक आंकड़ों पर टिकी हैं? व्यापारी गुरुवार के अमेरिकी प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स और शुक्रवार के कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के आंकड़ों पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं। 5. फेडरल रिजर्व की अगली बैठक कब आयोजित होने वाली है? फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक सितंबर 15-16 को आयोजित होने वाली है, जिसमें ब्याज दरों पर फैसला लिया जाएगा। 6. सीएमई फेडवॉच टूल के अनुसार ब्याज दर बढ़ने की कितनी संभावना है? बाजार में 25 आधार अंकों की दर बढ़ोतरी की संभावना करीब 60% तक आंकी जा रही है। 7. अमेरिकी डॉलर और जापानी येन का यह जोड़ा किस स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है? यह मुद्रा जोड़ी 153.50 के आसपास कारोबार कर रही है, जबकि इससे पहले यह 153.00 के नीचे फिसल गई थी। https://trendkia.com/market/japanese-yen-pauses-advance-as-treasury-announcement-supports-us-dollar-30481 TrendKia — Har trend, sabse pehle.